00:00आलू तो भूतों का दिल तोड़ता है किते आलू ये विदेशी है
00:02अरे मैया रे ये आलू तो विदेशी निकलल हो
00:10आपकी प्लेट पर कुछ बचेगा ही नहीं खाने पीने को
00:13अगर आप वो सब हटाना चाहते हो जो भारतिय नहीं है
00:16चाय विदेशी, समूसा विदेशी, जलेबी विदेशी, आलू विदेशी, टमाटर विदेशी, पुलाओ विदेशी, बिर्यानी विदेशी
00:24वो सब चीजें जो आप बिलकुल अपना मान के खाते हो, वो सब विदेश से आई है
00:29कोई शर्ट पैंट में आ रहा हो तो उसको कहेंगे ये देखो ये ज्यादा
00:32ये लो देखो आगए विदेश के लोग
00:36जब बहुत संस्कृत इवादी होते हैं वो शर्ट पैंट भी नहीं पसंद करते
00:54थे उसको हम कह रहे हैं कि संस्कृत हैं और उस समय की मानसिक और आर्थिक
01:02दशा और विवहार को एक आधुनिक जीवन पर लादना चाहते हैं और इसको कहते हैं कल्चर
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