- 2 days ago
Hamari Kahani
This is the adaptation of the famous series Shameless. Fiza, struggling to survive in one of the poor neighborhoods of the city is the eldest child of the family. She has looked after her five younger siblings since their mother left them. Her father Fakhri is addicted to alcohol and is wasting his life drinking and making money from easy and deceitful means adding nothing but trouble for the family.
Cast: Hazal Kaya, Burak Deniz, Reha Ozcan, Yagız Can Konyali, Nejat Uygur, Zeynep Selimoglu, Alp Akar, Omer Sevgi, Mehmet Korhan Fırat, Nesrin Cavadzade, Melisa Dongel, Beren Gokyıldız.
Tag:
Production: MY MEDIA
Screenplay: Ebru Kocaoglu - Verda Pars
Directed by: Koray Kerimoglu
Executive Producer: Dizgin Aksoy Sidar
This is the adaptation of the famous series Shameless. Fiza, struggling to survive in one of the poor neighborhoods of the city is the eldest child of the family. She has looked after her five younger siblings since their mother left them. Her father Fakhri is addicted to alcohol and is wasting his life drinking and making money from easy and deceitful means adding nothing but trouble for the family.
Cast: Hazal Kaya, Burak Deniz, Reha Ozcan, Yagız Can Konyali, Nejat Uygur, Zeynep Selimoglu, Alp Akar, Omer Sevgi, Mehmet Korhan Fırat, Nesrin Cavadzade, Melisa Dongel, Beren Gokyıldız.
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Production: MY MEDIA
Screenplay: Ebru Kocaoglu - Verda Pars
Directed by: Koray Kerimoglu
Executive Producer: Dizgin Aksoy Sidar
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00:00ये हैं वो लोग जिनकी कई दिनों से आप तारिफों के पुल बान रहीं थी
00:02आप ये किस तरह की बात है किये जा रहे हैं?
00:05कुन असर नहीं आ रहा एक के बाद एक मसला खड़ा हो रहा है यहां पर
00:08वैसे भी इसमें हमारा कोई कुसूर नहीं है यार
00:09हम नहीं चाहते थे कि ऐसा कुछ भी हो
00:11बस करो यार तुमने ऐसे रेस्टरोन में पार्टी रखी जाएं सफाई का इंतिजाम ही नहीं
00:14और वैसे भी ये सील हो चुका था
00:16लेकिन आप कैसे जानते हैं ये बात?
00:18क्योंकि मैंने इसी कायट की थी उनसे
00:19और ये भी जानता हूँ कि आप लोग ने इसके सील तोड़ी है
00:23जो ये बोल रहे है सच है
00:24हमें माफ कीज़ेगा माडम लेकिन हमारे पास और की जगा नहीं थी
00:28एक बात बताए मुझे आप किस किसम के बेहूदा और बत्तमीज आदमी है हा
00:30तबियत खराब होने के बावजूद इसने इतना कुछ हरेंज किया आप लोग लोग लिए उसके बाद भी आप लोग ये
00:34हरकते करेंगे
00:35तहसीब नाम की भी कोई चीज होती है भाई
00:36यह यहां क्या कर रही है यहां क्या क� livelihood तुम शयद गलत वक्त पर आ गई मैं
00:42काम क्या है इसका यहां एक मिनट फिजऑ यह कुछ बताने के लिए आई है हैं यह क्या बताएगी जानती
00:47ही क्या है यह हमारे बारे में तूमहारा दिमाग जगाआ पे है
00:56मैंने सब देख लिया था
00:57मैंने तुम्हें होटल में देखा था
00:59जब तुम इसे प्यार से ले जा रहे थे अपने साथ
01:00तो आप जाए जूट बोलने की जूरत नहीं है तुम्हें
01:02जो बोल रहे हो उसका मतलब ही जानते हो क्या
