- 5 minutes ago
US-ईरान के शांति समझौते का संपूर्ण विश्लेषण, देखें ब्लैक एंड व्हाइट में
Category
🗞
NewsTranscript
00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिना उमकश्यप और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है आज सबसे बड़ा सवाल ये
00:05है कि युद्ध में चीत किसकी हुई उसकी जो जादा बम गिराता है या उसकी जीत होती है जो अंत
00:12में अपना राजनितिक मकसद हासल कर लेत
00:14है अमेरिका और इरान के बीच आज जो कुछ भी हुआ उसने युद्ध और कूटनीती की पूरी परिभाशा को ही
00:21बदल कर रख दिया है आज जब अमेरिकी राश्वपती डॉनल्ड ट्रम्प और इरान के राश्वपती मसूद प्रजश्कियान ने एक वर्चुली
00:27समझोते
00:29पर हस्ताक्षर किये तो दुनिया की नजर सिर्फ दस्तावेस पर नहीं बलकि प्रजश्कियान के पीशे लगी उस दीवार पर थी
00:37वो दीवार जो चीक चीक कर कह रही थी कि अमेरिका ने भले ही आयत अल्ला खमनाई को मार दिया
00:42हो लेकिन वो इसलामी क्रांती की उस विचा
00:44धारा को नहीं डिगा पाया जो 1989 से अमेरिका को चुनोती दे रही है तो आखर क्या था उस दीवार
00:53पर हम आपको दिखाएंगे इतिहास की बडंबना दे किया आज से ठीक 6 साल पहले खुद राश्पती ट्रम्प ने सोशल
01:00मीडिया पर लिखा था कि इरान ने कभी कोई यु
01:14जेता बनकर उभरा है इस जील के तहत इरान को 300 विलियन डॉलर यानि करीब 28,29,000 करोड रुपे
01:21का फंड मिलेगा जिसे अमेरिका नहीं बलकि खाडी के मुस्लिम देश चुकाएंगे अज हम यह समझने की कोशश करेंगे कि
01:30क्या ये वाकिए कोई शांती समझाता है या फिर
01:33से खुद को सूपरपार कहने वाले अमेरिका की नैतिक रूप से हार का दस्तावेज है और इसके बाद आपको उत्तरप्रदेश
01:42की सियासत का बदलता हुआ समिकरन दिखाएंगे 2024 के लोगसबा चिनाव में PDA यानि पिछड़ा दलित अल्प संक्यक का नारा
01:48देकर बंपर सी
01:49जीतने वाले अखिलेश यादव को कि आप लग रहा है कि नारा धूरा है और उन्हें लग रहा है कि
01:56बिना ब्रामणों को साधे 2027 को साध पाना मुम्किन नहीं है आज आपको बताएंगे कि अखिलेश के PDA में P4
02:04पिछड़ा है या P4 पंडित और आखिर में आपको बताएं
02:19कि 12 साल की बेटी की खुदकुशी के बाद मेटा और टिक टॉक जैसी दिगज कंपनीज पर केस ठोक दिया
02:26है आज ये समझना काफी जरूरी है कि सोशल मीडिया के इस डिजिटल ड्रग्स के मामले में कसूरवार सिर्व बच्चों
02:33और माता पिता को क्यों माला जाए सोशल मी
02:49राश्रपती ट्रम्प और इरान के राश्रपती मसूद पिजशक्यान ने वर्चुली एक M.O.U. पर हस्ताक्षर किये तो दुनिया की
02:56नजर सिर्फ इस दस्तावेज पर नहीं थी बलकि उससे कहीं ज्यादा महत्रपूर्ण ये तस्वीर थी जो कैमरे के फ्रेम में
03:02एक अल�
03:19वो हो पाया तो देखिए इस तस्वीर को इसमें इस्लामिक रांती के संस्तापक रहलाः खौमनाई पूर्फ सुप्रीम लीड़ा अली आयतला
03:30खौमनाई और वर्टमान सुप्रीम लीड़ा मुस्तबाः खौमनाई नजर आ रहे थे और ये कोई संयोग नहीं था बलकि एक
03:36सोचा समझा संदेश था
03:39अमेरिका ने सियुद्ध में अपनी सबसे बड़ी उपलब दी
03:42आयतल्ला खामनई की मौत को बताया
03:46वाशिंग्टन डीसी के लिए ये डीकैपिटेशन स्ट्राइक थी
03:49यानि नेत्रतु को खतम करके प्रतिरोध की रीड तोड़ देना
03:54लेकिन एरान ने उसी शन कैमरे के जरिये एक अलग कहानी सुनाए
03:59एरान इस तस्वीर के जरिये कह रहा था कि आपने हमारे सुप्रीम लीडर को मार दिया
04:04लेकिन उस विचार को नहीं मार सके जिसने 1989 की इसलामी करांती को जन दिया था
04:12इसमें रहला खमने की तस्वीर इसलामी करांती का प्रतीक थी रैतला खमने की तस्वीर प्रतिरोध की निरंतर्ता का प्रतीक थी
04:23और मुश्वा खमने की तस्वीर ये बता रही थी कि सत्ता और विचारधारा दोनों का उत्तराधिकारी अब भी जारी है
04:31जिन्दा है और रिजीम चेंज का सपना धूमिल हो गया
04:36युद्धों में हमेशा ये सवाल कहा जाता है कि जीत किसकी हुई
04:40क्या कोई जीतता है कोई हारता है
04:43उसकी जिसने जादा बम गिराए उसकी जीत हुई
04:47या उसकी जीत हुई जिसने अपना राजनितिक उद्देश्य हासल किया
04:52अमेरिका ने सेन इस्तर पर इरान को भारी रुकसान पहुचा है
04:55उसके परमाणू कारक्रम सेन निधाचे नित्रत को निशाना बना
05:00लेकिन अंतता उसे उसी इरानी रज्ज के साथ समझोते की मेज पर बैटना पड़ा
05:06जिसे वह जुकाना चाहता था
05:08और यही कारण है कि इरान के लिए ये दीवार सिर्फ तस्वीरों की दीवार नहीं थी
05:13बलकि ये गोशना थी
05:16ऐसी गोशना जिसमें एरान ये बता रहा था कि इस स्युद्ध को उसने चीत लिया है
05:21और नैतिक रूप से खुद को सूपर पार कहने वाले अमेरिका को जुका दिया है
05:25देखिए
06:03हमारे देश में अकसर ऐसा कहा जाता है कि कभी-कभी इनसान के मूँ से निकली बात भविश्य की आहट
06:07बन जाती है
06:08लेकिन ऐसा राश्रपती ट्रम के साथ हो जाएगा
06:12इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी
06:14वैसे एक मशूर इंटरव्यू है डॉनल्ड ट्रम का
06:17जब वो राज़ीती में नहीं आये थे तब का इंटरव्यू बता रही हूँ
06:22इस इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि अगर वो एक बिल्डर नहीं होते
06:25तो क्या होते
06:26जबाब में डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा था
06:29अमेरिका का राश्च्रुपती
