00:00एहमदबाद में भगवान जगनात की 144 वी रत्यात्रा को लेकर तैयारिया अंतिम चरण में है
00:06मंदिर परसर में धर्मिक निष्ठानों का दाड़ जारी है और रत्यात्रा को लेकर श्रधालूं में खासा उत्साहा देखने को मिल
00:13रहा है
00:13इस वीज प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा निभाते हुए भगवान जगनात के लिए विशेश प्रसाद भेजा है
00:20मंदिर ट्रस्ट के मताबिक प्रधान मंत्री की ओर से मूंग, आम, जामुन और ककड़ी का प्रसाद भगवान को अर्पित किया
00:27गया
00:28प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का भगवान जगनात से वर्षो पुरान जुडाव रहा है
00:33गुजरात के मुख्य मंत्री रहते हुए उन्होंने लगातार 13 वर्षो तक रत यात्रा की पारंपरिक पहिंद विदी निभाई
00:40प्रधान मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने भगवान जगनात की परंपराओं से अपना जुडाव बनाए रखा है
01:11149 वी जगनात रत यात्रा को लेकर सभी तैयारिया पूरी कर लिगए है
01:16रत यात्रा की शिर्वात गुरवार सुबह चार बजे मंगला आर्ती के साथ होगी
01:20सुबह साथ बजे भगवान जगनात, बलभद्र और देवी सुबद्रा की रत यात्रा पारंपर एक मार्ट से निकल कर सरस्पूर इस्तित
01:28मौसी के घर पहुचेगी और वहां विश्राम के बाद वापस निज मंदिर लोटेगी। इस दोरान करीब 16 किलोमीटर लंबे मार्ग
01:36�
01:36पर 14 घंटे तक सुरक्षा व्यवस्ता लागू रहेगी।
02:06चार कंपनी और हमारी स्टेट रिजर्फ पुलिस की पंदरा तीस कंपनी इनको सपोर्ट करने के लिए पुरा जो टेकनिकल टीम
02:13हमारी है उसमें लगबख जो है सैंतिस हो जितने सीटीव कैमरे लाइफ फीड हमारे सीटीव कमांड कंट्रोल में पुलिस कमिश्टर
02:20आफिस म
02:24भीड में जो हमारे आफिसर चलेंगे उनके बॉड़ी पे कैमरे से रिकॉर्डिंग होती रहेगी सो जितने द्रोन कैमराओं से पूरे
02:31रूट का रूट के अगल वगल के निगरानी की जाएगी जो है और उसका लाइफ फीड पा आएगा 12 जितने
02:36कंट्रोल लूम हम लोगों
03:21की प्रार्थ नागी
03:24पोते एमने दर्शन आपवां माटे असाड़ी बीदना दीवसे दरी दरनायन ना भगवान इटले बगवान जगन्नात रूबरू नगर यात्राई निकड़ेश
03:41आएगा बाद में जो सभी इस तयार है के रूप में जगन्नात जी की यात्रा का कल जो प्रस्थान होने
03:47वाला है उनके लिए मैं पूरे रिदे से प्रभू के चरणों में प्रात्ना करती वंदन करती हो और पूरी सलामती
03:52के साथ यह यात्रा है जो है वो आगे बड़े और ह
04:05आएगा बाद की भगवान जगन्नात रथियात्रा पूरी के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी रथियात्रा है एहमदबाद में भगवान जगन्नात
04:18रथियात्रा की शुरुवात सन 1878 में महंत नर्सिंग दासची ने की थी
04:24हर वर्ष आशार शुकलपक्ष की दूतियाते थी को इस यात्रा का अरजन किया जाता है जिसमें लाखोश धालू शिरकत करते
04:30हैं
04:31जमालपुर स्तित चार सो वर्ष पुराने मंदिर से शुरू होकर ये यात्रा लगभग 18 किलोमीटर का सफर तै करती है
04:38सजे धजिहाती, अखाडे, भजन मंडलिया और जागिया इस यात्रा के दौरान आकर्शन का केंद्र होती हैं
04:45भगवान जगनाथ रत्यात्रा गुजरात का सबसे बड़ा लोक उत्सव है, जो आस्था और सामाजिक समरस्ता का प्रतीक है
04:53आस्था परंपरा और सुरक्षा के बीच 148 वी जगनाथ रत्यात्रा के लिए एहंदबाद पूरी तरह तैयार है
05:01जए जगनाथ के जए घूश के बीच एहंदबाद एक बार फिर आस्था और उत्सव में डूबने को तैयार है