01:04क्या रहे है रहे है बासित भाई
01:07खोच खो चुका है तुम्हारा भाई
01:08आपा की और बासित भाई की तलाख होने वाली समझे
01:11तो जितना इनको देखना है न देख लो दिल भागे
01:13ये एक बहुत बड़े ड्रामे बास है
01:15ये जो कुछ कह रहे हो यहां घड़े होगे
01:17तुम जानते हो ना इसका सर बच्चों पर क्या होगा
01:19नहीं
01:24फिजा तुम्हारे खिलाफ शिकायत दर्ज होई है
01:26रेस्टोरेंट की सील तोड़ने बड़ तुम्हे गिरिफता किया जाता है
01:30देख लिया
01:30इन लोगों को इनके किये की सजा मिल गई
01:33आखिर हमारे खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है तो किस ने कराई है
01:36मैंने दर्ज कराई थी ये शिकायत
01:37तुम लोगों ने ही इस रेस्टोरेंट की सील तोड़ी है
01:40आपा
01:42यार रहमत मुझे तुम्हे तुम्हें ये सब कुछ बताना ही था कुछ तर पहले पस
01:45ये इसमें बहुत मजबूरी में किया है ओफसर
01:47क्योंकि आज यहां इन लोगों ने छोड़े बच्चों के दावत रखी हुई थी
01:50तुम क्यों नहीं बताती बताओ ना इने
01:52हाँ एहमत हमने ये सब कुछ अपने प्रॉफिट के लिए नहीं किया
01:55सिर्फ महमानों के लिए किया है और बच्चों की खुशी के लिए
01:57इससे क्या फरक पड़ता है फिजा तुम्हे थाने तो चलना ही होगा
02:00और तुम्हारे साथ इन सब का भी बयान लिया जाएगा
02:02चलो ले चलो ही ले
02:30के बाद भी इस तरह की फुजूल बात कर रही है
02:34मैं बात कर रही हूं न
02:35चलो आज़ो बासित
02:37ने ने ने मैंने आनन के साथ
02:38मेरे अंसे को तालोग नहीं है ठीक है
02:40इंसे करो जो भी बात करने है और
02:41इस रेस्टोराइंट से मेरे को तालुक नहीं है इन लोगों से बात करें
02:43हो क्या रहा है यहां पर मुझे कुछ समझने आ रहा
02:45यहां मैं बात करने आई थी बेज़ेती करवाने नहीं
02:48और आप मुझे किस जुरू में अपने साथ थाने लेकर जाएंगे
02:51देखो तुम लोगों के जात्ती मसाइल से हमारे कोई लेना देना नहीं है
02:54तुम सबको चलना होगा हमारे साथ बयान देने के लिए
02:56चलो आजाओ
02:56हाँ चीक है चलते हैं
02:58एहमद क्या तुम ब्लीज बच्चों को घर पर शुडवा दोगे
03:01ठीक है फिजा में छोड़ दूगा
03:02हाँ जाजो बच्चों
03:32कितना मज़ा आ रहा था
03:33कितना अच्छा लग रहा था ना ये सब
03:35वाकई बहुत ही अच्छा
03:37तुमने शर्माने की सिवा कुछ नहीं किया हाँ
03:39वैसे वाकई बहुत शुक्रिया तुम लोगों का
03:42काफी उदास था मैं अब अच्छा महसूस कर रहा हूँ
04:01पैसे, हाँ.
04:03समरा, वो पैसे,
04:05मैं बताता हूँ, तौरान, तरासल वो पैसे,
04:08किसी को ज़रूरत थी तो से देती है,
04:10क्योंके फिलाल थो हमें उन पैसों के ज़रूरत थी नी,
04:12तो हमने यह सोचा कि वो पैसे किसी के काम ही आ जाये,
04:14क्यों सही कह रहा हूँ न तौरान
04:17बिल्कुल
04:18और मैंने ये सोचे कि क्यों ना शादी गर्मियों में खी जाए
04:20यहां ठंड ज्यादा है तुम्हें ठंड लग सकती है
04:23कितना ख्याल है इससे
04:25तुम दोनों अच्छे लग रहे हो
04:27है तौरान
04:28ये दोनों एक साथ कितने अच्छे लग रहे हैं न
04:30काश कि हम भी इन दोनों कितना हो जाए तौरान
04:33क्या ख्याल है तुम्हारा
04:35यार फरीदा फरीदा
04:38देखो
04:39जो कुछ भी हमारे बीच हुआ था
04:42वो सब तुम मेरी खलती समझो
04:44कुछ यू हुआ था
04:46याले से नराज था मैं
04:48वज़ा तुम थी उसकी
04:50याले की नराजगी की वज़ा से मैं जो कुछ समझ बेनी आया
04:52और मैंने तुम्हे घर के अंदर आने दिया
