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  • 14 minutes ago
धान रोपाई का सुपरहिट तरीका, कम बीजों में भी होगी बंपर खेती, बस रखे इन खास बातों का ध्यान, कृषि वैज्ञानिक ने बताई टैक्नीक

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00:00Shereul Sambhav Dhan Ka Katora Kaha Jata Hai Dhan Ki Uptam Kheti Yahaan Ki Kisahano Ke Liyye Vardahan Hooti Hai
00:12Chukki Is Vars Mansoon Ke Aagaman Me Thuڑا Vlam Hua Hai
00:19Varsha Eek Samaan Roop Se Nahin Ho Rhei Hai
00:23And Kahi Kam, Kahi Jadha Varsha Ki Skti Beni Hoi Hai
00:27Aisai Skti Me Hamaarai Kisahano Ke Dhan Ki Rhoopah Paddati Se Kheti Kerti Kerti Hi
00:34Unke Samaik, Unke Samaaksh, Eek Chintah Ka Vishra Hai
00:40Ki Abhi Tuk Hamanhe Tharaa Nahin Rakhha Hai
00:43Arkaat Kaudh Shala Me Paudhe Tiyar Nahin Hoi Hai
00:46Hum Rhoopah Kab Lagayenge
00:48To Kisahano, Is Bishan Parishitati Me Bhi
00:52Hemarai Samaaksh, Dhan Utpadan Ki Silii Paudhati Ka
00:57Eek Bada Hi Sasakti Vikalpah Uplabd Hai
01:00Is Paudhati Ki Bishishishta Yeh Hai
01:02Ki Is Me Hama Balak Rhoopah Ka Rhoopan Karate Hai
01:06Balak Rhoopah Se Aashai
01:08Woh Rhoopah Jis Ki Umar 8 Dhin Se Lekar Kep 15 Dhin Ki Avestha Ka Ho
01:14To Is Me Hama Kep 15 Dhin Se Avestha Ka Pura Dhyan Rakhna Hai
01:19Ki Jaha Parhah Ham Paudh Tiyar Karate Hai
01:22Tharaa Rakhini
01:23Woh Sthahan Parh Us Us Jagehengen
01:26Us Khet Me Hama Kep 15 Dhin Se Avestha Ka Pura Dhyan Rakhna Hai
01:30To Badiyaan Mahin Ghehri Jutai Karate Hai
01:34Hama Bharapur Maatrha Me Paki Hoi Gobar Ki Khad
01:39Ketchua Ki Khad Kampos Ka Uphiyog Karate Hai
01:43Or Chukki Hama Al-Pawadhi Ka Pungra Dhin Ke Ander Ka Rhoopah Lagana Hai
02:16To Iski Badawaar Thaura Sa Tegi Se Ho
02:18.
02:38ुपियोग में लाते हैं
02:47ुपियोग करने से
02:48हमको लगबख
02:4970-72 अजार काड़ियों की
02:51पौद तयार मिलती है
02:53तो हम एक एकल में रोपा लगाने
02:55के बाद भी हमारे पास
02:57धान की पौद बच जाती है
03:01और
03:01इस पद्दती में जब हम रोपा लगाएं
03:04तो विशेश रुपस इस बात
03:06का ध्यान रखें कि जब हमारा रोपा
03:0714-15 दिन का हो जाए
03:09तब खेट की अच्छी से मचाई कर लें
03:12मचाई के पूर्व हमको
03:13जो भी रासाइनी को रुबरग डालने है
03:15डियेपी, सिंदर सुपर
03:17फॉस्पेट, मुरेटा कोटास
03:19जिंक सलफेग, अत्वा
03:21एन पीके के जो बिमिन
03:24रूपों में उपलब्द है
03:25उनकी सर्पूर मात्रा को हमको
03:27मचा हुआ सुरू करने के पहले खेट में डाल देना है
03:30और उनको खेट की माटी के साथ
03:31मिला देना है, एक बेहम
03:33अपने इसाथ आप गलत भ्रांती को तोड़ दे
03:37कि हमको
03:39रूपा लगाने के बाद में
03:41रसायनिक और वर्पों को अप्योग कदापी
03:43नहीं करना चाहेंगे
03:45अब
03:47जब हमारा रूपा पंद्रा दिन के आसपास
03:49का हो जाए, खेट की मचाई हो जाए
03:51तो एक और नियम का
03:53हम याद रखें कि जितना
03:55रूपा लगता जाए
03:57उतना रूपा उसला जाए
03:58अर्थाच कहने का ये मतलब है
04:00कि हमें संपूर रूपा को
04:02एक साथ उखाड करके आँटी बांग करके
04:05नहीं रखना है
