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क्या देश में पूरी तरह बेसअर हो गया है 'दलबदल कानून'? दंगल में देखें तीखी बहस

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00:06आज का दंगल देश में नेताओं के दल बदल को लेकर चल रही पहस पर है।
00:30जनादेश का संबान कराने और राजनेतिक नैतिकता और सुचिता कायम रखने के लिए बना गया था वो आज पूरी तरीके
00:38से मुल्यहीन क्यों नजर आ रहा है।
01:00पार्टी नहीं तूट रही है, सिर्फ नेता तूट रहे हैं जिनकी संसग या विदान सबा में भागिदारी है।
01:06जिन्होंने एक विचारधारा और दल के नाम पर जनादेश प्राप्त किया है।
01:10और आब उस जनादेश के खिलाफ ही बगावत कर रहे हैं।
01:13ये बागी किसी न किसी वज़े से सत्ता में शामिल होना चाहते हैं।
01:17हमारे देश के कानून में इस बुराई से लड़नी की कोशिश 1950 से लगातार चल रही है।
01:2245 साल में दो दो बार समिधान संशोधन हो चुका है।
01:27लेकिन बगावत के नाम पर मौका परस्ती की बिमारी अब नई महामारी का शक्ल लिती नज़र आ रही है।
01:33महाराश्ट में तकरीवन तै हो चुका है कि उद्धव ठाकरे के छे सांसत तूट कर अलग हो जाएंगे।
01:38बंगाल में बागी गुट को मान्यता के खिलाफ हाई कोट सुनवाई तो कर रहा है लेकिन स्पीकर के फैसले पर
01:44रोक नहीं लगी है।
01:45अब तो जो टूट फूट के पीडित पक्ष है उनमें संजर राउट जैसे नेता सुप्रीम कोट पर ही सारा ठिकरा
01:51पोड़ रहे है।
01:52तो इसी मसले पर और इनी मुद्धों पर दंगल में हम चर्चा करेंगे। लेकिन पहले यह रिपोर्ट देखते हैं।
02:08बंगाल की खाड़ी से अरप सागर तक ममता के मानुष से उद्धाव के कुन बे तक एक महीने में दो
02:14दल टूटे और कई दल हारे।
02:16लेकिन इन दोनों मामलों में बाग्यों को कहीं नेता का नित्यत्व कबूल नहीं तो कहीं सेकेंड इन कमांड कबूल नहीं।
02:22बंगाल में ममता कबूल हैं तो अभिशेक रही महराष्ट्र में ठाकरे कबूल हैं राउत नहीं।
02:28अब तूट पीड़त कह रहे हैं इस मुल्क में दल बदल के बहाने भले हूं हजार लेकिन फूट के फसाने
02:34के पीछे तो रही है केवल एक सरकार।
02:38और अब सरकार से शिकायत देकर स्पीकर के पास जाएं चुनावायोग जाएं ये अदालत। पीड़तों को राहत नहीं मिल रही
02:44तो बौखलाहट सामने आ रही है।
02:47जो हो रहा है उसमें गुनेगार सुप्रीम कोर्ट भी है। देश में लोकतंतर का जो धजिया उड़ा रही है ना
02:54उसमें सबसे पहले गुनेगार देश का सुप्रीम कोर्ट है और देश का चुनावायोग।
03:01उद्धाव के नेता सुप्रीम कोर्ट को कोसते हैं क्योंकि अगर शिंदे वाली बगावत पर फैसला हो गया तो बची खुची
03:07उद्धाव सेना में टूट नहीं होती।
03:10दरतल 14 दिन की कसम, हलप, मान, मनुहार, अनुरोध, अपील के बावजूद जब 6 सांसद गायव रहें तो सांसदों को
03:18विब जारी करके बुलाया गया संसदी दल के नेता संजयर आउकताय समय पर पहुंचे।
03:31पुद्धाव के दो सांसद काफी देर तक इंतजार करते रहें, आधे घंटे बाद फिर नासिक वाले राजा भाव आजे भी
03:37पहुंचे लेकिन 6 बागी नजर नहीं आए।
03:40एक्षेन की शुरुआत हो गई है, उनको शोपाद दिया जाएगा, उनसे जवाब बांगा जाएगा और हम इस दिशा में जाएंगे
03:52कि उनकी सदस्ता रद हो।
03:57लेकिन कारवाई फिर स्पीकर के हाथ होगी, चुनावा आयोग के दरबार में होगी या फिर इंसाफ अदालतों की चौकटों से
04:03ही निकलेगा, पर वक्त तय नहीं क्योंकि एक पैसला कोलकता में भी फसा है।