04:53वो सब भूल जाओ तुम क्यूंके
04:55याले मेरे दिल में है आप तक
04:57मैं कभी उसे भुला नहीं पाऊंगा
04:59बात को समझो
05:00खुदा के लिए
05:01हाँ
05:03बिल्कुल ठीक कह रहे हो तुम
05:06किसी को जबरदस्ती मजबूर थोड़ी कर सकते हैं
05:08हाँ ना
05:08ऐसे ही है
05:09हाँ मगर हम दोनों एक काम तो कर सकते हैं
05:11कि हम दोनों एक साथ दोस्बन कर रह सकते हैं
05:14क्या ख्याल है तुम्हारा
05:16हम
05:17हम
05:17तुम्हारा मतलब हम दोनों दोस्बन के रहेंगे एक दूसरे के
05:19वही कह देए ना
05:20हम दोनों दोस्बन के ही रहेंगे
05:22यानि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे तरी किसे समझते हैं ना
05:25यानि हम दोनों दोस्ट बन के रहेंगे तो
05:31लगता है फिजा आ गई
05:32बैठो मैं देखता हूँ
05:37क्या हुआ सब खेरियत तो है ना
05:42आजो अंदर
05:44अरे तुम लोगों को क्या हुआ है और फिजा का है
05:52बासित भाई आपा को धोका दे रहे हैं रहाँ भाई ने बताया है यह
05:56ऐसा लगता है कि हमारे खुशियों को नजर लग दई है किसी की
06:04अच्छा इसन लगता है
06:22आपको आपको बता है, यार मेरी बात सुनने को तयार नहीं है ये लोग
06:34जिससे शोहर पे भरोसा नहीं क्या तवकर रखें उससे
06:37तुम्हारी हरकत है अच्छी तरह से जानती है, इसलिए कुछ नहीं पूछना तुमसे
06:40ये भी है, खेर पूछने का हक भी उनको होता जिन में दूसरों को सिननों की हमत हो
06:44वैसे भी बात करने को फाइदा नहीं होता है
06:47ये तुम लोग पागल तो नहीं है, हम सारे पागल ही नहीं बेवकूफ भी है
07:04अधैयार, एक तो चोरियो पर से सीना सुरी
07:06आफिसर मुझे इस रेपोर्ट के कॉपी मिल सकती है, ताकि उस बिरापर मैं बच्चों के स्कूल से निकलवा सकूँ
07:10या तुम क्यों स्कूल से बच्चों को निकलवाने पर तुले हुए तुमारा प्रॉब्लम क्या है, मुझे समझ नहीं हाँ
07:13बात सुने मेरी, मैं आपको ऐसा हर्गिस नहीं करने दूगी, और अगर जरूरत पड़ी तो खुद एक एक वालेदान के
07:18घर पर मैं खुद जाओ अच्छा, ठीक है फिजद साहिबाब, आप तो चुप हो जाए
07:22देख लिया ना आपने मैडम, ये आदमी अइतबार के बिल्कुल काबिल नहीं, आपको बता रही थी मैं
07:28आप तो खामुश हो जाएए, आपको कोई हक नहीं मुझे बाते सुनाने का, सुन रहे हैं आप आफिस सर, देखो
07:32एहमद, इसकी भी सुन लो कोई, ये बात तो सच है कि हम में से कोई भी मुकमल नहीं, हर
07:35किसी में कोई ना कोई खामी तो होती ही है, और तुम्हे तो हमारे घ
07:50परेंट्स को अपने आफिस में दुबारा बुलाओंगी, आप भी वही आज़िए, आप इंदर स्कूर से निकाल को नहीं देती, क्या
07:53जूरत है बात करने की, एहमद, क्या हो रहा है यहाँ पर, हाँ जमील, बस तुम्हारी ही कमी थी, अच्छा
07:58हुआ तुम भी आ गए, प्
08:15सबको कमरे में ले जाके, एक एक करके ब्यान लेला होगा, किसी की भी आवाज आई, तो लॉक अप में
08:18डाल दूगा, फिजा, पहले तुम आओ मेरे साथ, पैटो, एहमद, तुम तु जानते हो, हम कितनी मुश्किलाथ का सामना कर
08:44रहे हैं, और यह सप्छाइब, पहले तु
08:45कुछ हमारे बाबा की वज़े से, वो मुझे जैसे ही मिलेंगे, मैं उन्हें जेल में डाल दूगा, ताके बचने का
08:50कोई रस्ता ना रहे, बस उनहीं की हरकतों की वज़े से कहीं मेरे बहन भाईयों को स्कूल से ना निकाल
08:54दे, उस वक जो लोग रेस्टरॉन में मौजूद
09:16देखो एहमद, अगर तुम हमारी मदद कर सकते हो तो प्लीज कर दो यार, बाकी रेस्टरॉन का मसला में खुद
