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  • 18 hours ago
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को उस याचिका पर विचार करने के लिए तैयार हो गया है, जिसमें आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है. याचिका में कहा गया है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी आधार कार्ड का उपयोग नागरिकता, निवास स्थान और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है. याचिका के अनुसार, "इसके बावजूद, आधार का उपयोग न केवल स्कूल में दाखिले, संपत्ति की खरीद, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए उम्र, नागरिकता और निवास के सबूत के तौर पर किया जा रहा है, बल्कि नए मतदाता पंजीकरण के आवेदन फॉर्म (फॉर्म-6) में भी इसे जन्म तिथि और पते के सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसी वजह से, घुसपैठिए और अवैध अप्रवासी आधार का उपयोग करके विभिन्न सरकारी दस्तावेज हासिल कर रहे हैं."याचिका में मांग की गई है कि आधार कार्ड का उपयोग केवल पहचान की पुष्टि के लिए ही सीमित किया जाए.  याचिका में केंद्र सरकार, राज्यों और चुनाव आयोग को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे सुनिश्चित करें कि आधार का उपयोग केवल पहचान के सबूत के तौर पर हो, न कि नागरिकता, निवास स्थान, पते या जन्म तिथि के सबूत के रूप में.

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00:04आधार काड का गलत इस्तमाल कर घुस्ट पैठिये और अवैध प्रवासी नाकरिक्ता संबंधी जरूरी दस्तावेज हासिल कर रहे हैं।
00:31नए मतदाता पंजी करण के आवेधन फॉम में भी इसे जन्मति थी और पते के सबूत के रूप में इस्तमाल
00:38किया जा रहा है।
01:03याचिका में ये निर्देश देने की भी मांग की गई है कि नए मतदाता पंजी करण फॉम में आधार कार्ट
01:09को जन्मति थी और निवास के सबूत के तौर में इस्तमाल करना गैर कानूनी माना जाए।
01:15याचिका करता के मताबिक ऐसा करना आधार अधीनियम 2016 की धारा 9, जन्प्रतिनिधित्व अधीनियम 1950 की धारा 23, 4 और
01:25सम्मिधान के अनुच्छेद 14 के खिलाफ है।
01:32याचिका में तरक दिया गया कि आधार अधीनियम 2016 की धारा 9 में साफ तोर पर लिखा है कि आधार
01:40नागरिक्ता या निवास स्थान का सबूत नहीं है।
01:43याचिका में ये भी कहा गया कि भारतिय विशिष्ट पहचान प्राधी करण की 22 अगस्त 2023 की अधी सूचना में
01:51सपश्ट रूप से लिखा गया है कि आधार केवल पहचान का सबूत है नागरिक्ता, पते या जन्मति ठीका नहीं।
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