00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहरखान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03भरत तिवारी के इनकॉंटर को लेकर बिहार पुलिस का सबसे बड़ा जूट सामने आया
00:09बिहार पुलिस का कहना है कि भरत ने पुलिस वालों के सामने अपनी पिस्टल तो फेग दी थी
00:15लेकिन इससे पहले के पुलिस वाले वो पिस्टल उठा पाते भरत दुबारा लपक कर पिस्टल उठा लेता है
00:21और पुलिस वालों पर गोलियां चलाना शुरू कर देता है
00:25जवाब में पुलिस गोली चलाती है जिसमें भरत मारा जाता है
00:29हालांकि तस्वीर कुछ और ही कहानी बयान कर रही है
00:33उदर बिहार के ADG Law & Order ने कहा है
00:36के Encounter पुलिस का अधिकार है
00:39मेरे इस त्याग बलिदान के बाद
00:45मेरे इस सरीर को दान कर दिया जाए
00:50इसके सबसे प्रास्मिक्ता हमारी देश के सेना
00:56आन बान शान भाक्तिय सेना इंडियान आर्मी को दान कर दिये लिए
01:04दूसरे स्थान पर रशासन को तिसरे स्थान पर पॉब्लिक को उसमें भी जो गरीब लोग है
01:14असा हाइव नहीं मज्बूर है
01:21यह मेरी यही अंती मिक्षा मेरी यही है
01:2828 साल का भरत जीते जी अपना पिंड़दान कर चुका और जीते जी अपनी आखरी ख्वाहिश भी दुनिया को बता
01:36कर चला गया
01:37पिंड़दान के बार देहदान करने की आखरी ख्वाहिश
01:41भरत एक आम नौजवान था आम लोगों के लिए आवाज उठा था
01:46सिस्टम से भड़ जाता बस यही उसकी गलती थी
01:50लेकिन इनका क्या कीज़ेगा
01:52यह तो खुद ही एक सिस्टम है
01:54इस सिस्टम से ठूटी वाने सिर्फ इनके मुक से सुन लीज़े
01:59साहब कह रहे हैं कि सेल्फ डिफेंस यानि आत्म रक्षा में गोली चलाने का इन्हें अधिकार मिला हुआ है
02:06जहां भी हमारी अपनी जान को खत्रा होगा
02:10वहां सेल्फ डिफेंस में पॉलिस जो है वो आत्म रक्षाथ गोली चलाती है
02:18और इस क्रम में यदि सामने वाला अधियुक को गोली लगती है
02:23तो वो कानून के तहट एक exception है
02:27उसमें हमें आत्म रक्षाथ गोली चलाने का अधिकार दिया गया
02:32बेशक एडी जी सहाब पुलिस को कानून ने या अधिकार दिया हुआ है
02:37कि वो अपनी रक्षा में जरूरत पढ़ने पर गोली चला सकता है
02:41पर एडी जी सहाब ये बताईए जब भरत पिस्टल फेंक कर निहत्ता आपकी पुलिस के सामने खाड़ा था
02:49तब उन पुलिस वालों को किस आत्म रक्षा की जरूरत थी जो उन्होंने भरत पर तीन से पाँच गोलिया चला
02:56दे और फिर पिस्टल फेकते भरत तो कैमरे में भी गयत था
03:00यानि आपके पास सबूर पी थे तो ये कौन सा सिल्फ डिफेंस या आत्म रक्षा हुआ
03:07यही सवाल जब एडी की साहब से पूछा गया तो अब तक जो अपने अधिकार और सिल्फ डिफेंस आत्म रक्षा
03:14पर कानूनी ज्यान दे रहे थे फॉरण पल्टी मारते हैं और उसी कानून की आड में अपनी जुबान बंद कर
03:21लेते हैं कुछ इस अंदास में
03:28मैं इस बारे में यही कहना चाहूँगा कि नियाई ज्याय चाहे हो कि तहत यह मामला है और उसमें हमारे
03:34अस्तर से कोई भी बयान देना उचित नहीं होगा
03:37नियाई जी शाहबाद इस कांड के नूस अंधान के लिए प्रादिकृत किये गए है हमें उसका इंतिजार करती है
03:44तो ADG सहाब कह रहे हैं कि भरत की मौत का सच जानने के लिए अभी इंतिजार कीजी
03:49अभी ने कौन बता है कि जनता बेचारी बस इंतिजार ही तो करती है
