00:11आपका नाम है इपसिता पॉडिशा से हूँ लेकिन हमदाबाद में रहती हूँ
00:20वो तो बोलने ही पाएंगे हम कैसा लग रहा है वो तो अलगती बात है वो बोलने की बोलने की
00:27बात नहीं है
00:34बहुत अच्छा लग रहा है अद्बूत है यहां पर आके तो कुछ अलग सी वावना हो जाती है काडिया को
00:41देखिया पाएं तो
00:49सुमन हम अमदाबाद से वैसे हम जेंड के जमू एंड कश्वीर से हूँ बहुत सालों से मन था बहुत सालों
00:58से मन था इस साल पॉसिबल हुआ
01:00को हुआ है इसकी वजह से यहां किया है तो हमको पहले पता नहीं था कैसे आने का वहां पर
01:05एक सबनी कर सकता है वो सब था अंदर नहीं बोल सकता है
01:23इंसान के इस पावंध हम से पूरे विश्व का कल्यान हो सद बुद्धी हो यह जो लड़ाई जगड़े सब हो
01:30रहें वो सब ना हो बच्चे अच्छे पड़े लिखे और उनमें तद्बाव ना हो वो बगवान के प्रति उनका जो
01:37है हमारी जो जेनरेशन है जेंजी जो इधर
01:52अलगबाव थैंक यू
02:27झालगबाव थैंक यू
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