सवाईमाधोपुर.वार्ड नंबर 21 हाउसिंग बोर्ड हनुमान नगर चौराहा कोल्ड स्टोरेज फैक्ट्री के पास वर्षों से पुलिया टूटी और जर्जर हालत में पड़ी है। यह पुलिया हर दिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का हिस्सा है, लेकिन इसकी खतरनाक स्थिति को लेकर जिला प्रशासन और नगर परिषद आयुक्त को बार‑बार अवगत कराने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिया की हालत मौत का दरवाज़ा बन चुकी है और प्रशासन केवल बैठकों में आश्वासन दे रहा है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या फिर केवल खानापूर्ति कर रहा है।
जिला प्रशासन ने मानसून से पहले पुलिया और सड़कों को दुरुस्त रखने के निर्देश विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए थे। लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। पुलिया जस की तस टूटी पड़ी है और आदेश महज़ कागजी साबित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बरसात में हालात और बिगड़ेंगे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। दुर्घटना का बना है अंदेशा लोगों का कहना है कि पुलिया की जर्जर हालत से हर समय दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। रोज़ाना इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, जिनमें बच्चे, बुज़ुर्ग और महिलाए भी शामिल हैं। प्रशासन की निष्क्रियता से जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और लोग अब यह मानने लगे हैं कि अधिकारी केवल बैठकों और कागज़ी कार्यवाही तक सीमित हैं।
क्या हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन
नागरिकों का सवाल है कि क्या जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी किसी बड़े हादसे के बाद ही संज्ञान लेंगे। पुलिया की हालत ऐसी है कि कभी भी कोई वाहन या राहगीर इसमें फंस सकता है और जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। यदि प्रशासन अभी नहीं जागा तो आने वाले दिनों में यह पुलिया मौत का जाल साबित होगी। निर्देश हवा में, ज़मीनी हकीकत अलग जिला प्रशासन के आदेश और विभागीय बैठकों के निर्देश जनता के लिए महज़ हवा हवाई साबित हो रहे हैं। पुलिया की मरम्मत न होने से यह सवाल और गहरा हो गया है कि क्या प्रशासन वास्तव में जनहित की चिंता करता है या केवल खानापूर्ति कर रहा है। नागरिकों का कहना है कि यदि अधिकारी गंभीरता से काम नहीं करेंगे तो जनता को मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ेगा।
इनका कहना है...
कई बार जिला प्रशासन और नगर परिषद आयुक्त को क्षतिग्रस्त पुलिया की खतरनाक स्थिति के बारे में शिकायत की। बार‑बार चेताया कि यह पुलिया वर्षों से टूटी पड़ी है और हर दिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर लगातार शिकायतें, निवेदन और चेतावनियां दीं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब बारिश में ज्यादा परेशानी होगी। पुलिया की शीघ्र मरम्मत होनी चाहिए। चन्दन सिंह नरूका, पार्षद, हाऊसिंग बोर्ड
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