03:55मुख्य मंत्री ने भरत की मौत की जाच के लिए पटना हाई कोट के
03:59रेटायर्ट जच किया गुवाई में नियाईक जाच के गठन का एलान किया
04:04पर ये नियाईक जाच कौन करेंगे पांच दिन बाद की जनता इंतिजार ही तो कर रही है
04:10भरत के इंकाउंटर यानि मडर के सिलसले में दोदो एफायार दच की गई है
04:15जिसकी जाच भी होगी पर मजाच देखे
04:17पहले पुलिस एंकाउंटर के नाम पर निहत्ते और मानसिक रूप से बीमार नौजवान को गोली मार ली
04:24और फिर गोली मारने वाले उन्ही पुलिस वालों के बास को ये जाच सौप देती है
04:29कि पता करो गोली सही मारी थी कि नहीं
04:36ADG साहब को तो इसी बात को समझने में पांच दिन लग गए
04:40कि 16 जून को जब पहली बार पुलिस भरत के घर गई थी
04:43तब वहाँ सिचुवेशन को बहतर धंग से हैंडल किया जा सकता था
04:47हमने इसी वारदात पे पांच दिन पहले ही ये कहा था
04:51कि उस दिन पुलिस ने सिचुवेशन को ठीक से हैंडल नहीं किया
04:54यहां तक कि भरत से बिना पिस्टल लिए पुलिस वाले लौट गए
04:58अब बिहार पुलिस जागी और कह रही है
05:01हां बात तो ठीक है अब हम एक्शन भी ले रहे हैं
05:04हमने एसेचो समेथ पांच पुलिस वालों को सस्पेंट कर दिया है
05:09इस मामले में लापरवाही जो है इस परिपेक्ष में सामने आई है
05:15कि जब पहली बार वो सोला तारी को हमारे पतादिकारी वहां गये थे
05:20तो उसमें जो अभ्यूक्त था उसको उन्होंने खीक से हैंडल नहीं किया
05:28टाइमली उसको नियंतरा में नहीं ला सके और उसका वीडियो वगरा वाइरल हुआ
05:34इस आरोप में एक एसेचो तो सबिस पेक्टर एक एसाई और एक कॉंस्टिबल जो थाना से गया थे
05:41उनको सस्पेंट किया गया है
05:44यह बियार के भोजपूर के शाहपूर पुलिस स्टेशन के वही सस्पेंड़ेट एसे चो राजेश बलाकर का सेल्फ स्टेटमेंट है
05:52यानि खुद उनका अपना बयान
05:54इस बयान को पढ़ना बहुत सरूरी है
05:56यह बयान इस्पेंटर राजेश मलाकर ने 17 जून की दोपहर 12 बचकर 20 मिनट पर लिखा था
06:03अब पता नहीं तब तक उन्हें ये पता भी था कि नहीं
06:07कि बस थोड़ी देर पहले उन्होंने 28 साल के जिस भरत पिवारी का एंकाउंटर के नाम पर मडर किया था
06:13वो सारी चीजें तब खुद भरत अपने मुबाइल में रिकॉर्ड कर रहा था
06:17फेस्बुक पर लाइक था
06:19हाला कि लगता नहीं है कि इंस्पेक्टर राजेश को शायर ये पता था
06:23वरना वो अपने बयान में ये जूट नहीं लिखते
06:26तो पहले उनके जूट की तस्वीर दिखाता हूँ फिर उनके जूट की तहरीर पढ़ाता हूँ
06:33ये 17 जून की ही तस्वीर है ये पिस्टल जिसने अपने हाथ में थाम रखा है
06:38वो भरत तिवारी था और उसके सामने पुलिस फिर पुलिस के भरोसा देने पर भरत ये पिस्टल पुलिस वालों के
06:44सामने फ्याइक देता है
06:45अब पिस्टल पुलिस वालों के सामने जमीन पर पढ़ी है, अब ध्यान से देखिए और बताईए, जमीन पर पढ़ी पिस्टल
06:52के ज्यादा करीब पुलिस वाले हैं या भरत। अब चलिए, इस तस्वीर से बाहर निकल कर इंस्पेक्टर राजेश मलाकर की
06:59तहरीर पढ़ाता
07:11पर जैसे ही पुलिस का एक जवान भरत के फेके गए पिस्टल को जब्त करने के लिए आगे बढ़ा तब
07:18ही भरत तेजी से दोड़ कर लपक कर अपना पिस्टल उठा लेता है और पुलिस को निशाना बना कर दो
07:24फायर करता है
