00:00क्या भूटान ने भारत का E20 पेट्रोल ठुक्रा दिया है?
00:05क्या पडोसी देश ने भारत के एतनौल मिशिन पर सवाल खड़े कर दिये हैं?
00:12या फिर पूरी कहानी कुछ और है?
00:15पुछले कुछ गंटों से सोशल मीडिया से लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स था
00:20एक ख़वर तेजी से वाइरल हो रही है
00:22दावा किया जा रहा है कि भूटान ने भारत के E20 पेट्रोल लेने से इंकार कर दिये हैं
00:28कहा गया है कि भूटान को भारत के पुराने फ्यूल स्टोरेज सिस्टम पर भरोसा नहीं है
00:32ये भी दावा किया गया है कि एथनौल मेरा पेट्रोल पहाड़ी इलाकों के लिए सुरक्षित नहीं है
00:38देखते ही देखते ये ख़वर भारत के सबसे बड़े ग्रीन फ्यूल मिशिन पर सवाल बन गई है
00:43लेकिन कुछी घंटो बाद भारत सरकार ने खुद सामने आना पड़ा और सरकार ने साफ शब्दों में कहा ये पूरी
00:50ख़बर गलत है
00:51तमस्कार मैं हुरी चपराशर और आप देख रहे हैं One India हिंग
01:00आज हम किवल इस विवाद की बात नहीं करेंगे बलकि समझेंगे
01:04कि आखिर E-20 पेट्रॉल क्या है भारत इसे इतना बढ़ावा क्यों दे रहा है भूटान को लेकर विवाद कैसे
01:11शुरू हुआ
01:12और अगर वास्तों में कोई देश E-20 पेट्रॉल लेने से मना करता है तो इसके पीछे वैग्यानिक और तकनीकी
01:18कारण क्या हो सकते हैं
01:19सबसे पहले समझते हैं कि पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ
01:22दरसल शनिवार को कई मीरिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि भूटान ने भारत की तेल कंपनियों द्वारा E-20
01:29पेट्रॉल सप्लाई करने का प्रस्ताव स्विकार नहीं किया
01:32इन रिपोर्ट्स में कहा गया कि भूटान ने दो बड़ी चिंताएं जताएं
01:36पहले भारत के कई फ्यूल स्टोरिज टैंक पुराने हैं और गूसरी
01:40इतनौल मिला हुँआ पेट्रॉल पहाड़ी इलाको और वहां इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लिए पुरी थे उप्यूक्त नहीं माना जा
01:47रहा
01:47कुछ रिपोर्ट्स में तो ये तक कहा गया कि भूटान ने भारत से अनुरोध किया है
01:51कि फिलहाल उसे समाने पेट्रॉल यानि कि बिना एथोनौल वाला पेट्रॉल ही दिया जाए
01:56इन खबरों के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहास शुरू होगे
02:00कुछ लोगों ने इसे भारत की ग्रीन फ्यूल नीती की असफलता बताना शुरू कर दिया
02:18कि तेल विपनन कंपनियों ने यानि की ओम सीजिस की ओर से भूटान को इट्वेंटी पेट्रॉल निर्यात करने का कोई
02:25प्रस्ताव ही नहीं भेजा गया
02:26मंत्राले ने साफ कहा कि भूटान को लेकर जो भी दावे किये जा रहे हैं वो पूरी तरह गलत है
02:32सरकार ने लोगों से अपील की कि केवल पेट्रॉलिया मंत्राले और अधिकरित तेल कंपनियों द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा
02:40करें
02:40यानि सरकार का कहना है कि न कोई प्रस्ताव भेजा गया और नहीं भूटान ने उसे ठुकराया
02:46लेकिन इसके बावजूद ये विवाद इतना बड़ा कैसे बन रहा है यही सवाल अब सबसे एहन है
02:52क्योंकि इस पूरे घटना क्रम ने एक बार पिर देश में E-20 पेट्रॉल को लेकर नहीं बहत शेयर टी
02:59आखिर E-20 पेट्रॉल क्या है इसे भारत में क्यों लागू किया जा रहा है इससे आम लोगों वहानों और
03:05पर्यावरण पर क्या असर पड़ेगा और क्या इसके फाइदे जितने बताये जा रहे हैं उतनी ही चुनौतियां भी मौझू है
03:12चलिए इसकी पड़ताल करते हैं आगे जो की सबसे बड़ा सवाल है कि E-20 पेट्रॉल है क्या बहुत से
03:18लोगों को लगता है कि ये कोई बिल्कुल नया इंधन है जबकि ऐसा नहीं है
