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A major twist has emerged in the high-profile Bharat Bhushan Tiwari encounter case in Bihar’s Bhojpur district. Following Tiwari’s death in a police encounter, a Murder case has now been registered against the Jagdishpur SDPO, the then Shahpur Station House Officer, and several other police personnel. The FIR was filed on the complaint of Tiwari’s mother, Asha Devi, who alleged that her son had surrendered before the police but was still shot dead. Given the seriousness of the allegations, five police personnel have already been suspended, and a judicial inquiry has been ordered. The family has also claimed that a mobile phone still in police custody may contain crucial evidence related to the incident. The case has sparked a political storm in Bihar, with all eyes now on the Mahapanchayat scheduled for June 24.

बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। मुठभेड़ में हुई भरत तिवारी की मौत के मामले में अब जगदीशपुर के एसडीपीओ, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर भरत की मां आशा देवी की शिकायत पर दर्ज हुई है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है और न्यायिक जांच के आदेश भी दिए गए हैं। वहीं परिवार का आरोप है कि पुलिस के कब्जे में मौजूद एक मोबाइल फोन में अहम सबूत छिपे हो सकते हैं। इस घटना को लेकर बिहार की राजनीति भी गरमा गई है और 24 जून को होने वाली महापंचायत पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

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Transcript
00:03वहाँ पर लोगों घेर करके राइब को काउंटर करती है
00:06यह कौन स्वा परादी है पिछिला रेकॉर्ड में ने कोई अपरादी है ने चेंडाल है यह तो समाज शबा कर
00:12रहा है
00:13मेरे त्याग बलिदान के बाद मेरे इस सरीर को दान कर दिया जाए
00:37कानून की रक्षा करने बाले जब खुद कानून के कट गहरे में आ खड़े हो तो इनसाफ की उमीद किस
00:43पर की जाए
00:44क्या कोई पुलिस एंकाउंटर सिर्फ अपराधियों को धेर करने का जरिया है या फिर इसके पीछे छिपी होती है सत्ता
00:51और रसूप की कोई गहरी साजश
00:53बिहार के भोशपुर से कैसी ही संसनी खेस खबर आ रही है जुसने पूरे सूबे के सियासी और प्रुसाशनिक गलियारों
00:59में हड़ कम्प मचा दिया
01:01वो एंकाउंटर जोसे पुलिस अपनी कामियाभी बता रही थी आज उसी एंकाउंटर को करने वाले बड़े बड़े पुलिस अफसरों पर
01:08हत्या का मुकदमा दर्ज हो चुका है
01:10जी हाँ चर्चित भरत तिवारी इंकाउंटर मामले में अब तक का सबसे बड़ा आक्शन हुआ है
01:15मामला भूचपुर जुले के शाहपुर का है आज से ठीक एक हफता पहले यानि साथ दिन पहले भरत भूशन तिवारी
01:21नाम के एक यूवक की पुलिस मुटभेर में मौत हो जाती है
01:24पुलिस ने इसे काम इंकाउंटर का नाम दिया लेकिन इस इंकाउंटर की कहानी में कई ऐसे पन्ने थे जो मेल
01:30नहीं खा रहे थे
01:31परिजनों ने पहले दिन से चुला चुला कर कहा कि ये एंकाउंटर नहीं बरकी सीधे सीधे हत्या है
01:37और अब इस मामले में एक नया और बेहट चोकाने वाला मोड आ गया है।
01:40शाहपूर थाने में खुद जगदीशपूर के अनुमंडल पुलिस पधादिकारी,
01:44SDPO, शाहपूर के ततकालिन थाना, द्यक्ष और मुटभेड में शामिल अन्य पुलिस कर्मियों की खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई
