00:00मुझे रात को बाहर निदलने का शौक है तो अभी दो-चार महीने पहले की बात है मैं गया इन
00:06गेटर नोड़ा में बैठ गया वहाँ पर तो-चार इटरीज है तो वहाँ बहुत सारे ये खड़े गोते हैं वह
00:13अपना बड़े खुशी-खुशी बात कर रहे थे कि ऐसा है वह
00:16उनको बड़ी मौज आ रही थी तो मैंने उनने ऐसे दोजार को पुला लिए मैं का कैसा चालगा है जिनगी
00:22में बहुत कुश है बड़ा मजा आ रहा है बला हमने तो नाइट वाली पकड़ी है तो ट्रैफिक भी नहीं
00:27मिलता और बड़ा सही रहता है तो कोई समस्या ही नहीं
00:32लाइफ बिल्कुल कूल है अच्छी बात है मैं कहा कितना कमाते हो महीने का तो कोई बोला 12,000 कोई
00:41बोला 15,000 को लेक्ना मिल रहा है पुराई नावकरी में इतना मिलता भी नहीं था फिर मैंने उनसे दो
00:47चाल बाते पूछी हूँ बहुत जादा पूछने का मेरा दिल नहीं ह�
00:53मैंने पूछना शुरू किया तो मारा फ्यूल कितना लगता है वो उन्होंने ठीक से कल्कुलेट ही नहीं करा था फिर
01:00मैंने उनकी बाइक के बारे में पूछा और नहीं ठीक से कभी देखा नहीं था कि बाइक में उनका कितना
01:06लग जाता है एकदम मेरे हिम्मत नहीं हुई कि मै
01:22यह हम सब के साहत है, इसकी 15,000 है, और रोग दूसरा व्यक्ति हो सकता है, आइटी प्रोफेशनल है,
01:29नया नया उसके हो सकता है कि साल का पंदरा लाग का पैकेज हो, उसको भी नहीं पता है कि
01:35उसकी जो कंपणिये उसे कुल मिला के पंदरा लाग नहीं, दो इचार लाग देती
01:39हैं बाकी तो उसका अपना खर्चा है पर हम अपने आपको खूब वियुकूफ बनाई रहते हैं सेल्फ डिसप्शन अध्यात में
01:48इसलिए जरूरी है ताकि आपने विज्डम हो कि आप समझो कि पंदरा लाग की ऐसी नौकरी जिसमें आपके पास रियल
01:56एक्रूल चार का होता ह
01:58उससे बहतर है छे लाग की नौकरी जिसमें आपके पास रियल एक्रूल पांच का होता है पर हम इस तरह
02:05कि अकाउंटिंग कभी करते नहीं है