03:22E-20 का मतलब है ऐसा पिट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथिनौल और 80 प्रतिशत सामाने पिट्रोल मिलाया जाता है
03:30इथनौल एक तरह का बायो फ्यूल है जिसे मुख्यरूट से गन्ने के रस, शीरे और मुलासिस, मक्का और दूसरे कृशी
03:39उत्पादों से तयार किया जाता है
03:40यानि ये पूरी तरह जिवाश में इंधन नहीं है बलकि कृशी आधारित इंधन है
03:45भारत पिछले कई वर्षों से पेट्रोल में इथनौल मिलाने की नीती पर काम कर रहा है
03:50पहले E5 रहा है, पर E10 और अब धीरे-धीरे E20 की तरह बढ़ रहा है
03:56सरकार का लक्ष है कि भारत आयाते कच्चे तेल पर अपनी निर्भता कम करे
04:01और किसानों की आय बढ़ाने के साथ साथ परियावरन को भी कम नुखान की जाए
04:06भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल आयातक देशों में शामिल है
04:10देश अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से ही खरीदता है
04:15हर साल लाखो करोडो रुपे का विदेशी मुद्रा भंडार सर्क तेर आयात पर खर्ष होता है
04:21ऐसे में अगर पेट्रॉल में इथनॉल मिलाया जाता है
04:25तो पेट्रॉल की खपत कम होगी और विदेशी तेल पर निर्भरता भी घटेगी ऐसा सरकार कहती रहती है
04:31यही वज़ा है कि केंद सरकार इसे उज़ा सुरक्षा से जोड़ कर दोती है
04:35अब सरकार का दावा है कि एथनॉल ब्लेंडिंग कारेकरम की वज़ह से
04:39हजारो करोडो रुपे की विदेशी मुद्रा बचाई जा चुकी है
04:43और फिसानों को भी अतरिक्त आयका सोर्स मिला है
04:46लेकिन हर तकनीक की तरह इसके भी कुछ सवाल है
04:49सबसे पहला सवाल की वाहन की शमता को लेकर रुपता है
04:53क्या हर गाड़ी E20 पेट्रॉल पर चल सकती है
04:55इसका जवाब है नहीं
04:57पुराने मॉडल की कई गाड़ियों को E20 के लिए डिजाइन नहीं किया गया था
05:02हलाके पिछले कुछ वर्चों में अधिकांच वाहन कमपनियों ने
05:05E20 कुंपैटिबल इंजिन रिक्सित करना शुरू कर दिया है
05:08सरकार ने भी वाहन निर्माताओं को इसके लिए समय दिया है
05:12ताकि गाड़ियां भी बिना किसी समस्या के E20 पर चल सके
05:16हलाके जिन लोगों के पास काफी पुराने वाहन है
05:19उनके लिए निर्माता कमपनी की सलाह महत्वपुन माते जाती है
05:23अब बात उस दावेके जिसमें कहा गया है कि एथिनॉल नमी सोख लेता है
05:28ये बात वज्यानिक लोग से पुरी तरह गलत भी नहीं है
05:31एथिनॉल में हाइग्रोस्कोपिक गुण होता है
05:33यानि वो वातावरण से नमी को अपनी और आकरशित कर सकता है
05:37यदि किसी स्टोरेज टैंक की गुणवक्ता खराब हो
05:41उसमें पानी का अरसा वो या लम्डे समय तक रख रखाव ना किया जाए
05:45तो इंधन की गुणवक्ता प्रभावित को सकती है
05:48लेकिन यही कारण है कि आधुनिक इंधन भंडारन प्रिनालियों में
05:51विदेश टक्निकों और उनके मानकों का पालन किया जाता है
05:54यानि यह समस्या केवल इथनॉल की नहीं है
05:57बलकि स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवक्ता पर भी नर्भर करती है
06:02यही वज़य है कि कुछ विशिशग्या हमेशा कहते हैं
06:05कि यदि किसी देश में E20 या इससे अधिक एथनॉल मिश्रित इंधन लागू करना हो
06:09तो के और पेट्रोल बदलने से काम नहीं चलेगा
06:12पूरी सप्लाई चेन, स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन, ट्रांस्पोर्ट सिस्टम
06:17और पेट्रोल पंप के उपकरन भी उसी स्तर के होने चाहिए
06:21यदि कहीं भी तक्नीकी कमी भूगी तो इंधन की गुनवक्ता प्रभावेत हो सकती है
06:26अलाकि भारत की सरकारी तेल कमपनिया लगतार अपने इंफ्रस्ट्रक्चर को अपग्रेड करने का दावा करती रहती है
06:33अब सवाल ये भी है कि अगर सरकार कह रही है कि भूटान को कोई प्रिस्ताव नहीं भेजा गया