06:31वो दिन भी आया
06:34उनके इस इंटरव्यू को
06:35विश्व में कई लोगों ने देखा
06:37समझा आप बार बार वो वाइरल भी होता है
06:39जो उन्होंने एक वक्त पर कहा था
06:41वो सच हुआ
06:41लेकिन अब देखिए
06:42आज से 6 साल पहले राश्च्रपती ट्रम्प ने
06:453 जनवरी 2020 को
06:47X पर लिखा था
06:48कि इरान ने कभी कोई युद्ध जीता नहीं
06:51और कभी कोई बाचीत हारी नहीं
06:53आज 6 साल वाद ऐसा लगता है
06:55कि इतिहास ने जैसे उसी वाक्तियों को
06:57फिर से जीवित कर दिया
06:59आज जिस आपसी समझ के
07:01दस्तावेस पर अमेरिका और इरान ने हस्ताक्षर किये
07:03उसकी 14 शर्तों को
07:05पढ़कर ऐसा लगता है कि इरान बाचीत की
07:07टेबल पर इस युद्ध को
07:08आसानी से जीत गया
07:10इरान ने ना सर्व अपनी जादतर
07:12मांगे मनवाली हैं बलकि समझोते
07:14में ये शर्त भी शामिल रही कि
07:16इरान के लिए 300
07:18बिलियन डॉलर का एक फंड बनाया
07:20जाएगा और ये बात जब बाहर आई
07:22तो इस पर खूब सवाल उठे
07:26पत्रकार ने तो
07:27में राश्रपती ट्रम से सवाल पूछ लिया
07:29कि वो कौन सा ग्यानी पुरुष है
07:32जसने साल 2020 में ही कह दिया था
07:35कि एरान युद्ध हारता है और बातचीत में वो जीत जाता है
07:38और जानते हैं ये पूछने के बाद राश्रपती ट्रम को यादी नही था
07:42कि ये बाद छे साल पहले उन्होंने खुद ही लिखी ती
07:44तो उन्होंने पूछा जर्नलिस से कौन था
07:48तो उन्होंने बहला महाशाय आप ही थे
07:51सुनिये
07:54A wise man once said in January of 2020
07:57Iran never won a war but never lost a negotiation
08:04That wise man
08:05Who said that?
08:06Donald Trump
08:07That's what I thought you were gonna say
08:09So how do you go back to the United States and convince a skeptical American public
08:13that this deal is a win?
08:16Well look, here they lost militarily, okay
08:18It's very tough because I know that no matter what
08:23If I would go, by the way, if I'd go another three or four weeks
08:26So the same people that are critical would say
08:28He went too long, he should have done, you know, no matter what
08:31If they raised the white flag of surrender
08:35And if they said praise be to Allah, Donald Trump is the greatest president ever
08:40We totally concede, we totally give up
08:43This war is over, we have failed
08:45The New York Times and CNN and a couple of others
08:48They're not all that dishonest
08:50They'd say Iran had a great victory, okay
08:55Now you can see the deal
08:57What did Iran do, what did Iran do, America do and what do the world do
09:00Donald Trump did you see, that he was the question
09:04He was the first one
09:05So Iran, he's now on the top of its own
09:10All the people that did not fail
09:14America is the first one
09:14You can see the ban
09:15And the people that do not fail
09:17So that they would drop the ban
09:18America is the first one
09:21The benefit of Iran
09:23इसे इरान को हर साल अर्बो डॉलर की कमाई होगी और सबसे बड़ी बात इरान को अपना कच्छा तेल चोरी
09:29छिपे या सिर्फ चाइना को नहीं बेचना होगा वो अब किसी को भी बेच सकता
09:34दूसरा आर्थिक प्रतिबंद हटने से इरान में दुनिया की बड़ी कमपनिया निवेश कर पाएंगी और उसे वैश्विक अर्थ व्यवस्था में
09:41शामिल होने का मौका मिलेगा
09:42अड्वांटेज इरान
09:45तीसरा विदेशों में फसी इरान की संपत्तियों को रिलीस किया जाएगा अड्वांटेज इरान पूरी दुनिया में इरान के पास एसी
09:52100 बिलियन डॉलर की संपत्ति है जिसे उसने कच्छा तेल बेच कर कमाया था लेकिन अमेरिका प्रतिबंधों के कारण के
09:59सारी संपत्त
10:00अभी तक फ्रीज कर चुका था फ्रोजन आसेट्स में उसे तबदील कर दिया था फ्रोजन आसेट्स का मतलब होता है
10:07जो पैसा जो संपत्ति जब्त कर ली जाए लेकिन अब इस जील के बाद इरान को उसका ये फसा हुआ
10:14पैसा वापस मिल जाएगा चौथा इरान के पुनर
10:18निर्मान के लिए 300 बिलियन डॉलर का फंड बनाया जाएगा जो उसकी अर्थविवस्ता के लिए बूस्टर डोस की तरह काम
10:23करेगा और पांचवा अमेरिका इरान को इस बात के लिए बाद दिन नहीं करेगा कि वो हजबुल्ला और हूती जैसे
10:29अपने प्रोक्सी संगठनो
10:43इसके अलावा इस जील के तहट अमेरिका ने अपने नेवल ब्लॉकेट को हॉर्मूस के पास से हटाने का फैसला किया
10:48है जिसके लिए 30 दिन का वक्त निर्धारत हुआ
10:52अडवांटेज हीरान
10:54अब ये देखिए कि अमेरिका को क्या मिला
10:56पहला हॉर्मूस कुलने से वैश्विक तेल बाजार स्थिर होगा और पेट्रोल डीजल की कीमतों पर दबाव कम होने से अमेरिका
11:02में लोगों की नाराज़की कम होगी
11:04हाला कि एक बार फिर से याद दिला दें आपको भी और अमेरिका को भी
11:08कि ये हॉर्मूस पहले खुला हुआ था युद्ध के पहले खुला हुआ था युद्ध की वज़े से बंद हुआ और
11:14अब खुलने पर बताया जा रहा है कि अमेरिका के लिए जीत है
11:17दूसरा, अगले साथ दिनों में एरान अमेरिका को ये गैरिंटी देगा
11:22कि वो भविश्य में कभी परमानू हतियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा
