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  • 2 days ago
केतन की मौत पर सिर्फ तमाशा! डमी से सीन रिक्रिएट कर सुर्खियां बटोरीं, फिर भूल गई पुणे पुलिस, देखें वारदात

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00:09पूने पुलिस ने केतन की मौत का मजाक बना कर रख दिया है
00:13केतन की मौत का सच जानने के लिए दो दो बार जो डमी ट्राइल किया गया
00:18और जिसको लेकर पूने पुलिस ने सुरुखियां बटोरी
00:21वो सब कुछ सिर्फ तमाशा निकला
00:2428 जून को सिया ने पहाड़ी पर जाकर पूने पुलिस के कहने पर जिस टबी को ठका दिया था
00:30वो डमी पिछले तीन दिनों से पहाड़ी के नीचे लावारिस हालत में पड़ी है
00:35इस दोरान पूने पुलिस या फॉरंसिक टीम का एक भी सदत से उसकी जाच के लिए वहाँ नहीं पहुचा
00:42अब सवाल यह है कि बिना जाच के डमी ट्राइल का नतीजा पुलिस या फॉरंसिक टीम कैसे पता करेगी
00:52यह तस्वीर तो याद होगी आपको अभी तीन दिन पहले की ही तस्वीर है
00:57जब 28 जून को पूने पुलिस पूरे ताम जाम के साथ सिया को अपने साथ लोगड किले की पहारी पर
01:04ले गए थी
01:05सुबह सुबह
01:07फिर पहारी की चोटी से खबर आई कि पूने पुलिस और फॉरंसिक टीम ने केतन के कतकाठी और वजन की
01:14एक ड़मी तयार किये
01:15जिसे सिया के हाथों थी उसी जगा से नीचे फिकवाया गया जहां से 18 जून को केतन को धक्का दिया
01:22गया था
01:23पहारी से सिर्फ खबर इसलिए आई थी क्योंकि पुलिस ने उस दिन मीडिया के ऊपर आने पर रोक लगा दी
01:29थी
01:29बाद में एक धुंदली सी तस्वीर आई जिसमें पहारी से एक पुतले को नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है
01:37पुले पुलिस का रीक्रेशन हत्म होता है, डमी खाई में जाती है और पूरी पुलिस टीप सिया को कुछी संदाज
01:44में अपने साथ
01:45नीचे लाकर मीडिया के भीड के बीच गारी में बिठाकर चली जाती है
01:51इसके बाद हर चैनल पर खबर थी
01:54खबर पूरे पुलिस के री क्रियेशन और डमी ट्राइल थी
01:57लोगों को लगने लगा सच्प में पूरे पुलिस बहुत मेहनत कर रही है
02:05लेकिन अब जो तस्वीर आपको दिखाने जा रहा है
02:07और उस तस्वीर की जो कहानी सुनाने जा रहा है
02:10उसे देख सुनकर भी आपको बड़ी मुश्किल से यकीन आएगा
02:19ये लोगल किले की खाई में पड़ी एक डमी है
02:25और ये तस्वीर एक जुलाई की है यानि आज की
02:32जानते हैं ये किसकी डमी है
02:34इसे किसने उपर से नीचे फेंका
02:37और ये यहां अभे इस तरह लावारिस हालत में क्यों पड़ी है
02:41तो सुनिए ये केतन की वही डमी है
02:44जो 28 जून को पुलिस और फॉरंसिक टीम के कहने पर
02:48सिया ने पहाड़ी से नीचे धक्का देकर फेंका था
02:53ये डमी पिछले तीन दिनों से इस जगह पर इसी तरह लावारिस पड़ी है
02:57पिछले तीन दिनों में पुले पुलिस या फॉरंसिक टीम का एक भी मेंबर
03:02यहाँ ये देखने नहीं आया कि डमी ट्राइल के दौरान ये डमी उचाई से नीचे कहा गिरी
03:08कितनी दूरी पर गिरी और क्या केतन की जहां से लाश बरामद हुई थी ये उसी जगह पड़ी है
