00:00कर दो पो एंग ब्रप्ट दिक हैं वल खोरो भालत मुड़ों शपर्ण करो आदिए जिता देंए तो कि बूल जा
00:25लुट्र जिए ऑने लिए यदिए यदादों आप बीजसें के एंदिएए यदिए इस सब्सक्राद दिय्दू कर देंएए अनemu कुछिए कर दोड़ों
00:29गलता
00:42बोले के बच में दुनिया सारी रहे
01:00बोले बोले के बच में दुनिया सारी रहे
01:07बोले के बच में दुनिया सारी रहे
01:29पश्मिर के उपराजपाल जो कि अमरनाश राइन बोर्ड के अधिक्ष भी हैं मनोज सिन्हा ने जंडी दिखा कर पहले काफले
01:36को रवाना किया लेकिन इस काफले में जहां एक तरफ 260 के करीब बहन और 5800 से भी ज्यादा शदालू
01:44थे उससे पहले ही हजारों की तादाद में श
01:57जाम यहां पर लगा हुआ है कि कि कई सारे शदालू जो है वो अपने वहानों से आते हैं उसके
02:03साथ-साथ जो काम करने वाले होते हैं वो लोग हैं तो यह आप देख सकते हैं यहां पर बाल्टल
02:09के पास कितना लंबा जाम जो हैं पहले जथे के साथ-साथ उन शदालू का ल
02:27इस्तल है जो कि बेस्टेशन्स हैं बाल्टल का जहां पर मैं खड़ा हूँ और दूसरा जो नुनुवन बेस्टेप है वहां
02:35पर भी रात बर जो हैं शद्दालू आराम करेंगे और कल सुबह पहली रोशनी के साथ ही अमरनाद गुफा की
02:41और बढ़ेंगे इस पड़ाओ की क्य
02:46वहान उसे आया जा सकता है बाल्टल तक बाल्टल में फिर वहान वहां से आगे नहीं जाते हैं और वहां
02:53से ये यात्रा जो है पैदल शुरू हो जाती है और बहुत कठीन यात्रा मानी जाती है अब तो सुदाएं
02:59बहुत बढ़ाई गई हैं पकी सड़क बनाई गई है अमर
03:15या गोड़े की मदद से अमरनाद गुफा तक पहुंच सकते हैं पहले इन मेरे कैमरा में अंतारे का आपको दिखाएंगे
03:21कि अमरनाद गुफा है कहां मैं इस वक्त बालटल में खड़ा हूं मेरे पीछे जो ये पहाड आपको दिख रहे
03:25हैं इसी पहाड के बीच से होता हुआ
03:28ये पैदल रास आ जाता है और अगर डिस्टनस देखें तो बहुत कम है लेकिन चड़ाई बहुत खतरनाक है वहां
03:36तक जो है ये शद्दालों को ये यात्रा जो है पैदल करनी होती है और वहां पर चलना होता है
03:42कई सारे शद्दालों यहां पर जो पहले जथे के साथ हैं व
03:5532 यात्रा कर चुका हूँ 33 यात्रा है हमेशा पहला जथा पहली यात्रा पहले दिन हाँ तीन साल से लगा
04:03था पहले दिन तो आज अभी यहां पर जाम लगा हुआ इसी के कारण आप नीचे उतरे हैं तो लेकिन
04:09बालटल पहुच गए हैं तो कितनी मन में यह एक तरह की खुशी
04:13है कि पहले जथे के साथ आप अमरनाथ गुफा की होट है बड़े खोसे हम लोग बाबा के आसिरवाद हमें
04:18मिल रहा है और हम पहले जथे में पहले दिन पूरी के पूरी उमीद हम दर्सन कर लेंगे हैं तो
04:27अबी हम जो हैं हमारे कई सारे समवादा आता जो है इस अमरनाथ �
04:36यात्रा को जग जग पर हर जथे के साथ कवर कर रहे हैं हमारे सहीओगी जितन दर बहादुर सिंग इस
04:42वक्त बाल टाल में हैं किस तरह से अब की बार अमरनाथ यात्रा के लिए चपपे चपपे पर सुरक्षा के
04:48कड़े इंतिजाम किये गए हैं ड्रोन से निगरानी रखी जा
05:15के लिए लगे हुए हैं देखे जितन दर बहादुर सिंग की ये रिपोर्ट
05:35पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुँचेंगे सुरक्षा की अगर बात करें तो सिक्योर्टी फोर्स यहां पर लगाई गई है पैरा मिलिट्री
05:43फोर्स और इसके साथ साथ यहां पर जो जम्मू कश्मीर पुलिस है उनको भी तैनाद किया गया है लाइनों में
