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कैसे बीमार कर रहीं हैं आपको दवाइयां? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजराओं कशिप और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:04लखनओं में एक दिन पहले हुए अगनीकान में 15 युवाओं की मौत हो गई
00:08हर बार की तरह लाशे गिनने के बाद अब पूरा देश जाक चुका है
00:12प्रशासन की नींद खुल गई है, फायर सेटी की टीमेक सक्रिय है, नोटिस बाटे जा रहे है
00:17कड़े बयानों की राजनीती शुरू हो चुकी है
00:19लेकिन सवाल यह है कि यह जागरुपता हमेशा किसी तरास्दी के बाद ही क्यों आती है
00:24यह जो जागना है नींद से, वो चन दिनों के लिए ही क्यों आती है
00:29लखनओ की इस बिल्डिंग में लापरवाही की गिनती करेंगे तो ठक जाएंगे
00:33रेसिदेंशल प्रॉपर्टी में ट्रेनिंग सेंटर, बिजली की ओवरलोडिंग, आटोमाटिक दरवाजे
00:39आग लगते ही बिजली कटी और यह आटोमाटिक गेट लॉक हो गए
00:43खुले ही नहीं, यह सिर्फ लखनओ की बात नहीं है
00:47मालविय नगर, विवेक, विहार, ओल्ड राजेंद्र नगर के हादसों में भी लोग इसी वज़े से बाहर नहीं निकल पाए
00:52क्योंकि आटोमाटिक डोर लॉक हो गया
00:56हिरानी की बात देखिए, लोग स्टेटर सिंबल और सुवधा के नाम पर आटोमाटिक गेट तो लगवा लेते हैं
01:01लेकिन यही अकसर ऐसे हादसों के वक्त लोगों की मौत की वज़ा बनते हैं
01:05दवाल यह है कि आखिर इन्हें रेगुलेट करने के लिए देश में कोई कड़ा नियम क्यों नहीं है
01:10और इसके बाद आपको बताएंगे कि अगर आप लखनव जैसे हादसों से बच भी जाएं तो ब्रैंडेट दवाओं के धोके
01:17से कौन बचाएगा
01:17आज बीमार होने पर डॉक्टर के लिखी दवाई दवाई खाली सोते हैं कि ठीक हो जाएंगे
01:26लेकिन ठीक कैसे होंगे जब क्वालिटी टेस्ट में ब्रैंडेट कमपनीज की 157 दवाएं फेल हो गए
01:32नकली दवाएं तो नुकसान कर ही रही है असली के नाम पर भी धोका बेचा जा जा रहा है
01:37इसके बाद आप टीमसी में टूट के बाद पार्टी के खजाने को लेकर शुरू हुए विवाद के बारे में बताएंगे
01:42अब टीमसी का खजाना विवादों में दोनों ही पक्ष पार्टी फंड पर दावा कर रहे है
01:48आज आपको बताएंगे कि इस खजाने पर हक किसका है
01:52और आखिर में आपको बताएंगे कि आपकी गाड़ी में आप शुद पेट्रोल डलवाना चाहते है
01:56या एथनॉल मिला हुआ पेट्रोल ये कौन ते करेगा
01:59क्या गाड़ी में एथनॉल डालना आपकी मर्जी होनी चाहिए
02:02या फिर मजपूरी
02:05लेकिन आएए शुरुआत करते हैं ब्लाक इन वाइट की एक ऐसी खबर से
02:10जिसकी चर्चा शायद ही कहीं हो रही है और होगी भी कैसे
02:15हमने इस देश में हर चीज़ पर मिलावट का दौर देखा है
02:21दूद, पनीर, सबजी, खाने, मिठाई की चीज़ें
02:27चितनी भी चीज़ें सब में मिलावट का दौर देखा
02:30और अब तो अभ्यस्त भी हो गए हम चर्चा भी कर लेते हैं
02:33कि पता नहीं मिलावटी है, क्या है, चलो खा लेते हैं
02:36हमारे देश में राजनीती की खबरे नेताओं के बयान, आरोप, प्रत्यारोप, सियासी बयान, बाजी
02:41अकसर बड़ी खबर मानी जाती है
02:42लेकिन जो खबर सीधे आपके घर, आपकी जेब, आपकी सेहत, आपकी जिन्दगी से जुड़ी होती है
02:48वो अकसर सुर्ख्यों से बाहर रह जाती है
02:50लेकिन आज, आप ब्लाक और राइट में रहिएगा हमारे साथ
02:55क्योंकि हम आपकी बात आज करने वाले है
02:57हम अपने विशलेशन की शुरुआत करने जा रहे हैं
03:00जिस खबर से वो देश के करोडों परिवारों से जुड़ी हुई खबर है
03:05ये खबर उन ब्रैंडेट दवाईयों के बारे में है
03:08जिने लोग डॉक्टर की सलाह पर और पूरे भरोसे के साथ
03:12मेडिकल स्टोर से खरीदते हैं
03:14ये सोचकर खरीदते हैं कि कम से कम दवा की गुडवत्ता पर तो कोई सवाल नहीं होगा
03:18लेकिन अब उसी भरोसे पर सवाल खड़े हो गए
03:21भारत सरकार की संसा है
03:23Central Drugs Standard Control Organization
03:28जिसने अपनी ताजा रिपोर्ट में खुलासा किया है
03:30कि मई महीने में 157 दवाईयां Quality Test यानि गुडवत्ता के मामले में फैल हो गई
03:37Quality Test में फैल होने का मतलब सिर्फ इतना ही नहीं है
03:40कि ये दवाईयां तै मानकों पर खरी नहीं उतर
03:43कई मामलों में पाया गया कि इन दवाओं में मौझूद ड्रग, सॉल्ट की मात्रा, निर्धारित, मानकों के अनुरूप नहीं है,
03:51इनमें सॉल्ट कॉंबिनेशन भी सही नहीं था
03:54कल्पना कीजे, यानि लोग जिन दवाओं को इलाज समझ कर खा रहते, उन दवाओं की गुडवत्ता ही सवालों के गेरे
04:00में थी
04:00सबसे चिंता की बात तो यह है कि सूची में ऐसी दवाओं भी शामिल हैं, जो लगपक हर घर में
04:06इस्तमाल होती है
04:08और आज इन दवाओं को मैं साथ भी लेकर आई, और मैं चाहती हूँ कि आप भी ज़रा एक बार
04:15देख लें कि कहीं ये दवाओं जो मेरे साथ यहां पर मौझूद है, हम एके करके आपको दिखाएंगे, ये दवाओं
04:22आपके घर में भी तो नहीं है
