00:28।
00:29If America has this bill, then it will be only in Russia, but in the oil imports, refinery companies, share
00:38bazaar, mehengai, and you can't be able to do it.
00:42After America, why did America make its own decision?
00:46Why did America make its own decision?
00:49Why did America make its own decision?
00:53Today we will be able to answer all the questions about the data and facts.
00:58foreign
01:04foreign
01:05foreign
01:05foreign
01:06शुरू होने के बाद अमेरिका और येरप ने रूस पर काई तरह के सांक्शन्स लगाये थे रिस्रिक्शन्स लगाए थे प्रतिबंद
01:13लगाये इसके बाद रूस ने अपना तेल ये येशिया इदेशों को बेचना शुरू कर दिया अब यहीं से भारत की
01:21अंटपी होती है भ
01:36Reuters के मुताबिक June महीने में भारत ने रूस से करीब 27 लाख बैरल रोजाना कच्छा तेल खरीदा यानि भारत
01:44के कुल ओयल इंपोर्ट का लगभग आधा हिस्सा रूस से आया है
02:06लेकिन यहां सबसे बड़ा एक बदलाव हुआ पहले ड्राफ में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसिदी तक
02:12टारिफ लगाने का प्रस्ताफ था अगर ऐसा होता तो रूस से तेल खरीदना लगभग नामुंकिन हो जाता लेकिन अब नए
02:18ड्राफ में इस तारिफ
02:19को घटा कर 100% कर दिया गया है सौफीसिदी और सिर्फ इतना ही नहीं अब यह नियम सभी देशों
02:25पर लागू नहीं होगा इसका फोकस सिर्फ रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाले टॉप 5 कंट्रीज पर रहेगा यानि
02:33टॉप 5 यसे देश जो सबसे ज्यादा रश्य
02:49जोडा गया है आसान भाशा में समझे तो अगर अमेरिकी राश्रुपती को ये लगे कि किसी देश पर प्रतिबंद लगाना
02:55अमेरिका के हित में नहीं है तो वो उस देश को छूट दे सकते हैं यानि ये कानून पूरी तरह
03:00सक्त नहीं रहेगा काफी फ्लेक्सिबल रहेगा
03:03और काफी लूपोल्स भी निकल सकते हैं जरूरत पढ़ने पर अमेरिका अपने स्ट्राटेजिक साज़दार देशों के लिए फैसला बदल भी
03:10सकता है अब यहीं वज़ा है कि कई जानकार इस नए बिलको पहले वाले ड्राफ से ज्यादा विवहारिक मान रहे
03:17हैं लेकिन ए
03:31अगर 100% टारिफ, वेवर क्लॉज और लिमिटेड डायरे की वज़े से बाचीत की गुंजाई स्पनती है तो भारत के
03:38लिए स्थिती बहतर है फिर भी रिस्क पूरी तरह खत नहीं हुआ क्योंकि भारत अभी भी अपनी तेल जरूरत का
03:44बड़ा हिस्सा रूस से पूरा कर रह
03:59तेल महेंगा हुआ तो भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ सकता है, रिफाइनरी काम्पनीज के मार्जिन पर असर पड़ सकता है
04:05और ज्यादा महेंगे देशों से तेल खरीदना पड़ा तो फोरेक्स रिजर्व यानि विदेशी मुद्रा और ट्रेड पर भी दबाव बढ़
04:29स
04:29यानि भारत दीरे दीरे अपने सप्लाइस बढ़ा रहा है जिसे किसी एक देश पर पूरी तरह डिपेंडेंट ना रहना पड़े
04:35लेकिन रूस से पूरी तरह दूरी बनाना अभी आसान नहीं होगा अगर इस पूरे मामले को आसान भाशा में समझें
04:41तो अमेरिका रूस की क
04:43कम करना चाहता है लेकिन वो भारत और चीन जैसे बड़ी economies को भी अचानक बड़ा जटका नहीं देना चाहता
04:49शायद यहीं वजा है कि 500% वाला प्रस्ताफ घटाकर 100% कर दिया गया और नियम सिर्फ चुनिंदा देशों
04:56तक सीमित रखा गया तो आखिर इस पूरी खबर से ब
05:11बहुत जरूरी होगा पहली यह बेल अमेरिकी कॉंग्रेस में आगे क्या रूप लेता है दूसरी राश्पती वेवर का इस्तमाल करते
05:18हैं या नहीं और तीसरी भारत आगे रूस से तेल खरीदने की अपनी स्ट्राटेजी में क्या कुछ बदलाव करता है
05:24क्योंकि अगर इस
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