00:00दस जने उतरे हैं पिये हुए एक नाव से उतरे हैं अब वो गिनना चाहते हैं कि कोई एक रास्ते
00:05में टपक तो नहीं गया था नदी में तो वो सब गिनना शुरू करते हैं दस आगा इधर की नहीं
00:10आगा जो ही गिन रहा है वो ही कित्ते गिन रहा है नौ अब रागाव को ग�
00:27जलाखी कितनी भी दिखा लो, गल्ती तो वही है ना, जो हम हमेशा से करता है, क्या, खुद को नहीं
00:33देखता, तो हम भी जब पूछते हैं, दुनिया किसने बनाई, तो ये नहीं पूछते की, इस दुनिया की बात करने
00:39वाला मैं कौन हूं, उसको भी तो पूछ लो, उसको किस
00:42ने बनाया, तो तुम दोनों को साथ ही बनाया गया है, दुनिया को और दुनिया को देखने वाले को, इस
00:49जोड़े को जैसे ही एक साथ देखोगे, बिल्कुल समझ में आ जाएगा इस जोड़े के आधार में क्या है, दुनिया
00:54समझ में नहीं आती, तो वजह सिर्फ एक है, �
00:56दुनिया को देखने वाले को भूल जाते हो दुनिया को देखते वक्त और दुनिया को समझने का सूत्र भी वसी
01:01आई ये दुनिया को जब देखो तो
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