04:25आपने कभी सोचा है कि पहले आप बुखार की एक गोली खाने से ठीक हो जाते थे, लेकिन आप दो
04:31तीन खुराख के बाद भी इन दवाओं का कोई असर नहीं होता
04:34और इसका कारण यही है कि ये दवाओं असली होते हुए भी क्वालिटी के मामले में खराब होती है
04:41इसमें पैरसिटमॉल जैसी बुखार की दवा भी शामिल है जिसे लोग बिना डॉक्टर की सलह के भी खरीद लेते हैं
04:49इसके अलावा डाइकलोफनाग जैसी दर्द की दवा मांस्पेशियों के दर्द में इस्तमाल होने वाला डाइकलोफनाग जेल
04:57इसी लिस्ट में शामिल है और ये भारत सरकार की एजंसी है जिसने ये बताया है
05:01इसके बाद खासी, जुकाम, ऐलर्जी में इस्तमाल होने वाली दवाईयां भी जाच में फेल हो गई है
05:07इनमें भी डेक्स्ट्रो मेथार्फन सिरफ जो है वो देश के लाखों घरों में खासी के लिए इस्तमाल होता है
05:13वो भी सूची में शामिल है और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज में इस्तमाल होने वाले टायट्रोपियम इनहेलर
05:20भी क्वालिटी टेस्ट में नरधारिक मानकों पर खरा नहीं उत्रा
05:24इस सवाल सिर्फ एक गोली या एक सिरप का नहीं है सवाल उस पूरे भरोसे का है जिस पर मरीज
05:29उसका परिवार अपना जीवन निर्भर करता है
05:33उदारन के लिए इस जांच में पेट और असिडिटी की दवाईयां फेल हो गए
05:38रिबेप्रजोल, पैंचोप्रजोल, ओमेप्रजोल, इसोमेप्रजोल ये तमाम दवाईयां जिनने देश में लाखों लोग रोजाना खाते हैं
05:46उनके अलग-अलग बैचर्स के नमूनों पर सवाल उठाय जा रहे हैं और ये सूची यहीं पर समाप नहीं होती
05:50कि डायबेटीज, डायबेटीज जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में इस्तमाल होने वाली कई दवाईयों पर भी इसमें सवाल खड़े हुए
05:57है
05:57तो अन्यको ऐसी दवाए हैं जिसमें आप यह देखेंगे लेकिन तीन दवाए हम लेकर आए हैं जिसमें भारत सरकार की
06:05एचनसी बता रही है कि इसमें जो सॉल्ट्स का इस्तमाल हो रहा है जो मानक है जो माप दंड है
06:11क्वालिटी के वो सही नहीं पाए गए है
06:13और यह जानते हैं यह जो तीन दवाए में लाई हूँ आपको दिखाने वाली हूँ यह प्रस्क्रिप्शन आंटिबाइटिक है यह
06:19बैक्टीरियल इंफेक्शन के लिए फटा फट डॉक्टर्स दिखते हैं बहुत सारे लोगों को और ऐसा मुम्किन है कि आपने भी
06:26यह द�
06:41डॉक्टर ने आपको दी है हो आपके बच्चे के लिए प्रस्क्राइब की हो तो यह है ऑग्मेंटिन 625 पहली दवा
06:47बैक्टीरियल इंफेक्शन के लिए डॉक्टर्स फॉरन इसको प्रस्क्राइब करते हैं दूसी दवा है यह है मॉक्सक्लाव 625 दवा वही है
06:55जिसमें अ
07:11है क्लावन 625 यह दवा भी आपको कई डॉक्टर्स ने हो सकता है कभी प्रिस्क्राइब की हो तीनों में ही
07:17सॉल्ट एक है जिसमें अमॉक्सिसिलिन और पोटाश्यम क्लावेट इसमें सॉल्ट बता जा रहा है और ऐसे ही क्लावानिक जो आसेज
07:24है वह सब में डाला जाता है �
07:26तो सॉल्ट वही है कम्पनिया तीन है तीन अलग-अलग दवाएए हैं लेकिन भारत सरकार की रिपोर्ट बता रही है
07:33कि इनमें बड़ी-बड़ी खामिया हैं बड़ी-बड़ी कमिया हैं और इनमें मेटवामिन और ग्लाइम परडाई ये तमाम दवाईयों को
07:41क्वालिटी �
07:42टेस्ट में सही नहीं पाया गया यानि जिन लोगों को रोजाना अपना ब्लाड शुगर कंट्रोल रखने के लिए इन दवाओं
07:47पर निर्भर करना रहना पड़ता है और आप भी जानते हैं शुगर बढ़ना कितना बड़ा रिस्क है शुगर गिर जाना
07:53कितना बड़ा रिस्क
07:54सीधे जिन्दगी पर आ सकती है जानलेवा हो सकता है यह सही दवाईया नहीं खा पा रहे हैं लोग और
08:02उनकी दवाईयों में भी मिलावट है डाइबिटीज के बाद ब्लाड प्रेशर और डिल की बीमारियों में इस्तमाल होने वाली दवाईयां
08:08भी इस जाच में फेल पा�
08:23किसी भी नली को ब्लॉक कर सकता है ऐसे लोगों को जिनमें खूण गाड़ा होने की ऐसी चांसस रहते हैं
08:30उनको खूण पतला करने की दबाई लेनी होती है जिन्दा रहने के लिए किसी रिस्क से बचने के लिए लेकिन
08:36सोचिये इतनी मुश्किल परिस्थिती में इतनी गं�
08:53भारत सरकार की एजनसी की रिपोर्ट है जिसने इन तमाम दवाईयों में कम्याँ पाई है
08:57इतना ही नहीं कोलिस्ट्रॉल कम करने के लिए इस्तमाल की जाने वाली रेसिवास्टेटिन
09:02ये भी टेस्ट में फेल हो गई
09:04अब सोचिए
09:07ये कोई अंजान या गली महले में बिकने वाली दवाईयां तो है नहीं
09:10जो हम आपको यहां दिखा रहे हैं
09:13ये वो दवाईयां हैं जिने बड़ी बड़ी ब्रैंडिड कम्पनियां बनाती है
09:17ये वो दवाईयां हैं जिने लोग भरोसे के साथ खरीते हैं
09:20ये वो दवाईयां हैं जिन पर मरीज अपनी सेहत, अपना इलाज, कई बार अपनी जिंदगी तक भरोसे के साथ छोड़
09:26देता है
09:27लेकिन अगर वही दवाईयां गुणवत्ता परीक्षर में फेल होने लगें, अगर वही दवाईयां तै मानकों पर खरी ना उतरें
09:32अगर मरीज को ये भरोसा ही न रहे कि जो दवा वो खा रहे हैं, उसमें सही मात्रा में दवा
09:37मौजूद भी है या नहीं है, फिर सवाल सिर्फ दवा का नहीं रह जाता है
