00:00प्रक्रति में तो ट्रांसजेंडर समेशा से पैदा होते रहे हैं, वो हर देश में, हर काल में होते रहे हैं,
00:04पर हमारे समाज में उनके लिए कोई जगा नहीं
00:07भारत में ट्रांसजेंडर सिक्षा वर रोजगार का मुख्य डेटा है, 2011 की census है, 4,888,000 लोग हैं, उनकी
00:15जो शिक्षा में भागिदारी है, वो तब 1500 चात्र हैं, जो उच्छी सिक्षा में है
00:19चार लाग घोशे ट्रांसजेंडर सिक्षा में से 1500 हैं, अच्छा बाकियों को शिक्षा नहीं है
00:230.1% से भी कम है, स्कूल ड्रॉप आउट में 60% से जाधा दस्वी से पहले ही स्कूल
00:29चोड़ देते हैं
00:30जब इसको तुम्हें कमपेर करना चाहिए, जेनरल ड्रॉप आउट रेट, कि जेनरल ड्रॉप आउट रेट कितना है, इनका 60%
00:37है, बाकि जो बच्चे होते हैं, उनका कितना होता है, तो उससे पता चलेगा कि सोशल स्टिक्मा कितना बड़ा है
00:52कोई भी नहीं देने वाला नौकरी, जिनको मिल भी गई है, वो शायद नौकरियां उनके आसपास के दोस्तियार या रिष्टदार
00:57ने दे दियोगी तरस खा करके
00:58हेल्थ केर में एमर्जंसी सर्विसेज डिनाइड है
01:01माने डॉक्टर्स के पास भी जाते हैं एमर्जंसी में तो लगभग आधे डॉक्टर इंकार कर देते हैं, ये मेरे लिए
01:06बहुत ज्यादा चौकाने वाली बात है
01:08पब्लिक लाइफ में 70-90% हरेस्मेंट इन ट्रांसपोर्ट पब्लिक प्लेसेज, 67% एक्सपीरियन्स सीवियर डिप्रेशन
01:20डेथ लिंक्ट टू वाइलेंस 34%, साइट 28%, अन्ट्रीटेड इलनेस 24%
01:27अन्ट्रीटेड इलनेस, क्योंकि या तो पैसा नहीं था, या डॉक्टरों ने प्रभेश नहीं दिया
01:32या फिर वाइलेंस हुआ है, विछ कुछ भी सेक्शूल और सोशल, या फिर स्प्राइट कर लिए
01:36इन्हीं तरीकों से मौत होती है, और वो मौत बहुत जल्दी हो जाती है, आईना देखो कैसे हैं हम लोग
01:45कारण सिर्फ एक, सेक्शूल अप्सेशन, जिंदगी यौनांग से बहुत बड़ी होती है
01:52एक बहुत साधारण सी बात को जीवन का केंदर नहीं बना लेते, आप इनसानों प्रक्रते ने आपको जीने के लिए
02:00प्यादा करा है
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