07:25इसके बाद बचाओ यानि वही सेल्फ डिफेंस यानि आत्म रक्षा में पुलिस ने भरत को कमर के नीचे चार गोली
07:33मारी चुपैर को लगी हाला कि इस्पेक्टर राजेश के कुछ गलत नहीं कहा हर इंकाउंटर के बार लगबग हर पुलिस
07:42कुछ ऐसी ही कहानी सुनाती है आ
07:54कहानी ही अलग थी कैमरे सब कुछ साफ साफ दिखा रहे थी भरत पुलिस वालों के सामने जमीन पर पिस्टल
08:00फेंक कर सरेंडर कर चुका था ना वो उसके हाथ में पिस्टल थी ना वो गोली चला सकता था यानि
08:06विहार पुलिस ने निहत्ते भरत पर चार गोलिया दा गी इस
08:10इसलिए से इंकॉंटर ने मढडर कहा जा रहा है क्योंकि इस पूरे घटना करम का फ्रेम दर फ्रेम हर सबूत
08:16कैमरे में रिकॉर्ड है बस जो रिकॉर्ड नहीं है वो है निहत्ते भरत पर पुलिस वालों का गोलिया चला है
08:24हाला कि कैमरे में भले ही ये सरकारी गत्ल रिकॉर्ड नहुआ है पर जब पुलिस वाले भरत को मार रहे
08:31थे तब कैमरे बनकर बहुत से आखे ये सब कुछ लाइप देख रही थी
08:47कि वहां DSP के सामने आप उसका Facebook लाइप देखिए DSP के सामने वह बच्चा अपना आर्म्स दे देता है
08:56उसका बाद पुलिस वहां से घसिटते हुए यहां लाती है और चारों तरफ से घेर करके
09:02राइफल के उद्दे से उनके पैर को तोड़ा जाता है और एक साथ तीन गोली मारी जाती है तीन गोली
09:23की आवाज
09:23रहे हैं वह सारा ड्यूटू भरत्तिवारी की दिन है यह भरत की मां आशादेवी की तरफ से भोजपूर
09:31एसपी को दी गई शिकायत है इस शिकायत में भरत की मा लिकती है कि डिप्टी एसपी के ओर्डर पर
09:37ही पिस्टल जमीन पर फैंक देने के बाद भी पुलिस वालों ने भरत पर पांच गोलियां चलाए इसके बाद उनके
09:43पती को शाम तक ठाने में बिठा कर रखा गया बिना कि
10:11अबराद गारी मिले जाके है या मारल बाद अब दू बुली आये कराबाद है मरला झाल में आफड़ा एकराबाद वहा
10:17जाक है एकराबाद है
10:18भरत की मौत के बाद से जिस तरह लोगों का घुसा फूट रहा है
10:22हाल के वक्त में किसी इनकाउंटर के बाद ऐसा घुसा देखने को नहीं मिला
10:26शायद इसकी एक बजा ये भी है कि भरत का कभी कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं रहा
10:31वो ज्यादा तर समाज सेवा में ही जुटा रहता है
10:33भरत के अब ऐसे तमाम वीडियो एक एक कर बहरा रहे हैं
10:37और सोशल मीडिया पर वाइरल हो रहे हैं
10:40समाज के उठान के लिए समाज के विकास के लिए
10:43राश्ट की सुरक्षा के लिए अगर कहीं जूरत हो
10:46तो मैं उसके लिए हमेशा तयार हूँ
10:48अपना त्याग और बलिदान करने के लिए
10:51ये तो मेरे लिए काफी सोभाग की बात है कि
10:54ऐसा सुव औसर मुझे कभी मिलेगा
10:59दरसल भरत अकसर लोगों की समस्याएं लेकर
11:02पुलिस प्रशासन के पास जाया करता था
11:04सबसे ताजा जो मसला था
11:06वो ता बाढ़ पेडितों का
11:08असर में बिहार में आए बाढ़ की वज़ा से
11:10कुछ परिवारों को भरत के घर के करीब
11:13आइस थाई आशियाने में रखा गया था
11:15लेकिन वो घर की जगह गड़े ज़्यादा थे
11:18एक बारिश में पानी भर जाता
11:20आसपास अक्सर सांप निकलाते
11:22इनी लोगों की परिशानियों को देखकर
11:24भरत प्रशासन से उनके लिए
11:26बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहा था
11:29जो शायद सिस्टम को ना गवार गुज़रा