09:41सवाल पूरे सिस्टम, सरकारों का हो जाता है, और सबसे बड़ा सवाल तो यही है, कि जब मरीज दवा खरीदते
09:48समय, ब्रांट पर भरोसा नहीं कर पाएगा, तो आखिर वो भरोसा कैसा करेगा, यह सब बड़ी बड़ी कंपनिया हैं, जिनकी
09:58दवाएं हमने आपको दिखा�
10:11सबसे जाते हैं, धाई हजार करोड गोलियों, रवेप्रजॉल, पैंटोप्रजॉल, नाम की यह दवाई सबसे जादा खाई जाती है, लेकिन अब
10:19खुलासा हुआ है कि यह दवाई भी निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती, इसके इलावा भारत में हर दिन साट
10:25से जा
10:27करोड गोलियां बनाती है, और आप इन गोलियों को यह सोच कर खाते हैं, कि इनसे आपका बुखार ठीक होगा,
10:33लेकिन असली दवाईयां भी सॉल्ट के मामले में मिलावती निकलती है, और ऐसा नहीं है कि सिर्फ पारसेटमॉल की दवाई
10:40इस टेस्ट में फेल हुई, खून
10:57इस्तमाल होने वाला ORS, सोचे, ORS कहते हैं कि जिन्दगी बचा नहीं हो, डियाइडरेशन में किसी की हालत बहुत खराब
11:04है, ORS घोल पिला दो, ORS भी इस जाच में फेल हो गया, जबकि हमारे देश में हर साल 80
11:11करोड रुपे के ORS की बिकरी होती है, इसका मतलब यह है कि आप
11:15पैसा देकर दवाईयां भी खरीद रहे हैं, और यह दवाईयां भी आपको नकली मिल रही है, या फिर इनकी कॉलिटी
11:21में कमी पाई जा रही है, और बात सिर्फ दवाईयों की ने, इस सिपोर्ट में तो यह भी बताया गया
11:26है, कि चोट लगने के बाद स्किन पर जो हम लो�
11:35जो गौस बांडेज लगाते हैं, जो कॉटन वुल की पट्टी बांधी जाती है, वो भी क्वालिटीरी टेस्ट में फेल हो
11:41गई, और यह बहुत बड़ी बात है, अमेरिका और चाइना के बाद दुनिया की तीसी सबसे बड़ी फार्मा इंडस्ट्री भारत
11:48में है, जहां को
11:49तीन हजार कंपनिया काम करती हैं, मौझूदा वक्त में यह इंडस्ट्री पांच लाग सथ सथ हजार करोड रुपे की है,
11:56जो साल 2030 में बारे लाग तीस हजार करोड रुपे की हो जाएगी, और हम दुनिया के दोस्वा देशों को
12:01भी दवाईयों का निर्यात करते हैं, और �
12:03यह निर्यात भी लगवक पांच लाग करोड रुपे का है, और यह बात सब जानते हैं कि जो फार्मा इंडस्ट्री
12:08होती है, इसमें भरोसा बहुत जरूरी है, जब कोई व्यक्ति कोई दवाई खाता है, तो उसे यह पता नहीं होता
12:17कि वो दवाई कहां बनी है, उसमें कौन
12:20से ड्रग सॉल्ट इस्तमाल हुए है, लोग सब सरकारों पर भरोसा रखकर, डॉक्टर द्वारा लिखी गए दवाईयों को बाजार से
12:26खरीद लेते हैं, डॉक्ति साब ने नाम बता दिया, यह दवा मंगाओ, कोई भी वक्ति यही सुनिश्चित कर सकता है
12:31कि वो जो दवा�
12:44कर रहे हैं, तो इस देश के करोड़ों लोगों का विश्वास क्या होगा, उनकी सेहत का क्या होगा, बीमार होने
12:51पर उनका इलाज होगा, या उनको और बीमार बनाया जाएगा, आपको यकीन नहीं होगा, जनवरी 2026 में 218, फरवरी 2017
13:01मार्च में 190, एप्रिल में 121, और मैं 15
13:05257 दवाईयां क्वालिटी टेस्स में फेल हुई है, और ऐसा नहीं है कि जो कंपनिया ये दवाईयां बना रही हैं,
13:11वो कोई छोटी मोटी कंपनिया है, इनमें सिपला कंपनी का भी नाम है, जिसने एलेक्टोरल बॉन्स में 49 करोड 20
13:18लाख रुपे का चंदा दिया था, जिन
13:36सिपला के अलावा इसमें स संड़ फार्मा कंपनी भी है, जो दवाईया क्वालिटी टेस्स में फेल हुई, जिसने लेक्टोरल बॉन्स
13:43में 351 करोड का चंदा दिया था, और ये सारा चंदा बीजेपी को मिला था, और भारत के दवा बाजार
13:48में इस कंपनी की एक प्रतिशत
13:50की हिस्सेदारी है यानि हर सौ में से एक दवाई इस कमपनी की होती है
13:55ये खबर आज सबसे पहले हमने आपको इसलिए दिखाई क्योंकि भारत में हर रोज
14:0030 से 40 करोड लोग कोई ना कोई दवाई खाते है इसके लिए जादतर लोग
14:05ब्रांडड दवाईों पर भरोसा करते हैं और जब सरकार की ही तरफ से
14:09सरकारी एजनसी बता रही है कि कमपनी की दवाईों की कॉलिटी में खामी है
14:13तो फिर इन पर कारवाई क्यों नहीं हो रही है
14:16शेरों में लोगों का दवाईों और इलाज पर उसत सालाना खर्च 12,400 रुपए है
14:20गाउं में 10,500 रुपए है और बड़ी बात सबसे ये है कि पहले हमारे देश में हर दिन 15
14:25दिन में
14:267.5 प्रतिशत लोग बीमार होते थे 7,500 जबकि आज 13 प्रतिशत से जादा लोग हर 15 दिन में
14:34बीमार होते है
14:36और फिर वो डॉक्टर्स द्वारा लिखी गई इनी ब्रैंड़ेट दवाईों को खरीदते हैं जो कॉलिटी टेस्ट में फेल है
14:42और ऐसे में सोची अगर यही दवाईयां फेल हो जाएं तो आम लोग फिर कहा जाएं और हम कब तक
14:47क्वालिटी टेस्ट में फेल इन दवाईयों को खाने के लिए मजबूर रहेंगे
14:51खेर एक तरफ इन दवाईयों की मिलावट है दूसी तरफ हमारी विवस्था का लोगों के साथ वो मजबूर जो मौत
14:58के साथ भी खत्म नहीं होगे
15:00एक दिन पहले लखनों की एक बिल्डिंग में आग लगने से पंद्रह युवाउं की मौत हो गई
15:04इसके बाद पूरे देश से ऐसी खबरे आने लगीं कि अब प्रशासन और सरकारें जाग चुकी हैं और अब लापरवाही
