00:08राश्ट्रपती भवन में आयोजित पद्म पुरसकार समारोह का एक ऐसा द्रिश्य सामने आया जिसने हर किसी का दिल छू लिया
00:15जार्खंड मुक्ती मोर्चा के संस्थापक और जार्खंड के पूर्व मुख्य मंत्री शिबु सोरेन को मर्नो परांत पद्म भूशन से सम्मानित
00:24किया गया
00:25लेकिन इस सम्मान समारोह की सबसे खास बात वो शन रहा जब राष्ट्रपती द्रौपदी मुर्मो स्वयम मंच से उतर कर
00:33शिबु सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन के पास पहुँची और उन्हें ये सम्मान सौपा
00:37ये द्रिश्य देखते ही पूरा सभागार भावुख हो ठा
00:41मंगलवार शाम राष्ट्रपती भवन में देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरसकार प्रदान किये जा रहे थे
00:47इसी दौरान जार्खंड के वरिष्ठ आदिवासी नेता, जार्खंड आंदोलन के प्रमुख चहरों में से एक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबु सोरेन
00:57को मर्नो परांत पद्म भूशन से सम्मानित किये जाने की घोशना हुई
01:01शिबु सोरेन अब इस दुनिया में नहीं है, ऐसे में उनकी ओर से ये सम्मान ग्रहन करने के लिए उनकी
01:07पत्नी रूपी सोरेन समारोह में पहुची
01:09उम्र और स्वास्थे संबंधी चुनोतियों के कारण रूपी सोरेन वीलचेर पर थी, जब उनका नाम पुकारा गया तो सभी की
01:17नजरे उस ओर टिक गई
01:18आम तोर पर ऐसे समारोहों में सम्मान ग्रहन करने वाला व्यक्ति मंच तक पहुचता है, लेकिन इस बार एक अलग
01:26ही तस्वीर देखने को मिली
01:27राष्टपती द्रौपदी मुर्मू ने स्थिती को देखते हुए समवेदन शीलता और सम्मान का परिचे दिया, वेस्वयम मंच से नीचे उतरी
01:35और रूपी सोरेन के पास जाकर उन्हें पद्मभूशन सम्मान प्रधान किया
01:39ये पल केवल एक उपचारिक पुरसकार वितरन का नहीं था, बलकि सम्मान, समवेदन शीलता और मानवीय मूल्यों का भी प्रतीक
01:48बन गया
01:48समारोह में मौजूद लोगों ने इस द्रिश्य को भावुक होकर देखा
01:52कई लोगों ने इसे राष्ट्रपती की सादगी और समवेदन शील नेत्रित्व का उधारन बताया
01:58शिबु सोरेन का नाम जारखंट के इतिहास में एक बड़े जननेता के रूप में दर्ज है
02:03उन्हें लोग प्यार से गुरुजी कहकर पुकारते थे
02:06आदिवासियों, किसानों और वन्चित वर्गों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष दशकों तक चलता रहा
02:131970 के दशक में उन्होंने महाजनी प्रथा और आदिवासियों की जमीनों पर कबजे के खिलाफ आंदोलन शुरू किया
02:20बाद में उन्होंने जार्खंड मुक्ती मोर्चा को मजबूत राजनीतिक पहचान दी और जार्खंड अलग राज्य की मांग को राष्ट्रियस तर
02:28पर पहुँचाया
02:2915 नवंबर 2000 को जब जार्खंड एक अलग राज्य बना तो इसे शिबु सोरेन के लंबे संगहर्ष की बड़ी उपलब्धी
02:37माना गया
02:37वे तीन बार जार्खंड के मुख्य मंत्री रहे और केंद्र सरकार में भी मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दी
02:43इसी लंबे सामाजिक और राजनीतिक योगदान को देखते हुए उन्हें देश के तीसरे सर्वोच नागरिक सम्मान पद्मभूशन से सम्मानित किया
02:52गया है
02:52हाला कि समारोह के बाद चर्चा सिर्फ पद्मभूशन की नहीं हुई बलकि उस मानविय शन की भी हुई जब राश्ट्रपती
03:00द्रौपदी मुर्मू मंच से उतर कर रूपी सोरेन के पास पहुँची
03:03सोशल मीडिया पर भी इस द्रिश्य की काफी चर्चा हो रही है और लोग इसे सम्मान देने की एक समवेदन
03:10शील मिसाल बता रहे हैं
03:11शिबू सोरेन को मिला ये सम्मान उनके दशकों लंबे संगश और योगदान की पहचान है
03:17वही राष्टपती द्रौपदी मुर्मू का ये कदम इस समारोह को और भी यादगार बना गया
03:22एक ऐसा द्रिश्य जिसने ये दिखाया कि सम्मान केवल पुरसकार देने में नहीं बलकि उसे देने के तरीके में भी
03:29जहलगता है
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