06:03जो लोग य
06:05पहाड़ी इलाका है और यहां पर टेंट सिटी पूरी तरीके से तयार किया गया है जिसमें 10-15,000 लोग
06:10एक साथ यहां पर रुख सकते हैं और उसके बाद यहां से यह सीधे पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए जाएंगे
06:17यह में कैम्प है बाल्टाल का कैम्प है यहां से �
06:21लोग आगे की तरफ बढ़ते हैं बेस कैम्प में यहां पर अलग अलग तरीके की सुविधाये भी लोगों को मिल
06:26रहे हैं यह आप देख सकते हैं कि on spot registration सेंटर जो तयार किया गया है इसमें किस तरीके
06:34से RFID सेंटर बना हुआ है पार्किंग के लिए किस तरीके की सुविधा
06:37है और इसके साथ साथ hospital और information desk भी तयार की गई है तो लोगों को किसी भी तरीके
06:43की दिक्कत नहों बाबा बरफानी के जो भक्त हैं उनके लिए हर एक तरीके की वेवस्ता की गई है दूसरी
06:50तरफ security को आप देख रहे हैं कि सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किये गए हैं चारों त
07:06security forces ने ऐसे ही कैम तयार किये हैं और इन कैमपों में लोग आकर के पहले रुकते हैं पहला
07:12जथा जो है वो कल सुबह यहां से रवाना होगा सुरक्षा की पूरी तयारियां बालटाल बेस कैम पर भी कर
07:18ली गई है ग्राउंड जीरो पर आज तक की टीम मौजूद है तस्वीर
07:34जथा कल सुबह दर्शन करने के लिए बाबा वर्फानी के यहां से निकलेगा यहां पर आप देखिए कि security forces
07:41ने पूरी तयारी कर ली है जो लोग यात्रा करने के लिए आ रहे हैं उनके लिए भी बालटाल बेस
07:49कैम से भी यहां पर परयाब तयारियां की गई है टेंट में र
08:04पर आता है तो उसको पहँचान करके जो है उसकी तलाशी ली जा सके तो इस तरीके की विवस्था security
08:11forces के द्वारा यहां पर किया गया है और यही मकसद है कि जो पूरी यात्रा तीन जुलाई यानि कल
08:17सुबह से जो शुरू हो रही है वो 28 अगस्त तक चलेगी रक्षा बंधन
08:33सबसे पहले दिखाते हैं कि कितनी बड़ी टेंट सिटी यहां पर तयार की गई है आप देखिए यहां से सीधे
08:40तस्वीरों में देख रहे हैं कि यह जो आगे रास्ता डोमेल की तरफ जाता है पूरा यहां से लिकर के
08:46वहां तक पूरा एक बड़ा भव्य टेंट सिटी तया
09:03इसलिए यहां ठहरने की उचित विवस्था यहां पर की गई है आप पूरा सामने तस्वीरों में देख रहे हैं कि
09:10किस तरीके से पूरा इस घाटी में एक शहर जैसा बसा हुआ है जहां पर 10-15,000 लोग एक
09:16साथ यहां पर रह सकते हैं उनकी सिक्यूरिटी के विवस्था है इस
09:32सीधे पवित्र अमरनात गुफा के लिए जाता है जहां से लोग या तो पैदल यात्रा करते हैं या खचर के
09:39जरिये यहां से यात्रा करते हैं क्योंकि इस बार भी हेलिकॉप्टर सेवा यहां पर नहीं दी गई है हेलिकॉप्टर की
09:45विवस्था नहीं है जिनके RFID बने हु�
09:51वही लोग इस पूरे इलाके में आकरके यात्रा कर सकते हैं सिक्योरिक्शा यहां पर चाकचोबंध है और इस पूरी टेंट
10:09सिटी में हर एक जगए चप्पे चप्पे पर सिक्योर्टी फोर्स सीज को तैनात किया गया है
10:17दरसल बाल्टल का रास्ता जो है अमरनाथ गुफा का सबसे नजदीक रास्ता है
10:21इसलिए शद्दालों के बीच में काफी लोग भी है
10:23जीतंदर बहादुर सिंग हमारे साथ सीधे जुड़ गए हैं बाल्टल बेसकेम से