15:11को बरदाश नहीं किया जाएगा
15:12लेकिन जब आप इन तस्वीरों को ध्यान से देखेंगे तो आपको समझ आएगा ये कोई पहली बार नहीं हो रहा
15:18है
15:18हर बार जब भी कहीं कोई बड़ा आग हादसा होता है तो अचानक पूरा प्रशासन जाग जाता है
15:24फायर सेफटी की टीम सक्रिय हो जाती है बड़े-बड़े मॉल्स, होटेल, अस्पिताल, कोचिंग सेंटर, स्कूल, फैक्टरियां निरिक्षन शुरू हो
15:32जाते है
15:33नोटेस जारी किये जाते हैं, नियमों की याद दिलाई जाती है, लाइसेंसी की जाच होती है, मीजिया में ऐसे बयान
15:39दिये जाते हैं कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बरदाश नहीं की जाएगी
15:43ऐसा लगता है कि जैसे पूरे देश को अचानक फाइर सेफटी की एहमियत समझ में आ गए
15:49लेकिन सबाल ये है कि जागरुपता हर बार तरास्ती के बाद क्यों आती है, आखिर इस देश में फाइर डिपार्टमेंट
15:56हर जगा बना क्यों है अगर काम ही नहीं करना है
16:01जब कोई मारत जलकर खाक हो जाती है, जब लोग दुए में दम घुटने से मर जाते हैं, जब परिवार
16:06अपने लोगों को खो देते हैं
16:08तब हमें याद आता है कि fire exit भी होना चाहिए, emergency fire exit, आख बुझाने के इंतजाम भी होने
16:15चाहिए, बिजली के तार भी सुरक्षित होने चाहिए, इमारतों में सुरक्षा मानकों का पालन भी होना चाहिए, हाथसे का इंतजार
16:23है
16:24तो एक और हो गया लीजे, आज लखनाओं के अगनी कान के बाद भी पूरे देश में यही हो रहा
16:29है, जबकि कड़वा सच यह है कि लखनाओं में जो हुआ, वो हाथसा नहीं, पंद्र युवाओं की हत्या थ, हम
16:37आपको बताते हैं, और हम आपको बताते जाएंगे और आप
16:40गिनते जाएंगे लखनाओं कि इस बिल्डिंग में क्या कुछ नहीं हो रहा था, सबसे पहले इस बिल्डिंग में लगी आग
16:46का कारण ओवर्लोडिंग था, बिल्डिंग के पास 20 किलो वाट का कमेर्शल बिजली कनेक्शन था, लेकिन बिजली लोड 34.10
16:55किलो वाट था, सम�
17:10कि इसकी पूरी व्यवस्था होती है, दूसरा, बिल्डिंग रेसिजेंशल, लेकिन काम क्या चल रहा है, दुकान, कोचिंग सेंटर, अब अगर
17:21रेसिजेंशल है, तो वहाँ कोचिंग सेंटर, या फिर अनिमेशन टीचिंग सेंटर हो ही नहीं सकता, लेकिन इन नियमों की �
17:28भी धचियां उरती रहे, सोचने वाली बात ये है कि एक रेसिजेंशल बिल्डिंग को जब व्यावसाइक कामों के लिए इस्तमाल
17:35किया गया, तब भी इस बिल्डिंग का बिजली पानी का कनेक्शन रद नहीं हुआ, आज से 10 साल पहले, 2016
17:41में इस बिल्डिंग को अवैद मा
17:56किया गया, और आरोप लग रहे है कि इसके पीछे रिश्वत खोरी थी, ये जो रिश्वत खोरी है, ये हमारे
18:03बच्चों के लिए जानलेवा है, इससे भी बड़ी बात ये है कि 2017 से उत्तरप्रदेश में बीजेपी की सरकार है,
18:09लेकिन इस दौरान भी वहाँ कोई कारवाई
18:11और इस बिल्डिंग को बंद नहीं कराए थे, छौथा इस बिल्डिंग में एक वक्त पर 50 से जादा लोग मौझूद
18:18रहते थे लेकिन फिर भी इस बिल्डिंग के पास फायर N.O.C. नहीं ता, फायर N.O.C. नहीं,
18:23इस बिल्डिंग में कोई एमर्जेंसी एग्जिट प्ला
18:41चठा, बिल्डिंग के अंदर आटोमाटिक गेट लगाए गए थी, जो लोग आग लगने के बाद ये सोच रहे थे कि
18:47गेट खुले गा उससे वो निकलेंगे, वो आटोमाटिक गेट खुले ही नहीं, वो बंद हो गए, लोग अंदर फस गए
18:52और उनकी मौत हुए और उनकी म�
19:07बिल्डिंग में उपरी मंजिलों पर ऐसी मशीने रखी गई थी, जिनके लिए वहाँ स्मोक मारेजमेंट सिस्टम होना चाहिए था, लेकिन
19:13यहां भी घंगोर लापरवाही, किसी का इस बिल्डिंग पर ध्यार नहीं था, आज सरकार इस अवैद बिल्डिंग की जाच करा
19:31�
19:32यह तस्वीर निलेश और अनामिका की है, इस बिल्डिंग में दोनों नौकरी करते थी, बहुत जल शादी होने वाली थी,
19:40लेकिन इस अगनिकान ने उन्हें उनके परिवार से हमेशा के लिए चींगे, इसी अगनिकान में जोती नाम की एक लड़की
19:48की भी मौत हो गई, जो
19:49रोज अपनी स्कूटी से यहां आया करती थी, जब इसका भाई स्कूटी को यहां से ले जा रहा था, तो
19:55उसके हाथ बुरी तरह काप रहे थी, सुचे, क्या सरकार की जाच से इस भाई को उसकी बहन वापस मिल
20:02जाएगी, इसी घटना में अब्दुल रह्मान नाम के एक ल�
20:18जल गया, कई कहानिया हैं जिनका दर्द कुछ यहां दिकारियों के निलंबन से खत्त नहीं होगा, हकीकत तो यह है
20:26कि इन सब लोगों को इस सिस्टम ने मारा, उनकी हत्या की यह हादसा बिलकुल नहीं है, देखिए
20:45मेरा बेटा भी आजिनना होता, मेरा बेटा भी होता दुनिया में, मेरे तो दुनिया उचड़ गई
20:56उसके जिम्मेदार ये गौवर्मिंट है, ये शासन, प्रशासन है, जो हमारे निलेश को, निलेश को क्या, उसमें जितने बिचारे बच्चे
21:04तो उनको सुक जुईदा देते, तो आज फायर विगर टाइम से पहुँच जाती है, तो आज मेरा देवन मेरा, जिस
21:09मिनिट दे
21:22अजासन के गलती है, तस्वीर जो कल निकले तो उस समय के तस्वीर तो हमेशा जब तक जिएंगे तब तक