09:21ही हल कर दूगी, तुम्हारे बयान के बाद में सब कुछ समझ चुका हूँ, यानि मुझे डियस पी साहब से
09:27खुद तुम्हारी जमानत की बात करनी पड़े�
09:29तुम अपना रेस्टरॉन भी खोल सकती हो जमानत के बाद, मगर वहां की थोड़ी सफाई बागरा करवा लेना, ताकि बाद
09:35में कोई परिशानी ना हो, बहुत शुक्रिया, तुम्हारा भी शुक्रिया, लेकिन मैं फखरी साहब के लिए कुछ नहीं कर सकता,
09:40उनको देखते
09:52हम खुद ही पूछ लेगा तुम से, शुक्रिया, शुक्रिया, लो पूछ लो ताकि तसल्ली हो जाए तुम्हारी, हलो, वो दरसल,
10:04मुझे वो पूछना था कि क्या आप मीटिंग वाली रात, बासत के साथ थे कमरे में, क्योंकि थोड़ी सी कन्फ्यूजन
10:12हो गई थी, क्यों
10:22ओके, हाँ, बहुत शुक्रिया आपका, बताओ रहमत क्या कहा उन्होंने, बास सुनो मेरी, सीसी टीवी फोटिज निकल वादू मैं तुम्हें,
10:32होटेल के किस रूम में था मैं उस रात अच्छी तरह जान जाओगे, चाहिए तुम्हें, अच्छा यार और श्रमिन्दा मत
10:49क
10:50अच्छ तो लेते, मैं तुम्हें बताती हूं कि आखिर उस रात हुआ क्या था, शिरास बहुत परिशान था, और इसने
10:55मुझसे कहा कि मेरी वज़ास से फिजा को खलत फहमी हो रही है, और मुझसे कहा कि अब इससे दूर
10:59रहू मैं, और मैं इसकी ऐसी बाते सुनकर बहुत �
11:02मैं आ गई और अपने होश खो बैठी, और इसने बस ऐसी हालत में मुझे अकेलर नी छोड़ा और कमरे
11:07तक ले गया, क्या हो रहा है यहां, बोलो, बासित बिलकुल बेकुसूर है आपा, क्या मतलब है तुम्हारा, वो होटल
11:24वाली बात, या रहमत क्या करते हो, बिला वज़
11:31में कोई भी तुम्हे देखता तो उसे भी गलत फहमी हो जाती यार, वा क्या है, बासित आजा आजा अब
11:42तुम्हारा बयान ने लहे मुझे, और मैडम आप भी आजाए, चलो खेर, आतो मैं, तो बताएदा मुझे के हुआ क्या
11:47है, यार वो, आपा, होटल वाली बात को लेक
11:56एक हमें गलत फहमी हो गए थी, होटल वालों ने खलती से बासित और नरमीन को एक ही कमरा दे
12:00दिया था, मगर दरबसल बासित और डौक्टर आकेफ कमरा शेयर कर रहे थे, आपा, मेरी अबी बात हुई है, होटल
12:08वालों से उन्होंने अभी कन्फरिम किया है, बासित नो यहा
12:39तुम्हारी थी तुम्ही ने गलत समझा
13:09मेरी बात तो सुनो, मुझे बात करनी है तुमसे
13:11कुछ बजह नहीं बात करने के लिए
13:14रिष्टे एतिभार के होते हैं फिजश्ची को कुछ बात के नहीं
13:16बहुत अफसोस हो मुझे
13:18अब बहुत देर हो चुके
13:20ٹीक है न मुझे लगा था कि मैं
13:21तुम्हारे जस्टिफाई करने से कुछ बदलने वाला नहीं है
13:24तुमने सोचा भी नहीं कि मैं तुम्हें इस हालत में धोका नहीं दे सकता
13:27मुझे उस जुर्म की सजा मिली जिसका मुर्तग भुवा है नहीं
13:31दो-तिन दिन में मैं अपना समाना कर ले जाऊंगा तुम परिशान मत होना मेरे लिए
13:37बाए
13:39और हाँ फिजा अपनी सेहत का बहुत ख्याल लखना
14:11परिशान नहीं हो तुम दोनों वह लोग नहीं निकाल सकते तुम दोनों को स्कूल से और हाँ
14:19मंदे को स्कूल में अपने को बाद तुम लोग देखना के सब कुछ ठीक हो जाएगा
14:22मुझे समझ नहीं आते उस आत्मी को हमसे मसला क्या है
14:25पीछे ही पढ़ गया
14:26कुछ करना होगा उसका हमे
14:27तुम फिकर नहीं करो मैं हैंडल कर लूँगी
14:30तुम लोग किसी भी चीज़ की टेंचन नहीं लो
14:32सिर्फ अपनी पढ़ाई परते हां दो बाकी मैं देख लूँगी ठीक है
14:34आपा बासत भाई अच्छे हैं बहुत
14:36वो आपको कपी धोका नहीं दे सकते
14:38कोई गलत तैमी होई है