03:17हद तो यह है कि पुले पुलिस ने इस डमी को यहां से ले जाने की अब तक जहमत भी
03:22नहीं उठाई
03:23यह यहां यूही लावारिस पड़ी है
03:25अगर इस डमी के इर्दगिद आप ध्यान से देखेंगे
03:29तो यहां आपको क्राइम सीन वाला कोई मार्ग भी नज़र नहीं आएगा
03:33जब पुलिस ही यहां नहीं आई
03:35फॉरंसिक एक्सपर्ट्स ने यहां नहीं जहांगा
03:37तो क्राइम सीन के मार्ग कों लगाएगा
03:41अब ऐसे में सवाल है
03:42कि फिर री क्रियेशन या डमी ट्राइल के नाम पर पुलिस ने इतना तमाशा क्यों किया
03:49तमाशे के साथ साथ सरकार का इतना खर्चा क्यों करा दिया
03:53इस तमाशे और तमाशे के सच पर बात में आएंगे
03:57उससे पहले पूरे पुलिस के नए तमाशे को भी देख लीजिए
04:0128 जून को सिया के बाद एक जुलाई को वही पूरे पुलिस
04:05इस बार चेतन को अपने साथ लेकर इसी किले की पहारी पर उसी जगा पहुँची
04:10जहां से 18 जून को केतन को धक का दिया गया थ है
04:14एक बार फिर से ड़मी का तमाशा शुरू होता है
04:17एक बार फिर से पोरे पुलिस केतन के कतकाठी और वजन का एक नए पुतला लेकर
04:22क्राइम सीन पर पहुँचती है
04:2528 जून को सिया थी 1 जुलाई को चेतन
04:2828 जून को जो सिया से कराया गया था
04:31एक जुलाई को वही चेतन से करने को कहा गया
04:34यानि केतन की डमी को ठीक उसी तरह खाई में धक्का देना
04:38केतन ने भी धक्का देकर डमी खाई में फेंग दिया
04:41पुलिस का काम खत्म हुआ
04:43फिर पूने पुलिस उसी तमाशे के साथ चेतन को लेकर नीचे आए और चली गई पर ये बता कर गई
04:49कि वो क्राइम सीन का रीक्रियेशन करने और डमी ट्राइल के लिए आए थे
04:54आज हमने सुबह चेतन-चोदर को जो अक्यूजिद है उनको वहां पर रीक्रेयेशन के लिए लिए molे गई थे और
05:02जैसे गट्ना हुई उसी समसे हमने मेम्मोरेंडम में वह रिक्रेयाशन कीया हुआ है
05:07कहा कहा मतलब उसको ले जाया गया क्योंकि क्राइम यानि कि CCTV में दिखाई दे रहा है कि चेतन जो
05:14है सिया और केतन के पीछ है मतलब इसी तरह से वो रिक्रेशन क्या जाया गया है
05:18जैसे सिच्वेशन थी उसी सब से अक्यूज ने जैसे बताया हमने वो स्पोर्ट रिक्रेट किया वाता क्राइमी लोगड़ पर कितने
05:28ठीकानों पर वो रुके थे और उसके बाद इस गटना को अंजम दिया था जैसे मैंने कहां जहां जहां वो
05:34रुके थे जहां पर उन्होंन
05:46ना दिया गया हम ने ड़मी का यूज केा था लिए इसमें उनका जो वेद था उसके उसके वजन का
05:56हमने डमी यूज किया तो से को
05:59अपनकर दोने को भी आपने मतलब कितुन को धक्का दिने का जो रेक्रेशन किया था यह मतलब यह दोनों आरूप
06:14लागा रहे एक दुस्रे पर यह पार्ट ऑप इंवरिस्टियोर ं accessibility त्पने हम ते तुं जomena कि प्रोरी आपS
06:25पुलिस की जुबानी आपको क्राइम सीन के रिक्रियेशन और डमी ट्राइल के तमाशे की कहानी सुनाती। अब चलिए। इस पूरे
06:32तमाशे के बाहर का पूरा सच सलसलवार आपको सुनाता।
06:37पहले तीन दिन से लावारिस पड़ी इस डमी जो कि सिया ने 28 जून को नीचे फेका था उसका सच