04:33अब अदालती हो या आयोग या फिर स्पीकर की चेर, दलबदल वाले इन मामनों में,
04:38हर दल सम्मिधान और कानून के हिसाब से न्याय की उमीद करता है।
04:42लेकिन सप्ता की सियासत और कुर्सी के लालच का अफसोसनाक पहलू यह कि कानून के दाउंपेज का इस्तमाल लोकतांत्रिक नैतिक्ता
04:50के हिला होता दिखता है।
04:52दिल्ली से हिमान चुमिश्शा के साथ आज तक व्यूरू
05:22हमारे साथ केके शर्मा बारती जनता पार्टी के प्रवकता जुड़ रहे हैं।
05:52सुप्रीम कोट के अडवोकेट वो भी इस चर्चा में शामिल होंगे। क्योंकि दल्बदल कानून क्या आज की स्थिती में पूरी
05:57तरीके से बेअसर हो गया है।
05:59ये भी इस चर्चा का विशे धीरे-धीरे बनता जा रहा है।
06:30तीन सवाल मैं इस पैनल के सामने रखूँगा।
07:00अपनी पार्टी को बदले।
07:02पहला उद्देश था राजनेतिक स्थिरता बनाये रखना क्योंकि मैं वो कानून जब पढ़ रहा था तब मैंने देखा।
07:07दूसरा उद्देश था प्रलोबन देकर विधाय को या सांसदों को लुभाने वाले होर्स ट्रेडिंग पर रोक लगाना।
07:13और सबसे बड़ा उद्देश उसमें लिखा गया था लोग तंत्र को मजबूत करना।
07:18इसमें से कौनसा उद्देश आज की स्थिति में यह दल बदल जो हो रहे हैं उसके वज़े से साबित हो
07:23रहे हैं या पुकता हो रहे हैं।
07:27साहिस आपका यह प्रश्ण तो हें लेकिन इससे भी बड़ा प्रश्ण आपने िस विमर्स में रखा हैं।
07:37लोकतंत्र समाप्त हो रहा है मजबूत हो रहा है या समाप्त हो रहा है मैं आपको एक प्रति दिखाना चाहते
07:45हूं
07:48डीटेल्स कांग्रेस स्वतंत्रता के बाद अब तक कितनी बार टूटी
07:58कितनी बार टूटी से 62 बार टूटी कांग्रेस पार्टी अकेली 62 बार टूटी और किसने तोड़ा कांग्रेस पार्टी को बासट
08:07बार
08:09जे क्रिपलानी साथ सी राजबोपालाचार के एंजार चौदरी चरण कुछ प्रमुख नाम पट रहा हूं है
08:15चौदरी चरण सिख स्वयम इंद्रा गांदी ने दो भार टूटा के कामराज बीजू पटनायक एक एंटोनी सरत पवार जग जीवन
08:23राम प्रणाव मुखर जी बंसी लाल नाराध धर्तिवारी अर्जुन सिंग नटवरलाज साथ से बंगरपा मामता बनर जी आप कहना क्य
08:45में बाटी जनता पार्टी थी कि अधि बासरी जनता पार्टी थी जब कृप्लाम मुखर जी चो तोड़ रहेधे सरत पवार
08:58दो बार तो यnt थेजू थी तो क्या भारती जनता पार्टी तोड़ा
09:12सब्सक्राइब के चार उद्देश आपके सामने रखे जो दल बदल हो रहे हैं उसके वजह से यह चार उद्देश पूरे
09:18हो रहे हैं कि नहीं हो रहे हैं यह मैं समझने की कोशिश करना उसका जवाब दीजेगा
09:22बाकी इतिहास अब हम बीसो बार यहां पर रटे रटाएं बोल चुके हैं कि कितनी बार कॉंग्रेस टूटी है बीजेपी
09:28टूटी है चोटे दल टूटे है दल बदल कानून के जो उद्देश रखे गए थे क्या वो पूरे हो रहे
09:33हैं दल बदल के वज़े से क्या लोक तंत्र
10:11मजबूत किया जाएं आज कि स्तिती में दल बदल से क्या लोक तंत्र मजबूत हो रहा है या नहीं हो
10:16रहा है।
10:19और जो आपने उधारन डिलवाए मैं एक बार फिर आपको कहता हूँ ये सारी चीजे हो रही थी इसलिए दल
10:26बदल कानून लाय गया था इसलिए दल बदल कानून में संशोधन किया गया था और इसलिए दल बदल कानून और
10:32सक्त बनाय गया था ताकि उस तरीके की चीजे ना ह
10:35सके लोग तंत्र मजबूत हो इसलिए दल-बदल कानून बनाएगा
10:41साहिज जी आप अपने प्रस्ट को रखने के लिए कई तरक उतर के साथ बाते कर रहा है
10:47मैं यह पूछ रहा हूँ कि आज कौन सा कानून टूट रहा है आज जो दल-बद रहे हैं उसपर