11:31इसी के बाद 16 जून को पहली बार
11:34पुलिस भरत के घर पहुची
11:35तब बाकाइदा भरत लाइफ फेस्बुक पर
11:38हाथ में तमन्चाली
11:40पुलिस वालों से कहता सुनाई देता
11:42कि घूस लेकर आप चुप रहते हैं
11:45इतनी हिम्मत है तो जाकर बदमाश लोगों को पकड़े
12:15कि आखिर 16 और 17 जून को क्या हुआ था
12:17पुलिस भरत के घर क्यों गई थी
12:20और भरत पुलिस और एस डियम से क्या मांग कर रहा था
12:24भरत को आदत थी कि वो अपनी हर चीज कैमरे में रिकॉर्ड करता था
12:28इसलिए 16 और 17 जून को जो कुछ हुआ
12:31वो सब कुछ कैमरे में रिकॉर्ड हो गया
12:38पटना से करीब 90 किलोमीटर दूर भोजपूर जिला का ये शाहपूर इलाका है
12:45सुभा का वक्त है और गाओं का खेत
12:50सामने पुलिस की तीन गाणियां खड़े है
12:54बहुत सारे पुलिस वाले हैं
12:56कुछ गाओं वाले हैं
12:58और दूसरी तरफ एक लड़का है जिसके हाथ में तमंचा है
13:03मतलब हाथ में तमंचा लिए लड़का और हथियारों से लैस पुलिस वाले
13:08इस वक्त आमने सामने है
13:10ये सब कुछ फेस्बुक पर लाइव चल रहा है
13:15अफ्रेश पदल गया
13:18इस वक्त अब जो भी आप देख रहे हैं
13:21वो फेस्बुक लाइव की तस्वीर है
13:25अब आवाज भी साफ सुनाई दे रहा है
13:30तो पहले तमंचा हाथ में लिए इस लड़के की बाते सुने
13:34ये पुलिस वालों से क्या कहना चाहता है
13:37और क्या कह रहा है
13:50अब जो भी जहां भी जो परवाई के साथ बीना भरस्टचार के साथ
13:57और बीना किसी कुछ भी गलत कार के साथ अच्छे से किया जाए
14:04तो ये मांग कैसे पूरा होगा बताईए
14:11अच्छा लिए कि आप लोग के द्वाला बोला गया कि पूरा तो ये अभी नहीं रखा जागा सुनिया भी बात
14:19खतम नहीं हुआ
14:21ठीक है अगर इन लोग बोल रहा है कि मांगे पूरी की जाएंगी आपके बात को लिखित रूप में या
14:27मोखिक रूप में उपर पहुंचाई जाएगी तो इसमें क्या समस्या तो फिर सब्सक्रें डालने में मेरा कोई समस्या नहीं जब
14:34मांगे मेरी जो पूरी होगी तो स�
14:38पूरी के साथ मांगे पूरी होने का समभावना अब दिख रहा है और समाज में और देश में बदलाओ आने
14:45का भी समभावना देख रहा है यहीं से तो चलिए हतियार रग दिया जाता है
14:50और इतना कहते ही अब लड़का अपना तमंचा फेंग चुका है अब तमंचा सामने पुलिस वालों से चंद कदम की
15:00दूरी पर जमीन पर पड़ा है
15:03लड़के के तमंचा भीटते हैं अब पुलिस वाले आगे बढ़ते हैं पर इसके बाद क्या होता है वो जानने से
15:10पहले ये जान लीजिए कि इससे पहले क्या हुआ था
15:16ये तस्वीर 16 जून की है कुछ पुलिस वाले घर में पहुँचे हैं ये घर उसी लड़के का है जिसे
15:23कुछ देर पहले आपने हाथों में तमंचा लहरा दे देखा था
15:28असल में इसका नाम भरत भुशन की वारी है
15:3316 जून मंगलवार को जब पुलिस भरत के घर पहुँचे तब भी भरत के हाथ में वही तमंचा था
15:41वो तमंचा पकड़े इसी तरह सामने खड़े और बैठे पुलिस वालों से बाते कर रहा है
15:47करीब चार घंटे तक भरत और पुलिस वालों के बीच ये बात चीच चाही और फिर पुलिस लॉट गई
15:54भरत से बिना उसका तमंचा कब से मिली ये सब कुछ भी कैमरे में रिकॉर्ड हो रहा था
16:00क्योंकि तब भरत फेस्बुक लाइप पर था
16:05अब रात हो चुकी थी
16:07खामोशी से पुलिस की टीम भरत के घर के चारों तरफ खेरा डाल देती है
