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E20 Petrol Policy Faces Backlash: क्या भारत में अब बिना इथेनॉल वाला शुद्ध पेट्रोल कभी नहीं मिलेगा? केंद्र सरकार ने 10 जुलाई को बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि देश में दोबारा शुद्ध पेट्रोल या E10 ईंधन का विकल्प देना व्यावहारिक नहीं है और अब E20 ही भविष्य का ईंधन होगा।

देशभर के वाहन मालिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां केंद्र सरकार E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रण) को पर्यावरण और भारतीय किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम बता रही है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ता माइलेज घटने और पुरानी गाड़ियों के इंजनों की परफॉर्मेंस खराब होने का दावा कर रहे हैं। इस विवाद के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने आलोचकों को एक खुली चुनौती दी थी कि वे ऐसा एक भी वैज्ञानिक प्रमाण लाएं जिससे साबित हो कि केवल E20 की वजह से किसी गाड़ी को नुकसान हुआ है।

अब इस चुनौती को सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने स्वीकार कर लिया है और वे वाहन मालिकों के अनुभवों तथा तकनीकी रिपोर्टों से जुड़े दस्तावेजी सबूत सरकार के सामने पेश करने की तैयारी में हैं। सरकार ने यह बात स्वीकार की है कि E20 ईंधन से माइलेज पर मामूली असर पड़ सकता है, लेकिन इसके बदले देश को बड़ी ऊर्जा सुरक्षा मिलती है। अप्रैल 2023 से पहले के पुराने वाहनों पर इसका क्या असर होगा और क्यों देश के पेट्रोलियम डीलर्स (Petroleum Dealers) भी इस नीति की समीक्षा की मांग कर रहे हैं, पूरी इनसाइड स्टोरी जानने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

The Indian government has firmly rejected demands to reintroduce ethanol-free pure petrol or E10, establishing E20 petrol as the mandatory fuel standard. While the policy aims to cut crude oil imports and carbon emissions, vehicle owners complain about reduced mileage and potential engine issues in pre-2023 models. Amid this, Union Minister Nitin Gadkari challenged critics to provide scientific evidence of engine damage caused by E20, a challenge officially accepted by activists ready to submit user data and technical insights.

#E20Petrol #NitinGadkari #PurePetrolDiscontinued #EthanolBlending

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Transcript
00:00अब इथेनॉल से आईसो बिटेनॉल बनाने की बात चल रही है, जो डीजल का अल्टरनेटिव है, अब 20% इथेनॉल
00:05पेट्रोल में डाल रहे हैं, सब जूटा प्रचार करते हैं, कोई इथेनॉल से कोई नुकसान नहीं हुआ है, अब लॉबीज
00:10है।
00:31अब इस बहस में नया मोर तब आया है, जब केंद्र सरकार ने शुद पेट्रोल या E10 की मांग को
00:37खारिच कर दिया है।
01:00सरकार का दावा है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को फाइदा मिलेगा और प्रदूशन
01:07भी घटेगा।
01:07लेकिन दूसरी और इस पैसले ने लाखो वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है, खास कर वे लोग जिनके पास
01:13एप्रिल 2023 से पहले खरीदी गई गाडिया है।
01:16कई उभ्भोगताओं का कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तिमाल के बाद उनकी गाडियों का माइलेज कम हुआ है और
01:22इंजिन की परफॉर्मेंस में भी बदलाव महसूस हुआ है।
01:24अब इस विवाद के बीच केंद्रिय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गटकरी का एक बयान भी चर्चा में है।
01:54कि अभी तेक ऐसा कोई आधिकारिक और व्यग्यानिक प्रमान सामने नहीं आया है जिससे ये साबित हो कि E20 पेट्रोल
02:01सभी वाहनों के लिए नुकसान दायक है।
02:03दिल्चस्क बात ये है कि सरकार ने ये भी स्वीकार किया है कि E20 इंधन के उप्योग से माइलेज पर
02:08मामूली असर पड़ सकता है।
02:10की सरकार का कहना है कि ये अंतर बहुत सीमित है और इसके बदले पर्यावरन तथा उजा सुरक्षा जैसे बड़े
02:16लाब मिलते हैं।
02:17इस पूरे विवाद ने आटो मोबाइल सेक्टर में भी नई बहस छेड़ दी है।
02:47कोई दूसरा विकल्ब भी उपलब्थ कराएगी या फिर पूरे देश में यही इंधन मानक बन जाएगा।
02:52फिलहाल सरकार का रुख साफ है कि शुद पेट्रोल या E10 को दोबारा माने की कोई योजना नहीं है।
02:57आने वाली दिनों में ये विवाद और तेज हो सकता है क्योंकि एक तरफ सरकार E20 को उर्जा आत्म निर्भनता
03:03और हरित इंधन की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
03:06वहीं दूसरी और वाहन मालिकों और कुछ संगठनों की चिंताएं भी लगातार सामने आ रही है।
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