00:00अब इथेनॉल से आईसो बिटेनॉल बनाने की बात चल रही है, जो डीजल का अल्टरनेटिव है, अब 20% इथेनॉल
00:05पेट्रोल में डाल रहे हैं, सब जूटा प्रचार करते हैं, कोई इथेनॉल से कोई नुकसान नहीं हुआ है, अब लॉबीज
00:10है।
00:31अब इस बहस में नया मोर तब आया है, जब केंद्र सरकार ने शुद पेट्रोल या E10 की मांग को
00:37खारिच कर दिया है।
01:00सरकार का दावा है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को फाइदा मिलेगा और प्रदूशन
01:07भी घटेगा।
01:07लेकिन दूसरी और इस पैसले ने लाखो वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है, खास कर वे लोग जिनके पास
01:13एप्रिल 2023 से पहले खरीदी गई गाडिया है।
01:16कई उभ्भोगताओं का कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तिमाल के बाद उनकी गाडियों का माइलेज कम हुआ है और
01:22इंजिन की परफॉर्मेंस में भी बदलाव महसूस हुआ है।
01:24अब इस विवाद के बीच केंद्रिय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गटकरी का एक बयान भी चर्चा में है।
01:54कि अभी तेक ऐसा कोई आधिकारिक और व्यग्यानिक प्रमान सामने नहीं आया है जिससे ये साबित हो कि E20 पेट्रोल
02:01सभी वाहनों के लिए नुकसान दायक है।
02:03दिल्चस्क बात ये है कि सरकार ने ये भी स्वीकार किया है कि E20 इंधन के उप्योग से माइलेज पर
02:08मामूली असर पड़ सकता है।
02:10की सरकार का कहना है कि ये अंतर बहुत सीमित है और इसके बदले पर्यावरन तथा उजा सुरक्षा जैसे बड़े
02:16लाब मिलते हैं।
02:17इस पूरे विवाद ने आटो मोबाइल सेक्टर में भी नई बहस छेड़ दी है।
02:47कोई दूसरा विकल्ब भी उपलब्थ कराएगी या फिर पूरे देश में यही इंधन मानक बन जाएगा।
02:52फिलहाल सरकार का रुख साफ है कि शुद पेट्रोल या E10 को दोबारा माने की कोई योजना नहीं है।
02:57आने वाली दिनों में ये विवाद और तेज हो सकता है क्योंकि एक तरफ सरकार E20 को उर्जा आत्म निर्भनता
03:03और हरित इंधन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
03:06वहीं दूसरी और वाहन मालिकों और कुछ संगठनों की चिंताएं भी लगातार सामने आ रही है।
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