10:55सुप्रेम कोर्ट भी सुनवाई कर रहे है वो भी स्पष्प्रिम कोर्ट भी उनके सामने पड़े हैं
11:10Supreme Court ने तीन केसे Supreme Court के सामने पड़ी हुई है और इसलिए तो सवाल उठा है कि बहुत
11:19सारे प्रस्म उठा हुआ है लेकिन जो भी निरने हैं आभी तक आये आज जो सुलुआ हुए इसमें कहीं पर
11:38Supreme Court ने रोक लगाई है
11:42सिवसेना का ही मैं प्रसन पूछता हूं सिवसेना पर रोक लगाई यह क्या और उसको तो सिवसेना को तो उसको
11:47उसका चुनाउचिन भी मिल गया
11:51कि देश की संस्थाओं ने दिया उनको तो इसलिए कहां से गलत हुआ सर लेकिन मेरे को समझ नहीं आता
11:58जब आप अपने हेंडिंग में लिखते हैं कि लोकतंत्र मुझे बात पूरी कर ले नहीं को इतना ही बताना चाहता
12:06हूं सर कि यह जो संजे राउत आज बैट के प्रेस कॉ
12:21यह इसलिए प्रवक्ता यहां पर कह रहे हैं कि जो भी हो रहा है सब कानून के हिसाब से हो
12:30रहा है कोई भी कोट इस पूरे दल बदल को रोकने की कोशिश नहीं कर रहा है इसका मतलब सब
12:36कुछ ठीक चल रहा है और लोक तंत्रा इस पूरे मामले में मजबूत हो रहा है खुल
12:40मिलाकर यह कहने कि उनकी कोशिश है अखिल चित्रे आपका जवाब उसके बाद निखा दबास और दूसरी शिवसेना के प्रवक्ता
12:46अभी तक आए नहीं है उनसे भी पूछना है चलिए
12:52क्या है ना भारतिया जनता पार्टी और उनके साथ उन्होंने जिसे तैयार किया है जन्न दिया है वह टेस्ट्यू बेभी
13:01जो महरास्ट्रा में यह है शिवसेना शिंदेगट उनको शिर्फ और अउरंगजेब और हिटलर इनके मार्क पर ही चलना
13:11उसे वो सही समझते हैं उन्हें ऐसा लगता है कि सब यंत्रण आपने हाथ में लेके
13:17EDCBI और जो भी कोई और यंत्रण है सुप्रीम कोट आपने अभी में आपके डिबेट में सुन रहा था कि
13:21सुप्रीम कोट के
13:22निकाल अभी तक आये नहीं है तीन-तीन केसिज में जो मारगदर्शक हो सकता है सुप्रीम कोट वो सुप्रीम कोट
13:29ने अपने निर्ड़े अभी तलक पेंडिंग रखे हुए उसके वज़े से यह सब हो रहा है पिछले चार साल में
13:34यह दूसरे बार
13:35दूसरे बार महाराश्चला में यह जो दिल्ली मैनिफेक्चरड और इंजिनियर्ड टेस्ट्यूब में भी है यह दूसरे बार होस्ट ट्रेडिंग करके
13:44शिवा से ना उद्दो वाला सेब ठाकरे यह पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहा है पार्टी तोड़ रहा है
13:50
13:51और यह एक चीज हमें समझनी होगी साहिल जी यह सिर्फ शिव से ना नहीं तोड़ी जा रही है यह
13:57हमारे जो कॉंस्टिट्यूशनल वैल्यूस है हमारे फंडमेंटल वैल्यूस है इन पर हमला किया जा रहा है यह एक वालिट वो
14:05पूश रहे ना अखिल चित्रे यह जो कु�
14:24कॉन से कानून में रहे कर यह सारे और दूसरी बात यह भी कह रहे है तो कानून की बात
14:35अगर हो रही है ना तो आइटिंग पैरा फोर टेन शेडियूल का अगर वो पढ़ ले तो दो तीहाई सिर्फ
14:41मैंडिटरी नहीं है सुप्रीम कोर्ट का जो जज्जमेंट है अगर इफ
14:50कि पैरेंट पार्टी अलॉंग विट टू थर्ड मैजॉरिटी सिर्फ टू थर्ड को अंडरलाइन करके जो बात कर रहे हैं ना
14:58क्यूंकि सब यंत्रणा उनकी है सुप्रीम कोट उनका है चाहिए उस तरीके से उनको ट्विश्ट एंटन करते इसका मतलब यह
15:05नहीं कि किताब
15:06में लिखा गया है जो अपने लॉबुक्स में वह रॉंग है जिनको देश के सुप्रिम कोट पे भरोसा नहीं देश
15:17के न्याय ब्यवस्था पे भरोसा नहीं उनको किस पे भरोसा होगा सब तो तो इसी तरह अनर्गल आरोप लगाए और
15:23मैं तो समझ नहीं पा रहा हूं कि इ