06:43बताता हूँ। डमी ट्राइल पुलिस क्यों करती है। चलिए केतन कही केस ले लेते हैं। केतन की मौत पहाड़ी से
06:50नीचे गिरने की वज़ा से हूँ। अब इसमें दो चीज
07:05और वजन का पुतला तयार किया। इसके बाद ये मानकर कि सिया ने ही केतन को धक्का दिया था। सिया
07:11से उस पुतले को उसी जगह से नीचे धक्का देने को कहा गया। सिया ने धक्का दे दिया। पर अब
07:16सवाल ये है कि सिया ने जिस पुतले को धक्का दिया था वो नीचे
07:20कहां जाकर गिरां कितनी दूरी पर गिरां जाहर ये जाचने के लिए पुलिस और फॉरेंसिक टीम को नीचे उस जगे
07:27पर जाकर उस पुतले को जाचना था कि वो कितनी दूरी पर गिरां
07:33कि हमारे हैं फॉरेंसिक में इंपॉर्टेंट चीज होती है दो ती दो किसी भी बात की सच्चा ही तर जाने
07:40के लिए सबसे पहला होता है रिकंस्ट्रक्शन जो हम लोग सीन आफ ट्राइम कुपर करके सीन आफ ट्राइम पे एक्चुली
07:46जो फिजिकल एविडेंज या मूख सा�
07:54जानते हैं कि यह बात सच है कि नहीं अब बात आती है रिक्रियेशन की रिक्रियेशन में कोशिश यह रहती
08:05है कि जैसा एक्चुली घटा वैसा का वैसा चीजें बनाई जाए या जिसे इस केस में पर्टिकुलरी बॉडी मेट है
08:16आग्मी की हाइट है तो उस तरीके से रिक्
08:24अब बात ये है कि इस केस में इस पर्टिकुलर केस में हाइट जो है वो जो भी है लाड़
08:32है जो भी है
08:33पर जब पूरे पुलिस और फोरेंसिक टीम सिया के पुतला फैंकने के बाद नीचे गई ही नहीं
08:39तो ये कैसे पता चलेगा कि धक्का देने पर नीचे केतन कहां गिरता ये खुद फिसलने पर वो नीचे कहां
08:46जाकर गिरता
08:48तो अब ऐसे में सवाल उठता है कि पूरे पुलिस ने इस डमी ट्राइल का तमाशा किया ही क्यों
08:54जब किसी ने नीचे जाकर ये देखा ही नहीं कि पुतला कहां और किस पोजिशन में गिरा है अब ऐसे
09:01में वो अपनी जांच रिपोर्ट में इस डमी ट्राइल का नतीजा क्या लिखेंगी
09:05मतलब तीन दिन हो गए बेचारा पुतला लावारिस पड़ा है जंगल को छान कर मीडिया वाले लावारिस पुतले से मिला
09:12है पर क्या मजा जो पुलिस और फॉरंसिक टीम जंगल में कुछ पैदल चलकर पुतले से मुलाकात कर लेते हैं
09:19कि दमी ट्राइल जो है एक इंसां के उपर नहीं होती है सिमिलर है बेचाई खाइट के व्यक्ति से दमी
09:29ट्राइल गिया जाता है और जब दमी ट्राइल किया जाता है तो उसका इंपॉटेंटनी यह है कि वो दमी गिरा
09:37कहां पर
09:38डमी गिरा और उसके उपर क्या-क्या निशान आए या कहां कटा या कहां फटा या कहां पर स्ट्रेशिज हैं
09:49उसके तपड़ों के उपर तो यह इंपॉर्टन यह है कि जो भी व्यक्ति उपर से गिरा या फेका गया तो
10:00उसकी बॉड़ी कहां मिली और हमें डमी कहां मिलता है
10:08तो ये पता बात पता चलेगी कि हमने कितना सही जो है आंकलन किया था तो नीचे गिरने के बाद
10:17ड़मी का प्रॉपर एक्जामेनेशन होना चाहिए और मेरा तो ये मानना है कि जो मेडिको लीगल एक्सपर्ट से जेनों ने
10:24अर्टॉप्सी किया होगा उनसे या फॉरेंचिक �
10:28कि पीम के साथ में उसका एक्जामेनेशन डेफिनिटली होना चाहिए क्योंकि इंटर्नल आर्गंस की बात तो छोड़ दीजिए इंटर्नल आर्गंस