11:26अडवांटेज अमेरिका
11:27तीसरा, एरान को अपने यूरेनियम को डाइलूट करना होगा
11:31जिससे वो इस यूरेनियम से परमाणू हतियार ना बना पए
11:36चौथा राश्रपती ट्रम्प इस दील को ये कहते हुए अपनी इरान जिनितिक जीत बता सकते हैं
11:41कि उन्होंने इरान को परमाणू हतियार बनाने से रोका शांती स्थापित की
11:44और पांचवा इस से अमेरिका को ऐसा नया परमाणू समझोता बनाने का मौका मिलेगा
11:48जिसे वो 2015 के समझोते से बहतर बना सकता है और जादा सख्त बना सकता है
11:55ये 2015 का वही समझोता है जो ततकालीन राश्रपती बराकुमावा ने इरान के साथ किया था
12:01और जिसे 2018 में राश्रपती ट्रंप ने रद्ध कर दिया था
12:05अब ये देखिए कि दुनिया को क्या मिला
12:07तो पहला होर्मूस को उसी स्वरूप में खोला जाएगा जिस स्वरूप में ये युद्ध से पहले था
12:14दूसरा इसे दुनिया के लिए तेल और ग्यास का संकट कम होगा
12:17खासकर भारत का जो 35 से 40 प्रतिशत तेल हर्मूस से आता था
12:21उसमें अब कोई रुकावट नहीं आएगी
12:24हलाकि अभी इंतिजार करना पड़ेगा जब तक ये सप्लाई चेंज बापस से नहीं शुरू होते है
12:30तीसरा हॉर्मूस में अगर 20 प्रतिशत कच्चे तेल की आपपूर्ती बहाल होती है
12:34तो इससे वैश्विट महेंगाई का दबाव कम हो सकता और आपके लिए भी ये जरूरी है
12:39भारत में थोक महेंगाई दर मई महीने में 9.68 प्रतिशत रही जो युद्ध से पहले 2.1 प्रतिशत तो
12:47और चौथा इसे हॉर्मूस में नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और जहाजों पर अब हमले नहीं किये जाएंगे
12:56अब ये देखिए कि इस दील को लेकर खत्रे क्या क्या है
12:59सबसे बड़ा खत्रा तो यही है किसमें लिबनान को भी शामिल किया गया है
13:03जिसके कारण आशंका यह है कि अगर लिबनान में इसराइल और एजबुल्ला के बीच लड़ाई जारी रहती है
13:08तो पूरा समझोता खत्रे में पड़ सकता है
13:12क्योंकि बेंजबिन नेतनियाहू फिलाल मानने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे
13:17दूसरा खत्रा यह है कि इसराइल इस समझोते का हिस्सा नहीं है
13:23इसराइल और अमेरिका ने मिलकर इरान पर हमला किया था यह युद लड़ रहे थे
13:26अब इसकी वज़े से इसराइल के कई नेता अलोचना कर रहे हैं कि उनकी जंग अभी खत्र नहीं हुई है
13:33तो फिर इस M.O.U. पर खत्रा है
13:34तीसरा खत्रा ये है कि इस डील को लेकर राशपती ट्रॉम और प्रधानवन्सी नेतन्याहू के बीच गहरे मत्भेद दिख रहे
13:41है
13:41तो New York Times की ही रिपोर्ट है जिसके मुताबिक राश्पती Trump, प्रधान मंजीर Benjamin Netanyahu के बीच तनाव बढ़ा
13:48है जिससे इस M.O.U. को खत्रा हो सकता है
13:50और चौता खत्रा यह है कि अभी फाइनल डील पर हस्ताक्षर नहीं हुए है अभी सिर्फ M.O.U. पर
13:55हस्ताक्षर हुए है जो कानिनी रूप से अगर आप देखे तो बाधिकारी होता ही नहीं है लीगल बाइंडिंग नहीं है
14:03पूरी सफलता इस बात पर निलपर करेगी कि अगले साथ दुनों में अमेरिका और इरान के बीच व्यापक परमाणू समझोता
14:10हो पाता है या नहीं हो पाता है
14:14अब इस जील को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि इरान को 300 बिलियंड डॉलर मिलेंगे कैसे और ये
14:19पैसा देगा कौन
14:21300 बिलियंड डॉलर का मतलब है 28,29,000 करोड रुपे
14:28छोटी मोटी रकम नहीं है
14:29मौझूदा वक्त में इरान की कुल अर्थविवस्था 300.29 बिलियंड डॉलर की है
14:35और कहा जा रहा है कि उतनी ही आपको रकम मिलेगी
14:39यानि जिस इरान की अर्थविवस्था ही 28,32,000 करोड रुपे की है
14:43उस इरान को इतना ही पैसा सिर्फ इस डील से मिल सकता है
14:47अगर आब आबादी के हिसाब से भी देखे तो 300.000.000.000 का मतलब यह हुआ
14:51कि 9 करोड की आबादी वाले इरान में हर व्यक्ती पर 3,14,000 रुपे आने वाले है
14:58ये भी तब होगा जब इरान की प्रती व्यक्ती सालाना आई ही 3,21,000 रुपे है
15:03हमें तो समझ अगर आप देखे तो ये डील कहा जा रहा है
15:08लेकिन आखिर ये आगे कैसे बढ़ेगा
15:11हकीकत में तो ये इरान की जीत का एक दस्तावेज लग रहा है
15:15ऐसा दस्तावेज जिस पर राश्रपती ट्रम्प ने खुद हस्ताक्षर किये
15:19ये सब करने के बाद राश्रपती ट्रम्प ये भी कह रहे हैं
15:21कि ये पैसा अमेरिका की जेब से नहीं आ रहा है
15:24वो सही भी कह रहे हैं लेकिन उसमें भी एक कैच है
15:27और इसलिए मसूद परजशक्यान इरान के जो राश्रपती है
15:31उन्होंने जो MOU की कॉपी डाली है
15:33वो मैं अपने साथ लेकर आई हूँ
15:35जिसमें एक बहुत इंट्रेस्टिंग पॉइंट है
15:37छटे नंबर पर
15:38हम आपको बारे में बताएंगे लेकिन उससे पहले आप राश्रपती ट्रम्प का ये बयान जरा सुन लीजे
15:43ब Eli ये घाज साथ के सहूle
15:44मिज़ सुनामाय उस इंबर क्रफे से लुकश गल्ल दुन
15:47घ्योंन पुन साथ में पहलं चारी है
16:29तो आखिर ये अलग अलग बाते हैं क्यों डॉनल ट्रॉम्प कह रहे हैं कि इस खबर को गलत बताय गया
16:36है
16:36स्टोरी घलत बताई जा रही है कि 300 बिलियन डॉलर इरान को मिलेगा तो इसलिए मैं ये MOU लेकर आई
16:42हूँ जो फिलहाल
16:43Islamic Republic of Iran and United States of America के बीच में Memorandum of Understanding की गई है
16:49इसके point number 6 पर आते हैं और ये समझाते हैं कि छटी शर्त में शब्दशह ये लिखा है कि
