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  • 13 minutes ago
बेलगड़िया पुनर्वास टाउनशिप में मशरूम की खेती ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है. धनबाद से नरेंद्र निषाद की रिपोर्ट.

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00:03धनबाद के बिलगडिया पुनरवास टाउंशिप की ये कहानी है आग और भूधहसान की चपेट से निकल कर आत्म निर्भरता की
00:12नई मिसाल बनने की जहां कभी विस्थापन असरक्षा और बेरोजगारी की छाया थी वही आज 40-50 महिलाएं अपने हातों
00:22से ना सर्फ परिवा
00:23चला रही हैं बलकि पूरे इलाके के लिए उम्मीद की की रण भी बन गई हैं यह महिलाएं स्वैम सहायता
00:30समुहों से जुड़कर मश्रूम की खेती कर रही हैं मौसम के हिसाब से ओवेस्टर मिल्की और पहरे बटन मश्रूम उगा
00:39रही हैं देवघर से आने वाले विशशक
00:41इन्हें बैग्यानिक तरीके से ट्रेनिंग देते हैं निकलता है मश्रूम तो चार किलो पांच किलो अभी मौसम थोड़ा सा गर्मी
00:48था थोड़ा कम हो रहा था उत्पाद हैं अब पहले थोड़ा सा मौसम ठंडा में अच्छा मतब 15-25 किलो
00:54तक हम सा तोड़ लेते हैं एक द
01:11संसाधन बहतर थे तो उत्पादन 15-20 किलो प्रति दिन तक पहुँच जाता था लेकिन जगह की कमी और बहतर
01:19सुविधाओं की अभाव में उत्पादन अभी सीमित है
01:22सब चाहते हैं कि मतलब मौसम के अनुसार ही मतलब हम सब कर पा रहे हैं तो एसी और यह
01:28सब जो वेवस्ता हो जाता हम सब को मिल जाता है
01:30तो ज़्दा से ज़्यादा हम शोर महिलाओं जुढना चाहरी है तो आयर मताकर्सित होती है और जगा का सब खासबाद
01:42इन महिलाओं को मश्रूम बेचने बाजार जाने की जरुवत नहीं
01:46आसपास के लोग खुद उत्पादन केंदर पहुचकर ताजा मश्रूम खरीद ले जाते हैं
01:52गुणवत्ता और ताज़गी के कारण मांग लगातार बढ़ रही है
02:07महिलाओं का कहना है कि ये सिर्फ रोजगार नहीं उनका आत्म विश्वास है
02:12वे कहते हैं कि पहले परिवार चलाने में मुश्किल हो दी थी
02:15आज बच्चों की पढ़ाई घर का खर्चा और जरुरते खुद पूरी कर रही है
02:21अब इलाके की और महिलाएं भी इस काम से जुड़ने के लिए आगे आ रही है
03:02बिलगडिया पुनरवास कॉलनी को लेकर पहले लोगों के मन में आशंकाएं थी
03:07लेकिन आज यहां बहतर आवास, सुविधाएं और रोजगार के साथ जीवन पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और सम्मान जनक हो
03:15गया है
03:37अब तो बहुत पहले से सुविधा हो गया कि जैसे कि रूम सब को मिल रहा रहा सब और सर
03:44लोग भी आए मस्रूम का और बताएं तो एही सब हम लोग सारा दीदी लोग मिलके भी मस्रूम का भी
03:50काम कर रहे हैं
03:51कई सारे लोग हैं जो हमने प्रणावीतर बुक्त से त्र मगा और यहां आना नहीं चाहते है
03:56कैते हैं सुविधा नहीं है रुदिगारीका तो है उनको अंके लिए उनके लिए क्या जिसे नहीं आने चाहिए तो उनको
04:17आना चाहिए
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04:23This is the best food for the food.
04:23What is it?
04:25My name is Dibi.
04:48and Bath 3 Narendra Nishantki report.
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