00:01हाइड्रोजन ट्रेन हरी जंडी मिल चुकी है दस जिबो वाली ट्रेन जीन से सोनी पत के बीच की 90 किलोमीटर
00:10की दूरी को करीब दो घंटे में ताय करेगी
00:12अगर वैश्विक स्तर पर देखें तो अब भारत उन्चुनिंदा देशों में शामिल है जहां पर हाइड्रोजन ट्रेन्स संचालित की जाती
00:19है
00:19और अकसर हमने देखा है कि जो विदेशी ट्रेन्स हैं उनमें दो या तीन कोचेश ही होते हैं
00:25भारत में ये सबसे लंबी ट्रेन दस कोचों वाली चलाई गई है लगबख 26-100 यात्रियों के ख्रमता होगी
00:33हाइड्रोजन फ्यूल से बिजलीत पादन किया जाएगा और डिजाइन ऐसी की गई है कि इसकी जो रफ्तार है उसकी जो
00:39स्पीड है
00:40तो करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटा लेकिन आपने देखा होगा कि ये जो दूरी है 90 किलोमीटर की वो 2
00:46घंटे में तैकी जा रही है
00:47यानि अभी इसकी स्पीड कम रखी गई है इसको भारतिये ट्रैक्स पर संचालित किया जा रहा है पाइलेट प्रोजेक्ट है
00:54देश की पहले हाइड्रोजन ट्रेन इसके सफल संचालन के बाद ऐसे रूट्स जहाँ पर इलेक्रिफिकेशन नहीं हुआ है वहाँ पर
01:16हाइड्
01:16मिलेगी कार्बन उत्सर्जन घटेगा और भारती रेलवे ने 2070 से बहुत पहले नेट जीरो का जो लक्ष रखा है उस
01:26दिशा में भारत को अब मिल चुका है अपना खुद का मेकिन इंडिया आत्मिर भर भारत को में जबूती प्रदान
01:32करने वाला एक ऐसा तंत्र जिससे अ
01:46पर अत्यादौिक षरक्षा प्रणालियों के साथ इस नए नमो ग्रेन ट्रेन का संचालन किया जाएगा आपको पताएं कि स्टेन में
01:56कई अत्यादौनिक सरक्षा प्रणालिय लगाई गई हैं जैसे कि हाइड्रोजन गैस लीक डिटेक्टर जैसे ही कोई लीकेज होता है त�
02:07तो अल्ट्रा सेंसिटिव सेंसर्स हैं, वो भी इसमें लगाए गए हैं, तापमान की निगरानी करने वाले सिस्टम्स हैं, किसी भी
02:13तरह की परिशानी को रोकने के लिए सुरक्षा सुनेशित की गई है, हाइड्रोजन कैसे आती है, तो जींद में पहले
02:21से ही ग्रीन हाइड्र
02:27इलक्टरल आइसिस के जरिए पानी को हाइड्रोजन और अक्सिजन में विभाजित किया जाएगा, हाइड्रोजन को इकठा किया जाएगा, उसके बाद
02:35हाइड्रोजन टैंक्स में उसको फिल किया जाएगा, और उससे ही बिजली बनाई जाएगी, जिससे कि ये ट्रेन चले
02:56ग्रीन हाइड्रोजन मिशन की शुरुआत की और उसी के तहट ये हाइड्रोजन पावर्ड ट्रेन आज देश में संचालित की जा
03:04रही है और वर्षों के अनुसंधान परिक्षण और भारतिय रेल्वे के स्वदेशी विकास यानि मेकिन इंडिया का ये परिणाम इसका
03:14उदे
03:25दियों ने तै किये ट्रेन का निर्माड चैन्नाई के इंटिग्रल कोच फैक्ट्री में किया गया और भारत में इसे डिजाइन
03:33किया गया भारत में ही विक्सित किया गया और ये कंप्लीटली इंडिजिनियस परियोजना के तोर पर हमारे सामने है
03:43तो आज का दिन बहुत हैतिहासिक और यह हाइड्रोजन ट्रेन के अवल तक्नीक नहीं बलकि स्वच्छो उर्जा, उर्जा सुरक्षा और
03:56जल्वाई परिवर्तन से निपटने की वेश्विक रणनीति का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है भारत जैसे देश के लिए जह
04:05जुतिकरण हो चुका आपको बताया मैंने, लेकिन कुछ मार्ग अभी भी हैं जहां पर डीजल के निर्भरता है, जहां पर