14:39समझ नहीं आया कि तुम्हारे दिमाग में ये कैसे आया कि
14:42वो तुमसे बेवफाई कर रहा है
14:44ये इतना जहीन होकर ये बात नहीं समझ सका
14:46तु भला फिज़ा कैसे समझ सकती है ये बात फरीदा
14:49बस कर दें समरापा
14:50मैं पहले ही बहुत जादा शर्मिंदा हूँ
14:52मजीद मत करें मुझे
14:53तुम्हें शर्मिंदा होने की जरूत नहीं है
14:55अगर मैं दिया को ऐसे किसी और के साथ देखती तो मैं भी ही समझती
15:00गलती मेरी है
15:01मुझे उस पे भरोसा होना चाहिए था
15:05ऐसा लग रहा है जैसे मैं तो इंतजार कर रही थी
15:07कि वो कुई गलती करे
15:07सच कहूं तो तुमने उसके साथ सही नहीं किया
15:12उफ तो आप क्या होगा
15:14आपकी उन्से तलाग तो नहीं होगी न
15:17मैं किसी भी धर हमासत को मनाने की कोशिश करूँगी
15:20तुम लोग जाकर सोचाओ
15:27ओकी गुड़नाइट
15:29गुड़नाइट
16:04यार बासत कमसकम फून तो उठाओ न उसका
16:06बात करने को कुछ बचा नहीं तो रहा है
16:14मैसेज़ है
16:15असत बच्चे तुम्हारे लिए बहुत परिशान है
16:17देखो तुम अप्टी जगह पर बिल्कुल ठीक हो लेकिन मैं बहुत शर्मिनदा हूँ
16:24इसका मतलब है खुश्सा है तुम्हें
16:28कितने दिन से कोशिश कर रहा हूं से मना रहा हूं मैं
16:31लेकिन वो है कि मुझसे पूछे बगएर चोटी सी बात का बतंगर बना के तना बड़ा फैसला सुना दिया मुझे
16:35तो घुसा नहीं आना चाहिए मुझे क्या
16:37यार वो प्यार करती है तुमसे
16:39और रह्मत जासूसी करता फिर रहा था मेरी
16:41ये कोई तरीका हुआ भला
16:43सोच सोच के ना दिमाग भट रहा है
16:45मैं मानता हूं फिज़ा का तरीका खलत है यार
16:48अच्छा एक बात बताओ मुझे
16:49ये सब करने की वज़ा क्या थी
16:51क्योंकि वो तुमसे प्यार करती है तुम्हें खोना नहीं चाहती
16:53किसी लिए उसने ये सब कुछ किया
16:54तुमाग मत खाओ मेरा
16:55उसकी तरफदारी करने की ज़रूरत नहीं है
16:58तुम फिज़ा को नहीं जानते हो समझ गए
16:59मैं उसकी रग रग से वाकिफ हूँ कि वो क्या सोचती
17:01और वो चाहती है कि वो जो कहे उसी को मान लो
17:03यार बासित हर औरत का यही मसला है
17:06तो अब क्या तलाक दोगे उसे
17:09नहीं मालू
17:11क्या मतलब नहीं मालू
17:12यह तुम कैसी बाते कर रहे हो बासित यार
17:16अब क्या उससे बदला नेने के चक्कर में खुद को बरबात कर दोगे
17:20दरसल फिज़ा मेरी इस हरकत की वज़ा से
17:22कुछ जादे ही शक्की हो गई है तभी उसने तुमारे साथ ऐसे किया
17:25सच कह रहा हूँ
17:26बस कर दो उनकी तरफदारी करने की जुरूद नहीं यह तुम है
17:27वो क्या है मैं जानता हूँ ची तरह से
17:29सब ने मिलके मुझे घर से निकालने का प्लैन बनाया है यकीन है
17:32सब मिले हुए
17:32लेकिन इसमें तुमारी भी तो खलती है ना बासित कैसी बाते कर रहे हो तुम मुझसे
17:37ठंडे दिमाग से सोचो तुम अगर तुमारी जगा फिजा होती हां
17:42तो फिर क्या करते तुम तुम भी इस तरह की हरकते करते जिस तरह की वो कर रही है
17:48छोड़ो यार जा रहा हो मैं
17:50कहां जा रहो यार ऐसा करो मेरे घर चलो वहीं रुख जाना तुम ठीक है
17:53नहीं तुमारे घर में रुखने का फाइदा नहीं है एक कदम की दूरी पर तो है उसका घर
17:57मैं होटल में रुख जाऊंगा, तुम आजो मेरे साथ, मैं तुम्हें घर छोड़ देता हूँ, तुम्हें आजो
18:44रहमद, आज तुम जल्दी आ गए, अब इस खदर जल्दी भी निया आया हमें, तुमने वह सवालात हल कर लिये,
18:52जो सर अली ने दिये थे, वह बस आते ही होंगे,
18:55क्या तुमने हल कर लिये वह सब, हाँ कर लिये तुम्हें क्या, तुम नकल करोगे इनकी, दिखाओ सरा, क्या हो
