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  • 2 months ago
केरल के अलप्पुझा स्थित पुन्नमडा झील शनिवार को सैकड़ों चप्पूओं की आवाज से गूंज उठी. राज्य की सबसे पसंदीदा और ऐतिहासिक खेल परंपराओं में से एक, 'नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़' की शुरुआत हो चुकी है. इस बार रेस में कुल 71 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें 22 टीमें मशहूर 'स्नेक बोट' यानी सांप जैसी दिखने वाली नावों की हैं.झील के किनारे रेस का रोमांच देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. जीतने वाली टीम को 25 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा. आपको बता दें कि स्थानीय भाषा में इन 'स्नेक बोट्स' को 'चुंदन वल्लम' कहा जाता है. इस ऐतिहासिक नौका दौड़ की शुरुआत 1952 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की अलप्पुझा यात्रा की याद में की गई थी.

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Transcript
00:01केरलंग के अल्लपुजह में पुर्णमडा जील छनिवार को सैकडो चपूओं की आवाज से गूंजुठी
00:12राज्जी की सबसे पसंदिदा खेल परंपराओं में से एक नहरू ट्रॉफी नौका दोड की शुरुवाद सुभा होई
00:19इस रेस में 71 टीमें हिसा ले रही हैं जिनमें मशूर स्नेक बोट यानी सांप जैसी दिखने वाली नावों की
00:2622 टीमें भी शामिल है
00:31शुरुवाद सुभे 11 बजे छोटी नावों की शुरुवादी रेस के साथ हुई
00:34पुन्नवडा जील के किनारे दर्शकों से खचाकच भरे हुई हैं और पानी पर नावों के बीच होने वाले मुकाबले को
00:41देखने के लिए भीड में खास उत्साह दिखा
00:46अलग-अलग टीमों के सदस से अपनी जीत का दावा ठोक रही हैं
00:53जीतने वाली टीम को 25 लाख रुपे का चेक में लेगा
00:58हर साल अगस्त के दूसरे शनिवार को होने वाले सालाना नौका दौड को देखने के लिए उन्नमडा जील के किनारे
01:04हजारों लोग आते हैं
01:05इसका मुख्य आकरशन स्नेक बोट्स के बीच होने वाला जबरदस्त मुकाबला होता है
01:11इन नौकाओं को इस थानिय भाशा में चुन्दन वल्लम कहा जाता है
01:15इनकी पहचान इनकी उचे उठे हुए अगली हिस्से से होती है
01:18इस नौकादोड की शुरुआत 1952 में भारत की पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नहरू की अल्लपुझा यात्रा और जील में उनकी नाव
01:27की सवारी की याद में की गई थी

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