00:00जैपुर शहर की सडकों को देखकर के आज मन्ना डे का एक पुराना गीत मुझे याद आ रहा है कि
00:06ए भाई जरा देखके चलो आगे ही नहीं पीछे भी दाए ही नहीं बाए भी और नीचे भी क्योंकि नीचे
00:13हैं करीब साथ पुट से लेकर के 25 पुर तक के गड़े
00:17जैपुर शहर में हुई बारिश ने जैपुर शहर के सडक इंफरस्ट्रक्चर और ड्रेनेज इंफरस्ट्रक्चर को लेकर के कई बड़े सवाल
00:25खड़े कर दिये हैं
00:27शहर भर में ऐसी कई तस्वीरे सामने आ रही है जहां पर रोड धस चुकी है, सीवर लाइन बैठ चुकी
00:34है और इसका खामियादा कही ना कहीं शहर की आम जनता और वहांचालकों को भुगतना पड़ रहा है।
00:40जैकपुर में बारिश ने केवल सडके नहीं तोड़ी बलकि उन दावों की परतें भी उधेर दी जिन में मजबू सडक,
00:47भैतर ट्रेनेज और मानसुन की तैयारियों की बाग कही जा रही थी।
01:10एलाकों में सडक तूटने और धसने की घटनाएं सामने आई हैं। बहराल बारिश हर साल होती हैं, सडके भी हर
01:18साल बनती हैं। करोडों रुपे भी हर साल खर्च होते हैं, फिर हर मानसुन में ये सडके क्यूं बहे जाती
01:24हैं इसका जवाब शायव़ welfare जाब के पास नहीं है
01:28राज़ानी की ये तस्वीरे अब आम हो चली है एक नहीं दो नहीं करीब 27 जगे पहली बारिश में शहर
01:36की सडकों की और ड्रेनेस सिस्टम की पोल खोलती ही नज़र आई लेकिन जिम्मेदारी अब तक भी तै नहीं हो
01:43पाई है
01:43आम जंता के बीच भी ये सवाल है कि जब जेडिये प्रशाशन और निगम प्रशाशन करोडों रुपे हर साल इन
01:50सडकों पे खर्श करता है तो फिर जिम्मेदारी क्यों तै नहीं हो पाती
01:53से होगी नरेंद्र के साथ अंकुर जाकारी टीवी भारत जैपुर
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