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ख़ुद को राजनीतिक विश्लेषक कहने वाले अभिजीत अय्यर मित्रा की न्यूज़लॉन्ड्री की महिला पत्रकारों को लेकर लिखी गई एक गंदी, बेहूदी, आपराधिक यौन टिप्पणी पर जज साहब ने कहा है कि यह शायरी के रूप में लिखी गई थी और उनके ख़िलाफ़ निचली अदालत के एफ़आईआर लिखने के आदेश पर रोक लगाई जाती है।
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00:00आज बतावर एक पत्रकार और एक शायर मुझे डूब मरने का मन कर रहा है
00:04जब खुद को राजनितिक विश्लिशक कहने वाले अभी जीद आयर मित्रा की एक गंदी, बेहुदी, घिनाउनी यौन टिपणी को ज़स
00:12सहब कह रहे हैं
00:13कि यह शायरी के रूप में लिखी गई थी, इसलिए उनके खिलाफ अभी किसी कारवाय की ज़रूरत नहीं और निचली
00:19अदलत के F.I.R. लिखने के आदेश पर रोक लगाई जाती है
00:22यानि देखी एक अदालत जिन टिपनियों को पर्थम दृष्टिया, यौन संकेत वाले और महिला की मर्यादा का अपमान करने वाली
00:29बताती है
00:30उसे ही दूसरी अदालत शाहिरी कह रही है
00:39आप मित्रा की इस पोस्ट को अपनी स्क्रीन पर देख सकते हैं
00:42ये पोस्ट इतनी गंदी, बेहुदी, भयानक है कि मैं पाल भी नहीं सकता
00:46अगर ये शाहिरी है तो वाकई सारे शाहिरों को डूब मर जाना चाहिए
00:49मामला नीजलांडरी की महिला पत्रकारों से जुड़ा है
00:52अपरेल दोजार शाहिरोंडरी की संपात के निदेशक मनिशा पांडे और अन्यम महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया था
00:59कि अभिजीद आयर मित्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर उनके बारे में अपमान जनक और यौन संकितों वाले पोस्ट किये
01:06थे
01:0722 अपरेल को साकेत अदालत के नियाएक मेजिट्रेट प्रथम श्रणी भानू परताप सिंग ने पुलिस को अभिजीद आयर मित्रा के
01:13खिलाप एफ आयर दर्ज करने का निर्देश दिया था
01:16मेजिट्रेट ने माना था कि मित्रा के कुछ पोस्ट प्रथम द्रष्ट्या यौन संकित वाले और महिला की मर्यादा का अपमान
01:22करने वाले पतीत होते हैं
01:24इसलिए भारती नियाय सही है था कि धाराओं 75, 75, यौन उत्पिरन और 79 महिला की लज्जा का अपमान करने
01:32के उद्देश्य से शब्द संकेत या क्रत्य के तहत एफ आयर दर्ज की जाए
01:37इस आदेश को चुनाती देती हुए मित्रा ने साकेत शेशन कोर्ट में अपील दायर की
01:41अत्रिक्त सत्र नियाय देश पुर्शोत्तम पाठक ने मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि संबंदे टिपनिया शायरी के
01:48रूप में लिखी गई थी
01:49और उनमें किसी गिप्ति का नाम सीधे तोर पर नहीं लिया गया था इसलिए फिलाल एफ आई आर दर्स करने
01:55की जरूरत नहीं है
01:56खैर मित्रा जी की शायरी और जजच पाठक जी की शायरी की समझ पर क्या कहा जाए
02:00हलाकि आपको बता दें कि इस मामले के समानान तन मनिशा पांडे और अन्यम महिला पत्रकारों की ओर से दिल्ली
02:06उच्छ नियाले में मान हानी का भी एक दिवानी मुकदमा लंबित है
02:10जिसमें सारजनिक माफी और दो करूर रुपे के हर जाने की मांग की गई है
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