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01:28पूरी हाथी के बराबर की।
01:31ये जो इसमारक है।
01:34इसको भी लोग कोथुल वस देखते हैं।
01:38उसके पास ही
01:40एक हुणजा गोडा,
01:42उम्मे सिंग का गोडा,
01:45इराख का गोडा,
01:47अनेक युद्धि लड़े है उसने।
01:51और युद्धि करते करते
01:53राजा जब वापस आने लगये तो इंदरगट के यहां वो घोड़ा जब घायल हो गया तो जब राजा नीचे उत्रे
02:03राजा खुद भी घायल थे लेकिन नीचे उतरने के बाद तोड़ी देर पस्चाती उस हुंजा घोड़ा ने प्रान त्याग देली
02:11उसकी स्मर्ति में भी एक इस महरग पत्थर का बनाया पाशान का लोग इस पशु प्रेम को देखने उसकी वीरता
02:23उसके शोरी को देखने उन्चाव गोड़ा भोत पूजाता है उन्चाव गोड़ा इसा अद्वूद है कि किसी के एकात्रा बुखार आए
02:29तो बुखार वहां �
02:31और रातरा काल मोन रेके जाएं उस पे और उनके सीधे पेर पर लच्छा बंदें और मनत भोल कि हैं
02:37कि मेरो गवार उतर जाएगा
03:03I have seen so much power in the inside.
03:08This is our village, a small village.
03:12Some of the villages have been seen.
03:16This village has been created in such high mountains.
03:22Today, we are looking for a good place.
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03:40so we will be able to save our lives so we will be able to save our lives
03:47and we will be able to save our lives
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