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'Truth Without Apology'
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पूरा वीडियो : रील्स के शोर में — तुम्हें मज़े नहीं, झटके चाहिए || आचार्य प्रशांत (2025)
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#acharyaprashant

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Transcript
00:00अचायजी जी मेरा सवाल ये है हमारी आल्रेडी 160 प्लक्स बुक्स है आपने 160 किताबे लिखी हुई है फिर कारण
00:08है कि आपने समय निकाल लिखी ये किताब लिखी ये अभी हर कहीं में चल रही है
00:14Amazon पे, Twitter पे और बाकी सारी जगह है तो क्यों जरूरी है सबको की ये किताब पढ़े है देखो
00:22भई रील्स का जमाना है
00:27आप लोग सब attention deficit वाले लोग हो है ना तो बिल्कुल ठीक कह रहे हो आप इसमें कुछ भी
00:38ऐसा नया नहीं है जो पुरानी किताबों में न हो
00:43लेकिन उसको और ज्यादा प्रभावी तरीके से लिखा गया है
00:55बाकी किताबों में बात बिल्कुल शुद्ध है, साफ है इसमें बात को एक ब्रिविटी और intensity दी गई है
01:10संक्षिप्त करा गया है और सघन करा गया है तीवर करा गया है तो वही बात जो आप दूसरी जगह
01:22सुनते हो या दूसरी किताबों में पढ़ते हो तो बस वह बॉचहार जैसी लगती है
01:28वो इसमें इतनी ज्यादा densely packed है कि इसमें वो machine gun की गोली की तरह लगेगी
01:37मैं बहुत बार लंबे वाक्यों में बात करता हूँ क्योंकि विचार का प्रवाव ऐसा ही होता ना
01:42कि एक बात शुरू यह कई बार वो लंबी जाती है इसमें जो चीजे हैं वो stoketto है मतलब जिन्होंने
01:52पढ़ ली होगी उन्होंने देखा होगा कि sentences छोटे हैं
01:57वो इसी लिए हैं ताकि वो जल्दी से अपना काम करके निकल जाए और आपको चतुराई का मौका ना मिले
02:05इससे पहले कि आप बच सको इससे पहले कि आप पन्ना पलड़ कर भाग सको एक वाक्य भी अपना काम
02:13कर जाए
02:14मैंने कई बार बोलाए कि इस किताब में आप कहीं से भी शुरू करोगे तो पढ़ सकते हो वो आधी
02:20बात है
02:21पूरी बात यह है कि इसमें किसी भी पन्ने के बीच से भी शुरू करोगे तो भी काम हो जाएगा
02:28और शायद इसलिए
02:33लोग इसको ज्यादा पढ़ भी रहे हैं पसंद भी कर रहे हैं है ना
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