15:28आपका नेता आपके फिदायक आपके सांकर आपस में टूट रहे हैं आपस में लड़ रहे आपस में जा रहें वहां
15:37बाजपा करा यह वाई-वम्य सता नामियों को ओंटस्थत्य
16:04तो आप चीज तरह से निकम्मापन है आपका आपके लोग तूट रहे तो आप उसका आरोब आपको भाजपको लगा देना
16:11है जिसका कोई लेना नहीं देना है अकिल चित्रे
16:27आपकी पार्टी को राज ठाकर ने तोड़ा सब आपकी बोलती मंती क्या कर दोटी पहले भी तूट चुकी है अभी
16:48आप इस पर सवाल क्यों उठा रहे है आपको तो आदत हो जानी चाहिए और सवाल उठाना बन कर दीजेगा
16:53आदत हो जानी चाहिए आपको पार्टी तूट �
17:05तो इसलिए आप सवाल मत उठाईए पहले भी तूट चुकी आपके निकम्मा कोन है जो भारतिया जंता पालटी दिन राज
17:15शुबेश याम कॉंग्रेस मुक्त भारत करने की बात करती थी जो भारतिया जंता
17:35लेकर साथ में बैटिए आप अगर देखो ना भारतिया धन्ता
17:50ना यह भारतिया जनता पार्टी है क्योंकि भारतिया जनता पार्टी ने खुद की लीडर्शिप कभी डेवलप भी नहीं की चोरी
17:57मेरा काम भारतिया जनता पार्टी मेरा नाम इस तरीके से उन्होंने गवर्न किया है उनके खुद के भारतिया जनता पार्टी
18:04की लीडर्शि�
18:31सब्सक्राइब तो सामने आके बोले कि हमने यह गिया है तोड मरोड की राजनेती भारतिया जानता पार्टी हर स्टेट में
18:48तो चाहे दिल्ली हो पिर हुआ चाहे वेस्ट बेंगवारा पिर चाहे बात कह रहा हूं
18:58चोटी सी एक बात मैं कह रहा हूं कि यह कह रहा है हमें तो कांग्रेस से टूट कर या
19:03जो भी आये उन्होंने गडबंदन में हमें बहार से समधन दिया
19:06उद्दो ठाकरे तो पूरी पार्टी लेकर जो है सुनिया गांदी की गोट पर इस अचले एक
19:13पुझा बाला साब ठाकरे की बिचार दार तिके आई कि कांग्रेस की जो है कोट में जाकर बैठ जाओ यह
19:21शीयरा ने अदौट ठाकरे न किया न
19:51लोगों को पसंद नहीं आ रहा है
19:53अब विचारधारा का सवाल कहां उठता है
19:54और ऐसा क्या है कि पिछले एक महिने में
19:57एक के बाद एक पार्टिया टूट रही है
19:59ये टाइमिंग क्या है
20:00और इसलिए दल बदल कानून भी यहां पर खड़ा होता है
20:03शिवसेना के प्रवक्ता भी हमारे साथ जुड़ रहे है
20:05इतना चिंडिकी पार्टी के प्रवक्ता हमारे साथ जुड़ रहे है
20:07लेकि निकद अब बास
20:08आपको चैयर करना चारी है वो करिये उसके बाद मुझे ज़रा
20:11कानूनी रहा भी इसको लेकर जाने
20:19साहिल जी मैं कभी कभी ये सोचती हूँ कि हमारे पूरवजों ने अंग्रेजों के खिलाफ 200 साल तक लड़ाई लड़ी
20:32क्योंकि मुझे पता है कि उन्होंने इसलिए तो जंग नहीं लड़ी ती आजादी की
20:36कि जंता वोट किसी को दे और वो नेताई बिक जाए
20:38उन्होंने इसलिए भी आजादी नहीं लड़ी थी कि सरकार किसी और की जंता बनाना चाहे
20:44और सरकार किसी और की बना दे और इसलिए भी जंग नहीं लड़ी गई थी
20:48कि सांसद और विधायक अब जंता के प्रतीनिधी नहीं
20:51और सरकार के यानि सत्ता पक्ष के प्रतीनिधी बन जा है
20:54क्योंकि जिस प्रकार अभी जो पैटरन देखा जा रहा है साहिल भाई
20:56कि जैसी चुनाफ खत्म होता है एक पाटी चुनाफ हार जाती है
21:00अगर वो सत्ता पक्ष के तरफ ऐसे दोड़ने लगती है
21:02तो मुझे वो उतिहास की बात याद आ जाती है
21:04कि देश को सिर्फ बाहर के दुश्मनों ने गुलाम नहीं बनाया था
21:08देश को लोगों ने भी कमजोर किया है
21:10और आज भी वही लोग देश को कमजोर कर रहे है
21:12जो अपने लालच के चलते जनता का भरोसा तोड़ रहे हैं