19:01गया तुम्हें, क्या कर रहे हो, रहमद ये तुम क्या कर रहे हो, हाँ, अरे, हेलो, क्या मतलब ये सब
19:16मैंने घलत किये हैं, पहले ही बताया था मैंने तुम्हे
19:20सर के आने से पहले दुबारा ठीक कर लो
19:32हद है यार
19:43यह सब क्या है रहमत
19:44दिया तो मेरा फोन क्यों नहीं उठा रही थी यार
19:46और घर पर भी नहीं थी
19:47तुम्हें इससे क्या यहां क्यों बुलाया है मुझे
19:50सौरी बोलना था तुम्हे
19:53बासित ने कोई बेवफ़ाई नहीं किया आपसे
19:56आई वेश मैंने तुम्हारी बात मानी होती
19:58अगर मैं पहले ही बासित से बात कर लेता
20:00तो यह गलत फैमी होती ही नहीं कभी
20:01अगर तुम्हारी बात मानी होती तो ऐसे शर्मिनना नहीं होता
20:05मैं बहुत अजीब औ गरीब हरकते करता हूँ तुम जानती तो
20:07मुझे माफ करतो प्लीज वा बात खता है
20:09पता है क्या तुम्हारी इन गलत फेमें से मैं बहुत ठक चुकी हूँ रहमत
20:12मैं तुम एक बात बताओं तुम पहले हर चीज़ को हमेशा गलत नजरिये से ही देखते हो
20:16और अंजाम क्या होता है हमेशा आखर में सब कुछ मुझे ही बुकतना पड़ता है
20:20मुझे से अब ये सब नहीं होगा
20:36उसे अपने इलावा किसी की परवा नहीं है
20:39या
20:40तुम तब वैसे भी अब उसके साथ हो तो ये सब मुझे बताने का क्या फाइदा
20:43उसको असिस्टन्ट बने से ज़ादा तुम में इंटरिस्ट है
20:45और फिर तुम उसके साथ मिलकर उल्टे सीधे फैसले करोगे
20:48इस सब में मैं तो पीछे रह जाओंगी तुम मेरा यहां पर क्या काम है
20:50सुनो तुदिया
20:51तुम वो सारी बाते कर रही हो जा एक्जिस्ट भी नहीं करती है उस पर तुम नराज हो रही हो
20:54मुझ से
20:55रह्मत उसने हर युनिवर्स्टी से पहली पोजिशन में ग्राजवेट किया है इसका मतलब जानते हो उसकी पूरी कोशिश होगी कि
21:00तुम यहां से भाग जाओ
21:02क्या पहलन की मालूमात लिये तुमने
21:06हाँ बस थोड़ा बहुत
21:08हाँ
21:10एनिवेस मैं तुम्हें बता चुकियों कि क्या होने वाला है तु कोई फाइदा नहीं है सब का इस सब से
21:15ठक चुकी हुँ मैं बस खतम करो यह सब
21:16हद होती है यार
21:25लो भाई फिर से टपक पड़ी मातरमा
21:33ओ हलो मिस्स पेलिन है ना आप हाँ मगर तुम यहां पर क्या कर रही हो हाँ मुझे यहां अपने
21:41दोस्त को किसी बारे में कुछ बताना था क्यों क्या हुआ
21:48खर छोड़ो मुझे तुमसे बात करनी थी तुम आज कर मेरे दोस्तों में बहुत मशूर हो गई हो वो इस
21:54वत वहां कैंटीन में होंके चलो चलकर उनके पास बैठते हैं मैं तुम्हारी उनसे मुलाकात करवाना चाहती हूं वो बहुत
21:59खुश होंगे
22:06मैं रूम में जा रहा हूँ पेशेंट्स को बारी बारी भेज दो हूंगे जी ठीक है
22:46हुशामदीद वैसे तुह तुह तुम्हारा ही कम रहा है
22:51मुझे लगा था के तुम्हारा होगे लेकिन तुम नहीं थे तो आँख लग गई
22:56तुरान भाई के गर भी नहीं थे तुम
22:59देखो ऐसा नहीं है कि मैं तुम्हारा पीछा कर रही हूँ
23:04परिशान थी तुम्हारे लिए है यहां क्यों आयो फिजा
23:10मुझे बस बात करनी थी तुम से और कुछ नहीं तुम बात तो सुन सकते हो ना मेरी
23:16तुमसे माफी मागना चाहती हूँ बहुत शर्मिंदा हूँ मैं
23:21एक काम करें पेशन्स को भेज दे अंदर
23:24जी शुक्रे
23:28जब मैं इतने दिन से बात करने कोशिश कर रहा था तब क्या होता तुम्हें
23:34बहुत देर हो चुके वैसे भी मेरे जैसे बेवफा आदमी के साथ रहकर क्या करूके सही का नूँ
23:42जी जी आईए आईए
