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  • 8 hours ago
कैसे केतन अग्रवाल के मर्डर ने उजाड़े तीन घर? देखें वारदात में

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00:00नमस्कार मैं हूँ श्रम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाथ
00:03बच्चे किसी के भी मरें, कतल करने वाला किसी का भी बच्चा हो
00:08पर असल में मरते हमेशा माबाप ही है
00:11फिर चाहे वो मरने वाले बच्चे के माबाप हो
00:14या मारने वाले बच्चों के माबाप
00:17एक जवान मौत के घम में केतन के माबाप सो नहीं पा रहे
00:22तो वहीं दूसरी तरफ सिया के माबाप अपनी बेटी की सच्चाई जानने के बाद जी नहीं पा रहे
00:29यही हाल चेतन के माबाप का भी है
00:32मौत एक हुई पर घर तीन उजड़ दे
00:43मेरे लिए तो कोई नूर था जिनको इन्होंने आज दगा करके आज उसको माल डाला
00:56हम लोग तो आसू नहीं रुक रहे हमारे हम लोग चार दिन से घर में सोय नहीं है
01:00कोई घर के एक भी इंसान सोया नहीं है
01:02हम लोग घंड़े 20 मेंबर्स है
01:10मैं जवाबदार हूँ
01:11और आज क्या जवाबदार है कोई मूभी नहीं बताता हूँ
01:15मेरे तरबह है मेरे बुणाप्र का सारा जिलागा
01:24आज मेरा बच्चा चला गया
01:38अगर इनका अपस में कुछ अफेर था तो इन्होंने भाग जाना चाहिए था
01:50हाँ तो ठी कहना आप सिया को फासिक सजा दे सकते हो
01:53मैं अप माह हो उसकी जी हाँ जी अगर वो उसने ये गरत काम किया है
01:58तो आप उसे सजा दोगे और जरू दोगे
02:06हमार को उसके बारे में कुछ मालूम नहीं और वो सिया जो लड़की के नाम भी अभी कल मालूम पड़ा
02:11उसका भी आपने को कभी नहीं तो कभी देगा नहीं बाद कर फली वार वो पलिस ट्रॉग में देगा उसको
02:16लड़की को
02:16अच्छा आपने अच्छा मुझे एक बाद करें और उसका नाम यह मुषब कल इस मालूम पड़ा अगर वो मेरी बेटी
02:27भी अगर दोशी पाई गी तो मैं तो यहीं कोंगा कि कोट इसमें देड़नी करें उसको भी वही खिले पर
02:34लेके जाके उसको भी सेम उसी अवस्ता में
02:36वहां से धक्का देके उसे भी खतम कर दिया जाएं अब इससे ज़्यादा एक बाद बहुर कुछ ना बोल सकता
02:48समाज के कितने बच्चों का ऐसा ही होगा और उनके माबाप रोते रह जाएंगे उनके लिए भी तो किसी ने
02:55देखना चाहिए
03:02जाने कैसे गुजारदी मेरे जिन्दा होता तो मर गया होता
03:10न जाने कितने ही बच्चों के माबाप रोते ही रह जाएंगे उन बच्चों के माबाप तो रोएंगे ही
03:17रोएंगे जिनका बच्चा उनसे छीन लिया गया
03:21लेकिन वो माबाप भी कम नहीं रोएंगे
03:24जिनके बच्चों ने दूसरों के बच्चों को छीन लिया
03:28दोनों ही तरह के माबाप के लिए दर्द बेशक जुदा जुदा हो
03:32पर दोनों की ही टीस एक जैसी है
03:35केतन से लेकर राजहरा गुवन्शी और साहिल तक के माबाब आज भी अपने बच्चे को खोकर उसी दर्द और घम
03:44में जी रहे
03:44लेकिन यकीन मानिये सिया से लेकर सोनम और मुसकान के माबाब भी हर रोज घुट-घुट कर जीने को मजबूर
03:53है
03:53ये हर रोज जीते हैं हर रोज मरते हैं गुनाह इनके बच्चों ने किये सजा बेकसूर माबाब भुगत रहे उपर
04:02जितने भी नाम लिए उनमें से हर गुनाहगार को कानू सजा देगा