21:15और चीन रहे हैं और सबसे बड़ी बात है
21:16दल बदलने वाली बात हो रही है
21:17साहिल भाई आज देखना चाहिए कि क्या जो दल बदला जा रहा है
21:21वो सिर्फ विचार धारा को लेके बदला जा रहा है
21:22नहीं वो डर को बद्दे नजर रखते हुए बदला जा रहा है
21:26इन्होंने कहा कि सारे तो नेता विधायक
21:28जितने मंत्री सांसर जितने बदले हैं
21:30उनके सबके खिलाफ तो ED के केसिस नहीं थे
21:51लिखत बबास जरा मुझे इस बात का फर्ग भी बताइए यह देश की संस्कृती आज की तो नहीं है
21:57यह देश की संस्कृती आज कान की चर्चा काफी हुई थी
22:01उसी के बाद तो चर्चा हुई थी कि दल बदल कानून को सक्थ करना चाहिए
22:05और जो जो सरकार इस दल बदल कानून के वज़े से सदमे में आई है तकलीफ में आई है उनको
22:11लगा है कि दल बदल कानून सक्थ करना चाहिए फिर वो राजीव गांधी प्रदान मंत्री हो या फिर उसके बाद
22:16अटल बिहारी वाजपई 2003 में उन्होंने इस दल बदल कानून क
22:20को सक्थ किया उसके बावजूद तब का दल बदल आज के दल बदल में आप कैसे फरक करेंगे
22:28सहिल भाई यह आपको लगता होगा आप तो इतने वरिष्ट पत्रकार है आपको देखके पता नहीं चला जिन जिन नेताओं
22:33के सांसदों के विधायकों की जो न्यूज आती है दल बदलने की अधिकतर लोगों के केसे होते हैं EDK, CBI
22:41के, नवीन जिंदल ले लीजिए, हिमंत
22:55लोगतंत्र का चोला उड़ाकर कानून का चोला उड़ाकर खरीद फरोग्त होने लगती है और मन की बात में आके प्रधान
23:00मंतरी कह देते कि सब हमारे हैं और सब हमारे साथ है, अरे जब मन की बात में आके आप
23:04जंता को यह बता रहे हो कि सब हमारे से कौन सी चीज़े है कि �
23:08को अचानक लगने लगा दो साल के भीतर कि अभी यूबीटी के जगे पर शिवसेना में जाना चाहिए जीस बात
23:15का जिक्र निखत अबास यहां पर कर रही है ऐसी कौन सी बात हो गई पहले वाले तो आप लोग
23:19कहने दें कॉंग्रेस के साथ गये इसके लिए हम लोग आ रहे है
23:21अब ही यह लोग तो कॉंग्रेस के साथ चुनाव लड़कर जीते हुएं ऐसा कौन सा जादू कर दिया कि आपके
23:25पास आने के लिए तयार हो गए और यह आपके पास आ रहे हैं कि अलग गुट बना के रहेंगे
23:29वो भी क्लैरिफाइ कर दीजेगा
23:51वो किया इसी के वज़े से आज उनको सरकार से बाहर निकल दिया लोगों को वह बात पसंद नहीं आई
23:56इसलिए तो कॉंग्रेस पार्टी को आज विपक्ष में रखा हुआ है
23:59पसंद लिए तो आज बाहर रखा हुआ है लोग तंत्र मजबूत नहीं रखा हुआ है इसलिए तो कॉंग्रेस पार्टी पर
24:06सवाल उठ रहे थे
24:11तो नेतिकता की बात कॉंग्रेस करें नहीं तो वही ठीक रहेगा पिर हमारे अकिल भाई ने कहा कि भाई
24:20सब्सक्राइब जो दिन मुझे कॉंग्रिस के साथ मिलाना पड़े मैं मिरी दुकान बंकर नुगा और अबन कर लिया दूसरी बात
24:30आपने कहा किए जो खादार है वो कोंग्रेस के
24:33लड़े कुछ दिन पहले हमारे संजयराउट सामने क्या कहा राष्ट्रवादी कॉंग्रेस के जो लोग है और टीमसी के लोग है
24:42वह जाके कॉंग्रेस के साथ विलीन करें अरे संजयराउट कोन है
24:59वे के साथ खुराव लड़कर जीतना पसंद है
25:15कांग्रेस के साथ बिलकर चुनाव जीतना पसंद है आपको याद होगा कि ये सारे सांसत किसके सपोर्ट से चुनाव लड़े
25:20थे तब आपने क्या रोप लगाय था उन पर
25:41अगर ये चैन्सत जो है वह संमान नरेंदर मोदी जी का नेतरु स्विकारते हैं इंडिये को स्विकारते हैं एकनाच हिंदे
25:49जी का नेतरु स्विकारते हैं