23:44डॉक्टर पेशन्ट है बेजदे बेजदे
23:46मुझे चलना चाहिए शायद
23:57आईए बेठे
24:01बात सुनो मेरी मैं सर्फ थोड़ी देर के लिए तुम लोगों को बाहर भेज रही हूँ खेलने के लिए अगर
24:05कोच उड़टा सीधा किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा इस मुझका खयाल लटना बहुत उफ समरा आपा बस ठीक
24:10है ना चले हम जा रहे हैं बार भाई
24:28खेर छोड़ो हम चलते हैं खुदा आफिस खुदा आफिस अमरापा चलो समू हलो फिजा मैं जब उठी तो देखा घर
24:39पे नहीं हो तुम हाँ जब मैं निकली थी तुम सो रही थी यहां हॉस्पिटल लाई थी बासत सबात करने
24:43हाँ तो क्या हुआ माफ कर दिया उसने तुम
24:57अरे समरा यहां क्या कर रही हो चलो अंदर नाश्ता तयार है देखो चलो उत्रो सम घर आगया है अंदर
25:03ही बैटर होगा पता नहीं अभी अभी आए हैं चलो जल्दी उत्रो आज तो बहुत ताम ही करना होगा हां
25:15मुझे भी लगता है किसी लिए अब यहां आए है शायद य
25:23खड़ी शकल के देख रहे हो हाथ है यह तो इसे तरफ आरह रहा हम अभी अब देखते है शायद
25:29मिलने आरहे है असलाम लेकूम लगता है आप लुग यह नए नए आए हैं वैसे कहां है तुम्हें इसे क्या
25:35तुम्हें बता के आएंगे जाओ जाके काम कर अपना वैसी दिम
25:53कर वागल याँ टो क्या रहे हैं बाइस कर मारण अब टो यहां से आप मुछे तुम्हारा यह घर हमें
26:02बेज दिया गया है और हम ने खरीदा है भी दिया और इस नहीं है आपको यह घर आपका दिमार्ग
26:08तो ठीक है नब है
26:11आप से ये गर हमारा है निकलो यहां से अरे फरनीचर बाहर क्यों निकाल लो या अरे यह सब रहा
26:28है तो यह देख लो
26:40तो रान
26:47अच्छा मैं मात ओ तुम लोगों ने मेरा घर ख़री लिया लेकर आने से पहले पता तो सकते थे ना
26:51इस तरह से घर से कौन निकालता है यार उपर से मेरा सारा समान मी बाहर फेक रहे हो
26:57अब आप इसको बता देगा है
26:58क्या है क्यों हस रहे हो
27:00बास सुनो
27:00जी बोले माबा
27:01मेरे ख्याल से इनको इतला दे ही देते हैं
27:03चलो फिर इतला के ले तयार हो जाओ
27:04आजा वाइसको ने इतला हो
27:20अज़ खरीच चुके हैं और ये सबूत है इसका जी को
27:24बेख लो इतला से
27:33अगर आप बहतर में सूस ना करें तो आप विजिट कर सकती हैं वैसे दो होते की बाद अप चैक
27:36अप के लिए ज़रूरा है एका ठीक है बहुत शुक्री आपका
27:38यू वल्कम गेट वल सुन
27:42अगर तुम फ्री हो गए हो तो क्या बात हो सकती है हमारी
27:45अभी तुमसे बात नहीं कर सकता मैं बिजी होते हैं अदे यार तुम तो बहुत ही बिजी हो गए हो
27:50अच्छा चलो चलते चलते बात कर लो मुझे
27:56देखो बासित मैं मानती हूँ के मुझसे गलती हो गई है लेकिन मुझे गलत फैमी नहीं होती तो क्या होता
28:00पहले भी तो एक डॉक्टर दोस्त थी ना तुम्हारी उसके बाद हमारी बात नहीं हुई चलो ठीक है उसे जाने
28:05दो नहा का क्या कहोगे वो भी तो एक सिर्प्राइ
28:21करते ही ऐसी थी के तुम पर भरोसा करना मुशकल था मेरे लिए बलके तुमने तो शुरू से ही मुझसे
28:25जूट बोला था अपनी जूप के बारे में भी याद है ना तुम्हें भूल गए हो बासित ऐसे शर्मेंदा होता
28:30है यह माफी मांग रही हो मुझसे एकोशिश कर रही
28:32में अपनी साफाइड देने की तुम्हें आद तो सुनता मेरी है हलो है हलो है मैं सुरी मैं अपको डिस्ट्रप
28:44किया परिशान नहों मैं बस ऐसी आगे था मैं अंदर ठीक है अंदर ना जाए अर पीछे मेरे अं डिफ्वे
28:51से अची खासी बाकी है कोई नहीं आ इस ता इस त