16:55अमेरिका अपने शेत्रिय सहयोग्यों के साथ ये जो नीचे वाला छटी लाइन है उसको आप पढ़िए
17:00इसमें साफ साफ लिखा है कि United States of America अपने regional partners के साथ मिलकर इरान के पुनह निर्मान
17:12और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 बिलियन डॉलर की एक ठोस और आपसी सहमती वाली योजना तैयार
17:19करेगा
17:21साफ साफ लिखा है
17:38तो फिर अमेरिका ये भी कह रहा है कि इस योजना के लिए एक भी पैसा उसके खजाने से नहीं
17:43जाएगा जो डॉनलर्ड ट्रॉम्प कह रहा है
17:45इसकी जगा मिडल इसके खाडी देश और उनकी कमपनिया इरान के लिए ये रीकंस्ट्रॉक्शन फंड बनाएंगी और फिर इससे इरान
17:54को युद में हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी और बुनियादी धांचों का पुनर निर्मान वहाँ पर किया जाएगा
17:59आसान भाषा में कहें तो अमेरिका इरान के नाम से एक ऐसा खाता खोल रहा है जिसमें वो खुद डाइरेक्ट
18:06पैसे नहीं डालेगा वो खाडी देशो और खाडी देशो की कमपनियों को कहेगा कि वो इस खाते में निवेश के
18:12तोर पर एक रखम डाले इरान की मदद करने क
18:15के लिए आगे आए क्योंकि खुद मसूद परजशक्यान इरान के राश्रपती ने कहा है जो पॉइंट डाला है उसमें रीजनल
18:22पार्टी इसकी बात है तो रीजनल पार्टी इसकोन है खाडी देश खाडी देश में यह तमाम सही होगी जिसमें साओधी
18:28अरब है यूए यह
18:29यह तमाम खाडी देश ऐसा करके इरान की मदद भी हो जाएगी और अमेरिका के टैक्स पेस का पैसा भी
18:34इरान को प्रतेक्श रूप से नहीं जाएगा अब यह सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है लेकिन हकीकत यही है
18:39कि अल्टिमेटली इरान यहां जीत गया है पैसा
18:42उसके पास जाएगा इस युद में इरान ने सबसे जादा चोट अपने पडूसी देशों को ही पहुँचाई ऐसी चोट कि
18:49इस युद के कारण मिडली इस के देशों को 194 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ 194 बिलियन डॉलर उनकी जीडिपी
18:57के 3.7 प्रतिशत से 6 प्रतिशत क
19:12के पास पहुँच गए और उर्जा संपत्यों को 58 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ और इसके बाद भी ये सारे
19:17मुस्लिम देश इरान के हमलों से इतनी बुरी तरप प्रभावित हुए कि ऐसा लग रहा था कि इरान से युद
19:22का मुआफजा मांगेंगे लेकिन यहां तो कह
19:40क्राफिक्स को देखेंगे तो अब तक अमेरिकी प्रतिबंदों के कारण इरान की अर्थव्यवस्था बहुत पीछे रही है इजिप्ट के साथ
19:48पूरे मिडल इस्ट में सबसे ज्यादा आबादी होने के बावजूद इरान 500 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था नहीं ब
20:10सबसे पीछे रहा इतना पीछे कि प्रतिव्यक्ति आये के मामले में इरान के लोग यूए साओधी अरब कतर कुवेद बहरेन
20:17के लोगों से बहुत पीछे रहे और ये भी तब हुआ जब इरान के पास संसादनों की कोई कमी नहीं
20:22थी
20:23साओधी अरब के साथ कच्छे तेल और नाशनल गास के सबसे बड़े भंडार इरान के पास है साओधी अरब के
20:28पास 267 billion barrel कच्चा तेल है और इरान के पास 209 billion barrel कच्चा तेल इराक, UAE, कतर यह
20:39तो इरान के आसपास भी नहीं है आप देखिए
20:44अगर इराक में 145 तो UAE में 113 और कुवेट में 102 बिलिन बारल
20:51इसे भी बड़ी बात यह है कि Middle East में सबसे पहले तेल के कुवे, UAE और साथी अरब में
20:56नहीं मिले थे
20:57सबसे पहले साल 1908 में तेल इरान की धर्ती पर मिला था और तब कहा गया था कि इरान दुनिया
21:02का अमीर देश बनने वाला है
21:04लेकिन इसके बाद इरान में इसलामिक सरकार आई, अमेरिका के प्रतिबंदों के कारण इरान पीछे रह गया
21:09लेकिन अब ऐसा माना जा रहा है कि जब अमेरिका के प्रतिबंद पूरी तरह हट जाएंगे
21:13इरान को 300 बिलियन डॉलर का डिवेलप्मेंट फंड मिलेगा तो मिडल इस का शक्ती संतुलन बदल जाएगा
21:20सोचिए इतने सालों से मिडल इस में लड़ाई भी तो यही थी
21:23इरान खुद को मिडल इस की सबसे बड़ी सूपर पार बनाना चाहता था
21:27जबकि साओधी अरब अमेरिका पर दबाव बनाता था कि वो ऐसा कभी न होने दे
21:31इनी कारणों से साओधी अरब मिडल इस की सबसे बड़ी अर्थविवस्ता बना
21:35लेकिन सोचिए कल तो जब इरान के अर्थविवस्ता मस्बूत होगी
21:37वहाँ निवेश आएगा दुनिया इरान का कच्छा तेल खरीदेगी
21:41तो मिडलीस की पूरी की पूरी जो कहानी है वो बदल जाएगी
21:44और अब तक इरान अपनी मिसाइलों से इस क्षेत्र को डॉमिनेट करता था
21:48लेकिन आगे वो अपनी आर्थिक ताकत से भी ऐसा कर पाएगा
21:54यह सब इसलिए होगा क्योंकि 28 परवरी को राश्पती ट्रंप ने अपनी गट फीलिंग पर यह युद शुरू किया था
22:02लेकिन इसका नतीजा क्या हुआ? आज यह पूरी दुनिया देख रही है
22:08यहाँ यह बात सही है कि पहले भी युदों में कई देशों को मुआवजा मिला है
22:12जैसे दूसरे विश्यू युद के बाद जवनी ने उन यहूदियों को 86.8 बिलियन डॉलर का मुआवजा दिया था
22:18जो इसराइल या दूसरे देशों में चले गए थे
22:211991 के गल्फ वॉर में अमेरिका को जो एक सक बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था
22:26उसकी भरपाई खाड़ी देशों ने की थी
22:29इनमें कुवेट ने 16.8 बिलियन डॉलर युएई ने 4 बिलियन डॉलर अमेरिका को दिये थे
22:39आप अफगानिस्तान को याद कीजे जहां अतंगवाद के खिलाफ अमेरिका की सेना ने 20 सालों तक युद्ध लड़ा