04:07लेकिन ऐसे कातिल बच्चों के बेकसूर माबाप का क्या गुना जिसकी सजा वो हर रोज काट रहे
04:21पूरें के एक अस्पताल के बिस्तर पर लेटे ये सिया के पापा हैं प्रवीन कोईल
04:26जिस दिन और जिस पल जैसे ही इने पता चला
04:30कि इनकी बेटी सिया को अपने मंगेतर केतन के गतल के लजाम में पुलिस ने गिरफतार कर लिया
04:36ये उसी वक्त बेहोश हो गया इने फौरण अस्पताल ले जाया गया
04:40एक दिन पहले ही अस्पताल के आईसियू से जनरल वाड में शिफ्ट हुए है
04:45ये प्रवीन गोईल की पत्नी और सिया की माँ पूजा गोईल है
04:50उधर बेटी पुलिस कस्टडी में है
04:52इधर पूजा अस्पताल में पती की देख फाल कर रही है
04:56जाहिर है ये दोनों इस वक्त आजाद हैं
04:59क्योंकि केतन का गतल इन्होंने नहीं किया
05:02इनकी बेटी सिया ने किया
05:04पर दिल पर हाथ रख कर बताईएगा
05:06कि अब इन दोनों की आगे की पूरी जिंदगी
05:10क्या 18 जून से पहले वाली जिंदगी की तरह होगी
05:13क्या दोनों अपने शेहर, अपनी बस्ती, अपने दफ्तर, अपनी दुकान
05:18या अपने घर में, दोस्तों, रिष्टेदारों, पडोसियों, यानी पूरे समाच के सामने
05:23कभी फिर से सिर उठाकर जी पाएंगे
05:26बिलकुल नहीं
05:27हमारा समाच ही ऐसा है
05:29अब ये दोनों चब तक जीएंगे
05:32बेकसूर होने के बावजूद बेटी के कातिल होने का
05:36एक पूरा बोज अपने सिर पर लेकर जीएंगे
05:39जीएंगे क्या हर रोज मरेंगे
05:42इनका कोई कुसूर नहीं
05:44पर सबसे बड़ा कुसूर है
05:46कुसूर सिया के माबाप होने का
05:48वरना भाला एक मा या एक बाप कैसे अपनी बेटी के लिए मौत मांगने की दुआ कर सकता है
06:18जाके उसको भी सेम उसी अवस्ता में वहां से धक्का देके उसे भी खतम कर दिया जाएं
06:24अब इससे ज़्यादा एक बाप और कुछ नहीं बोल सकता है
06:29बेशक खाई में केतन को धक्का दिया गया है लेकिन पहाड एक साथ तीन घरों पर तूटा है
06:35केतन के घर इसलिए मातम पसरा है क्योंकि घर का साड़े 25 साल का चराख बेवक्त बुझ गया
06:42सिया के माबाप इसलिए सदमे में है कि जिस बेटी ने कभी अपने पापा से जूट तक नहीं बोला
06:49पुलिस ने उसी सिया के हाथों पर उसी के मंगेतर केतन का खून देख लिया
06:54सिया के साथ केतन का कतल करने वाले आरोपी नमबर दो
06:58चेतन के पिता और चाचा इस बात पर हैरान है और खुद को कोस रहे
07:03कि चेतन और सिया के रिष्टे की कहानी पहले कभी वो सुन क्यों नहीं पाए
07:08ना चेतन ने कभी अपने घर सिया का सच बताया
07:11ना सिया ने कभी अपने घर चेतन का सच बताया
07:15और केतन के घर वाले कभी इन दोनों का सच जान ही नहीं पाए
07:19अब जब ये सच सामने आया
07:22तो एक साथ तीन परिवारों को ऐसा मार गया
07:25कि अब उनके लिए हर लम्हा गुजारना ऐसा हो गया है
07:28मानो एक लम्हे में पूरी उम्र ही बीती जा रही है
07:35हम आपको दुख कैसे समझा पाए
07:37अगर पिता को आप पूछोगे कि उसका 26 साल का लड़का गुजर गया
07:41और आप उसका दुख व्यक्त करो तो वो तो समुंदर से बढ़ा है
07:46आज मैं अपने बुड़ापे का सहारा सोच रहा था
07:49मेरा आगे का वंचजे
07:50मेरे आगनी को वही आग देने वाला था
07:54मेरे चिता को आज वो रहा नहीं
07:56तो मेरा तो आगे का पूरा ही खतम हो गया ना
07:59हमारे को तो मालूम नहीं नहीं इस केस के बारे में