21:28सामने दिखेगी हमको, लेकिन बच्चा नहीं दिखेगा, बेटा नहीं दिखेगा मेरा, दुनिया दिख सकती, मेरा बेटा नहीं दिख सकता है,
21:48मेरा भाई, प्रोन करके बताया कि भाईया, आप फस गया है, दो दिल पहले मेरा आप प्रेसर किटिनी इस ठोल
21:55को हो, हम बेट से सीधा बागे, अब नकालो मुझे जाना है, यहाँ उसके बाद बात नहीं हुई
22:08यह सबसे बड़ी दरदरा घटना होई, कि मा के सामने बेटा अंदर तुनिया, कई मंजिल की बिल्डिंग बनते हैं, तो
22:22उसके साथ साथ क्या लिप्टे चलने का सवाल नहीं था, कम दे कम साथ में सीधियां तो होनी ही चाहिए,
22:28आदमी कहीं से तु भाग सका है, वेंटी ल
22:35तो यह पता चला है, कि वो आटोमेटिक लाख हो गया, गेट, जिसकी वज़े से लोग निकल नहीं पाएं,
22:48स्कूर्टी लेने आए, बस अभी तो बस, हाँ, इसी से आती थी, वो इसी की है, अतारी सवाल उठा रहे
22:55हैं, और हम प्रशासम से जाकर पूछेंगे कड़े सवाल, कि आखर इस तरह की घटना क्यों हुए है, यहां फॉलो
23:00नहीं हुए थे, वो ऐसा चलता रहेगा, मेरे को क
23:03में उमीद नहीं है, कच्छा है, जो गवर्मेंट आजाए, लोग ही ऐसे हैं, ऐसे दे के सफास हो जाता है,
23:08अब वो ऐसे होता रहेगा, तो इसमें मुझे उमीद नहीं है, गुटने से मौत हुई है, यहां बताए क्या है,
23:13मेरे लाज से और किसी का सबका फैदा है, सोनिया �
23:18टाजी, क्या कहिए का आज पूरा देश आपको सुन रहा है?
23:59कि इस घटना के बाद यह समझना भी ज़रूरी है कि हमारे देश में कैसे ऑटमाटिक गेट और इलेक्ट्रोनिक लोगों
24:07के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं
24:10आज आपको यह जानना जरूरी है कि इसके लिए क्या करने देखें लखनों की इस घटना में जिस मंजिल पर
24:15सबसे जादा लोग फसे थे वहाँ जो में गेट है वहाँ पर आटोमाटिक लॉक लगा था जो बायो मेट्रिक से
24:23ही खुलता था आग लगने के बार यह आटोमाटि
24:38के दर्वाजे पर इलेक्ट्रोनिक गेट था जो रात में अपने आप बंद हो जाता था लेकिन क्योंकि इस घटना के
24:44दौरान आग की वज़े से बिजरी चली गई थी इसलिए गेट पूरी तरह से जैम हो गया बाद में खुला
24:49ही नहीं और इसलिए हमने सोचा कि ऐसी तमाम
24:52बिल्डिंग्स में जो आटमाटिक गेट लगाई जा रही है और जो जानलेवा साबित हो रही है ये मुद्दा उठाना आज
25:00जरूरी है तीन मई 2026 को दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक चार मंजला रहाईशी इमार बहुत भी शड़ाग
25:07लगी नौ लोगों की दर्�
25:22बाहर नहीं निकल सके 11 जून 2025 को दिल्ली के द्वारका में एक नवंबर 2024 को उत्तरप्रदेश के कानपूर में
25:2928 जुलाई 2026 को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में 19 मार्च 2024 को मध्रदेश के इंदौर में 20 जनर्वरी
25:362024 को दिल्ली के पीतंपुरा में 6 लोग इसलिए ज
25:53आग लगने की city में हर second कीमती होता है कि आप कैसे वहां से भाग सकें उस समय लोगों
25:59के पास इतना समय नहीं होता कि वो इन electronic locks का password याद करें इने mobile app खोले या
26:05यह समझने की कोशश करें कि lock क्यों नहीं खुल रहा है कई बार तो वो बिजली कीतारे मारे वहां
26:11आग लगने के �
26:12वेज़े से डिफंक्ट हो जाती, काम ही नहीं करती, आप कुछ नहीं कर सकते, उन्हें तो बस बाहर निकलना है,
26:17लेकिन सोचे अगर दर्वासा खुलेगा ही नहीं, तो फिर अंदर फसे लोगों के पास बचने का क्या रास्ता है, आपने
26:24इस बिल्डिंग में भी देखा, दू
26:42लगाने को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं है, कोई व्यक्ति बाजार से ऐसा लोग खरीद कर अपने घर में लगवा
26:48सकता है, लेकिन कोई ये नहीं करेकता, कि अगर बिजली चली आए, तो यही लोग खुलेगा कैसे, अगर सिस्टम खराब
26:55हो जाए, बाहर निकलने का द�
27:11अंभीरता से विचार करें, जिस तरह गाडियों, लिफ्ट, ग्यास, सिलिंडर्स के लिए सुरक्षा नियम होते हैं, उसी तरह, इलेक्ट्रोनिक लॉक्स
27:18के लिए भी नियम बनाएए, ये तै कीजे कि कोई भी ऐसा लॉक नहीं लगाया जा सकता, जो आग, शॉट
27:24सर्किट,
27:24बिजली लाने की इस्तिती में लोगों को अंतर फशा दे, और अगर ऐसा हो तो एक एक एग्जिट रूट दूसरा
27:29होना चाहिए, क्योंकि किसी भी दर्वाजे का पहला काम चोरी रोकना नहीं, बलकि मुसीबत के समय लोगों को सुरक्षित बाहर
27:36निकालने का होता है, हम आ�
27:52इमर्जेंसी रास्ता नहीं है, तो ऐसे एलेक्ट्रोनिक लॉक्स बिलकुल ना लगाएं, ये धान रखे कि कोई भी जगा सिर्फ आटोमाटिक
27:58लॉक्स से स्मार्ट नहीं बनती, वो इस बात से स्मार्ट बनती है कि वहाँ एमर्जेंसी के लिए, क्या इंतजाम किये
28:03रहे है
28:04इमर्ट नहीं है
28:45अगर ये किसी टारण बस रेड़ पर चली जाती है, तो ये माना जाएगा कि बर्किंग कंडिशन में नहीं होती
28:51है
29:28किसी टारण नहीं होती है
29:43आगे बड़ते हैं आपको ये बताते हैं कि राम मंदिर के चड़ावे में चोरी के जो आरूप लगे थे, उस