22:44लेकिन 20 सालों के बाद जब अमेरिका अफगानिस्तान की सत्ता इसी तालिबान को सौप कर वापस लोटा
22:51तो इससे पहले अफगानिस्तान के पुनह निर्मान के लिए 145 बिलियन डॉलर की भारी भरकम रकम उसे चुकाई गई
23:00और आज भी जब आफ अफगानिस्तान की करिंसी को देखते हैं तो ये डॉलर के मुकाबले हमारे रुपए से भी
23:06मजबूत है
23:07आज अमेरिका का एक डॉलर 63 अफगानी के बराबर है जबकि हमारा रुपए 94 रुपए 40 पैसे के बराबर
23:15ऐसा इसलिए है क्योंकि अफगानिस्तान में अंतराश्रे संस्थाओं की खूब मदद आती है
23:20और क्योंकि ये मदद डॉलर में भेजी जाती है तो डॉलर की वहां कमी नहीं रहती
23:25उपर से आयात पर कम खर्च करने के कारण अफगानिस्तान के डॉलर बचे रहते हैं
23:30उसकी करंसी एशियाई देशों में शांदार प्रदर्शन करती है
23:33जितने भी एशियाई करंसी है उनमें शांदार प्रदर्शन अफगान का होता है
23:40कहने का मतलब सिर्फ यह है कि अमेरिका दुनिया के सामने अपनी जो छवी बना कर रखता है
23:44वो छवी पूरी तरह सही नहीं है और एक कड़वा सच तो यह है कि अमेरिका ने आज तक कोई
23:49बड़ा युद्ध जीता ही नहीं
23:521955 से 75 के बीच अमेरिका ने 20 सालों तक वियतनाम युद्ध लड़ा
24:10इस युद्ध का लक्ष था अलकाइदा का सफाया तालिबान को सत्ता से हटाना
24:14शुरुआत में सफलता मिली उसामा बिन लादेन मारा भी गया वो भी पाकिस्तान के आवटाबाद में
24:19लेकिन 20 साल बाद तालिबान फिर सत्ता में लोट आया
24:22और अमेरिका ने बड़े अच्छे से उनको सत्ता सौप दी
24:25और अफगानिस्तान की जनता को पीड दिखा कर भाग गया
24:302003 से 2011 के बीच इराक युद्ध लड़ा अमेरिका दे
24:35इसका लक्ष था सद्दाम हुसाइन को हटाना लोकतांत्रिक इराक बनाना
24:41यहां भी सद्दाम हुसाइन को तो हटा दिया
24:43लेकिन इराक ग्रेह युद्ध सामपरदाइक हिंसा
24:46और बाद में आइसिस के उदए में फस गया
24:48और यहां भी अमेरिका का युद्ध अंजान तक नहीं पहुँच पाया
24:52सिर्या में भी अमेरिका ने कई विद्रोही गुटों अभियानों का समर्तन किया
24:55लेकिन सिर्या के हालात आज तक स्थर नहीं हुए
24:58येमिन में भी अमेरिका ने हूती के खलाब जंग छेड़ी
25:01उन्हों से तरानवे के सुमालिया युद्ध 2011 का लिबिया युद्ध
25:05अमेरिका को अपने लक्ष हासिल नहीं हो पाए
25:08और सोची इतने सारे युद्ध लड़कर भी अमेरिका विश्व में एक खुद को
25:12शान्ती का चैंपियन बताता रहा दुनिया भी से स्वीकार करती रही
25:15आप याद कीजिए जिए फ्रांस के राश्रपती मैकरॉन ने
25:35जो मुक्का मारा है उससे वो अभी उबरे नहीं
25:40सोची एक राश्रपती एक दूसरे देश के राश्रपती के लिए कह रहा था
25:44राश्रपती मैकरॉन पर हमला करने के लिए सोची राश्रपती ट्रंप ने
25:47राश्रपती मैकरॉन पर हमरा करने के लिए इस हद तक वो चले गए कि
25:51लेकिन आज जब इरान डील पर राश्रपती टरंप ने हस्ताक्षर किये
25:54तो यही राश्रपती मैकरॉन वहाँ खूप तालिया बजा रहे थे
25:57यह देखिए
25:58जबकि उन्हें तो यह कहना चाहिए था कि यह युद्ध लड़कर राश्रपती टरंप ने घलती किये
26:03देखिए
26:39प्रिटेंट के प्रधानमची कीर स्टामर के लिए राश्रपती टरंप ने कहा कि वो कोई विंस्टेंट चर्चिल नहीं है और वो
26:46एक कमजोर नेता है
26:47लेकिन G7 देशों की बैचक में कीर स्टामर भी खूब राश्रपती टरंप के आगे पीछे नजर आ रहे थे
26:52और जब राश्रपती टरंप ने कहा कि I am the boss तो सबसे ज़्यादा हसी की स्टामर को ही आई
26:58थी देखिए
27:30कल हमने ये विज्वल्स चलाए थे अगर हम निकाल के अपने दर्शकों को दिखा सकें क्योंकि जब कल ये तो
27:35खेर एक फोटो आप था जिसमें सभी लोग के जगाते होती है वो वहाँ पर जाकर खड़े हो जाते हैं
27:40लेकिन इस वीडियो में दिख रहा है कि जब राउंड टेबल पर सभी नेता सभी जो कंट्री हैज है वो
27:47बैटे हुए हैं तब डॉनल्ड ट्रम्प एंट्री मारते हैं
27:51वो कहते हैं I am the boss और उस वक्त कीर स्टामर काफी हस्ते हुए दिखाई दे रहे थे
27:59चलिए कोशिश करते हैं वो निकाल के आपको दिखा दे कल लगबग हर बुलिटिन में वो चला है
28:04कैनडा के प्रधानवंत्वी माक कानी को भी राश्पती ट्रम्प ने गवरनर कानी कहा था
28:10और ये सीधा अपमान था क्यूंकि ट्रम्प बार-बार मजाख में कह रहे थे कि कैनडा अमेरिका का 51 राज्यबन
28:18जाना चाहिए
28:19इसलिए प्रधानवंत्वी माक कानी की जगा उन्हें गवरनर कहकर बुलाना उनकी संप्रभुता पर कटाक्ष था
28:26लेकिन यही माक कानी G7 देशों की बैटक में जुक कर राश्पती ट्रम्प से बात करते रहे जबकि राश्पती ट्रम्प
28:31उनके लिए अपनी कुर्सी से एक बार खड़े तक नहीं हुए
28:57चिक उन्हें से थाश्पती नहें
29:04कर नगे हले को चली आप से एक फर twाट इजक च्राहित्पती बा unless
29:29राशपती ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंति जॉर्ज़ा मेलोनी जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मद्स और जपान की प्रधानमंति सनाय तक आएची
29:37को भी खूब निशाना बनाया, लेकिन ये सारे ने था जब जी सेवन देशों की बैटक में राशपती ट्रम्प के
29:53सामन
29:54बात कर रहा था और अगर उस वक्त ये बाची जारी रहती अमेरिका इरान पर हमले नहीं करता तो ये
30:00डील तब हो भी जाती दुनिया को उर्चा संकट का सामना नहीं करना पड़ता लेकिन राश्वती ट्रॉंप ने पहले युद्ध
