00:00वे खड़े हो, तुम्हें क्या गम चले जाना, मैं दूब रहा हूँ, अभी दूबा
00:14ये क्या है? नहीं मशीन आ गए
00:32चलो देखते हैं इसे
00:39अब नई मशीन खरीद लिए इसका मतलब अब कपड़ी भी ज्यादा दो लेंगे
00:44और बिचली कबिल भी ज्यादा आएगा
00:48फिजा
00:50बाबा
00:51मेही तरफ देखो, बताओ, ये किसने खरीदी है मशीन?
01:01बाबा? आप कब आए यहाँ?
01:05सवाल मत करो मुझसे और ये बताओ कि
01:08कौन खरीद कर लाया ये मशीन?
01:18बासत बार बार तुम्हारा यहाँ आना ठीक नहीं है
01:20महले वाले बाते बनाएंगे
01:23ठीक है, वैसे अब दुबारा मुलाकात कब होगे?
01:31कौन हो तुम, कौन हो?
01:33इस वग मेरी बीटी के साथ क्या गर रहे है?
01:35बाबा, दर असल बासत मेरे साथ काम करता है
01:39और मुझे छोड़ने आया था बस
01:43ठीक है, मैं चलता हूँ, गुट नाइट
01:44गुट नाइट
01:46रुको, रुको, याओ मेरे पाथ, बास सुरो
01:53तुम बासित हो ना?
01:55जी हाँ
01:58वही बासित जिसने वाशिंग मशीन खरीदी थी ना?
02:01जी हाँ
02:04तुमारी हिम्मत कैसे हुई मेरे घर में चीजें खरीद कर लाने की?
02:08बाबा
02:09मेरी बात सुनो लड़के
02:11वाशिंग मशीन एक घर के इस्तामाल की चीज होती है
02:15यह प्राइवट
02:17प्राइवट होती है
02:19तुम वो वाशिंग मशीन कैसे खरीच सकते हो जिसमें मेरे कप्रे धुलते हैं उसे यहां से ले जाओ
02:24बाबा खामोश हो जाएं मैं इंस्टॉल्मेंट पर पैसे उतार दूँगे
02:29तुम अपने पैसों का रोब जमाना चाते हो तुम मेरी बेटी की आँखों में धूल जोक रहे हो अपना हाथ
02:35तो उटाओ
02:36ओ गॉड़ बासित देखो तुम प्लीज जाओ अभी यहां से
02:39कहीं नहीं जाओंगो बैई जब तक मुझे यकीन नहीं आजाता के फिज़ा यहां पर सेफ है
02:42क्या बखवास कर रहे हो कमीने जलते सालों से तुम मेरी बेटी की इफाज़त कर रहे थे तुम होते हैं
02:48कमीने इंसान
02:49बाबा अरे भाई यह क्या करें आपको कुछ नहीं हो चले उठ जाईए अराम से तुम लोग आईए अराम से
03:08बस आईए आप अंदे चलिए चलिए
03:16ओ गाड़ चलो दफ़ा हो जाँ यहां से कमीने इंसान जाओ
03:22हम गरीब हैं मगर हमारी भी कोई इज़त है और शुकर खुदा का के हम इमानदार और इज़तदार लोग हैं
03:31चलाए मत मैं का चला रहा हूं अंकल सब देख रहे हैं तमाशा बन रहे हैं तमाशा है क्या
03:47बासित बहुत हो गया प्लीज अब जाओ यहां से और तमाशा मत बन वाओ
04:04या तो मशीन या मैं
04:08अगर मेरे आने तक यह वाशिंग मशीन बाहर नहीं गई तो मैं जला दूँगा ऐसे जला दूँगा मैं
04:16जहरत जाने दो मुझे अकेला छोड़ दो मुझे तुम लग
04:22पता नहीं अंकल को क्या हो गया इतनी सी बात का इतना तमाशा बना दिया
04:26और आप लोग सब खड़े क्या देख रहें चले जाएं अपने घरों में कोई काम नहीं है क्या आप लोगों
04:31को जाएं आप
04:36बस मौके की तलाशों होते हैं लोग
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