29:47पर S.I.T. ने अपनी प्रारंपिक रिपोर्ट सौप दी है
29:50ये रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं होई है, लेकिन हमें सूत्रों से पता चला है कि इसमें चड़ावे की चोरी को
29:55लेकर कई बड़े खुला से किये गए
29:57इसे पहला बड़ा दावा, S.I.T. को चड़ावे की गिनती और निगरानी में कई खामिया मिली है
30:04दूसरा, S.I.T. को ये भी पता चला है कि जिस तरह सभी 40 दान पेटियों का पैसा गिना
30:11जाता था, उनमें कई गड़ बड़िया थी
30:13तीसरा, S.I.T. ने अपनी शिरुवात ज्याच में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है और सबको इस
30:18चोरी के लिए संदिक धमाना है
30:20चौथा, इसमें उन कर्मचारियों की चैन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं जो चड़ावे की गिनती करते थे
30:26ये बात कल भी आपने आपको बताई थी ना कि स्चोरी में भाई भतीजावाद मॉडल चल रहा था
30:31ट्रस्ट के सदस्य और कर्मचारियों ने अपने रिष्टेदारों को चड़ावा गिनने के काम में लगाया था हर स्तर पर
30:37आप सोचिए बतलब जो प्राइविट एंजिएंसी के पास जिम्मेदारी है वहाँ भी एक रिष्टदार घुमा दिया
30:43जिस कंपनी को जिस बैंक को जिम्मेदारी है वहाँ भी एक रिष्टदार घुमा दिया
30:46और जो ट्रस्ट है उसमें भी सदस्य बना दिया
30:49तो एक बार फिर से आपको बताते है खुद S.I.T. ने ऐसे सभी लोगों की एक फैमिली चेन
30:54बनाई है जिनके रिष्टदार मंदिर ट्रस्ट के सदसे हैं या करमचारी हैं चड़ावा गिंदे वाली एक प्राइविट कंपनी के लिए
31:01काम करते हैं पाचवा इस रिपोर्ट मे
31:03आरूपी करमचारीों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई है ताकि उन्हें गिरफतार किया जा सके और छटा
31:09राम मंदिर की आंतरिक व्यवस्ता संचालन के लिए जिमेदार कुछ पदादी कारियों की भूमिका भी जाच के दाइरे में है
31:15यानि मंदिर ट्
31:28काल बदलाव की जरूरत है आटवा इस चोरी का दारा इतना बड़ा हो सकता है कि एसाइटी ने अतरिक तसंसादनों
31:36और सहयोगी अधिकारियों की मांग की है और सूत्रों के मताबिक इसमें आखरी पॉइंट ये है कि इस चड़हावा चोरी
31:42की जाच करने में वक्त लगेग
31:55करें कि छो Εरा उने चारी तो कि ऑपनी जर्याच आख्या है इसको संविट कर दिया है और जो भी
32:01फैंदिंग्स हैं वो हम संप्ट कर चुके फैंडिंगे के बारे में हमारा कहना चिछ नहीं है और अभी भी जाज
32:07प्रषिलित है।
32:08और जो बाकी चीज हैं उसको हम अपनी सेकेंड पार्ट में जो हमारा अन्तिम प्रतिविदन रहेगा उसमें सम्मिट करेंगे।
32:14सर इसमें जो आप लोग जाज कर रहे थे क्या और भी यूनिट्स लगाई जाएंगे और अभी आगे भी जाज
32:21इसकी जारी रहेगी चुकि फिफ्टीन डेस का जो एक वर्क टाइम है तो इसमें अधिक लगाई जाएंगी और बढ़ाई जाएंगी
32:32इसके बारे मेरा कहना उच
32:44किसी को इसमें क्लीन चीट दी गई है इस पूरे मामले में पूरी इस जाज के दौरा में
32:49चुकि यह गोपनी जाज आख क्या है इस रशे पर मैं कुछ भी कहने के लिए अधिकरत नहीं है
33:04अब तक ये रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है लेकिन सूतरों से जो जानकारी आ रही है उसमें कहीं न कहीं
33:14ये संकेत मिलता है
33:14कि किन राम द्रोहियों ने प्रभूशी राम का चढ़ावा चुराया ये पाप किया
33:20खेर आगे बढ़ते हैं और आपको इस वक्त की सबसे बड़ी ख़बर बताते हैं जो इसराइल से आ रहे हैं
33:24प्रधानमंत्री और विपक्षिनेता नेफटाली बनेट नेफटाली बनेट ने प्रधानमंत्री बेंजमिन नतन्याहु पर कई घंभीर आरोप लगाए हैं
33:31उनका आरोप है कि प्रधानुती नेतन्याहू राश्रपती ट्रॉम्प से डर गए है उन्होंने दक्षणी लेबनान में तैनात इस्राइल के सैनिको
33:38को ये निर्देश दिये है कि वो अगले आदेश तक कोई कारवाई नहीं करेंगे और ये आरोप नेफ्टाली बेनेट लग
33:58की कर रहे हैं लेकिन इस्राइली सैनिको को गोली चलाने की इजासद नहीं है इस्से ये सवाल भी उड़ता है
34:05कि आने वाले दिनों में आखिर इस्राइल में नेतन्याहू की स्थिटी क्या रहेगी और आज जब विपक्ष वहाँ पर इतनी
34:11जोर से आवाज उठा रहा है तो
34:27उन पर या उतरी इसराइल के लोगों पर किसी भी प्रतेक्ष या अप्रतेक्ष खत्रे से रिपटने की पूरी छूट है
34:36इसराइली सेना पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है
34:38मैं उनके साथ खड़ा हूँ
34:39सारे नाग्रेक उनके साथ हैं
34:41ताकि उतरी इसराइल के लोगों की सुरक्षा के लिए डक्षणी लेबनन में जब तक रहने की जरूरत हो वो रह
34:47सके
34:55और अगली खबर का रुक करते हैं सवाल ये खड़ा होता है कि क्या भारत को वाकई में पेट्रोल में
35:00इतनौल मिलाने की जरूरत है
35:02इस वक्त हमारे देश में E-20 पेट्रोल को लेकर खूब विवाद हो रहा है लोग यारोप लगा रहा है
35:06कि इसके कारण उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है
