00:25अपने बाल खोल के दिखाओ
00:33फिर जो वरपक्ष की महिलाएं होते हैं आप असे बात करती हैं ठीक रहेगी यहाँ ठीक लग रही है यहाँ
00:42फाटाईल है ठीक है तब ऐसे बनते हैं कि हां जी अब दो परिवारों का मिलन होने जा रहा है
00:47रिष्टा पक्का हुआ अब तो हम एक हैं शर्मा परिवार और वर्म
00:59ही हो रहा है घर के जितने बुड़े बाड़े हैं इतनी वड़ी तोंग वाले हो बैठ कर जहाँ लाओ भई
01:04दो जले भी और लाना अरे लाओ लाओ जले भी भी लाओ ये रिश्टे के शुरू में ही जब पाखंड
01:11कर लेते हो तो वैवाहिक जीवन सुखी कैसे होगा बताओ न
01:15एक बार दिल को टूठने दो एक बार ये सुखार कर लो कि ये सब जो लोग शादी के लिए
01:23तलाश रहे होते हैं ये सब वास्तव में शरीर ही तलाश रहे होते हैं जब ये सुखार कर लोगे न
01:28तो भीतर अपमान की आग उठेगी फिर प्रेम ढूनने को विवश हो जाओ ग
01:36झाल
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