10:27जीतंदर पिछले साथ बार भी हमने देखा था कई बार आप अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं
10:32हर पहलू को समझते हैं अब की बार जो है अमरनाथ यात्रा में किस तरह से आपको बदलाव लग रहा
10:38है
10:39पिछले साल के मुकाबले में किंकि शायद मातर आप ही एक मातर जनरिस्ट थे जो पिछले साल पहले दिन अमरनाथ
10:46गुफा तक पहुंचा था
10:46तो अब की बार आपको क्या बेहतरी दिख रही है इंदी जामों में चाहिए वो सुरक्षा के हो लाजिस्टिक्स के
10:53हो और सबसे मेतरपूल बाद जो मैं आपसे पूछना चाहता हूँ
10:56मौसम कल से खराब हुआ है पूरे अगर हम कहें कि सभी नार्दर्न स्टेट्स में जमु कश्मीर में भी ऐलर्ट
11:03है चार पांच दिन वार्शूं का कल हमने देखा कि कई सारी जगों पर कलाउड बर्स्ट हुए और उन से
11:10भी जो है कई जगों पर फ्लेश फलड आए तो अमर
11:24की आरेफ और डिजास्टर मनेजमेंट की तरफ से किस तरह की तैयारिया है अगर कोई मोसम में बदलाविया खराविया थी
11:30है
11:35बिलकुल असरफ किस तरीके की तैयारी हैं ये सबसे पहले ग्राउन पर आपको दिखाते हैं मैं इस वक्त बालटाल बेस
11:41पर मौझूद हूँ और यहाँ पर पूरी तरीके का इंतजाम कर लिया गया है
11:45सबसे पहले बताते हैं कि सिक्योरिटी फोर्सेस की क्या इंतजाम किये गए है यहां पैरा मिलिट्री फोर्स यार पी अफ
11:51को तैनात किया गया है नीचे बालटाल बेस कैम्प में इसके साथ स्राइन बोर्ड के दौरा जो है यहां पर
11:58टेंट तैयार किये गए है जिसमें स्रध
12:14जाने की तरफ जो रास्ता जाता है यही रास्ता है डोमेल से उपर पवित्रमरनाथ गुफा तक जाने के लिए तो
12:21इन तमाम चीजों की तैयारिया की गई हैं अगर उचाईयों वाले इलाकों की बात करें तो वहां पर ITVP को
12:27तैनात किया गया है इसके साथ ही अलग-अलग पै
12:43सिच्वेशन जमू कश्मीर के कई लाकों में हमने देखा है तो क्या इस तरह की सिच्वेशन यहां पर भी बन
12:51सकती है इन तमाम चीजों को ध्यान में रखते हुए जो माउंटेन रेस्क्यू टीम है उनको अलर्ट किया गया है
12:56और यह कहा जा रहा है कि वो लोग अलर्ट रह
13:12है तो तैयारी पूरी है इस पूरे इलाके में असरफ और सबसे बड़ी बात यह है कि पवित्रमरनाद गुफा की
13:19यात्रा करने के लिए जो जथा आता है जो जम्मू से सुबह आज तड़के रवाना हुआ था वो तो अभी
13:25आपने देखा आप वहीं पर मौजूद है वहां
13:42उनको डोमेल से आगे की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा इसके साथी QR कोड आधारित जो है वो सिक्यूरिटी के
13:49जो तमाम फीचर्स दिये गया है जिसमें कोई भी व्यक्ति मोबाइल के जरीए ये चेक कर सकता है कि किस
13:55व्यक्ति का क्या प्रोफाइल है और उसको QR कोड दि
14:12शुक्रिया जितंदर और दरसल आपने जो बात की कि जो पहचान एप आपकी पहली बार अमरनाथ यात्रा में जो मकश्मीर
14:20पूलीस और सुरकशा एजिंसिंग की तरफ से जारी किया गया है क्योंकि अमरनाथ यात्रा में शदालों के साथ साथ हजारों
14:27की तादाद में मज�
14:42किसी का गोड़ा ले रहा है किराय पे किसी की पालकी ले रहा है किसी दुकानदार से कोई सामान करीद
14:47रहा है
14:47तो वो उसकी पहचान का पता एक मिनिट में लगा सकता है अपने मोबेल से उसका जो पहचान एप है
14:56उसको सकेन करके
14:58तो जाहर है कि अमरनाथ यात्रा में आने वाले 57 दिन तक इसी तरह का गहमा गहमी रहेगी
15:04और अभी भी हम देख रहे हैं यहां पर कितने सारे लोग जो हैं जाम में फसे हुए हैं