35:09इसे इंजिन में भी खराबी आ रही है जबकि सरकार कह रही है कि E-20 पेट्रोल से जादा नुकसान
35:14नहीं है और इसका माइलेज पर भी जादा असर नहीं होता
35:17इस बहस के बीच बड़ा सवाल ये बन रहा है कि क्या हमें बाकई में पेट्रोल में इथिनॉल मिलाने की
35:22जरूरत है
35:23ये सवाल हम इसले पूछ रहे हैं क्योंकि अब धीरे धीरे दुनिया में कच्छे तेल की आप पूर्ती सावानने होने
35:29लगी है
35:29इनमें भी इरान के कच्छे तेल पर लगे प्रतिबंदों को अमेरिका ने अगले साथ दिनों के लिए हटा दिया है
35:34और अगर इन साथ दिनों में इन दोनों देशों की फाइनल डील हो जाती है तो प्रतिबंद हमेशा के लिए
35:40निलंबित रहेगा
35:42अब यह भारत के लिए अच्छी ख़बर है, अच्छी खबर इसलिए है क्योंकि इरान का कच्छा तेल ना सिर्फ सस्ता
35:47है बलकि दोनों देशों के बीच दूरी भी कम है, जिससे कच्छा तेल लाने का खरच कम हो सकता है,
35:52इसी में एक अड़्वांटिज और है कि इरान हमें क�
36:08सेदारी साड़े 11 प्रतिशत थी और हाली में प्रतिबंध हटने के बाद हमने इरान से 38,85,000 बैरल कच्छा
36:17तेल खरीदा और ऐसा नहीं है कि सिर्फ हमें इरान के तेल की ही जरूरत है
36:21इरान अपने तेल को रिफाइन करने के लिए भारत की तेल रिफाइनरी का इस्तमाल का प्रात्मिक्ता देता है
36:28और अब भी प्रतिबंध हटने के बाद उसने हमसे संपर करना शुरू किया है
36:32अब एक तरफ एरान का कच्चा तेल हमारे पास आने वाला है दूसी तरफ रश्या से भी हम खूब तेल
36:37खरीद रहे हैं
36:37आप इस ग्राफिक्स को देखिए जून दो हजार पचीस में भारत 44.4 प्रतिशत कच्चा तेल रश्या से खरीद रहा
36:56था
36:57यानि आदे से जादा कच्चा तेल हम रश्या से खरीद रहे हैं और अब कच्चे तेल की जादा कमी है
37:03नहीं
37:03इंजिन ट्रूड बास्केट में एक बारल कच्चा तेल 75 डॉलर पर आ गया है जबकि युद्ध से पहले इसी के
37:09आसपास 79 डॉलर पर था
37:12यह आदे बताते हैं कि जब कच्चा तेल सस्ता किया जा सकता है और दूसरा अब पेट्रोल में एथनॉल मिलाने
37:17की जरूरत पर भी जरूर विचार होना चाहिए
37:19कम से कम सरकार लोगों को विकल्प दे सकती है कि वह अपनी गाडियों में पेट्रोल डल्वाना चाहते है यश्च
37:24विकल्प होताहीं जब
37:41E15, E85 वो तेल होता है जिसमें एथनॉल मिला गया हो 15 प्रदिश्ट, 85 प्रदिश्ट
37:47ये लोगों पर निर्भर करता है कि वो अपनी गाड़ियों में कौन सा पेट्रोल डलवाएंगे
37:50और यहां बात सिर्फ अमेरिका और स्वीडन की नहीं है
37:52जर्मनी में E5 है, E10 दोनों विकल्प मौझूद है
37:57जिन लोगों के पास पुरानी गाड़ियां है उनके पास ये विकल्प रहता है कि वो E5 को चुने
38:02ताकि उनकी गाड़ियों को इससे नुकसानना
38:04और फ्रांस और कैनड़ा में regular gasoline यानि बिना ethanol वाले पेट्रोल और ethanol वाले पेट्रोल के अलग-अलग stations
38:12होते हैं
38:13और हमारे देश में भी जब इस पर विवाद हो रहा है तो सरकार ये विवस्था कर सकती है
38:18यह आपको ये भी जानना चाहिए कि सरकार का लक्षे 2030 तक पेट्रोल में 20% इतनौल में लाने का
38:24था
38:25लेकिन इस लक्ष को उसने 5 साल पहले नवंबर 2025 में हासिल कर लिया
38:29जिसे कई लोगों की शिकायत यह है कि ये सब कुछ रॉकेट की रफतार से कैसे हो गया
38:34इसके अलावा सरकार ने साल 2024 में किसानों को ये प्रस्ताव दिया
38:38कि अगर वो मक्के की खेती करते हैं तो उनके साथ पूरे 5 साल का एक कांट्राक किया जाएगा
38:43और उन्हें MSP के साथ इसका लाब मिलेगा
38:45ये इसलिए बड़ा था क्योंकि भारत में मक्के की खपत भोजन के रूप में ज्यादा नहीं होती
38:51भारत में कुल जो उत्पादित मक्के का केवल 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा ही सीधे तोर पर भोजन के रूप
38:57में खपत होता है
38:58लेकिन फिर भी ये प्रस्ताव आया और इसलिए आया क्योंकि मक्का से इतनौल बन सकता है
39:02और यही कारण है भी इस पर कई लोग नाराजगी चता रहे हैं पूछने की E20 पेट्रोल भारत में पेट्रोल
39:07वाली कीमतों पर ही क्यों मिलता है
39:10खर इन सब के बीच एक और बड़ी खबर यह है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के
39:15लिए अंतिम दौर की बात चीच शुरू हो चुकी है
39:17इसके लिए अमेरिका के ट्रेड रेप्रेसेंटेटिव जैमिसन ग्रीर भारत आ चुके हैं
39:22और इसी खबरे हैं कि हमारा देश अमेरिका से दो चीज़ें चाहता है
39:26पहला हम चाहते हैं कि यह ट्रेड डील सीधे लागू ना की जाए
39:28इसकी जगा पहले एक अंतरिम या शिरुवाती समझाता लागू हो और फिर आगे बड़े समझातों की तरफ बढ़ा जाए
39:34दूसरा हम चाहते हैं कि अमेरिकी बाजारों में भारत के सामानों पर वियतनाम और अन्य एशियाई देशों की तुलना में
39:40कम टारिफ लगे
39:41और हमें इस ट्रेड डील का बड़ा अड्वांटेज है
39:46ये ड्वांटेज हमें क्यों चाहिए उसके लिए आपको यह आकड़े देखने चाहिए
39:50अमेरिका वो देश है जिसके साथ वियापार करने में हमें खूब मुनाफा होता था