06:39तो फिर ये रिपोर्ट आई कहां से
06:41दरसल कुछ विदेशी और छेत्रिय मीडिया प्लैटफॉर्मस में प्रकाशित रिपोर्ट्स के आधार पर ही चर्चा शुरू है
06:47बात में कई भारते मीडिया संस्थानों ने भी उन्हें रिपोर्ट्स का हवाला दिया
06:51लेकिन जब मामला तेजी से वाइरल हुआ
06:53कि पेट्रॉलियम मंत्राले ने आधिकारिक स्पष्टी करन जारी कर दिया
06:57इसका मतलब ये भी है कि अंतराश्टिय मामलों में आधिकारिक पुष्टी से पहले
07:02किसी भी रिपोर्ट को अंतिन सच मान लेना सही नहीं होता
07:06भुटान भारत का बहुत करीबी पडोसी है और रणितिक साजितार की है
07:11उर्जा व्यापार, सडक, संपर्क, बिजली और विकास परियोजनाओं में दोनों देशों के संबंध बहुत मस्बूत है
07:17भुटान अपनी अधिकांश पेट्रोलियम जरूर्टों के लिए भारत पर निर्धर है
07:23इसलिए गर वास्तों में इंधन आपूर्टी में कोई बड़ा बदलाव होता है
07:26तो उसकी आधिकारिक जानकारी दोनों देशों की ओर से साम्याद
07:30पिलहाल ऐसा कुछ नहीं है
07:32अब एक और में है तो कुण सवाल
07:34क्या दुनिया के दूसरे देशों में भी E20 इथनॉल मिश्ट इंधन का इस्तिमाल है
07:39जवाब है हाँ
07:40ब्राजील इस मामले में दुनिया का सबसे बड़ा उधारण है
07:43वहां कई दशकों से पेट्रोल में काफी अधिक मात्रा में एथनॉल मिलाया जाता है
07:48कई वहां तो लगभग पूरी तेरहे एथनॉल आधारित इंधन पर भी चलते हैं
07:53अमेरिका भी एथनॉल ब्लेंडिंग करने वाले प्रमुक्र देशों में शामिल है
07:56यानि ये कोई केवल भारत का प्रियोग नहीं है
07:59बलकि दुनिया के कई बड़े देशों में अपनाया जा चुका मॉडल है
08:02हलाकि हर देश की परिस्तितियां अलग होती है
08:05वहां की जलवायू, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर, वहां तक्नीक और प्रिशे उत्पादन के आधार पर
08:11ब्लेंडिंग प्रितिशत तैप किया जाता है
08:13इसलिए किसी एक देश के अनुभव को दूसरे देश पर पूरी तरह लागू नहीं किया जा सकता
08:20भारत के लिए E20 के वल पेट्रोल बदलने की ओजना नहीं है
08:23बलकि उर्जानीती का बड़ा हिस्सा है
08:26इससे एक तरफ किसानों को गणना और मक्का जैसी फसलों का नया बाजार मिलता है
08:30दूसरी तरफ तेल आयात कम करने का लक्ष भी जुड़ा कुआ है
08:34लेकिन इसके साथ ये भी जरूरी है कि वाहन माली को को सही जानकारी नहीं है
08:39इंफ्रस्ट्रक्चर मजबूत बनाया जाए
08:41और तक्नीकी मानों को से कोई संजोता ना किया जाए
08:45फिलाल सबसे बड़ी बात यही है कि जिस खबर ने पूरे दिन सुर्खिया बटोरी
08:49उसे कुछ भारत सरकार ने तर्थ्यात्म प्रूप से गलत बताया
08:52यानि इस समय उपलग आधिखारिक जानकारी के अनुसार
08:55ना तो भारत ने भूटान को E-20 पिक्ट्रोल निर्याद करने का कोई पिस्ताव भेजा है
09:00ना ही भूटान ने ऐसा कोई पिस्ताव ठुकराया है
09:03लेकिन इस पूरे विवाद में एक बात जरूर साबित कर दी
09:07कि E-20 को लेकर लोगों के मन में अभी भी कई सवाल है
09:11बाने वाले समय में जैसे जैसे देशों पूरी तरहे E-20 की और बढ़ेगा
09:16वैसे वैसे इन सवालों के जवाब भी उतने ही महतोपून होते जाएंगे
09:20यही वज़ह है कि किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले
09:24आधिकारिक जानकारी और वैज्यानिक तत्यों को समझना सबसे ज्यादा ज़रूरी है
09:30इस explainer में इतना ही लेकिन E-20 से जुड़ी और भी नई जानकारी अगर सामने आएंगे
09:36हम आपको ज़रूर बताएंगे तब तक बेश दुनिया के बाकी खबरों के लिए देखते रही वन जाएंगे
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