29:05हाँ तुम्हें कह रही थी कि ना सब कुछ हो गया था इसलिए शक करी थी तुम पर मैं मानती
29:09हूँ के मेरी गलती है मुझे तुम्हारी बात सुननी चाहिए थी मुझे समझना चाहिए था कि अब तुम पहले जैसे
29:13नहीं रहो बलके बदल चुके हो क्या मैं अंदर जा सकता ह
29:17अहां ठीके जाओ तुम
29:52मेरी एक बात कान खोल कर सुन लो यह घर खरीच चुके हैं हम अपने बेटों से कहकर पिटवा दूँगा
30:00तुम्हें
30:00क्या समझते हो खुद को क्या तुम्हारे पास ही बेटे हैं हमारे पास बेटे नहीं है क्या चूडिया पहन रखी
30:05हमने बात सरो मेरे बेटे किसी से कम नहीं है मेरे बेटे है वो शेर की अलाद है अगर मैं
30:11तुम पर चपट पड़ू तो तुम्हारा मून नोच लूगा और �
30:13खा जाओंगा तुम्हें देखे ना अराम से अराम से क्या कर रहे हैं यह क्या हो रहा है यह हमत
30:32इताराओ मेरे भाई अच्छा हुआ
30:33तुम आ गए यह जो लोग सामने खड़े हुए हैं इन सब के खिलाव शिकायत दर्च करानी है यह लोग
30:37अचानक तौरान के घर पर आ गए हैं और यहां हम सब को परिशान कर रहे हैं मिलकर यह सब
30:41अच्छा हो एंस्पेक्टर कि आप यहां आ गए हमें लोग एक खिलाव कंप्
30:58अच्छा ही क्यो था यार एहमद मैंने अपना घर क्यों बेचुगा शायद याले ने बेचा इने वाकई इसने तो यह
31:02घर बेच दिया है अब तो हम कुछ भी नहीं कर सकते तोरार इनके पास तो घर के खागजाद भी
31:06मौजुद है हमने अपने सारा पैसा यह घर खरीदने म
31:31अच्छा है अच्छा है मगर जारा आराम से हमने इसे घर खरीदा ने बताया भी था कि हमा जा रहे
31:39हैं यहां पे शिफ्ट होने को और आप यह हमें यह रहने से मना कर रहे हैं अब क्या हो
31:45कर जाएंगे बत सुलुकी तो इन लोग ने हमारे साथ की है जरा देखो मेरा चेरा �
31:50और वहाँ पर जो आदमी छुपा है ना ऑफिसर कहता है किसी नए शख्स को महले में आने नहीं दूँगा
31:55देखो किसकी बात पर रहे हैं अच्छ के पीछे पीछे पकड़े गए हो हो अरसलाम सहाब और फखरी सहाब हम
32:04कब से तलाश कर रहे थे आपको अरे यार देखो यहा
32:19जायर नहीं करें तुम्हें तुम्हें दिखा नहीं सकता के कुट्टे ने मुझे कहां काटा है लेकिन बैट नहीं सकता है
32:47क्यों नहीं हो इसे रोको इन्हें ऐसा करने से एहमाद फिरा पकड़ क्यों नहीं रहे हैं अच्छा ठीक है लेकिन
32:52उनको भी तो ग्रेफसार करो ना तुम समझ क्यों नहीं रहे हो उनके पास घर के कावजाद में हुझूद है
32:56एहमाद यकीन करो यह जूट बोलने ऐसा कु�
33:16ज़िए अच्छा कर ऑफ नहीं रहे हैं है अच्छा क्यों जब तक तो मुझे माफ नहीं कर देखकर तुम्हारा दिल
33:32पे घल जाए और अपने कमरे में रख लेन न अच्छे लगे एगे अच्छे लगेंगे
33:35वैसे तो, मैं एक दफ़ा पहले भी तुम्हारे लिए फूल लाई थी, लेकिन, उस दिन तुम नर्मीन के साथ बातों
33:41में मस्रूफ थे, और फिर घुस्से में मैंने वो फूल फेग दिये, खेर चोड़ो यह सब, जेलो ना,
33:57फिजा यह बुलन कौन है, किसकी बात करे हो यार, यह, सच बताओ, यह फूल चोरी के हैं, नहीं मैं
34:07क्यों चोरी करूँगी यार, मैं खरीदने जाही रही थी कि, यह मुझे कमरे के बाहर मेले, तुम मुझे लगा कि
34:13इतने प्यारे फूलें बरबाद नहीं होने चाहिए, तो म
34:18लगता है कि फ्री हो गए तुम, क्या आप हम बात कर सकते हैं, नहीं, मस्रूफ हूँ मैं, जब तक
34:24तुम फ्री नहीं हो जाते हैं, मैं यहीं पर रहूँगी, चीक है, तुम्हारी मर्जी है, लेकिन उस वाद में होटल
34:28चला जाओंगा,
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