10:36तो बज़ारी बात ड़मी कि नहीं बेंगे लेकिन एक्स्टर्नल जो भी साइन हैं जो उनको एक्सपर्स कि माने तो ड़
10:55तो उसके गिरने का इंपक्ट या वो कितनी दूरी पर गिरता यह लगपक साफ होता है
11:01क्योंकि विल्डिंग या इमारतें सीथी खड़ी होती है अगर नीचे कोई बालकनी या छज्जा हो और उससे टक्रा कर कोई
11:08नीचे गिरता है
11:08तो भी उस छज्जे या बालकनी की जांट से या आसानी से पता लगाया जा सकता है कि पहला इंपक्ट
11:15कहां पर हुआ था
11:33पर पहाड पर तो डमी ट्रायल का मतलब ही नहीं बनता
11:37एक तो पहाड की उंचाई काफी होती है दूसरी पहाड बिल्डिंग या इमारतों जैसी सीधी खड़ी नहीं होती
11:44अगर कोई शक्स पहाड की बुलंदी से नीचे गिरता है तो वो कभी भी सीधे नीचे खाई में जाकर नहीं
11:50गिरेगा
11:50वज़ा ये कि पहाड से जुड़े बड़े बड़े चटान होते हैं आड़े तिर्चे पहाडों पर ये चटान कई कई फीट
11:58आगे की तरफ निकले होते हैं
12:00अब पहाड से गिरने वाला गिरते वक पहले किस चटान से टक्राया ये कहना मुश्किल है लेकिन अगर वो चटान
12:07से टक्राकर नीचे गिरा है तो जाहिर है तक्राने के इमपैक्ट की वज़ा से वो पहाडी से दूर जाकर गिरेगा
12:13जैसे इमारत से गिरने पर अगर किसी बालकनी या छज्जे से कोई टकराता है तो उसकी तो जाच हो सकती
12:20है
12:20क्योंकि टकराने के चलते वहाँ पर खून के निशान, चम्री, बाल या कपड़े के टुकड़े आसानी से मिल जाएंगे
12:26लेकिन खड़ी पहाडी पर अगर किसी चटान से कोई टकरा कर गिरा है तो एक तो उस चटान का पता
12:33लगाना
12:33और फिर उस चटान तक जाकर वहाँ से खून, बाल, चम्री या कपड़ों के टुकड़ों जैसे सबूतों को ढूंड़ना लगभग
12:41नामुम्किन है
12:43लेकिन यहां पर इंप़ॉटेन्टी यह है कि इस चेस में इसमें जो है पहाड वाले है इशूपर
12:51जो है यह थो पहाड पहाड की जो भी हाइट है, थो कि इसका सब घ् Collac court खान मुझे
12:57नहीं तो जो भी हाइट है उस हैड से जैसर बीज
13:07तो जो भी प्रोजेक्शन होगा अब बीच में चट्टान मान लीजिए कोई 6-fit की है, 4-fit की है,
13:1310-fit की है, 12-fit की है, तो फर्स्ट हिट तो वहां होता है, जहां फर्स्ट हिट होगा वहां
13:18पर
13:44अब यहां पूरे पुलिस ने तमाशे के चक्कर में बिना सोचे समझे,
13:49पहाडी पर सिया और चेतन को खड़ा कर डमी ट्रायल तो कर लिया, पर उससे पूरे पुलिस के हाथ लगा
13:55किया,
13:56और इससे भी बड़ा सवाल ये, जगर सचमझ सिया या चेतन नहीं केतन को धक्का दिया था,
14:02तो वो क्यों ही मानदारी के साथ पुलिस के कहने भर से, इसी ताकत के साथ डमी ट्रायल में डमी
14:08को धक्का देंगे,
14:10जानकारों की माने तो अमूमन डमी ट्रायल का फाइदा कुछ हग तक तभी है,
14:14जब कोई चश्मदीद ये बताए कि उसने किस पोजिशन में और किस तरह धक्का मारते देखा था,
14:20अगर खुद संदिक दियारोपी के बयान पर ही भरोसा कर,
14:24पुलिस ऐसे डमी ट्रायल करती है,
14:26तो इसका मतलब है, उसका सही नतीजा कुछ भी नहीं निकलने वाला,
14:30क्योंकि वो संदिक दियारोपी कभी सक्च बोलेगा ही नहीं.
