00:00पशिमंगाल की राजनीती में एक ऐसा भुचाल आया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खीज लिया है।
00:05लगभग तीन दशक तक जिस पार्टी की पहचान ममता बैनर जी रही उसी त्रेनमुल कॉंग्रेस यानि की टीमसी के भीतर
00:11अब खुली बगावा देखने को मिल रही है।
01:03पूरी कहाने विस्तार से सबचते हैं।
01:05जो की राश्णीती में सक्रिया हैं।
01:07और खास करके हावडा जैसकी मैंने आपको पहले भी बताया कि हावडा की राश्णीती में उनकी मजबूत बहुत ज्यादा है।
01:12राज़तिक जानकारों का कहना है कि हावडा में टीमसे के संगठर को मजबूत करने में अरूप राई की महत्तोपूर्ण भूमिका
01:18रही है
01:19यही वज़ा है कि उन्हें इलागे के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है
01:23वर्षों के महनत और जमीनी राज़नीती ने उन्हें एक मजबूत जनाधार वाला नेता बनाया है
01:28अगर उनकी चुनावे रिकॉर्ट्स पर नजर डाले तो यह साफ हो जाता है कि जनता के बीच उनकी अच्छी पकड
01:32रही है
01:32अरूप राय लगतार चार बार हावडा मध्य विधानसवा सीट से विधायक चुने जा चुके है
01:37किसी भी नेता का लगतार कई बार जीत कर विधानसवा पहुचना इस बात का संकेत होता है
01:42कि छेतर की जनता उसके काम और नित्रत्व पर भरोसा करती है
01:46यही भरोसा अरूपरा की सबसे बड़ी राजनितिक ताकत माना जाता है
01:50पेशे से अरूपरा एक वखी है
01:52कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजनिति का रास्ता चुना और धीरे-धीरे संगठन में अपनी अलग पहचान
01:58बनाई
01:58उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कॉंग्रेस पार्टी से की थी
02:02उस समय पश्विम बंगाल की राजनिती में कॉंग्रेस और वांदलों के बीच मुकाबला होता था
02:07लेकिन 1990 के दशक में उसके आखिर में जब ममताब एनरजी ने कॉंग्रेस से अलग होकर अपनी नई राजनितिक पार्टी
02:15बनाने का फैसला किया
02:16तब बहुत कम नेता ऐसे थे जिन्होंने शुरू से उनका साथ दिया
02:20अरूप राए उन्ही नेताओं में शाबल है
02:31उन्होंने शुरूवाती दोर से ही संगठन को मजबूत करने का काम किया
02:36और ममताब एनरजी के विश्वसने सहीयोग्यों में अपनी जैगे बनाए
02:39पार्टी के वस्तार में उनकी बुमिका को काफी एहमाना जाता है
02:43इसके बाद साल 2011 में पश्विम बंगाल की राजनेती का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ
02:48लगभग 34 वर्षों तक सत्ता में रही बामोचा सरकार को हरा कर ममताब एनरजी ने इतिहास रच दिया
02:56इस एतिहासिक जीत में जिन नेताओं ने संगठन को मजबूत किया उनमें अरूप राय का नाम भी प्रमुकिता से लिया
03:02जाता है
03:02सरकार बनने के बाद ममताब एनरजी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें कैबनेट मंतरी वनाया
03:08उन्हें सहकारिता विभाग की जिमिदारी सौपी गई जहां उन्हें कई वर्षों तक मंतरी के रूप में काम किया
03:14इसके अलावा वे सरकार और संगठन दोनों में लगातार सक्रिय भूमी का निभाते रहे
03:19हावड़ा जिले में अरूप राय को सिर्फ एक विधायक या मंतरी के तौर पर नहीं बलकि संगठन के मजबूत स्तंभ
03:25के रूप में देखा जाता है
03:27पार्टी कारेकरताओं के बीच उनकी अलग पहचान है और स्थानी अस्तर पर उनका नेटवर्क काफी मजबूत वाना जाता है
03:33यही कारण है कि जब टीमसी के भीतर नेत्रतों को लेकर सबसे बड़ा संकट सामने आया
03:39बागी नेताओं ने किसी नय चहरे के बजाए अरूप राय जैसे अनुभवी नेता को आगे करने का फैसला किया
03:44राजनितिक विशलेशकों का मानना है कि अरूप राय की सबसे बड़ी ताकत उनका लंबा राजनितिक अनुभव, संगठन पर मजबूत पकड़
03:52और कारेकरताओं के बीच स्विकारता है