16:13इस उमीद में कि भरत घर से बाहर निकले तो वो उसे पकड़ ले या मार दे
16:18लेकिन भरत घर से बाहर निकलता ही नहीं
16:22अब बुद्वार की सुबा हो चुकी थी
16:24भरत को पता चल जाता है कि पुलिस वाले उसके घर के इर्दगर्द खेरा डाले होगे
16:29इसी के बाद वो अपने घर की छट पर जाता है
16:32एक बार फिर से भरत पहले फेस्बुक पर लाई जाता है
16:36तमंचा अब भी उसके हाथ में
16:40तमंजा दिखाकर वो छट पर से ही पुलिस वालों को धमकाता है और फिर गोलिया चलाता है
16:45भरत के गोली चलाते ही पुलिस वाले पीछे हट जाते है
16:50पुलिस वालों के पीछे हटते ही या भरत अपनी बाइक पर घर से निकलता है
16:55और लगबख गेड़ किलोमीटर दूर खेतों के बीच बने इस टेंपरेरी आश्याई के करीद पहुंचता है
17:02जहां कुछ बाढ़ पीरित परिवारों को लाकर रखा गया है
17:07पुलिस पहले से भरत के ताक में थी
17:09जैसे ही वो इस जगे पर पहुंचता है
17:12पुलिस उसे सामने खड़ी में दिया
17:17इसके बाद फिर से भरत फेस्बुक पर लाइव हो जाता है
17:22लगबख पाँच मिनट तक पुलिस और भरत के बीच बात्चीत होती है
17:26सब कुछ लाइव जा रहाता है
17:29पाँच मिनट बाद आखिर कार भरत अपने कुछ शर्टें मानने को
17:33पुलिस के आश्वासन देने के बाद तमंचा जमीन पर फेंक देता है
17:37और इसी के साथ भरत फेस्बुक लाइव भी बंद कर देता है
17:42यानि अब कैमरे पर कुछ रिकार्ट नहीं हो रहा था
17:45अब इसके आगे की कहार
17:49तमंचा फेंकने और फेस्बुक लाइव बंद होते हैं
17:53अचानक गोलियां चलने की आवाज आती है
17:56शायद तीन या चार गोली चली थी
17:58और ये सारी गोलियां भरत के पैरों पर और पेट के निचले हिस्से पर लगी थी
18:04गोली उन पुलिस वालों ने तब चलाए जब भरत तमंचा फेंकने के बार निहता हो चुका था
18:10और शायद सरिंदर करने जा रहा था
18:17ज्यादा खून बह जाने की वज़ा से भरत के हालत नाजुक थी
18:21लेहादा इस्थानी अस्पतार और डॉक्टरों उसे पटना ले जाने की सलाह थी
18:26अब भरत को 90 किलोमीटर दूर पटना के एक अस्पतार में लाए जाता है
18:31लेकिन भरत की मौत हो चुकी थी
18:33ज्यादा खून बह जानी की वज़ा से
18:38पुलिस एंकाउंटर में भरत की मौत की खबर जैसे ही इलाके में फैली
18:42लोगों को घुस्सा आ गया
18:45घुस्से की वज़ा ये थी
18:46कि भरत मानसिक रूप से एक बीमार नौजवान था
18:50और ये बात पूरा इलाका जानता था
18:54उपर से सब कुछ फेस्बुक पर लाइफ चल रहा था
18:57लोगों ने भरत को पिस्टल फेटते हुए भी देखा था
19:02फिर उनका सवाल था
19:04कि एक निहत्य और मानसिक रूप से बीमार नौजवान को
19:07इनकाउंटर के दाम पर क्यों मारा के हैं
19:10लियादा इस्थान ये लोगों फरत कि लाश नैशनल हाइवे पर लख कर
19:14SDM और SP के खलाब नारे लगाने शुब करते हैं
19:20कहा कि हम लोग मारने नहीं आये हैं
19:22तुम हथियार जो लिया है तुम इसको दिख दो
19:26कर दो पाँच मिनिट बात हुआ है उससे फांच मिनट कर बात हुआ है जो कहा कि नए ह।
19:32कि नहीं हम लोग उनको नहीं मारेंगे अतना ही छोल मद करिएगा हमने साथ कंभल मार्मदी बन
19:56सोनु कुमार से भोचपूर आज तक
20:01तो वारदात में फिलाल इतना ही
20:03मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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