15:14इस तमाशे का एक और सच है,
15:16डमी ट्रायल के नाम पर जिस पुतले का इस्तमाल किया जाता है,
15:19उसकी कत काथी और वजन तो मरने वाले के हिसाब से बना लिया जाता है,
15:24लेकिन डमी ट्रायल के दौरान जब उसे धक्का देकर नीचे गिराए जाता है,
15:28तो एक जिन्दा शक्स और एक पुतले का फर्क साफ नज़र आता है,
15:32एक जिन्दा शक्स जब उचाई से नीचे गिरता है तो उसके हाथ पाओं अपने आप ही चलने लगते हैं
15:38खुद के बचाओ के लिए लेकिन पुतले में जान तो होती नहीं जैसे फेको वैसे ही गिरेगा
15:44यानि कुल मिलाकर दो दिनों तक लोगण किले की पहाडी पर पुने पुलिस ते जो किया
15:50उसका मकसद ये पता लगाना बिल्कुल नहीं था कि केतन फिसल कर गिरा था या उसे धक्का दे कर गिराया
15:56गया था
15:57उसे सिया ने धक्का मारा था या फिर चेतन ने
16:00क्योंकि पहली चीज तो ये कि उबर खाबर पहाडी पर
16:03इस तरह का डमी ट्रायर कभी सही नतीजा देही नहीं सकता
16:07और दूसरा ये कि अगर वाकई किसी नतीजे पर
16:11पूर्णे पुलिस इमानदारी से पहुचना चाहती
16:13तो कम से कम सिया या चेतन ने जिस डमी को नीचे भेका
16:17एक बार सिर्फ एक बार उस जगे पर जाकर उसकी जाच तो कर लेती
16:22उसे यू लावारिस तो न छोड़ती
16:26यू
16:27लेकिन इसमें सबसे इपौटन चीज यह है
16:31तो कया है नहीं है, जहां मेली है
16:33वहां पर उसका जो आटाप्सी हुआ है
16:36ओ आटाप्सी बहुत इपौटन है
16:39फिक क क्या इंजुरीज है, उसको कहा कह इंजुरीज है
16:42और दूसरा उसके कपड़ों के, हाथ पेरों के उपर, क्या किस तरीके के एविडिन्स आए हैं।
16:48तो जिसे मेरा अपना ये मानना है कि कपड़ा जो होता है, वो फर्स किन अप दे बॉड़ी होती है।
17:11वैसे चलते चलते आपको बता दू कि ड्रमी ट्रायल के नाम पर पुलिस या जांच एजनसियां ऐसे तमाशे अकसर करती
17:18रहती है।
17:19क्योंकि इससे मीडिया के जरीए लोगों की एक सोच बन दी है कि देखो पुलिस कितनी महनत और लगन से
17:25केस की जांच कर रही है।
17:27ठीक ऐसा ही एक तमाशा अभी महीने भर पहले देश की सबसे बड़ी जांच एजनसियां सीबियाई ने भोपाल में दिखाया
17:34था।
17:35सीबियाई ने तो हद ही कर दी थी टूइशा की मौत के मामले में जब वो टूइशा की सुसराल की
17:40चछत पर टमी ट्रायल का तमाशा कर रही थी तब बाकाइदा ये पुखता करना चाहती थी कि उसका ये तमाशा
17:47मीडिया के कैमरों में कैयद हो।
17:49वरना आमोमन ऐसे मौके पर सीबियाई छोड़ी पुलिस भी थोड़ी बहुत परदादारी तो कर ही लेती है।