04:05और पहले जो परंपरागत के तरीके में
04:08हमारे किसान रूपा पहले दिल रूपा उखाड़े थे
04:11उसके बाद दो से लेकर के आगामी पाँच दिनों तक
04:14रूपाई करते थे
04:16इससे हमारे रूपा की ताकत छेड़ होती है
04:18तो जितना रूपा लगता जाए
04:20उतना रूपा उसला जाए
04:21वेग्यानिक को ये कहते हैं
04:23कि हमको रूपा उखाड़ने के बाद
04:25आदा घंटा से लेकर कि एक घंटे की दिच में
04:28रूपा लगा देना चाहिए
04:31जब आप 15 दिन के अंदर का रूपा लगाएंगे
04:33तो रूपा के साथ में
04:35जड़ा हुआ बाहर निकलेगा
04:38तो ध्रान के दान के साथ में अभी रूपा लगे
04:42तो उसे फसल की रंगत
04:44फसल की ताकत देखने ही योगी होती है
04:47क्यूपि ऐस ध्रान के दाने में
04:49अभी भी उस रूपा के लिए
04:50कम से कम 5 से लेकर के 7 दिन तक का बोजल
04:53संग्रेख बचा हुआ रहता है
04:55इसके अलावा
04:57कभी भी 15 दिन के अंदर के
04:59रोपा को जब उखाड लें
05:00तो उसकी आटियों को गेंड की तरह
05:03खेट के एक इस्थान से दूसरे इस्थान पर
05:04नहीं फेकना चाहिए
05:05उसके धानता दाना जहर जाता है
05:08उसका लाव हमको नहीं मिल पाएगा
05:10अब बात करते हैं कि
05:12हमको 10 इंच भाई 10 इंच की दूरी पर
05:14जब रोपा लगाना है
05:15इसके लिए धान पौद से नहंकर मशीन भी आती है
05:19नहीं तो आप
05:20रसी में 10-10 इंच की दूरी पर
05:22प्लास्टिक की सुतली से खुंदरा लगा करके फिर कर सकते हैं
05:25और यदि मान लिए इन दोनों को आप उपयोग नहीं कर पा रहें किसी कारण से
05:29तो हम अपने स्रेमिकों को ये सिखाएं
05:31कि वो अपने हाथ के बीते में
05:34एक कनिश्ट्रा उंगले से लेकर के अंगुटे के बीच में जो दूरी है
05:38इतनी दूरी पर एक एक काणी का रूपा रूपे करें
05:42इसके बाद मैकुन बात ये है
05:44कि सिरी पदर्दी से धान की खेती करने में
05:47हमारे किसान भाई को लगातार जल भराओ करके रखने की आवशकता नहीं है
05:53धान का पौधा को जली पौधा नहीं
05:55ये गेहूं का ही कुल का एक सदस है
05:59जिस वकार जे गेहूं खेत में भरे हुए पानी को बरदास नहीं करती
06:03कि तो धान के अंदर प्रकरती नहीं कुछ ऐसी दिवस्थाएं दी हैं
06:09इसकी वरे से वो अपने आपको भरे हुए खेत में भी जीवित रख पाती है
06:13तो हमको धान के खेत में जो है लगातार पानी भरके नहीं रखना है
06:17धान के खेत का मौगा खोला रखें
06:20कि बारिश का पानी आए और स्वमेर निकल जाए
06:23हमको जान भूज करके अटक करके पानी को भरके रखने की आवर्शक्ता नहीं है
06:28कुछ दिनों में भी धान की खेत में दरारे भी पड़ जाएं
06:32तो चिंता करने की आवर्शक्ता नहीं है
06:34So if there is a higher amount of water in the ground, that the ground of the water will be
06:41much more than the weight of the water.
06:44It will be more than the ground, so the ground of the water will be much more than the ground.
06:48The forest comes with a warm water and some of the water is becoming very important.
07:07foreign
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07:46and
07:471-7 पकने की अवस्ता पर आती है
07:50और ये देखा वेया है
07:51कि जो भी किस्म है
07:53कि वो कितनी भी अवदी की हो
07:54वो अपनी निर्दारेत अवस्ती अवदी
07:56से लगवग 5-7 दिन
07:59पहले पक करके तियार हो जाती है
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