25:51वो घ्रास प्रोट लीडर है राउंड लेवल के लीडर हैं उनको हर समय मदद करते रहते हैं तो वो ऐसा
25:58लीडर एक सब रहे हैं जो उनको एकसिसे बले
26:06क्रिश्णा हिगडे अभी तक ये बात पुब्लिक डोमेन में आई नहीं इसके लिए आप से पूछ रहा हूं मैं
26:10यह साथ शे लोग जो है वो त्रिनमूल की तरह कोई NCPI या चोटी पार्टी में तो नहीं जाएंगे या
26:16आपके पास आएंगे
26:17देखे वो छोटी पार्टी में जाए या हमारे पास आए आ रहे तो हमारे पास ही क्युक्
26:35करशिवसर्णा के वरदापन दिन के दिन वो पार्टी में शामिल हो रहे है
26:47एकनाच छिंदेजी खुद करेंगे, मैं नहीं करूँगा, दूसरी बात, इनोंने कहा कि CBI लिया, ED लिया, मुलायम सिंगी के उपर,
26:55CBI किस ने लगाया, हमने लगाया, क्या, कॉंग्रेस की सरकार्ती, तो कॉंग्रेस ले जो स्टार्ट किया है, अभी कॉंग्रेस बोलती
27:02है, �
27:03हम कंटिन्यू कर रहे हैं, हम कंटिन्यू कर रहे हैं, इनोंने जो किया, उनको खाली हम आयना दिखा रहे हैं,
27:09जाले ठीक है, हम खाली हम आयना दिखा रहे हैं, इनोंक बोल रहे हैं, हम आयना दिखा रहे हैं, इनोंक
27:24बोल रहे हैं, हम आयना दिखा रहे हैं, हम आयना दिखा
27:29बना हुआ दल बदल कानून की धज्या उड़ाई जा रही है और उसके बावजूद सुप्रीम कोट की दखलंदाजी नहीं हो
27:35रही है आप इसे किस तरीके से देखते जो आरोप लगाए जा रहा है इन पार्टियों के दर्ब से
27:41झाल magnesu was घंतंत मुझे झाल मिला आपके करेकर में बोलने के लिए सबसे पले जो आपने इस करेकरम के
27:50शुरूआत में इंटो आपने जो कहा था उसमें तीम पॉंट्स में जुडआ जिए तयों सबसे पहला जो विशह था वी
27:56यह था
27:56कि इसका बैग्राउंड क्या इतिहास क्या है तो मैं मुझे सुरा सा अनने टाइम चाहिएगा दो मिनट का देखिए इसका
28:03इतिहास यह है कि यह उनी सो पचासी में पहली बार इंटर्डूस हुआ और राजीव गांधी की सरकार पूर्ण बहुमत
28:09की थी तीन चुथाई बहुम
28:26मैंने देखा कि आया है तो यह टेंच सेदूल में जब इसको लाया गया तो उसका टाइमिंग देखे बहुत इंपॉर्टन
28:31है हम लोग लोग में बात करते हैं कि इंटेंशन टाइमिंग सर्कम्स्टांशल एविडेंट परिस्तिति जानने साख्षे तो इसमें जो हुआ
28:38है �
28:39मैं आप ध्यान दखिये कि शाहबानू केस वा शाहबानू केस में जो डिसिजन सुप्रीम कोट का सहासिक था उसको बदलने
28:46के लिए मुस्लिम जो वहां के कठमुलों के वज़र से जो बदला सरु उन्होंने राजीव गांदी ने उसके लिए दल
28:53बादल कानून का उप्यो�
29:07और वो जो अपीजमेंट की तुष्टी करन की एक नई दिशा उस्ति इंताय हुई थी सुप्रीम कोट के फैसले को
29:14उलटने की और वो उनिसो पचासी के उस जजमेंट में इसमें कहीं कोई इतनी कोई सेक्रो सेंट कोई बहुत पवित्र
29:20भावना नहीं थी मैं आपको बता द
29:37इन सेडिल में आया उसमें थोड़ी सी गुंजाई सियर नहीं रखी गई थी किसी तरीके से प्रजातांत्रिक मुल्यों का उपयोग
29:45किया जाए तो दो जातीन में एटल जी के सरकार के समय में ही इंट्रूश हुआ और उसमें ये तय
29:49हुआ कि यदी दो तीहाई बहुमत तू
30:072003 में संचोदन किया गया उसके पीछे क्या कारण था उसके पीछे क्या मंचा थी उसके पीछे भी मंचा थी
30:13नहीं कि लोग तंतरमस्पूत रहना चाहिए दल बदल नहीं होना चाहिए नहीं नहीं पढ़िये तो सही 2003 में ये कहा
30:22गया कि जो दो तीहाई बहुमत से आप चाहे
30:25तो दल को पूरे तरीके से मर्ज कर सकते हैं उसको और ज्यादा लिबरलाइज किया गया तू एंशूर दर डिमोक्राटिक