04:11इलेक्टिफिकेशन नहीं हुआ है और हाइड्रोजन ट्रेन्स एक बहुत ही प्रभावी और पर्यावरन अन्कूल समाधान बंज़ जगती हैं
04:18भारत जैसे की आप देख रहा है कि स्वदेशी तकनीव विक्सित करने में सफल हो चुका है तो ये वैश्विक
04:23हरित परिवहन यानि जो ग्रीन मोबिलिटी है जिसके पूरी दुनिया में इस वक्त चर्चा हो रही है इसमें भी एक
04:29प्रमुक भूमिका निभा सकता है और ये
04:31टेकनालोजी भारत के बाहर भी शेयर करने के लिए भारत बिलकुल तयार नजर आता है तो पहली बात ये दुनिया
04:38की पहली जो व्यावसाइक हाइड्रोजन ट्रेन है आपको बताएं कि फ्रांस में शुरू की गई थी कॉरडिला आइलेंट और एक
04:48बार हाइड्रोजन भरन
05:00कि अबल पानी की भाप निकलती है हाइड्रोजन का उत्पादन जो है ग्रीन हाइड्रोजन से किया जाए तो पूरी की
05:05पूरी जो परिवहन श्रिंखला है वो कार्बन मुक्त हो सकती है अभी इलेक्रिलिसिस प्रासेस में थोड़ा सा प्रदूर्शन जरूर होता
05:12है लेकिन �
05:13अगर इसको ग्रीन हाइड्रोजन के जरिए बनाए जाए इस हाइड्रोजन के उत्पादन को सुनिशित किया जाए तो यह भारत की
05:32जोड़ तक्निक है अपने आप में एक जबरदस्त उधारण नमों ग्रीन रेल का ग्रीन रेल इसलिए हम कहारे हैं क्योंकि
05:39यह बिलकुल प
05:45बार बार हम आपको ये समझा रहे हैं कि जो शूने कारवन उत्सर्जन है कि अवल जलवाश्प निकलता है वही
05:50इसकी सबसे बड़ी खासियत है डीजल का विकल्प है बहुत कम शोर करता है डीजल इंजन की तुलना में बहुत
05:56ही शांत इसका इंजन है उर्जा दक्षता के माम
06:12चार्ज करने के तुलना में हाइड्रोजन फिल करने में बहुत कम समय लगता है लंबी दूरी के लिए बहुत ही
06:18उप्योक्त है जहां पर व्युद्धिकरन व्याभारिक नहीं है मिसाल के तौर पर नॉर्थ इस्ट की बात करें जहां पर इलेक्रिसिटी
06:24इलेक्रिफिकेशन
06:25ट्रेंड रूट्स का थोड़ा सा मुश्किल है वहाँ पर इस तकनीक का इस्तिमाल किया जा सकता है और सबसे पहले
06:34आपको बताएं 1960 में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा उसने अपने अपोलो मिशन में इस फियूल सिल तकनीक का इस्तिमाल किया
06:41था रेलक्षेतर में हा
06:45अमर्शिलाइजेशन करने का जगर श्रिय जाता है तो वो है फ्रांस की कंपनी ऐल्स्ट्राम को ऐल्स्ट्राम ने सबसे पहला करेडिया
06:52आइलिंट नाम का दुनिया का पहला यात्री हाइड्रूजन ट्रेंड विक्सित किया 2016 में इसका पहला सार्जिन प्रदर्शन किया ग
07:15यात्री ट्रेंड चलाने का उससे पहले फ्रांस को श्रेय जाता है इसको बनाने का और एल्स्ट्राम कंपनी बहुत ही जानीमानी
07:21कंपनी जिसने इसका सबसे पहले निर्मार किया और 2022 में जर्मनी दुनिया का पहला देश बना जिसने पूरी तरह से
07:28हाइड्रूजन ट्रें�
07:29साइक बेड़ायानी कॉमर्शिल ऑपरेशन शुरू किया उसके बाद फ्रांस, इटली, आस्ट्रिया, स्वीडन, कैनडा, चीन, दक्षिन, अफ्रिका और ब्रिटेंड ये सारे
07:37देश जहां पर हाइडरोजन ट्रेंस परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया भारत में जो हमन
07:56भारत की दिशा में एक बड़ा कदम, रेल मंत्राले ने इसे हाइडरोजन फॉर हेरिटेज इस पहल के तहट हाइडरोजन ट्रेंड