17:56कैमरेमेंग गुपाल हार ने और श्री किस्न पांचाल के साथ ओमकार वाबले पुले आज़ करूँगा।
18:26इसी रिष्टे को लेकर सीया के माबाप से करीब बारा घंटे तक पूछताज की।
18:34पुले पुलिस के इस गर्मी तमाशे के बीच उदर सीया के पिता ने कहा है कि वो चाहते हैं कि
18:39केतन का कातिल जो भी है उसका पता चले और उसे कड़ी से कड़ी सजा दे जाने।
18:45सीया के पिता प्रवीन गोयल और उनकी पत्नी से पूणे पुलिस ने करीब बारा घंटे तक पूछताज की थी।
18:52इससे पहले सीया के भाई साहिल गोयल से भी पूछताज कर चुकी है।
18:56जानि पुल मिलाकर सीया के पूरे परिवार का पूरे पुलिस से आमना सामना हो चुका है।
19:27जाल से जल्दी आपरादी का पता चले और उन्हें सकसे सज़ादी जैए।
19:33सीया के माबाब से पूछताज के दौरान पुलिस असल में रिश्टों की पहली को समझना चाहती थी।
19:56से शादी करने के लिए केतन का कटले कर दिया आपको यह भी पूछा गया होगा एक्जेकली कि क्या आप
20:03इस पूरे मादे में मालूम था नहीं था आप पूछा मैंने पर मुझे इस मामले कि कोई भी जानकरी नहीं
20:09है अगर कुछ मुझे पता चलता तो मैं कुछ ना कोछ एक्�
20:16कि पॉस्पॉन करते हैं अशह से कोई बात आये मेरे सामने तुम्हें जरूर बात करता था पर मेरे साम ने
20:22बिल्कुल भी 1% यह रहना की कोई बात लीखनी जिसे में यह मन में भी लेक़े आता है
20:30सिया के पिता ने ये भी बताया कि सिया की शादी उससे पूच कर तै की गई थी यहां तक
20:35की शादी से पहले सिया और केतन की कुंडली भी निकाली गई थी
20:39दोनों परिवारों के ज्योच्षियों ने सिया और केतन की कुंडली देखने के बाद ये बताया था कि दोनों के 36
20:46में से 27 गुण मिल रहे हैं जो की शादी के लिए बहुत अच्छा है
20:50केतन अगरवाल और सिया गुएल की शादी तय होने से पहले जनवरी में दोनों की कुंडली मिलाने का कारे करम
20:58हुआ
20:59इसलिए दोनों परिवार के जोतिशी को बुलाया गाया था
21:03सिया और केतन के 27 गुण मिलते है और ये शादी आदर्श मानी जाएगे ऐसा उनोंने कहा
21:29फिलाल इस केस की जाच के लिए पुलिस के पास 3 जुलाई तक की महलत है
21:343 जुलाई को सिया और चेतन की पुलिस कसरडी के मियाद खत्म हो जाएगी
21:38इसके बाद उम्मीद यही है कि दोनों नयाईक हिरासत में जेल भेज दिये जाएंगे
21:43कैमरामेन गोपाल हार ने और श्री किष्ण पांचाल के साथ ओमकार वाब ले पुने आज तक
21:52तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खपरों के लिए आप देखते रही आज तक
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