03:55तो अब सवाल उड़ता है कि आखिर बागी नेताओं ने अरूप राय को ही क्यों जुना
03:59राजनितिक जानकारों का मानना है कि अरूप राय एक वरिश्ट अनुभवी और लंबे समय से पार्टी से जुड़े नेता है
04:04उनकी छवी अपेक्षा कृत शांत और संगठनात्मक नेता की रही है
04:09वे उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने वर्षों तक जमीनी स्तर पर पार्टी को मस्बूट किया
04:14यही कारण है कि बागी गुट उन्हें ऐसा चेहरा मान रहा है जिसे संगठन के पुराने कारेकरता भी स्विकार कर
04:21सकते है
04:21बागी गुट का नेतिर्टो कर रहे हैं नेताओं ने दावा किया है कि उन्होंने ममताब एनर्जी को अध्यक्षपत से हटा
04:27कर
04:27अरूप राय को पार्टी करना या चेहर परसन चुना है साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि वे चुनावायों
04:33के पास जाकर खुद को असली टीमसी के रूप में मानेता दिलाने की कोशिश करेंगे
04:37रिपोर्ट्स के मताबिक बागी गुट का ये दावा भी है कि उसे बड़ी संख्या में विधाय को और पार्टी पता
04:42अधिकारियों का समर्थन प्राप्थ हो चुका है
04:44अलाग इस दावे की स्वतंतर पुष्टी अभी नहीं हुई है और पार्टी का अधिकारिक नेतर्त्व इन दावों को स्विकार नहीं
04:50कर रहा है
04:51दल्चस बात ये भी है कि बागी नेताओं ने ममता बैनर जी के लिए पूरी तरह दर्वासे बंद नहीं किये
04:56उन्होंने कहा कि अगर ममता चाहें तो उन्हें पार्टी का मुख्य सलाहकार बनाया जा सकता है
05:01यानि राजनितिक टक्राव के बीच भी समवाद की संभावना पुरी तरह द्रखत नहीं हुई है
05:05अलग कि अधिकारिक टीमसी अभी ममता बैनर जी को ही पार्टी की बैद्य अध्यक्ष मानती है
05:10पार्टी का अधिकारिक वेबसाइट और संगठन आत्मक धाचे में किसी बतलाव की घोशना नहीं की गई है
05:15ऐसे में फिलहाल ये पूरा विवाद राजनितिक और कानूनी दोनों उस तरों पर आगे बढ़ सकता है
05:21अगर चुनाव आयोग तक मामला पहुंचता है तो वहाँ ये देखा जाएगा कि किस बूट के पास कितने संगठन नर्वाचित
05:28प्रतिनिधियों का वास्तविक बहुमत है
05:30पार्टी के नाम और चुनाव चिन को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है
05:34अरूप राय के राजुनितिक व्यक्तित्व की बात करें तो वह हमेशा मीडिया की सुर्खियों से दूर रहकर संगठनात्मक राजुनिति करने
05:41वाले नेता माने जाते हैं
05:56इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ टीमसी तक सिमित नहीं रहेगा पश्यमंगाल की राजुनिति में ये आने वाले समय की
06:02दिश्वात आय कर सकता है
06:03यदि पार्टी का विभाजन और गहरा होता है तो इसका सरसंगठन, विधान सभा और भविश्य की राजुनिति करनेतियों पर पड़
06:11सकता है
06:12फिलहाल इतना तह है कि अरूप राय अब केवल हावडा के नेता नहीं रह गये हैं
06:29और अरूप राय की नई भूमी का कितनी मजबूत सावित होती है
06:32फिलहाल पश्यम बंगाल की राज़ीती बेहदल जस्मोर पर खड़ी है
06:36एक तरफ ममता बैनर जी का अधिकारिक नेतर तो है तो दूसरी तरफ बागी गुट अपने संगठन को असली TNC
06:41बता रहा है
06:42इस राजुनितिक संगर्ष का अगला अध्याय क्या होगा इस पर पूरे देश की नज़र बनी हुए
06:48कि क्यों यह जो बागी गुट है वो ममता पर साफ साफ एक ही इलजाम लगा रहे हैं कि अपने
06:53अभिशेक बैनर जी के चकर में ममता ने TNC को बरवाद किया है और अब भी वो ऐसा ही कर
06:57रही है और इसलिए उन्होंने उनसे अलग होने का फैसला किया है और अरू पराय को अ�
07:05देट्स आएंगे कुछ नया पैटर्न आएगा कुछ नई खबरे आएंगी हम आपको जरूर बताएंगे तब तक देखते रहे हैं वन
07:11इंडिय है
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