08:03विक्सित करने की उजना बनाई, और इसका उदेश यही था कि जो इतनी भी डीजल ट्रेंस अब भी बची हुई
08:07है, उनको चरणबद तरी
08:23इंजिन को विक्सित करने का काम किया गया, तो बिलकुल सक्री और हैरिटेज एर्वेट ट्रेंस पर इसकी शुरुवात करने का
08:29जो प्लैन बनाया था रेलवे ने, वो सफल होता हुआ नझार आ रहा है, तो आपको इस तरह के हैरिटेज
08:36रेलवे ट्रेक्स पर, जहाँ पर व
08:53भारत का लक्ष केवल इस तरह की ट्रेंस को चलाना नहीं है बलकि मेकिन इंडिया के तहट इस स्वदेशी तक्नीक
08:59को भी विक्सित करना है इससे भविश्च में जो हाइड्रोजन आधारी त्रेले प्राणाली है उसका निर्याद भी किया जा सके
09:05तो आपने देखा कि भारत ल
09:23करना चाहते हैं अपनी बेस्ट टेक्नोलजी इसका अपने बेस्ट प्रेक्टिस का हाइड्रोजन टेन की विश्रस्ता नहीं लगाता है हम बता
09:30रहे हैं आपको बता है कि दुनिया की पहली वैपसाइक हाइड्रोजन टेन करोड़ा आईलिंड जो की फ्रांस ने बनाई फ्र
09:52निपत के बीच में चला जा रहा है 90 किलियोमेटर का ये सफर दो घंटों में पूरा किया जाएगा और
09:58अगर ये तकनीक सफल हो जाती है पाइलेट प्रोजेक्ट जैसा की लग रहा है कि सफल बिल्कुल हो चुका है
10:03और पूरी टेस्टिंग के बाद इसे भारती रेलवे ने
10:19का दावा कर सकता है कि वो नेट जीरो के जो लक्ष को प्राप्त करने के लिए तेजी से आगे
10:24बढ़ रहा है जिस तरह समने दोजार तीस के जो एंडिसी हैं जो परियावरार संबंधी जो हमारे लक्ष थे उनको
10:31हमने समय रहते उससे पहले पूरा कर लिया उन कमिट्मेंट
10:47उससे काफी पहले तै किया है और भारत का जो नैशनल ग्रीन हाइडरोजन मिशन है उसमें कईट शित्रों में हाइडरोजन
10:54उप्योग को बढ़ावा देना मकसद और रेलवेज में ग्रीन हाइडरोजन को बढ़ावा देना इस तरह की पहली पहल की जा
11:03रही है और चुकि हा
11:16बैटरी और हाइडरोजन तकनीक दोनों मिला करके जिस तरह से हमने कहा कि जो ब्रेकिंग तकनीक होती है उसका इस्तेमाल
11:24किया जाता है बैटरी को चार्ज करने के लिए तो ये दोनों तकनीके मिल करके हाइडरोजन तकनीक और बैटरी दोनों
11:31ही मिल करके रेल परिवहन को और �
11:33क्लीन और सस्टेनेबल जिसको हम सतत और टिकाव विकास कहते हैं उसमें मदद करते हुए नजर आएंगे
12:11आएंगे विकास को हम सतत और आएंगे विकास करते हुए था नजर आएंगे विकास के करते हैं ।
12:59झाल
13:20फिर से आपका स्वागत है भारत की हरित करांति की इस नई पहचान में जिसे आप नमो ग्रीन रेल की
13:25तौर पर जानेंगे
13:26यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं है बलकि यह स्वच सुरक्षित और आत्मिर भर भारत की और बढ़ता एक सशक्त कदम
13:33है
13:33भारती यह रेलवे का लक्ष जिस तरह से हम आपको बता रहे हैं कि 2030 तक नेट जीरो कार्बन और
13:39सर्जन का लक्ष हासिल किया जाए
13:40नमो ग्रीन रेल उसी लक्ष को गती देने वाला एक महत्वपून पहल है
13:44एक बहुत ही सशक्त पहचान भारत में आत्मिर भर भारत अभियान को बढ़ावा देने के लिए
13:50मेकिन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए
13:52दोहजार सत्तर तक देश का लक्ष है नेट जीरो का
