00:28।
00:30प्रशिक्षन कारिक्रम के दौरान इन महिलाओं ने मूझ घास से टोक्री, फ्रूट बास्कित, पैन स्टेंड, कोस्टर जैसी कई आकरशक चीजे
00:38बना कर अपने हुनर को तराशा है।
01:05प्रशिक्रम के दौरान इन महिलाओं को एक साथ लाने में स्वेम सहायता समू एहम भूमिकाने भाते हैं।
01:10कारीगरों को फंड और कच्चा माल मोहया कराया जाता है।
01:14प्रियागराज में स्वेम सहायता ग्रूप की सदस्या बताती हैं कि इससे उन्हें साल भर मूंच के उत्पात बनाने और बेशने
01:21में मदद मिलती है।
01:22मैं समू में महिलाओं को जोड़के पहले जिसे महिलाए थी उनके पास इतना पैसा नहीं होता था कि वो अपने
01:29सामान को साल भर के लिए स्टोर कर ले।
01:52अब सामान का रेट दो गुना हो गया। इसे महिलाओं के जीवन में बहुत ब्रिति हो रही है।
01:59उत्तरप्रदेश में कई महिलाओं के लिए इस प्रशिक्षन कारेक्रम ने रोजगार के नए रास्ते खोले हैं।
02:05जिससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।
02:14इसमें सभी महिलाओं का हो रहा है।
02:18दस दिन की ट्रेलिंग थी।
02:20पहने इस्ट्रेइंड सिखाया गया। डलिया सिखाई गई।
02:24हर चीश का है जो कुछ भी बनाना चाहे बना सकता है।
02:29हम लोगने मुश की ट्रेइनिंग के लिए हम यहां आये हुए है।
02:32We were alone, we were alone, we had no work we could do it.
02:36We had a good job for our government, which was good.
02:41We had learned many things like Delhi, Tea Coastal, Pen Stand,
02:47so we got a good job for our government.
02:51Uttar Pradesh is now an extremely change.
02:54This is the proof that if the people are correct and correct, they will not be able to make their
03:01own behavior, but the whole society will be able to make their own behavior.
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