00:00ऐसे वीर थे सावरकर की उनके पढ़पोते राहूल गांदी को भेरते खेरते अपने पढ़दादा सावरकर को एक बार फिर कड़
00:08घरे में खhta कर गए
00:09उनके मान का दावा करते करते खुद ही उनकी मानहानी कर गए
00:13जो बात आज लोग दवी जबान में कहते हैं या जो बात सरकारी रिकार्ड में दफन थी
00:18वो एक बार फिर सरे आम हो गई अदालत के रिकार्ड में आ गई
00:22रिकार्ड में आ गया कि हाँ वीर सावर कर दरसल माफी वीर थे
00:26ये हम नहीं कह रहे है ये बाद विनायत दामुदर सावरकर के प्रपोत्र सत्यकी सावरकर ने अदालत में स्विकार की
00:33है
00:33कि सावरकर ने ब्रिटी सरकार के नाम कुल दस बार मर्सी पिटिशन यानि दया या चिकाएं लिखी
00:40सत्यकी ने ये भी माना कि ये सच है कि उसी दोर में अन्य अकरांतिकारियों जिसे राजगुरू, बटुकेश्वरदत और अश्वाक
00:47उल्लाख खान ने कोई दया या चिकाद आयार नहीं की थी
00:50सत्यकी कहते हैं कि मुझे जानकारी नहीं थी कि भगत सिंग और बटुकेश्वरदत ने बिटे सरकार को पत लिकर खुद
00:57को युद्ध बंदी मानने की मांग की थी
01:00और किसी भी तरह की रियायत ये नर्मी से इंकार कर दिया था
01:03लेकिन मैं यह जानता हूँ कि भगत सिंग और बटुकेश्वरदत अंत तक अपनी विचारधारा और सिधानतों पर अडिग रहे और
01:09उन्होंने अंग्रेजों के साथ कोई समझोता नहीं किया
01:13लाइव लॉक की खबर के मुताबिक सत्तकी सावरकर ने एक खुला से पुने की विशेश MP MLA अदालत में अपनी
01:19जीर है यानि क्रॉस एग्जामिनेशन के दरान किये
01:22ये सुनवाई कॉंग्रेजनेता राहुल गांदी के खिलाफ आपरादिक मानहानी के मुकदमे में उन्हे की विशेश अडालत में चल रही है
01:29सत्तकी सावरकर ने राहुल गांदी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने लंदन में दिये गए एक भाशन में उनके परदादा
01:36विनायक दामोदर सावरकर के बारे में मानहानी कारत टिप्डियां की थी
01:40इस मामले में सिन्वाई विशेश नियाए देश अमोल शिंदे कर रहे हैं
01:45सावरकर दौरा दया या चिकाएं दाखिल किये जाने का सवाल लंबे समय से राइनेतिक और एकियासिक बहस का विशे रहा
01:52है
01:52आरेसेस बीजेपी वाले ये तर्क देते हैं कि ये अचिकाएं ये कर रहने तेक कदम थी
01:57सत्तकी ने भी अपने परदादा का बचाओ करते हैं कि दया या चिकादायर करना उस समय की एक सामान में
02:03आधिकार एक प्रक्रिया थी
02:05लेकिन ये लोग आज सक एक ऐसा दस्तावेज नहीं दिखा पाए जिससे साबित हो कि जील से रिया होने के
02:10बाद सावतर ने सुतंतरता आंदूलन में भाग लिया हो
02:13या अंग्रेज सरकार के खिलाब कभी एक शब्द भी बोला या लिखा हो बलके सच्चा ये है कि रियाही के
02:19बाद तुवें अंग्रेज सरकार से बाकाइदा पेंशन लेते रहे
02:23खैर अभी तो और राज खुलने हैं धागे खुलने हैं यह सुनवाई एक जुलाई को भी जारी रहेगी
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