00:002014-2015 में मैं लगभग निवरत हो गया था अपने आपको मैंने रिटायर्ट घोशिद कर दिया था मैंने का तो
00:07मेरा काम हो गया
00:07ये 40 का होने काफी पहले की बात है और लगभग आधे दशक तक मैंने सेमी रिटायर्ट जीवन ही जिया
00:15था
00:15उस समय के कुछ वीडियो भी मौजूद है उस समय का मेरा हाल चाल देखेंगा आप देखेंगे ये इंसान कौन
00:20ही कैसा है कैसा दिख रहा है क्या कर रहा है
00:46जिन्दगी में जो देखना था देख लिया था एक छोटा सा समू था उसके साथ बात करता था उन्हीं को
00:50पढ़ा देता था
00:51मैं अपना रहता कहीं किताबे लिखता एकांत में मैं कहां इस तरह की घोर पब्लिक लाइफ में आ गया
00:58खोज के दिना वो पंक्तिया मेरी महादेव को समर्पित किया था और वो बिलकुल बहुत इमांदारी से मेरी स्थितिका वर्णन
01:06करती है
01:06इस संसार में मुझे यदि भेजा तो भेजना था शद्धा हीन बुद्धी हीन सर उठा न सकूँ ऐसा पौरुश हीन
01:15पर जैसा मुझे भेजा है मुझे में विद्रो है ललकार है आह है तुम्हारे लिए सब लीला है मेरे लिए
01:21जौला है अंतरदा है
01:23मुझे किस असंभव युद्ध में डाल दिया तुम्हारी माया के पास तुम्हारा ही नाम है और मेरे पास तुम्हारा दिया
01:30काम है
01:31वो हार सकती नहीं मैं हार मानूगा नहीं
01:34अपनी सीमाओं के बीच संघर्ष करता मैं एक साधारन इंसान हूँ
01:38ना हार सकता ना जीत सकता मैं सर से पाउं तक लहू लुहान हूँ
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