30:31वैलू क्योंकि देखिए यह ताना चाहिए अधाना चाहिए अब जैसे जो यह जो भी प्रोविजन्स हैं उसमें एक सबसे
30:52आति ही प्रोविश कि दल में आगा वहां पर किसी पैनले करकाया नहीं है उसमें क्या संसदीय पार्टू अब यह
30:58बहुत इंप्डितिव कुखिता पार्टीक्न के पास स्वतन पीड़न मेंॽांन को रों प्री दोशाखक्र केbetा झालमे नहीं है
31:22वो उस उन मुल्यों के ऊपर में काम नहीं कर रहा है या अधिनायक वादी हो रहा है वो डिक्टरियल
31:27फॉर्म में काम करा है और ये
31:29प्रजातांत्रिक मुल्यों की मुलता रक्षा है उत्वाहीं जी और अभी होता यह है मैंने देखा आपके इस पैनल में भी
31:35मैं देख रहा था कि लगातार लोग जो है वो एक दूसरे पर छीछा लेदर कर रहे हैं और बोत
31:41ही निचले स्तर की राजनितिक चर्चा और यहां पर
31:43सिर्फ यह पूछना है कि जब प्रजातांत्रिक मुल्यों के लिए रक्षा के लिए 2003 में अमेंडमेंट आया और उसके उपर
31:51में कभी भी कोई चर्चा नहीं हुए सुप्रिम कोर्ट भी जब भी कुछ इस पर डिसकेशन करता है तो एक
31:57रिक्वाइड नॉम फॉलो हुआ है क
32:09उसी कानून की समिक्षा 2023 में जब सुप्रिम कोर्ट के Constitutional Bench का वर्डिक्ट आया जिसके चन्रचूर जिसके अध्यक्ष थे
32:17उसमें उन्होंने साफ शब्दों में लिखा हुआ है और इसलिए इसका जिक्र बार-बार होता है महराश्ट के सत्ता संगर्ष
32:23का जिक्र इसलिए �
32:24बार-बार होता है कि उस समिक्षा में सुप्रिम कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि विधाएक डल Parliamentary
32:30Party किसी भी तरीके से अलक तरीके से नहीं देखी जानी चाहिए राजनेतिक पार्टी का एक अंग के तौर पर
32:37ही इस विधाएक डल को देखा जाना चाहिए और इसलि�
32:51जो बार-बार उंगली उठाई जा रही है अदालत के तरह क्या ये सही है
32:55विकाल गुप्ता
32:56साहिल जी आप बहुत बेबाग तरीके से अपने प्रशनों को रखते हैं
33:00और आपने जब पहले वक्ता के साथ रखा तो शायद बात कहीं और गई
33:04लेकिन मैं उस पर नहीं जाओंगा आपकी बात का समर्थन करते हुए जो उधव ठाकरे वाली जो जज्जमेंट
33:102023 की सुप्रीम कोट किया जज्मेंट उसमें पेज मेरे पास अभी जज्जमेंट इस समय हाथ में नहीं है
33:16शर्पेज 82 में इसका विवरन है कि ट्विन कंडिशन जिस तरह से साहिल जी आपने बंबे और क्राइम भी काफी
33:23पहले कवर किया है
33:24कि आपको पता होगा जिस तरह से PMLA में जिस तरह से SFIO में जिस तरह से NDPS में बेल
33:30की ट्विन कंडिशन होती है
33:31इसी तरह यहाँ पर भी ट्विन कंडिशन है कि पार्टी का भी मर्जर होना चाहिए और पार्लिमेंटरी पार्ट जो है
33:38नंबर उसका भी दो तिहाई होना चाहिए
33:40तो एक बात तो यहाँ सपर्ष्ट हो गई दूसरी बात कि हाँ आपकी बात यह बिल्कुल सही है कि बात
33:45के धजियां उड़ाई जारी है लेकिन जो शर्मा जी ने कहा के कि शर्मा जी ने कि विपक्ष की जिम्मेवारिया
33:50मुझे लगता है बिल्कुल सही कहने है विपक्ष को
33:56इस आपदा में एक अफसर ढूनना चाहिए उन्हें ये देखना चाहिए कि जिस तरह से संस्थाओं की आड़ में अगर
34:02पार्टी विद्वंस कर रही है ऑपोजिशन पार्टी इसका तो एक वक्त आ गया है शायद कि आपको एक साथ हो
34:08करके एक जुट हो करके अगर कॉंग्रे
34:26लेकिन जिस बात का जिक्र विकास जी आपर ये भी किया गया कि कानून का उलंगन का हो रहा है
34:31क्योंकि सुप्रिम कोट ते तो इस पे कोई दखल अदा जिक्की नहीं है
