00:01Dr. J.D. Rawat, Professor and Head Department of Pediatric Surgery
00:05with all of you, sir.
00:08First of all, welcome to all of you.
00:10You said that the rape of the children,
00:15these are 1-2 children,
00:20which are 1-2 children,
00:20which are 1-2 children,
00:22and the age of 2-2 children,
00:31and so on,
00:33they usually,
00:34they are very weak,
00:36and they are only 0-2 children,
00:39or if they are not a child,
00:41or if they are a child,
00:42or if they are a child,
00:44they are a victim,
00:46and they are a victim,
00:49and the right-handstander,
00:51the right-handstander,
00:56We have referred to them, so here we are going to take care of them and take care of them
01:07and take care of them and take care of them and take care of them.
01:21information and the department of off-study
01:25and the department of off-study
01:26also give us information
01:27and the other
01:28we have anesthesia
01:30and the doctor give us information
01:32that the patient is
01:34because these children are very
01:36scared and
01:37very sad
01:38so they are very
01:41very sad
01:42and they don't do that
01:42in fact examination
01:44so we
01:46don't do that
01:50which is the whole team of gynecologist and pediatrician as well as anesthetist
01:56and our surgeon's team.
02:00We are examining the children who have injuries,
02:06who have injuries, who have a lot of pain,
02:10who have a lot of pain,
02:11who have a lot of pain,
02:19who have a lot of pain,
02:25and the other of the child who have injuries,
02:28we need a lot of pain and also
02:30to help reduce the pain and then
02:40we need to take care of the patients.
02:43To help prevent the treatment from them,
02:50We have to repair the next step.
02:54We have to repair the next step.
02:56We have to repair the next step.
03:14repair कर देते हैं तो यह इस तरह का रहता है और मैं बताऊं आप से कि हमारे
03:20इस बिद्याले में ऐसे मरीजों के लिए मुक्त सेवा का प्रावधान किया गया है अगर इस तरह का कोई
03:28मरीज भरती होता है तो हमारे हाँ प्रशासंद्वारा हर तरह की सुविधा उपलब्द कराई जाती है
03:35सर मैंइटल हैल्थ को लेकर अब भी बता रहे थे क्योंकि ये बच्छे इलाज नहीं
03:38करने लेते हैं तो जो बच्छे समझदार हैं बहुत जो बच्छे
03:42पांच से आठ साल के उम्र के हैं जो समझ रहे हैं उनको किस
03:45तरीके से मैनेज़ करतें कि उनकी मेंटल हैल्ट ठीक रहा है तर टीचे हैं
03:50चो प्रकर्ट हे वोड़े जाता है कभी घले दबाए तो एक अजीब भाई में रहते हैं
04:10तो दीरे दीरे उनका तो ठीक हो जाता है लेकिन जो बड़े बच्चे होते हैं
04:14पांच साल के उपर वाले वो उनके अंदर एक अजीब सा फियर रहता है तो उसके लिए हम लोग जरूरत
04:21होती है तो हमारे हाँ डिपार्टमेंट आप साइकेट्रिस्ट हैं तो उनके हाँ से हम लोग मदद ले करके उनकी काउंसिलिंग
04:28कराते रहते हैं ताकि इन बच्चों को
04:30भविस में इस तरह से related कोई इसू ना रहे है सर कितना चैलेंजिंग होता है as a doctor जबाब
04:36कोई बच्ची को देखते हैं और जिसके अंदर massive damages हैं तो कितना चैलेंजिंग इसको देखते हैं सर चैलेंजिंग तो
04:44बहुत होता है लेकिन इस तो ने हमको यह profession दिया है मरीज की सेव
04:49करने के लिए तो challenge को भी हम लोग लेते हैं अब जितना damage होता है उसमें process पूरी रहती
04:56है कि इसका recovery किया जाए ताकि जो है बच्चा पूरी तरह से नार्मल हो जाए और जहां पर ज्यादा
05:04severe damage होता है वहां पर थोड़ी सी दिक्कत होती है blood हो गरह की बेवस्था गरह करा के हम
05:10लोग पूरा manage करते हैं समय लगता है लेकिन ये बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हो जाते हैं सर क्यूंकि
05:15आप लोग लगातार ऐसे मरीजों को ऐसे पीडितों का इलाज कर रहे हैं जो लोग ऐसी घटाओं को अंजाम देते
05:21हैं उनकी मानसिक इस्ति के बारे में आप लोग क
05:37एक्टिविटी का इंसान इन्वाल होता है जादा तर मेंटली सिख होते हैं ये क्योंकि हम लोगों ने जब पुलिस प्रशाशन
05:46हमारे पास आता है इन तरह के मरीजों को लेके तो जब हम लोग बात करते हैं तो कहीं कहीं
05:51या तो इनके कहीं कोई
05:55रिलेशन का होता है जो एक एक्टिविटी किया रहता है या कोई अन आदमी है लेकिन ये मतलब दिमाग से
06:02बिचलित लोग होते हैं जो इस तरह का घटना करते हैं और इसमें कई तरह की कारवाई भी हुई है
06:09हमने गवर्मेंट त्वारा देखा हूं की आपरेशन लंगरा भ
06:24सर एक आखरी सवाल ये है कि अगर ऐसे बच्चों को ऐसे मामले दबा लिये जाएं जैसे जिनके साथ इगटना
06:32हो रही है अगर लोक लाज में इनके परज़न इस चीट को चुपा लें तो ये गंभीर बीमारी में भी
06:37बदाल सकते है इसके बारे में कुछ बताईए सर अगर
06:41मैंने ऐसा भी देखाऊं कि बहुत से पैरेंट्स ऐसे आते हैं कि साथ ऐसा हो कि हमारा इलाज कर दीजे
06:48लेकिन बाहर कहीं स्की इनफार्मेशन नहीं जानी चाहिए समाजिक जो भी इसू होते हैं और कुछ लोग तो इतना भी
06:56होते होंगे मेरे समझ से जो मेरे तक नहीं आत
07:08है तो बाद में बच्ची की सेक्स्वल लाइफ काफी ट्रबूल रहेगी कभी-कभी तो पैखाने के रस्ते में भी अगर
07:16इंजरी हुई है तो उसमें भी दिक्कत आ सकती है तो ऐसे में मैं सभी लोगों को अनुरोद करूंगा कि
07:21इस तरह की घटना समाज में नहीं होनी चाह
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