01:51है।
02:14के बारी कोई पेशिवर अपराधी नहीं था, बल्कि वो बाढ़ के विस्थापितों की समस्याओं को लेकर लगातार प्रसाशन से संखर्श
02:21कर रहा था।
02:22जनता की अवाज उठा रहा था, घटना वाले दिन कई पुलिस अधिकारी और जवान उनके घर पहुँचे और भरत को
02:28अपने साथ चलने को कहा।
02:29इसके बाद जो हुआ उसे मा ने अपने आवेदन में विस्तार से लिखा है।
02:34आरोप है कि पुलिस के सामने भरत ने फेस्बुक लाइफ के दौरान अपने हाथ में मौजूद हतियार को नीचे फेक
02:40दिया था और खुद को पूरी तरह पुलिस के हवाले कर दिया था।
02:43यानि उसने सरेंडर कर दिया था लेकिन इसके बावजूद पुलिस कर्मियों ने उसे पकड़ कर जमीन पर गिरा दिया और
02:50एक के बाद एक पुल पांच गोलिया उसके सीने में उतार दी।
03:13निरिक्षक हरी शंद्र कुमार, एसाई रामशंकर यादव और महिला सिपाही मीरा कुमारी।
03:19लेकिन सवाल यह है कि क्या सर्फ सस्पेंशन काफी है, जब आरोप सीधे सीधे फरजी एंकाउंटर का हो तो क्या
03:24केबल सस्पेंशन से पीडित परिवार को न्याय मिल जाएगा।
03:28बेटे की मौत को एक हफता बीच चुका है, लेकिन घर में चूला नहीं जला है, मा का रो रोकर
03:33हाल बुरा है, तो वही भाई और पिता का अक्रोश अफूट पड़ा है, सरकार ने इस मामले की जूडिशल इंक्वारी
03:39के आदेश ले दिये हैं, लेकिन परिवार को इस सरकार
03:42जाच पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है, मृतक के भाई चंदन तिवारी ने भरे गले से और कड़े शब्दों
03:47में सरकार को चेताबनी दी है, चंदन का कहना है, हमें सिर्फ जाच का जुन जुना नहीं चाहिए, सबूत सब
03:53के सामने है, फेस्बुक लाइफ का विडियो साम
03:56नहीं है, फिर दोशियों को जेल भेजने में देरी क्यों हो रही है, अगर हमें जल से जलने आए नहीं
04:00मिला, तो हमारा पूरा परिवार सामोही का आतमदा करने को मजबूर होगा, इस पूरी कहानी में एक और गहरा सस्पेंस
04:07है, और वो सस्पेंस चुड़ा है भरत तिवार
04:23आज भी पुलिस के ही कबजे में, अब सवाल उठता है, आकर उस दूसरे मोबाइल में ऐसा क्या राज शिपा
04:29है, जिसे पुलिस शिपाना चाहती है, क्या उस फोन में कोई ऐसा वीडियो या सुबूत है, जो पुलिस की थियोरी
04:34को पूरी तरह धुस्त कर सकता है, यह मामला
04:49को एक बहुत बड़ी महापंजायत बुलाई गई है, इस महापंजायत में सिर्फ बिहार ही नहीं, बुलकी उतर प्रदेश समेट कई
04:55अन्य राजों से भी भारी भीड जुटने की संभावना है, और खबर तो यह भी है कि मशूर राजनीता और
05:00रनीती कार प्रशान किशोर �
05:02इस महापंजायत में शामिल होने पहुँच रहे हैं, यानि ये मामला आने वाले दिनों में नितीश सरकार के लिए एक
05:08बड़ा सिर्फद बनने वाला है, पुलिस का काम होता है कानून की दायरे में रहकर अपराधियों को सजा दिलाना, ना
05:14कि खुद जज और जलाद बन जा
05:18था तो फिर उस पर पांच गोलिया क्यों चलाएगे, क्या ये वाकई कारून व्यवस्था को बनाये रखने की कोशिश थी,
05:24या फिर किसी रसूगदार के इशारे पर की गई एक सोची समझी हर्त्या, अब जब F.I.R. दर्ज हो
05:29चुकी है तो देखना होगा कि क्या आरोपी �
05:31पुलस अधिकारी सलाकों के पीछे जाएंगे, या फिर जांच की फाइलों के नीचे इस गरीब परिवार की चीखे हमेशा के
05:38लिए दब जाएगी, क्या 24 तारे की महा पंचायत बिहार की राचनीती में कोई नया तूफान लाएगी, हमारी नजर इस
05:44खबर पर बनी हुई है
05:45कोई भी अपडेट आएगी, हम सबसे पहले आप तक पहुचाते रहेंगे, आप बने रहिए One India Hindi के साथ
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