08:02हमारे को मालूम कब बढ़ा जब पुलिस चौकिम गए जब
08:05इसके पहले अपनों को मालूम नहीं ना जब रात को चेतन को घर से लेकी गए उस टेम मैंने पुलिस
08:12को बहुत पूछने की कोशी जिए उन्होंने अमर को बताया नहीं कि ये मैट रहे करके
08:16कि मैं रात को भी चौकी में जाका आया दो बजे टाइप अब जे तो उन्होंने बताया ने वोले सुबह
08:20मा जाओ 10 साड़धस बजे आपको बताते हैं तो हम फिर सुबह में है और मिरे दोस्त और मेरे लड़की
08:27गई साथ में फिर उन्होंने मेरे को एकां मेले के हमानको दीरे
08:44देना और करना है क्या आगे तो ठीक है ममे जी मुझे सब पसंद है और मैं करना चाहती हूं
08:48करते हैं तो मेरा किसी के साथ कुछ नहीं है
08:53एक सच हमेशा याद रखिएगा कभी कोई माबाप अपने बच्चे को किसी की जान लेना नहीं सिखाते
09:00पर एक सची ये भी है कि घर के बाहर बच्चे क्या करते हैं ज्यादा तर माबाप को ये मालूम
09:07ही नहीं होता
09:08दुनिया के कौन से ऐसे माबाप होंगे जिनका बेटा या बेटी घर के बाहर गलत रास्ते पर जा रहे हूं
09:15और उसे जानने के बाद भी उन्हें नरोगे
09:26जैसे कि Chetan Codhrie जो है उसकी इंटि होना और सिया के उसके साथ कुछ लो अफेर होना पहचानते हैं
09:34चोधरी को ये में आस तो कभी उसे देखा भी नहीं और कभी बाच्चित भी नहीं है
09:41आप पहचानती नहीं था आप भी नहीं पहचानती नहीं था चार मेंने जब से रिलेशन हुआ था केतन जी के
09:48साथ ये तो कोई बात ही बता नहीं थी कि ऐसे कुछ चल रहा है क्या नहीं है दोनों बच्चे
09:53खूश थे दोनों बच्चे बात कर रहे थे अच्छे से मिलते थे को
10:12कि आधे में सिया के माभाप को भी सियाप पर शक कैसे होता चब सियागी शाधी हुए तब सब से
10:18ज्यादा खुश तो भैर केतन से रिष्टा तइकरने
10:22से पहले माभाप ने सियाँ से पूछा भी तुरह कि29 Karma जिरे उसे पूच़ किया था
10:42परवरीम इंगेजमेंट हो गेती, सब कुछ हुआ, रीस काटन होटल में प्रोग्राम भी हुआ, काफी अच्छे से प्रोग्राम हुआ, दोनों
10:49परिवार बहुत खुछ थे, बीच में आना जाना मिलना, हमारी मेरी विशाल जी से, विशाल की मुझ से, विशाल के
10:57बाई साब स
10:58से, उनके पिता जी से, उनकी माता जी से, मैंने बहुत सारी बात की, सब यहनी कि एक मन लगाव
11:04इतना हो गया था, जैसे तो मेरे ममी ड़ी आज नहीं है, तो मुझे तो ऐसा मैसुस होने लग गया
11:09थे, कि मुझे उनके रूप में मुझे माबात मिल गे करके, मैं इतना खु�
11:13गुष्टा बगवार ने मेरी जोले में सब कुछ भर दिया।
11:43कर सकता है यानि कैसे शक्त कर सकता है कैसे निगहभानी कर सकता है ये केतन के दादा है।
12:18जब केतन और सिया का रिष्टा तै हो चुका फरवरी में सगाई हो चुकी तब अगरवाल और गोईल परिवार और
12:26भी करीब आ चुके थे।
12:27सिया के पापा को भी ऐसा लगा जैसे केतन की शकल में उन्हें एक और बेटा मिल गया है।
12:33उदर सिया भी गाहे बगाहे केतन के घर जाने लगी थी। रिष्टे और मजबूत हो रहे थे।
12:42केतन जी हमारे घर पे भोध़ आये। काफे टाइम आये।
12:47और हमेशा यानि कि वो पापा जी करके मिलते थे, मुझे बोलते थे, मुझे तो अपने बेटे से ज्यादा लगा
12:56उनको उनके उपर हो गया था और इतना प्यार देते थे इतने प्यार से बोलते थे कि काफी अच्छे से