30:06लड़ा फिर आज डील की और ये बता दि
30:24दिया क्या हसिल हुआ मैं आपको बड़ी स्वीन पर दिखाती हूं कि राश्वती ट्रंप ने अपनी गट फीलिंग पर जो
30:31युद्ध लड़ा उसकी दुनिया ने कितनी बड़ी कीमत चुकाई है तो युद्ध से कितना नुकसान किसे हुया जब आप देखेंगे
30:37तो दुन
30:54इसको येलो कर लिए ये देखेंगे एक सो बारह लाख करोड रुपया जो है वो बरवाद हुआ अमेरिका का लगबग
31:08हम आपको रुपय में ही बता रहे है क्योंकि आप देखिए तो कुल मिलाकर 113 बिलियन की बात है लेकिन
31:1510,64,000 करोड रुपया ये आपके सामने है फिकर
31:18तो ये उन्होंने लूज किया वैसे ही मिल इसको जो नुकसान हुआ वो भी हम आपको बता रहे हैं लगबग
31:23सवा 18,00,000 करोड का नुकसान हुआ इसी के साथ देखिए ना कि जो शेर बाजार में लोगों को
31:29नुकसान हुआ है 1070,000,000 करोड की गिरावट आई तो एक वक्त प
31:46पूछ रहे हैं कि अमेरिका जो कि आज विश्यो का मसीहा बना हुआ है वही अमेरिका जो जब चाहे जहां
31:53पर जाए जो फैसले लेता है देशों पर टारिफ थोपता है युद्ध थोपता है आज उसने कैसा नुकसान पूरी दुनिया
32:00का किया है और शायद यही वज़ा है क
32:02कि बड़े बड़े नेता जिनकी हम लोग बात कर रहे हैं जिन सब के खिलाफ परसनल अटाक किया डॉनल्ड ट्रॉम्प
32:08ने वो भी कुछ बोलने को आज तयार नहीं है हमने आपको इंग्लेंड के किर स्टामर की बात दिखाई थी
32:15आई जल्दी से दिखा देते हैं आपको जब
32:17आएंड बॉस बोला था डॉनल्ड ट्रॉम्प ने अंटी मारी थी तो सबसे जादा वही मुसकुराते हुए देख रहे हैं थी
32:30हुआ हुआ हुआ हुआ है
33:00सोचिए स्युद के कारण दुनिया ने जो जहला आपने जो जहला तेल गैस के लिए जो लाइने लगी बिजली का
33:06संकट पैदा हुआ
33:07कई जगों पर गरीबी बड़ी उसके लिए राश्रपती ट्रंप की विवेचना होगी या उनके लिए राश्रपती मैक्रों की तरह सिर्फ
33:15तालिया बजाई जाएंगी
33:16अब उस सवाल पर आते हैं जिसका सरुकार आपसे है और वो सवाल यह कि क्या इरान युद समाप्थ हुआ
33:22और होने के बाद भारत में पेट्रॉल डीजल की कीमते कम होंगी
33:27युद्ध के कारंट तेल कंपनियों ने ये कहते हुए चार बार पेट्रोल डीजल की कीमते बढ़ाई कि उन्हें घाटा हो
33:32रहा है
33:33इस वज़े से पेट्रोल डीजल के दाम प्रती लीटर साड़े साथ रुपे तक बढ़ाए गए
33:38और अभी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल एक सो दो रुपे का मिल रहा है
33:42ये दाम इसलिए बढ़े क्योंकि इंडियन क्रूड बास्केट में एक बैरल कच्चा तेल महंगा हो गया
33:47इंडियन क्रूड बास्केट का मतलब ये हुआ कि हम दुनिया इसके अलग-अलग देशों से जो कच्चा तेल खरीदते हैं
33:53उसे मिलाकर एक बैरल कच्चा तेल कितने का पड़ता है
33:59अब अगर आप इन आकड़ों को देखेंगे तो युद्ध से पहले फरवरी महीने में इंडियन क्रूड बास्केट एक बैरल कच्चा
34:05तेल उनहत्तर डॉलर का था
34:0769 जो आप देख रहे हैं शुरू में
34:09युद्ध के बाद ये 113 डॉलर प्रती बैरल तक हुआ
34:12एप्रिल महीने में ये 114 डॉलर प्रती बैरल दर्ज हुआ
34:17नोट करने वाली बात ये है कि ये युद्ध साथ एप्रिल को रुख गया था
34:20लेकिन तब तेल कंपनियों ने पेट्रोल डीजल के दाम नहीं बढ़ाए
34:23इनमें वृद्धी पांच राज्यों में हुए विधान सबाच चुनाओ के नतीजे आने के बाद की गई
34:28यानि जब इंडियन क्रूड बास्केट में एक बैरल कच्छा तेल 113 से 114 डॉलर से
34:33तब कीमते नहीं बढ़ी लेकिन जब ये 106 डॉलर प्रती बैरल हुआ
34:40तब पेट्रोल डीजल महंगा होना शुरू हुआ
34:42और आपको जानकर हैरानी होगी कि जून महीने में एक बैरल कच्छे तेल की ओस्तन कीमत
34:4891 डॉलर पर अब आ गई है
34:50लेकिन 17 जून को इंडिया क्रूड बास्केट में एक बैरल कच्छा तेल
34:5478 डॉलर पर पहुच गया है
34:5717 जून का डेटा हम आपको नीचे दिखा रहे है
35:00इसका मतलब यह हुआ कि अब ये लगबग युद्ध से पहले के स्तर पर आ गया है
35:05और इससे सवाल यही है कि जब कच्छा तेल सस्ता हो गया है
35:08तो भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतें कब कम होगी
35:12और जनता को राहत कम मिलेंगे
35:15यहां एक और बड़ा सवाल है
35:17उस पेट्रोल का जिसमें एथनॉल मिलाया जा रहा है
35:20एथनॉल एक तरह का शराप जैसा एक केमिकल होता है
35:23जो चावल, मक्के, गन्ने से बनाया जाता है
35:25और अभी हमारे देश में इसे लेकर कई फैसले हो रहे है
35:28जैसे अभी जो पेट्रोल आपको मिल रहा है
35:31उसमें 20 प्रतिशत एथनॉल की मिलावट पहले ही हो चुकी है
35:34जबकि 2014 से पहले यही आंकड़ा सिर्फ एक दर्शमलो पांच प्रतिशत हुआ करता है
35:39डेड़ प्रतिशत
35:40पांच जून को सरकार ने E85 पेट्रोल भी बेशना शुरू किया
35:45जिसमें 85 प्रतिशत एथनॉल है
35:47सिर्फ 15 प्रतिशत पेट्रोल
35:49दिल्ली में कुल 48 पेट्रोल पंप पर अभी यह E85 फ्यूल मिल रहा है
35:54जो E20 वाले पेट्रोल से 20 रुपे सस्ता है
35:58यही नहीं इसी महीने की 13 तारीक को केंदर परिवहन मंत्री नितनगटकरी ने कहा
36:03कि अब बाजार में E100 फ्यूल भी आएगा
36:06यानि ऐसा तेल जिसमें 100 प्रतिशत एथनॉल होगा
36:09और इसमें पेट्रोल की एक भी बून नहीं होगा
36:13अब यहां सबसे बड़ी समस्या क्या है
36:16भारत में जिस पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल पहले से मिलाया जा रहा है