13:562030 तक भारती रेल्वेज का है लक्ष नेट जीरो होने का
14:00यानि जितना प्रोदूशन वो करते हैं उतना रेनियोबिल्स वो खुद प्रोदूश करें
14:05नेट जीरो उसी स्थिति को कहते हैं
14:08स्वच उर्जा, आधनिक तक्नीक और पर्यावन संरक्षन ये तीन स्थम है
14:12इस पूरे समन्वे के साथ ये भविश्य के रेल परिवहन के नई दिशाय दिखाई दे रही है
14:19क्योंकि ये तक्नीक भारत में विक्सित की गई है
14:22ये रेल के डिब बे भारत में विक्सित किये गए है
14:25और इस तक्नीक को बनाने वाले इंजिनिर्स भी भारत के ही है
14:28पूरी तरह से स्वदेशी और उर्जा दक्ष तक्नीक यानि जो एनर्जी एफिशियन टेक्नालोजी है
14:34उसका इस्तिमाल इसमें किया जा रहा है
14:37और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे इन्नुविशन को प्रयोक करके
14:40प्रदूर्शन कम करने और उर्जा सुरक्षा को सुनिश्यत करने के लिए
14:44ये महत्वपूर्ण कदम
14:46और आप देख रहे हैं प्रधान मंठी नरेंद मोधी
14:49जिस मिशन को लेकर के आगे बढ़ रहा है
14:51जिस ग्रीन मिशन पर उनका इतना बड़ा फोकस है
14:53कि वो बड़े इन्वेस्टमेंट लाना चाहते हैं
14:56पूरी दुनिया में इस बात को बार बार कहते हैं
14:58कि भारत नेट जीरो की तरफ जा रहा है
15:00आप हमारे साथ तक्नीक, हमारे साथ फानान शेयर करिए
15:03और निवेशकों का आवान करते हैं भारत के
15:05ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन मोबिलिटी में
15:07इन्वेस्ट करने के लिए जहां भी वो जाते हैं
15:10आज एक बार देश को ये कहने का मौका मिल गया है
15:13कि भारत स्वयम से उस तक्नीक को डेवलप कर सकता है
15:17जो उसकी उर्जा आत्मिरभरता की दिशा में एक बहुत ही महत्पूर्ण कदम है
15:21और भारत ये भी चाहता है कि वो अपने समकक्ष या जो विकाश इलदेश हैं
15:26उनकी भी मदद करे
15:28नमो ग्रीन रेल केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर नहीं पहुचाएगी
15:33बल्कि एक ऐसे भारत का संदेश देती है
15:35चो लगातार विकास और पार्यावरण को तरजीर देता है
15:38दोनों को साथ ले करके चलते हैं
15:40पार्यावरण के सुरक्षा और विकास
15:42यानि विरासत भी और विकास भी
15:45अब ही बहुत सारी प्रोग्रामस हैं
15:47आज प्रधानमंतरी नरेंद्र मोदी के
15:49जिसमें वो अम्रित स्टेशन का अनावरण करेंगे
15:53जिसमें 75 जो स्टेशन से उनको अत्याधुनिक
15:57सुवधायों के साथ Lance किया गया है और वहां भी Heritage का
16:00खयाल रखा गया है विरासत को संबहाल के रखना पर्याबरण को
16:03संबहाल के रखना प्रकृति के संरक्षन करना यह भारत की
16:07आत्मा के मूल में हैं और इसलिए हम जब भी विकास के
16:10रास्ते पे चलते हैं तो इस बात का ख्याल रखते हैं कि हम सब के हितों को ध्यान में रखें,
16:14सब को साथ लेकर के चलें, किसी को भी कश्ट नहों, प्रकृति को सनरक्षित किया जाए और देश का विकास
16:20भी हो, तो यह जो नमो ग्रीन रेल है, वो एक ग्रीन थिंकिंग, एक ह
16:37खुद के भारती रेलवे के खुद के नेट जीरेक लक्ष को हासिल करने के लिए इस ग्रीन मिशन का एक
16:44बहुत बड़ा पड़ाव आज हर्याना के जीन स्टेशन में, आप देखान मंतरी नरेंद्र मोदी के साथ, हर्याना के मुख्य मंतरी