13:05यानि कि एक बेटी की जैसे हैं मेरा ऐसा हो गया था
13:28केतन और सिया के रिष्टे ने एक साथ दोनों घरों को खुशियों से भर दिया
13:33मगर ये दोनों ही घर इस बात से अंजान थे कि इसी पुने शहर में एक और घर में भी
13:40सिया की एक अलग कहानी लिखी जा रही
13:42ये घर चेतन का था चेतन जिसे आप सिया का दोस्त या प्रेवी कुछ भी कह सकते हैं
13:49लेकिन अफसोस चेतन के माबाप भी चेतन और सिया की कहानी से अंजान थे
13:54यहां तक कि जिस 18 जून को केतन का कतल हुआ
13:58उस दिन चेतन सुभा अपनी माँ को ये कहकर घर से निकला था
14:02कि वो एक मीटिंग में जा रहा है और दो-तीन बजे तक लोट आएगा
14:25यानि इस पूरी कहानी से साफ है कैसी हर कहानी की तरह
14:29इस कहानी में भी सिया और केतन के रिष्टे को लेकर
14:33केतन और केतन के घरवालों के साथ साथ
14:36खुद चेतन और सिया के माबाब भी शाहिद अंजान थी
14:39सिया के माता पिता का कहना है कि अपना बड़े केतन के साथ मनाने के लिए
14:45जिस तरह सिया शॉपिंग कर रही थी
14:47अपने कपड़े खुद से
14:49औरेशन कराने में दो-दो घंटे लगा रही थी
14:52उससे शक की कोई गुजाईश बची कहा थी
14:57इतना सब कुछ हो रहा था
14:58बिहाइंड दे कर्टन
14:59क्या सिया ने आपको एक भी बार नहीं बोला
15:02कि केतनगरवाल के साथ जो कुछ भी हो रहा है
15:05वो से मनजूर नहीं है उसे नहीं चाहिए
15:07अगर सिया ये बात बताती थी
15:09तो मैं क्यों ये फंक्शन करती थी
15:11उसके बड़े का ड्रेस भी मैं दिला के लाई हूँ
15:13उसके साथ बड़े की शौपिंग की है
15:15उनके फैमिली भी आई थी उसे बड़े का ड्रेस लेने के लिए अगर कुछ भी बात रहता था हूं आगे
15:20क्यों प्रोग्रम करते हैं
15:23सब खुद बीचारी दो गंटे तक उधर बैटके अंटरनेशन खुद अल्टरेशन खुद ठीक से करा के पूरा यानि की प्रेस
15:30वगएरा करा के पूरा ड्रेस पैकिंग करके फिर लेके आई वो
15:37इत्तफाक देखिए जजदिन बकॉल पुलिस सिया ने चेतन के साथ मिलकर केतन को खाई में धक्का दिया था
15:43उसके अगले ही दिन यानि 19 जून को सिया 20 साल की हुई थी 20 वन बढ़डे था उसका केतन
15:51के पिता को अभी यकीन नहीं हो रहा
15:53कि 20 साल की एक लड़की के दिमाग में इतना सब कुछ कहां से आ सकता है
16:0020 साल के लड़की में इतना किसी का मडर करने तक का सोचाना और करना कहां तक पॉसिबल है
16:07मेरे लिए तो कोई नूर था जिनको इन्होंने आज दागा करके आज उसको माल डाला
16:16यही सवाल खुद सिया के पापा भी खुद से पूछ रहे हैं
16:20उन्हें अब भी लगता है कि सिया ऐसा कर ही नहीं सकती
16:23क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा संसकार उसे दिया ही नहीं
16:28मुझे यानि कि संभोई नहीं है कि मेरे बेटी ऐसा कुछ कर सकती है
16:35क्योंकि मैं उसे बहुत अच्छे से जानता था
16:38वो बहुत अच्छी थी
16:39मेरी हर एक बात का कहना मानती थी
16:41कभी उसमें मुझसे जूट नहीं बोला
16:43जो भी है हमेशा सच बोलती थी
16:45और वो सच्छी की रहा पर ही चलिए हमेशा
16:47सब फैमेली हम बहुत अच्छी है
16:50और हमारे पूरे फैमिली में ये संसकर किसी में भी नहीं है
16:56अपने जवान बेटे को खोने वाले केतन के बिदा का सबसे बड़ा दर्द यह है