36:20उसकी कीमते बिल्कुल कम नहीं की गई है
36:22दिल्ली में E20 पेट्रोल प्रति लीटर 102 रुपे का मिल रहा है
36:26जबकि E85 फ्यूल 20 रुपे सस्ता है
36:29और ये 82 रुपे प्रति लीटर मिल रहा है
36:35अमेरिका में एक लीटर E85 फ्यूल लगबख 70 रुपे का है
36:39यानि भारत के E85 फ्यूल से 12 रुपे सस्ता
36:43ब्रजील में E85 फ्यूल 75 रुपे 89 पैसे का है
36:48और वहां भी ये भारत से लगबख 6 रुपे सस्ता है
36:51हलाकि फ्रांस में एक लीटर E85 फ्यूइल 94 रुपे 23 पैसे का है
36:55और स्वीजन में यही 144 रुपे 17 पैसे का है
36:58यानि इन देशों में E85 फ्यूइल भारत से महंगा है
37:02लेकिन अमेरिका और ब्राजिल में यह भारत से सस्ता है
37:06यहां इस ग्राफिक्स को भी रेखिए
37:08हाली में मारुती सुजुकी ने एक नई वैगनार गाड़ी लाँच की
37:12जिसे E85, E100 फ्यूइल डाला जा सकता है
37:16अब इस गाड़ी का एक शोरूम प्राइस 7,24 रुपे है
37:20जबकि पेट्रोल वेरियंट में इसी गाड़ी का एक शोरूम प्राइस है
37:236,49,900 यानि E85 और E100 वाली वैगनार गाड़ी पेट्रोल वाली वैगनार से 75,000 रुपे मेंगी है
37:33जिससे बड़ा सवाल यह है कि क्या जो फ्लेक्स फ्यूइल वेहिकल है
37:38वो महगा होगा, अगर महगा होगा तो क्या लोग प्रती लीटर 20 रुपे की बचत करने के लिए 75,000
37:44देंगे
37:51अब हम उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के बदलते विचारों का विशलेशन करेंगे
37:55पिशले लोग सभा चना में समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में महामंत्र दिया था
37:59अखिलेश यादव हर जन सभा में ये कहते रहे कि उनकी पार्टी पीडिये के लिए काम करेगी
38:05अखिलेश यादव के पीडिये फॉर्मिले में पी का मतलब पिच्रा, डी का मतलब दलित और ए का मतलब अल्प संख्यक
38:11था
38:12समाजवादी पार्टी खुले तोर पर इनके हित में काम करने का दम भरती थी
38:16ये फॉर्मिला कम से कम लोगसभा चुनाओं में उनके बहुत काम आया
38:20यूपी में उन्होंने 37 सीटों पर जीत दर्ज की और ये उनकी पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन था
38:26लेकिन अब अगले साल लिउत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाओं हैं
38:29और समाजवादी पार्टी ने इन चुनाओं के लिए अपने फॉर्मिले में एड़ ओन एड़ कर लिया है
38:35अब पीडिये में बी के एंट्री कर दी गई है बी यानी ब्रामण
38:38अखिलेश यादव ने 2027 विधानसभा चुनाओं के लिए ब्रामण को साधने का मास्टर प्लान बनाया
38:43अब उनका फॉर्मिला पीडिये प्लस भी हो गया है
38:47ब्रामणों के साधने के लिए समाजवादी पार्टी अपने सबसे बड़े ब्रामण नेता
38:52जनेश्वर मिश्र की जैनती मनाने जा रही है
38:55और जैनती को भव्य अंदाज में मनाने की तयारी है ताकि इसके जर्ये प्रदेश के ब्रामणों को साधा जा सके
39:00लेकिन क्या इस वज़े से योगी को छोड़ कर ब्रामण चले जाएंगे अखिलेश के खेमे में
39:06पार्टी के ब्राम्मन नेता कहीं और ना जाए इसके लिए लखनाओं में एक बैठक भी आयोचित की गई जिसमें ब्राम्मन
39:12नेताओं को महत्वपून जिम्हदारी देने पर चर्चा हुई समाजवादी पार्टी अपने ब्राम्मन नेताओं के जरिये प्रदेश के ब्राम्
39:33ब्रामन मतदाताओं को साध कर सकता पाने का एक लंबा है तिहास और दूसरी वज़े यह है कि पीडिये के
39:38चक्कर में साइड लाइन किये गए ब्रामन नेताओं और कारकरताओं को साथ भी बनाए रखने का मौका मिलेगा हाली में
39:46उत्रप्रदेश सरकार में मंत्री योपी रा
40:03और लखनाओं में ब्रामन नेताओं की जो बैटक हुई उसकी अगवाई कौन कर रहा है वही कर रहे थे सिर्फ
40:09यही नहीं सनातन पांडे की ही अगवाई में जनेश्वण मिश्र जैनती का आयोजन हो रहा है जनेश्वण मिश्र भी बलिया
40:15से ही थे
40:16राजनितिक विशलेशकों के मताबेक समाजवादी पार्टी को लगता है कि पीडिये पर बहुत जादा जोर दिया तो ब्रामन समाज नाराज
40:25हो सकता है उनका ये मानना है कि अभी एंडिये से ब्रामन नाराज है और वो उनकी तरफ आ सकते
40:31हैं इसलिए ताकत जोकी जा रही
40:33उत्तर प्रदेश में 18 प्रतिशत सवन है 42 प्रतिशत OBC 21 प्रतिशत दलित और 19 प्रतिशत मुस्लिम सवनों में 7
40:43से 10 प्रतिशत तक ब्रामन है प्रदेश की 100 से जादा सीटों पर असर डालते हैं एक रोचत तथी ये
40:49भी है कि साल 1993 से 2002 के बीच यानि गटबंधन सरकारों के �
40:54दौर में औसतन 25 ब्रामन उमीदवार चुने जाते थे लेकिन 2007 के बार यानि पूर्ड बहुमत की सरकारों में औसतन
41:03ब्रामन जानते हैं कितने विधायक चुने गए हैं औसतन 52 ब्रामन विधायक चुने गए हैं इसका ये मतलब है निकाला
41:12जा रहा है कि पूर्ड बहुमत के
41:18बाद से उत्तर प्रदेश में छे बार ब्रामन समाज का व्यक्ति मुख्यमंत्री बना
41:21साल 1950 से 1990 तक यानि 23 वर्षों तक ये सलसला चलता रहा
41:27फिर 90 के दशक से यूपी में गटबंदन राजनीती का बोलवाला शुरू हो गया
41:31ये सलसला खत्म हो गया
41:33इसके बाद यूपी पूर्ण बहुमत की सरकार साल 2007 में यूपी में बनी
41:38जिसमें 206 सीटे जीत कर मायावती मुख्यमंत्री बीचुनी गई
41:42बीएसपी की इस जीत का रास्ता ब्रामन मतदाताओं की गलियों से होकर गुजरा था
41:49दरसल मायावती ने साल 2007 में ब्रामन मतदाताओं को एक जुट करने की रणनीती पर काम किया
