00:28share market
00:30सुमित कुमार और आप देख रहे हैं market updates
00:31market updates में आज बात करेंगे
00:33निफ्टी की कि चाल कैसी रहने वाली
00:36सबसे पहले अभी की situation देख लेते हैं
00:38तो अगर एक साल की बात करें
00:40तो अब तक निफ्टी करीब 7% का
00:42negative return दे चुका है
00:43इसकी सबसे बड़ी वज़ा
00:44अमेरिका इरान तनाव कच्चे तेल की बढ़ती
00:47कीमते और वैस्टूइक अनिश्चित्ता रहे
00:49जिसने निवेशकों की धारना पर असर डाला
00:51और वाजार में दबाव बढ़ा है
00:53लेकिन अब हालात बदलते नजरा रहे
00:55पश्चिमेशिया में तनाव कम हुआ है
00:56कच्चे तेल की कीमतों में नर्मी आई है
00:58फिर भी शेयर वाजार वैसी तेजी नहीं दिखा पा रहा
01:01जिसकी उम्मीद की जा रही थी
01:02ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि
01:04जुलाई का महीना मार्केट के लिए रहात भरा रहेगा
01:07क्या निफ्टी पिछले वर्सों की तरह इस बार भी अच्छा रिटर्न देगा
01:10या फिर इतिहास इस बार बदल सकता है
01:12तो चलिए इसी सवाल का जबाब जानने की कोशिश करते हैं
01:15पिछले 10 साल की आकड़ों पर नजड डालते हैं
01:17और देखते हैं कि जुलाई में निफ्टी का प्रदर्शन कैसा रहा है
01:20निवेशको को आस्तन कितना रिटर्न मिला है
01:22और इस बार वाजार से क्या उम्मीद की जा सकती है
01:24तो शुरुआत 2016 से करते हैं
01:272016 में निफ्टी ने 4.23%, 2017 में 5.84% और 2018 में 5.99% का शांदार रिटर्न
01:35दिया
01:35इसके बाद 2019 में तस्वीर बदली और जुलाई में निफ्टी 5.69% टूट गिया
01:40फिर 2020 में जोरदार वापसी करते हुए निफ्टी ने 7.49% की तेजी दर्ज की
01:46इसके बाद 2021 में बढ़त सीमित रही और इंडेक्स सिर्फ 0.26% उपर बंद हुआ
01:512022 जुलाई का महीना सबसे दमदार सावित हुआ
01:54जब निफ्टी ने 8.73% की सांदार रैली दिखाई
01:58इसके बाद 2023 में 2.94%, 2024 में 3.92% की बढ़त रही
02:04जबकि 2025 में एक बार फिर निफ्टी 2.93% की गिरावट के साथ बंद हुआ
02:08अब अगर पूरे 10 साल के रिकॉर्ड को देखें तो एक दिल्चस्प बात सामने आती है
02:12जुलाई में सिर्फ दो बार ही निफ्टी गिरा है जबकि 8 बार वाजार ने पोजेटिव रिटरन दिया है
02:17यारी इतिहास के मुताविक जुलाई का महीना निविश्कों के लिए ज़्यादा फायदे मन रहा
02:21सबसे बड़ी गिरावट 2019 में 5.69% की रही
02:24जबकि सबसे शांदार तेजी 2022 में 8.63% और 2023 में 7.5% दर्ज की गई
02:31अब चलिए समझ लेते हैं कि पिछले 10 सालों में तेज गिरावट और शांदार तेजी के पीछे वज़ा क्या रही
02:36ताकि इस बार की तस्वीर और साफ हो सके और पता चल सके कि निफटी इस बार किस दिशा में
02:42जाएगा
02:42निगेटिव दिशा में या फिर पोजेटिव दिशा में तो सबसे पहले गिरावट के बारे में समझ लेते हैं
02:46तो जुलाई 2019 में पेस हुए यूनियन बजट ने वाजार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
02:51निवेशकों को आर्थिक सुधारों और प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
02:55सबसे बड़ा जटका फॉरन पॉर्टफोलियो इन्वेश्टर्स यानि एफपी आइस पर लगाया गया सूपर रिच टैक्स सरचार्ज से लगा।
03:02इसके बाद विदेश्टी निवेशकों ने भारतिये वाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकालना शुरू कर दिया।
03:07इसके साथ ही कई कमपनियों के तिमाही नतीजे उमीद से कमजोर रहें, खासकर बैंकिंग, आटो, इंफ्राइस्ट्रक्चर सेक्टर, दूसरी और यूएस
03:14चाइना ट्रेड वार और कमजोर मांसून जैसी घरेली चिनताओं ने भी बाजार पर दबावड़ाया।
03:20नतीजा यह हुआ कि जुलाई 2019 में निफ्री लगबख 5.7% तूट गया। अब बात कर लेते हैं 2020
03:26की, जब मार्केट में तेज तेजी देखी गए थी, या कोबिड महामारी का दौर था मार्च 2020 में जब वाजार
03:32करीब 20% तक तूट चुगा था।
03:34इतनी बड़ी गिरावट के बाद वैल्वेशन आकरशक हो गए थे और निवेशकों ने धीरे-धीरे खरीडारी शुरू कर दे अप्रेल
03:40मई और जून में रिकवरी का महाल बना और उसी का असर जुलाई में भी देखने को मिला। जब निफ्टी
03:44ने 7.49% की मजबूत बढ�
03:47अब आते हैं 2022 पर जो पिछले 10 सालों का सबसे शांदार रहा है लगतार तीन महीने की गिरावट के
03:53बाद निफ्टी ने 8.73% की जोड़दार रैली दिखाई इसके पीछे सबसे बड़ी बचा हिया रही पहली 6 मही
03:59में लगतार विक्वाली करने वाले फॉरें पोर्टफोलि
04:15का दौर अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है यानि कि ब्यास दरों में जो बढ़ोतरी हो रही थी और
04:19नहीं हो गिरावट के बाद आकर्शक वेल्वेशन शॉट कबरिंग और बैंकिंग फाइनंसियाल एफम सेजी वह में खरीडारी से इस रैली
04:27को मजबूत सहरा मिल
04:45है और भारत जैसे आयातक देश के लिए सकरात्मक संकेत माने जा रही है कच्चे तिल में गिरावट अगर कुरूर
04:50में नर्मी बनी रहती है तो बाजार को इससे आगे सपोर्ट मिल सकता है हलांकि तस्वीर पूरी तरह आसान भी
04:55नहीं है विदेसी निवेशकों की विक्वा
05:12सब्सक्राइबने में एहम भूमिका निवा सकते हैं या दि कोर्परेट नतीजे उम्मीद से बहतर रहें और मौनसुन समानने रहा तो
05:18बाजार का सेंटिमेंट मजबूत हो सकता है लेकिन कमजोर नतीजे या किसी बैश्विक जटके की स्थिती में उतार चढ़ाओ बना
05:24रह
05:24सकता है यानि फिलहाल इतिहास गिरते कुरूड ओयल और बेहतर होते ग्लोबल संकेत बाजार के लिए सकरात्मक नजर आ रहें
05:30लेकिन निवेशकों की नजर अवेफाई आई फ्लो क्यूवन रिजल्स और मौनसुन पर रही या तीन बड़े फैक्टर त्यक करेंगे कि
05:37जुल
05:54झाल
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