17:01कि अगर सिया को शादी नहीं करनी थी या शादी किसी और से करनी थी
17:06तो वो बस एक बार बता देती
17:08वो खुद है शादी कैंसल कर देते
17:10बेटे की जान तो बच जाती
17:14अगर उसको शादी नहीं करनी थी
17:16तो सीधा उसने उसके माबाप को
17:18या हमको किसी चीज़ से इंकार कर देते
17:21या जिस लड़के के साथ
17:23उसका जो भी अफेर चल रहा है
17:24कहीं से भी एक फोटो हमको भेज़ देते
17:27तो भी हम कैंसल कर देते
17:29और तो और केतन के पिता ने तो यहां तक कहा
17:32कि अगर सिया को चेतन से शादी करनी थी
17:35तो भाग कर कर लेती
17:37तब भी उनके बेटे की जान बच जाती
17:41अगर इनका अपस में कुछ अफेर था
17:43तो इन्होंने भाग जाना चाहिए था
17:46हमारी तरफ से इनको कहा प्रेशर था
17:48कि शादी करनी है
17:50कैमरावेंद गोपाल हार ने
17:52और श्री किष्ण पांचाल के साथ
17:54ओमकार माबले पुणे आज था
18:00चार महीने पहले सगाई की शक्र में
18:02जो दो परिवार एक नए रिष्टे में बंधे थे
18:05पांच महीने बाद
18:07जिस रिष्टे को शादी की मन्जिल मिलनी थी
18:10अब उन्हीं दो परिवारों के बीच
18:12नफरत की खाई खड़ी हो गई है
18:14केतन के कातिल या कातिलों से जितनी नफरत बढ़ेगी बस समझ लीजिए
18:19सिया और चेतन के माबाब उतना ही मरमर कर जियेगी
18:25जानते हैं दुनिया के सबसे मुश्किल सवालों में से कौन सा सवाल होता है
18:30किसी माबाब से सीधे ये पूछना
18:33क्या आपकी बेटी ने अपने ही मंगेतर का कतल किया है
18:36तो आप क्या कहेंगे
18:38सिया के माँ ने जो कहा सो कहा
18:40सिया के पापा ने जो कहा
18:43इससे ज़्यादा एक बाप कुछ कह नहीं सकता
18:47हाँ तो ठीक है ना आप सिया को फासिक सजा दे सकते हो
18:50अगर उसने ये गरत काम किया है
18:55तो आप उसे सजाद दोगे और जरू दोगे
18:59अगर वो मेरी बेटी भी अगर दोशी पाई गी तो मैं तो यही कहूँगा
19:03कि कोट इसमें देड़नी करें
19:06उसको भी वही किले पे लेके जाके
19:08उसको भी सेम उसी आवस्ता में वहां से धका देके
19:11उसे भी खत्म कर दिया जाए
19:13अब इससे ज़्यादा एक बाप और कुछ ने बोल सकता
19:18कानूनी शिनाक्त के नियम काईदे किनारे रख दे
19:21तो पलिस सिरासत में मौजूद सिया और चेतन ने
19:24इस वक्त अपना चेहरा ढखा हुआ है
19:26जेल जाने के बाद दोनों के चेहरे से नकाब भी हट जाएंगे
19:30कुछ बरस दोनों जेल में रहेंगे
19:32और क्या पता फिर आजाद भी हो जाएंगे
19:35पर इन दोनों ने जो जखम एक साथ
19:37इन तीन परिवारों को दिये
19:39ये माबाप उस तत से ताउम्र कभी आजाद नहीं हो पाएंगे
19:44एक तरफ अगरवाल परिवार को अपने लाट ले
19:47केतन की जुदाई मारेगी
19:49तो दूसरी तरफ बेटी का कलंग
19:51गोईल परिवार को शायद फिर कभी
19:53सिर उठाने का मौका ही न दे
19:56चेतन की घर की कहानी भी कुछ अलग नहीं होगी
19:59यानि चाहे जान किसी की जाए
20:02जान कोई भी ले
20:03रोना माबाप को ही होता है
20:06मरते माबाप ही होते हैं
20:09चाहे वो कातिल के माबाप हो
20:11या मकतूल के
20:13कैमरवें गोपाल हार ने
20:15और शेकिष्ण पांचाल के साथ ओमकार वाबले पुणे आज तक
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