00:00मध्यपूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुँच गया है।
00:03अमेरिका ने इरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किये हैं।
00:07ये कारवाई ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोज में एक सिंगपूर धजवाले मालवाहक जहाज
00:13पर ड्रोन हमला हुआ था।
00:15अमेरिका का आरूप है कि ये हमला इरान की इसलामिक रेविलिूशनरी गार्ड कॉप्स यानी आई आएर जीसी ने किया जब्कि
00:22इरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्ध विराम समझौते का उलंगन किया है।
00:27अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम के अनुसार, अमेरिकी नडाकू विमानों ने इरान के मिजाइल भंडार, ड्रोन स्टोरिज और तटिय
00:35रडार ठिकानों को निशाना बनाया।
00:37इनमें हॉर्मुस जलडमरू मध्य के पास कैश्म द्वीब के आसपास मौजूद सेंट्रिकाने भी शामिल बताए गए हैं।
01:07लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।
01:09दरसल पूरा विवाद 25 जून को शुरू हुआ।
01:12अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक सिंगपूर का कंटेनर जहाज MV एवर लवली ओमान के तट के पास हॉर्मुस जलडमरू मध्य से
01:19बाहर निकल रहा था।
01:21इसी दौरान उस पर कई ड्रोन से हमला किया गया।
01:23अमेरिका का दावा है कि उसकी सेना ने तीन ड्रोन मार गिराए लेकिन एक ड्रोन जहाज से टकरा गया जिससे
01:29उसके ब्रिज हिससे को नुकसान पहुँचा।
01:32इरान का कहना है कि जहाज तै मार का पालन नहीं कर रहा था, जबके अमेरिका इसे अंतराष्ट्रिय समुद्री नियमों
01:38और युद्ध विराम का उलंगन मान रहा है।
01:40दिल्चस बात यह है कि ये घटना अमेरिका और इरान के बीच 17 जून को हुए 14 सूत्रिय समझोते के
01:46कुछी दिनों बाद हुई है।
02:11इरान की रेविल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी हमलों को संधी का उलंगन बताया है और चेतावनी दी है कि यदि ऐसे
02:18हमले दुबारा हुए तो उसका जवाब और व्यापक होगा।
02:40समुद्री व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
02:45शिपिंग कमपनिया और बीमा कमपनिया भी हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।
02:49फिलहल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये ताजा सैन्य कारवाई केवल सीमित जवाबी हमला है या फिर अमेरिका
02:55और इरान के बीच तनाव एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ रहा है।
03:00आने वाले कुछ दिन न केवल मध्यपूर्व बलकि पूरी दुनिया की राजनीती, उर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद
03:07एहम साबित हो सकते हैं।
03:09इस खबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India Hindi।
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