15:09तो मैं आपको शुरू में कह रहा था करीब कई किलो मीटर पांच से छे किलो मीटर लंबा यह जाम
15:13है और सडकें तंग है इस भी जो है कहीं न कहीं इस तरह के बड़े महत्सो या अमरनाथ यात्रा
15:20के पहले दिन इस तरह से कुछ जो है गड़बरिया होती है लेकिन आने वाले
15:23दिनों में यह सुधर जाएंगी यहां पर और भी कुछ दालू हैं जो यहां पर जाम में फसे हैं उनसे
15:28बात करते हैं अपना नाम बताई नरेंदर कुमार हधराबाद से तो कब से आप अमरनाथ यात्रा कर रहे हैं और
15:34पहले जथे में आज शामिर वे हैं आप पहले तारी �
15:43कौन सी मिली है दर्शारी की इसका मतलब है कल आपको इंतिजार करना पड़ेगा बाल टाल में चार तारी को
15:49आगी जाब पड़े हैं और महाराश्टर के चत्रपती संबाजी नगर जिला से आया हूं और हमको तीन तारिक दी गई
15:57है अभी हम 4-5 गंटे से निकले है लेकिन लग
16:13से थी कि थोड़ा सा बरसा तो अगरे थंड लगेगी बहुत गर्मी है एक्चुली देखा जाए तो हम फर्स टैमी
16:18आया है और सभी बात बोले तो अश्रप जी हम आपको बहुत अच्छे से देखते आज तक पर आपको मिलना
16:24था इसलिए हम आपको देखिया है बहुत अच्
16:40कारूं का कहना है कि ये गलोबल वार्मिंग है और ये जो गलोबल वार्मिंग है इसका असर नसरिफ यात्रा में
16:46आने वाले लोगों को दिखरा है बलकि साथ ही साथ जो प्राकृतिक तोर पर अमरनाद गुफा में बनने वाला शिवलिंग
16:53होता था जो पहले पूरे यात्रा
16:55के मयाद के दोरान जो है पूरी तरह से वहां पर मौजूद रहता था लेकिन अब पिछले कुछ सालों के
17:01दोरान सबसे बड़ी चंता जो बगतुं को है जिसको लेकर वो सबसे पहले अमरनाद गुफा पहुचना चाहते हैं और पवितर
17:09शिवलिंग के दर्शन करना चाहते हैं
17:11पूरे समय तक शिवलिंग रहने ही पाता है क्योंकि पहाड़ों में जहां तापमान यातरा के दोरान 15-16 डिगरी होता
17:18था वहां पर भी अब दिन का तापमान 25 डिगरी तक पहुचता है और दूसरी तरफ से जिस अंदाज से
17:24अब अमरनाद गुफा में लगातार शद्दाल
17:40जिस तरह का पहला रहता है अगर अमरनाद गुफा की बात करें या अमरनाद यातरा की बात करें दो प्रमुख
17:47रास्ते हैं एक तो बाल्टल जहां पर मैं खड़ा हूँ दूसरा रास्ता जो की पहल गाम से होते हुए चंदनवारी
17:53और फिर शेशनाग और फिर पंच्तरनी �
17:56और फिर आखर में अमरनाद गुफा पहुँचता है वो सबसे लंबा रास्ता है 45 किलो मिटर पैदल ये यातरा वहां
18:03शदालों को करनी पड़ती है और दो दिन का समय लगता है जबकि बाल्टल वाला रास्ता जो है वो मातर
18:0911 किलो मिटर है बहुत कटिन चड़ाई है और एक
18:25कि गई है चाहे अमरनाद गुफा हो चाहे तिर अलग अलग पड़ाव हो लेकिन प्रमुक बेस केम्प नूनवन और बाल्टल
18:32जो है वहां पर हर तरकी सुदाये हैं 20 से 25,000 शदालों वहां पर एक समय रुक सकते हैं
18:38अगर कभी रास्ता खराब होता है यातरा रोग दी जाती
18:55यह पी से अंधरा प्रदेश से यातरा पहले कभी कि आपने या पहली बार यातरा पर जा रहे हैं तो
19:02क्या सुना था अमरनाथ यातरा की बारे में और यहां पहुंचकर क्या लग रहा है तो आंधरा में के हैं
19:09क्योंकि अब आप देख सकते हैं कि लोग प्रिता क्या बड़ी
19:36बाबाबाजी के बारे में तो बहुत बच्मन से ही सुन रहा है
19:38कि इस बार तो मेरा लख है जो यह रहा है वह जो है
19:44जै स्री अमर्नार!