41:54उसमें बड़ी चर्चा इसकी हुई कि मायावती ने सोशल इंचिनेरिंग किया है
42:00दलित नेता के तोर पर वो जानी जाती थी और पिछडों और अगड़े में ब्रामनों को साध लिया
42:06उन्होंने प्रदेश में ब्रामन समेलन आय उज़ित करवाए
42:09इन समेलनों के विज़ा से उत्तरप्रदेश में मायवती के प्रती ब्राह्मन वोटर्स का जुकाओ बढ़ा। इस जुकाओ की एक वज़ा
42:15ये भी थी कि उन्होंने पार्टी में महतवून पदों के अलावा टिकट बटवारे में भी ब्राह्मनों का ध्यान रखा था।
42:22बिएसपी इसे सोशल इंजिनेरिंग कहती थी। 2007 में बिएसपी ने 86 ब्राह्मन उमीदवारों को टिकट दिया था। 86 जिसमें से
42:3237 विधायक चुने गए थे। सोची एक ऐसी पार्टी जो की दलित राजनीती पर ही खड़ी हुई उसने 37 विधायक
42:39अपने बना लिये ब्राह्म
42:40उस वक्त मायावती के खास नेताओं में सतीष चंद्र मिश्रा का नाम आता था। मायावती ने तब अपनी सरकार में
42:48ब्राह्मन समाद से 9 मंत्री बनाये थे और कईयों को राज्यमंत्री पद भी दिया था।
42:53मायावती की सोशल इंजिनेरिंग से हर कोई हैरान था क्योंकि मायावती को मूल रूप से दलतों का पिछणों का नेता
42:59माना जाता था। पार्टी ही इसी आधार पर खड़ी हुई थी।
43:02मायवती केस फॉमिले से समाजवादी पार्टी को बड़ी सीख मिली
43:06उसे साल 2012 के विधान सभाच राव में प्रदेश के ब्रामणों को अपने साथ करने में पूरी ताकत जोग दी
43:132012 समाजवादी पार्टी ने 41 ब्रामण उमीदवारों को टिकट दिया जिसमें 22 उमीदवार जीत गए
43:19उस साल 403 में से 224 सीटे जीत कर समाजवादी पार्टी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई गए
43:27जीत के बाद कई ब्रामण विधाय को कोमंत्री पत दिये गए
43:30यूपी में परशुराम जैनती की छुट्टी गोशित की गई
43:33ब्रामण नेता जनेश्वर मिश्र के नाम पर पार्क बनवाया गया
43:37देखा चाहे तो यूपी में पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने के लिए
43:41एक ब्रामण फैक्टर को सबसे पहले कॉंग्रस ने पहचान दी
43:43फिर मायवती ने और इसके बाद समाजवादी पार्टी ने
43:47अब चाहे आप इसे इत्वाक कहिए या कुछ और हर बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी भी
43:53आजकर मॉबाइल फोन और सोशल मीडिया की लट इस तर तक पहुँच गई है
43:57कि लोग इसके लिए कुछ भी कर गुजरने को तयार है
44:00फोन चीन लिया तो फासी लगा लिया
44:03इंस्टाग्राम पर रील्स नहीं बनाने दी तो घर छोड़ दिया
44:06फोन चलाने पर टोका तो अपनों पर ही हाथ उठा दिया
44:10जब भी हमारे आसपास ऐसी खौफनाग खबरे आती है तो हमारा समाच क्या कहता है
44:15यह सब सोशल मीडिया और मॉबाइल की लट की वज़े से हो रहा है
44:30मुम्किन है कि सोशल मीडिया आपके बच्चे के दिमाग को हाक कर रहा हो
44:34इटली में एक ऐसी घटना हुई जहां सोशल मीडिया की लट की वज़े से एक बारह साल की बच्ची ने
44:40जान दे दे
44:41लेकिन यहां उसकी मान ने बेटी की लट को इसके लिए दोशी नहीं माना
45:00मौत को लेकर इसमा ने मेटा और टिक टॉक पर आरोप लगाया कि इन कंपनीज ने जान बूच कर ऐसा
45:05ऐल्गॉरिदम बनाया जो बच्चों को अडिक्ट बनाता है
45:08यह लत नहीं बल्कि कंपनियों द्वारा परोसा गया धीमा जहर है इस मा का सीधा रोप है कि यह कंपनिया
45:15सिर्फ प्लाटफॉर्म नहीं बल्कि शिकारी है जो अपने बच्चों को अडिक्शन के जाल में फसा कर खुद अर्बो डॉलर कमा
45:21रही है ऐसी दोशी बच्चा नह
45:23है असली दोशी वो अल्गॉरिदम है जिसे बनाया है इन कंपनीज ने मासूम देगा दिमागों को अपने वश में करने
45:30के लिए
45:32और अगर आपको लगता है कि ये सिर्फ इटली की कहानी है तो ऐसा नहीं है भारत में सोशल मीजिया
45:37की ये लग अब एक महा मारी बन चुकी है जरा इन आकडों पर गोर कीजिए जो आपके पैरू के
45:42नीचे से जमीन खिसका देगी भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा कं
45:46कंज्यूमर है हमारे बच्चे दिन के 24 घंटों में से पांच घंटे रील और शॉट्स स्क्रोल करने में दवगवा रहे
45:54हैं यह लग कोई इतफाक नहीं है इसे बाकाइदा डिजाइन किया गया हर एक लाइक हर एक फॉलोवर हर स्क्रोल
46:02बच्चे के दमाग में डॉपमाइन
46:04का ऐसा केमिकल डालता है जिसे बाहर निकलना किसी ड्रक्स की लट से कम नहीं है एक और तोर पर
46:12अगर आप देखिए तो टीनेजर दिन में डेड़ सो से जादा बार सिर्फ नोटिफिकेशन चेक करता है सोशल मीडिया की
46:19वजह से हर तीन में से एक युवा एंग्जाइटी �
46:23डिप्रेशन और नीन में ना आने की बीमारी से सोच रहा है जूज रहा है सोचे इस उम्र में नींद
46:29ना आना आइसी ऐसे सार हमारा सोस है जिसके हवाले से यह ख़़र हम आपको बता रहे हैं सोचे जब
46:35कोई ड्रक्स बेचने वाला पकड़ा जाता है तो सजा पेडलर को मि
46:41में कसूरवार से बच्चा और माता पिता क्यों माने जाएं इटली से उटी आवाज भारत समेत पूरी दुनिया के लिए
46:48वेक अप कॉल है अब वक्त आ गया है कि जब हम इन सिलिकॉन वाली के आकाउं से पूछें कि
46:54हमारे बच्चों के बच्पन और उनकी जान की कीमत पर �
46:57मुनाफिक का धंदा कब तक चलेगा
47:02अच के लिए ब्लाक और वाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी
47:05कल रात नौ बजे खुश रहिए स्वस्त रहिए सुरक्षत रहिए और जो आंधियां दूसरों के वजूद को मिटाने निकलती है
47:11वो अक सर खुद धूल बनकर बैठ जाती
47:14नमस्कार
Comments