16:51और भारत के रेल मंतरी, अभी व
17:04और विकास दोनों को साथ ले करके चलते हैं, और दुनिया को दिखाते हैं कि भारत सक्षम है, उन सभी
17:11तक्नीकों को विक्सित करने के लिए जो भारत के विकास के लिए विक्सित भारत के लिए अत्यंतावश्यक है।
17:34अभी हमें कार्बन उत्सरजन को कम करने में मदद मिलती है। डीजल से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के और बदलाव और अधिकांस
17:41जो ब्राड ग्रेज की रेलवे लाइन्स हैं, उनका इलेक्रिफिकेशन हो चुका है और डीजल इंजन पर निरभरता हमारी लगातार कम
17:48हो रह
17:48रही है। लेकिन जहां डीजल इंजन है भी वहाँ पर हम इलेक्ट्रिक इंजन से इसको रिप्लेस कर रहे हैं और
17:55अब तो ये हाइड्रोजन, ग्रीन हाइड्रोजन के जरिए ये हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली एक नई तकनीक भी हमें मिल
18:01चुकी है। आपने देखा
18:04अब आगे श्टेशन पर सोलर और जो विंड एनर्जी है उसका उप्योग किया जा रहा है। रिल्वेज जो अपनी बिजले
18:21की खपत करता है वो ज्यादा से ज्यादा कोशिश कर रहा है कि रिन्योबल्स के जरिए वो बिजली को प्रोड्यूस
18:27करें और सोयम इस्तिमाल करें
18:28जिससे जो productive sectors हैं, दूसरे productive sectors हैं, आम उपभोकता के लिए बिजली की उपलब्धता जो है उसको बनाए
18:34रखा जाए
18:36और जो energy efficient तक्नीक है उसका इस्तिमाल किया जारा है जैसे कि three phase electric, locomotive, regenerative breaking तक्नीक
18:42जिसको हम बार-बार करें कि brakes जब आप लगाते हैं, तो वो regenerative breaking तक्नीक, brake लगाने पर उर्जा
18:48वापस बिजली को पैदा करने के लिए इस्तिमाल की जाती है
18:51सबी stations पर LED lights लगाई गया है, यह सब कुछ carbon or surgeon को कम करने के लिए और
18:57green mission को हासिल करने के लिए, net zero को हासिल करने के लिए
19:00जो head-on generators हैं, कई trains में जो diesel generators हैं, उनकी जगा head-on generators का इस्तिमाल किया
19:06गया है
19:07जिसमें electric engine से बिजली मिलती है, diesel की खपत कम होती है, प्रदूर्शन कम होता है
19:13और इसी कड़ी में भारती railway ने स्वदेशी hydrogen fuel cell की train विक्सित की और इसी का उदेश है
19:19diesel trains का स्वच विकल्प उपलब्द कराना
19:23खासतर पर आपने देखा होगा कि dedicated freight corridor जिसकी चर्चा लंबे समय से चल रही थी, बुनियादी ठाचे का
19:29काम रुका हुआ था, लेकिन अब इसने रफतार पकड़ी है
19:33और जो हमारा dedicated freight corridor है, उसके विकास से जो माल परिवहन है और ज़्यादा energy efficient हुआ है
19:39तो सड़क परिवहन की तुलना में वहाँ भी कारवन उस सरजन काम हो रहा है था, उन सभी हम कदमों
19:44का जिक्र कर रहे हैं जो भारती railways अपने net zero के लिए उठा रहा है
20:09मेकिन इंडिया का सशक्त उदारण और यहां पर भारी संख्या में जन समुदाय भी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोधी और
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