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  • 2 days ago
राम मंदिर विवाद: 'रामलला के पटवारी' चंपत राय कौन हैं, जो हैं निशाने पर?

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00:00राम लला के दर्वार में चढ़ाए गए करोर रुपए के दान पर सवाल उठ रहे हैं।
00:05आरोप है कि राम मंदिर के चढ़ावे से करोर रुपए इससे ज्यादा की रकम और सूना चांदी की कीमती आवूशन
00:12गायव होने की बात है।
00:14साइटी चांच कर रहे हैं पांच के रस्तारियां हो चुकी हैं ठाई करोर रुपए से ज़्यादा की रिकावरी का दावा
00:20भी किया जा रहा है।
00:21लेकिन इस पूरे विवाद के बीच एक नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में हैं वो हैं चंपत्राए।
00:26आखिर कौन है चंपत्राए। कैसे एक केमिस्ट्री प्रोफेसर राममंदिरांदोलन का सबसे प्रभाव शाली चेहा बन गया और अब चप्चड़ावे की
00:36कतिच चोड़ी पर सवाल उठ रहे हैं तो उनके खिलाफ आवाजे क्यों तेज हो रही हैं।
00:42अगले पांच मिनट में समझे पूरी कहानी कौन है चंपत्राए।
01:12चंपत्राए गिरफतार हुए और करीब 18 महीने तक अलग अलग जेलों में रहे।
01:18जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने प्रोफेसर की नौकरी छोड़ दी और खुद को पूरी तरह विश्व हिंदू परिशत
01:24के काम में लगा दिया।
01:26साल 1991 में उनका आयोध्या से गहरा जुड़ाव शुरू हुआ।
01:30संगठन में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती रही वही विश्व हिंदू परिशत के केंद्रिय मंत्री बने।
01:52कहा जाता है कि उन्होंने वर्षों तक कीस से जुड़े दस्तवीज, सबूत, रिकॉर्ड, सुरक्षित रखे।
01:59अधालत की सुनवाई के दौरान वकीलों और आंदोलन से जुड़े लोगों के बीच समन्वै को जिम्मेदारी से समहला।
02:06उनकी इसी मेनत और समर्पन के कारण लोग उन्हें राम लला का पटवारे भी कहने लगे।
02:12जब 2019 में सुप्रिम कोर्ट का फैसला आया और राम मंदिर निर्मान का रास्ता साफ हुआ तब बने शेराम जन्रूमी
02:19तीर्थ छेत्र ट्रस्ट में चंपतराय को माहसाचिव की जिम्मेदारी दी गई।
02:24यहीं से उनकी ताकत और प्रोभाब दोनों बढ़े। मंदिर निर्मान, ट्रस्ट रिप्राप्राशासन, मीडिया से समबाद, व्यवस्थाएं, बड़े फैसलों पर चंपतराय
02:33सबसे प्रमुक्चेहरे बनते गए।
02:35ट्रस्ट में कई बड़े नाम मौझूद थे लेकिन माना जाता रहा कि वास्तविक संचालन की कमान चंपतराय के हाथ में
02:42थी।
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