39:54लेकिन अब ये वियापार मुनाफा यानि ट्रेड सप्लस तेजी से घटने लगा है
39:58मई महीने में भारत का वियापार मुनाफा 2.4 बिलियन डॉलर रहा
40:03जबकि पिछले साल इसी मई महीने में ये वियापार मुनाफा 5.02 बिलियन डॉलर रहा
40:08इसका मतलब यह हुआ कि सिर्फ एक साल में अमेरिका के साथ भारत का व्यापार मुनाफ़ा 40% से जादा
40:14कम हो गया और अमेरिका को इसका खूब अडवांटेज मिला है, खूब फायदा मिला है, कैसे अब इनाकडों को देखिए
40:20पेट्रोलियम उत्पादों में अमेरिका का भारत को नर्याद 130%, एलेक्ट्रोनिक उपकर्णों में 136%, और ग्यानिक केमिकल्स में 98%, कौपर उत्पादों
40:30में 169%, गाडियों और दूसे वाहनों में 1284% और ताजे फलों का नर्याद 15% बढ़ा
40:39लेकिन इसी दोरान पेट्रोलियम उत्पादों में भारत का अमेरिका को 24% कम हो गया, जो पेट्रोलियम उत्पाद थे, एलेक्ट्रोनिक
40:47उपकर्णों में 33%, और ग्यानिक केमिकल्स में 12%, कौपर उत्पादों में 18%, गाडियों दूसे वाहनों में 37%, ताजे फलों का
40:55नर्या�
40:58जब भी आतंकवाद की बात होती है, सुरक्षा एजनसी से लेकर आम जनता के दिमाग में बंदूक और बारूद से
41:03लेस फुरुषों की तस्वीर उभरती है, लेकिन आप जौगली खबर हम आपको दिखा रहे हैं, पिछ़वे कुछ वक्त में भारत
41:08के खूफ़ी आईजनस
41:26धाकड उर्फ खदीजा को गिरफतार कर लिया, बबीता की कहानी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि कैसे सोशल
41:33मीजा के बंद कमरों में महिलाओं का प्रेन वाश किया जा रहा है, मूल रूप से गंगापूर सिजी की रहने
41:39वाली बबीता सोशल मीजा के जरिये पाकिस्�
41:44गुफती ने उसे कलमा पढ़ाया, उनके इसलाम कबूल करते हुए अपना नाम खदीजा उसने रख लिया, जब अभीता का मूबाइल
41:51खंगाला गया तो जहांच अधिकारी दंग रह गया, उसके फोन में दो सिमकार्ट थे, उसका फेस्बुक अकाउंट देश विरोधी, �
41:57अपती जनक कॉंटेंट से भरा बढ़ा था, उसकी फ्रेंड लिस में कई ऐसे प्रोफाइल थे, जिन पर जैशे मोहमत के
42:03जंडे, हतियारों से लेस आतंकियों की तस्वीरे लगी थी, इतना ही नहीं, उसके वाटसाप पर कई पाकिस्तानी नंबर्स मिले, जिन
42:11से वो लगात
42:11संपर्क में थी, शुरुवाती जाच के मुताबिक पाकिस्तानी हैंडलर्स बबीता का ब्रेंवश कर चुके थे और उसे भारत में किसी
42:18बड़ी साज़श को अंजाम देने के बाद पाकिस्तान बुलाने की तयारी भी थी, लेकिन ATS ने उससे पहले ही खदीजा
42:24को UAPA के तह
42:38जैश मुहमद और उसकी एक सोची समझी क्रूर रनीती है, मीडिया रिपोर्ट्स और खूफिया दस्तावैजों के मुताबिक जैश के सरगना
42:45मसूद अजर ने बाकाइदा महिलाओं के लिए एक अलग विंग तयार कर दी, तो नाम है जमातल मुमिनात, इस विंग
42:51की कमान मस
43:04जहाद की त्योरी पढ़ाई जाती है, यही वज़ा है कि यह मसला सिर्फ एक महिला बविता और खदीजा अतक सीमत
43:09नहीं है, बैंगलूर से लेकर हाइदरबाद और कश्मीर तक पढ़ी लिखी महिलाएं, डॉक्टर्स, ग्राजुइट्स, अब आतंकी संगटनों के रडार
43:15पर है, जिने आतंक का नया चेहरा बनाया जा रहा है, पिछले एक साल में अगर आप देखिए, तो देश
43:23के अलग-अलग कोनों से महिलाओं की गिरफतारियां हुई है, इन मामलों में सुरक्षा एजिंसियों ने प्रियम्टिव स्ट्राइक्स यानि धमाके
43:30से पहले की साज
43:42कोडिनेट कर रही थी, फिछे साल लवंबर में लखनव की एक इनुवर्सी में काम करने वाली पढ़ी लिकी, डॉक्टर शाहीन
43:49सहीद को गिरफतार किया गया, आपको याद होगा, ये लेडी डॉक्टर जैश और अनसार गजवात-ुलहिंद के लिए काम कर
43:56रही थी और इस
44:12पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में थी और भारत में अलकाइदा का ओनलाइन टेरर मोड्यूल चला रही थी
44:17अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर आतंकी आका महिलाओं को निशाना क्यों बना रहे हैं, एक्सपर्ट के मताबिक
44:23इसके पीछे तीन सबसे बड़ी वज़ा है
44:25पहला कमशक सुरक्षा एजनसी सेक्योरिटी पॉइंस पर महिलाओं पर आसानी से शक नहीं किया जाता, समाज में महिलाओं को सुरक्षा
44:32और करुणा का प्रतीक माना जाता है, आतंकी इसी सामाजिक सोच का फायदा उठा कर उन्हें सुरक्षा घेरा भेदने के
44:38लिए इस्त
45:02समय तक कानून की नजरों से बच्षती हैं
45:25आपस तक आप पहुंची है, आतंकी संगठन अब महिलाओं को एक हतियार की तरह इस्तमाल कर रहे हैं, हाला कि
45:30भारतिया एजंसिया अब इनके डिजिटल फूट्प्रिंट्स और बैंक ट्रेल्स को ट्रैक कर, किसी भी बड़ी साजिश से पहले लेडी टेरा
45:38नेट्वर्क को
45:39निस्ताबूत करने में जुटी है, ब्लाक इन वाइट में इतना ही, अब आपसे अमारी अगली मुलाकात होगी, कल रात 9
45:44बजे खुश रहे हैं, स्वस्त रहे हैं, सुरक्षत रहे हैं, और नीचा दिखाने की कोशिश वही करते हैं, जो आपसे
45:51बहुत नीचे खड़े होते ह
45:53नमस्का
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