19:47जै स्रीय अमर्नाद जै स्रीय अमर्नाद नाप जै स्रीय अमर्नाद तो यहां पर
20:13अमर्नात यात्रा की और बढ़ रहे शद्दालों के उत्सा में कोई कमी नहीं है और यही जैकारा है जो कहीं
20:19न कहीं उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत इस कठिन यात्रा में देता है
20:23आज तक में बस सिर्फ इतना ही दे दीजे इजाज़त मिलते हैं अगले बिर्टिन में तमशकार
20:56बंबं भोले के ये जैकारे अमर्दात की महिमा का बखांग
21:08भग जूम रहे हैं गा रहे हैं और बावा बरफानी के प्रती अपार शद्दा को प्रकट कर रहे हैं
21:19सिर्फ एक दिन की बात है अब जम्मू से रवाना हुए इन में से कई भगत अमर्दात को फाजाकर पवित्र
21:25दर्शन करेंगे
21:29उस पावन और दिव्य दर्शन के लिए भगतों का ये पहला चत्था आगे बढ़ चुका है
21:37शिफ के धाम की तरफ शद्दालू बढ़ रहे हैं जैकारे लगा रहे हैं टमरू बढ़ चुके हैं
21:47वो पलब बेहत करीब है जब इन शद्दालू की मनुकामना पोरी होगी
21:55सब्सक्राइब कुणि कर सकते हैं शिफते मनमें एक आजा साय कि मन सब्सक्रा पोर्ट कर सके है अधरन अ Kü시
22:29जम्मू के कैंट सी अमर्णाथ यात्रा के लिए पहुचें शर्धालो का उत्साह उत्साब में बदलता नजर आ रहा है
22:50और इन शर्धालों में खासा प्रसंदा आ है क्योंकि इनका नंबर जो है पहले जट्से में आ गया देखे बच्चे
22:56भी है महिलाएं भी है और चहरे पर इनके मुस्कान देखे प्रसंदा की अनुभूती रेखे के खासा उत्साहिता इस स्यात्रा
23:04को लेकर जिया पता ही आपका
23:36प्रसंदारी पर भकतो का कुछ ऐसा ही विश्वास है
24:01तमाम दुखों को हरने की और संकट का नाश करने वाले बावा बर्फाने की शक्ति ऐसी कि कोई भर्त निराश
24:08नहीं होता
24:25इस आस्था के साथ काफिला जम्मू से पवित्र सफर पर निकल पड़ा
24:39बम बम भुले और हर हर महादेव के जैकारे से पूरा जम्मू गुझ उठा
25:07जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास पेस केंप से पहले चत्थे की रवांगी हुई है
25:16उबराजिपाल ने सुभा पहले पूजा अर्चिना की फिर शद्धालू के पहले जत्ते को हरी जड़ी दिखाई और तीर्थी यात्रा के
25:23लिए रवाना किया
25:24जम्मू का पहला जत्ता कश्मीर घाटी की तरफ रवाना हो चुका है और आप देख सकते हैं कि श्रद्धालू में
25:30खासा उट्सा है बंबं भोले और हरर महादेव का जैगोश हो रहा है देश के अलगलग भागों से श्रद्धालू पहुच्चे
25:36इस यात्रा के लिए जात्
26:11जम्मू से रवाना हुए श्रद्धालू पहल गाम और बालचाल के बीज
26:14कैम्प पहुचेंगे सबी टीर त्यात्री रात में उन बेस कैम्पों में ही रुकेंगे फिर तड़क अमर्दाद के लिए उनकी पवित्र
26:21रियात्रा शुरू हो जाएगी
26:55बालचाल से अमर्दाद तक की दूरी 14 किलो मीटर है वहाँ से बेस कैम्प तक पहुचने में कुछ घंटे लगते
27:02हैं
27:04ऐसे में पहले जटे की रवांगी को लेकर साथू संतों को पूर्ण विश्वास है कि पवित्र यात्रा मंगल में होगी
27:11और यात्रा ये 58 दिनों की यात्रा है और मैं समझता हूँ मंगल में होगी
27:18और इस यात्रा में पूरे विश्व में एक अच्छा संदेश इस यात्रा से जाता है और वो जाएगा इसमें कोई
27:27संदेश नहीं है जैसरी राव
27:29अमरदाप के लिए जम्मू से आज पहला जत्ता रवाना हुआ और कल से पमित्र दर्शन शुरू हो जाएंगे
27:39जम्मू से सुनिल जी भट के साथ आज तक विरो
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