34:33हमने तर्लमूल कॉंग्रेस के मामले में भी देखा कि हाई कोट टेका कि हम इंटरीम स्टे नहीं देंगे आप गेस
34:39लड़िएगा अब इंटरीम स्टे नहीं देंगे तो ये तो बात कानून हम चल रही है ना पूरी
34:49अब जो बात महाराश्ट्रा में हो रही है और अगर इवेंट होने के बाद अगर जाके वर्डिक्ट दो साल तीन
34:56साल बाद आए तो अस वर्डिक्ट का फाइदा क्या है अगर आपको याद होगा साहिल जी आप उस वक्त बंबई
35:00में थे जिस वकत उदर्व ठाकरे को फ्लो
35:13तो मुझे लगता है कि जिस वकत जरूरत है आवशकता है अगर कोड उस वकत हस्ता शेप नहीं करें तो
35:18मुझे लगता है अमित आप से नहीं पर विकास गुपता उठा रहे है जूडिशल डिले की बात उठा रहे है
35:27मैं विकास जी का सम्मान करता हूँ मैरे बहुत ही लगनेट कलीग है लेकिन एक चीज़ मैं पूछना चाहता हूँ
35:33कि आपको अंत में किस पे विश्वास होगा क्या आपको जुलीशरी पे होगा लेजिसलेट्रिव पे होगा एडिस्कुतिय पे होगा या
35:41एनार्किस्ट बन
35:54साइज भी आपने उसको शिट कर दिया देखिए चंदर्चूर जी के अबजर्वेशन और उनके वर्डिक में फर्क है यदि उनको
36:01अबजर्वेशन नहीं करना चाहिए था यदि उनको ऐसा लगता था तो एक डायरेक्टिव देते और उसमें चेंज करने के लिए
36:07करते सिच
36:08को देखिए मैं आज भी बोल रहा हूं कि 10th सेडियूल में कोई चेंज नहीं हुआ है नाज इदर सुप्रीम
36:13कोट है चेंज दिट नौर दर लेश्लेटिव है चेंज दिट वो आज भी सिर्फ सिर्फ यानि जो पार्लेमेंटरी पार्टी है
36:20और जो लेश्लेटिव पार्टी
36:38कुछी एक कारण जे तो चुन के आते नहीं है वहां पर लाखों के तो क्या ये डिमोक्राटिक नॉम है
36:44कि जिस पार्टी के सिंबल पर आप चुनाव लड़ते हैं और जीते हैं उस पार्टी को आप बीच रास्ते में
36:51छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो जाते क्या �
36:54ये भी डिमोक्राटिक नॉम माना जाएगा अमित आप से नाजी क्यूंकि इस कानून के पीछे की सबसे बड़ी राय यही
36:59थी कि डिमोक्राटिक वैल्यूज को पिकाना चाहिए
37:14केके शर्मा कब तक चलेगा ये कब तक चलेगा ये आपकी कॉंस्टिटूशनल अमेंडमेंट्मेंट्स पास होरे तक चलेगा या उसके बाद
37:23भी चलता रहेगा
37:26साहे जी मैं ये कानून का विशे जो है ये वकिल साहब लोग और जजों का विशे है हम तो
37:34राजनितिक कार करता है हम राजनितिक गतिवधियों पर बात करते हैं हम राजनितिक नितिकता पर बात करते हैं मैं उसमें
37:43पूछना चाहता हूं एक प्रस्टा भी आपसे अभी तम
37:54कि जिस दल के साथ आप मिलके उहां चुनाव लड़े उस दल के हारते ही जीतने वाले दल के पास
38:00आप तुरत जाप्या समर्थन दे दिये और इस दल के पीट पे छोड़ा भूग दिया ये डियम के कह रहे
38:06हैं ये प्रस्ताव पारित करके सर लिखा जी जवाब दीजेगा तो क
38:25आपको रिबटल का बपार जाएं ये पॉलिटिकल नैतिकता की बात कर रहे है पॉलिटिकल नैतिकता की जब बात करती है
38:32तो पहले भी बता था दुबारा बता रही हूं नाम पढ़ रही हूं के के भाई कान खोल के सुनना
38:35हेमनत विस्वा सर्मा अशोग चवान प्रफुल �
38:54नैतिकता की बात आज कोई भी ना करे तो बैतर होगा क्योंकि पॉलिटिकल ने पॉलिटिकल मॉरालिटी खतम होने के बाद
39:00ही दल बदल कानून का जन्म हुआ है क्योंकि पॉलिटिकल नैतिकता नहीं थी भारत की राजनीपी में इसलिए दल बदल
39:07कानून लाना पड़ा था
39:08तो क्या आज की स्तिती में दल बदल कानून खत्म हो रहा है
39:10ये डिबेट ऐसे ही चलता रहे
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