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  • 19 hours ago
अमेज़न_FBA_फीस_गाइड

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00:00E-commerce की दुनिया में Amazon Fulfillment Center या कहें FC Fees का structure कभी-कभी एक बड़ी पहेली जैसा
00:06लग सकता है.
00:07है ना, लेकिन हर एक छुपी हुई Fees का सीधा असर मुनाफे पर होता है.
00:11तो चलिए, इस visualization में हम इस पूरे गणित को decode करते हैं और Amazon FBA Fees के हर छोटे
00:18बड़े पहलू को बिलकुल आसान भाशा में समझते हैं.
00:20इस सफर में हम जिन मुख्य पड़ावों से गुजरेंगे वो हैं पहला दो मुख्य FBA Fees, दूसरा Standard Product Fees
00:28की गणना, तीसरा वास्तविक बनाम Volumetric वजन, चौथा SIOC के साथ बचत, पाच्वा, भारी और बड़े उतपाद, और छटा एक
00:38Practical FBA उधारण.
01:08चलिए, आगे बढ़ते हैं.
01:09शलिए, इसे एक बहुत ही आम उधारण से समझते हैं.
01:14मान लेते हैं कि एक ओडर में 180 ग्राम के दो साधारण से खिलोने हैं.
01:20अब, पहले स्टेप में, Pick and Pack Fees 17 रुपे प्रती यूनिट के हिसाब से 2 यूनिट के लिए 34
01:27रुपे हो गई.
01:28दूसरे स्टेप में आते हैं, दोनों खिलोनों का कुल वजन हुआ 360 ग्राम और मान लेते हैं कि 100 ग्राम
01:35की एक्स्ट्रा पैकेजिंग है, तो कुल वजन 460 ग्राम हो गया.
01:39अब यहां सबसे बड़ा ट्विस्ट है, Amazon इस 460 ग्राम को राउंड अप करके सीधे 500 ग्राम के स्लैब में
01:47डाल देता है, और अक्सर यहीं पर मार्जिन कटता है, क्योंकि बिलिंग तो हमीशा 500 ग्राम के हिसाब से ही
01:54होगी.
01:54इसके अलावा, डिलिवरी की दूरी से भी खर्चे काफी ज्यादा बढ़ते हैं. अगर लोकल डिलिवरी है यानि उसी शहर में,
02:01तो चार्ज अलग होगा. रीजनल डिलिवरी एक ही शेत्र के भीतर होती है, और नाशनल डिलिवरी का मतलब है किसी
02:08बिलकुल अलग शेत्र में
02:10शिप करना. जाहिर है, जैसे जैसे दूरी बढ़ेगी, वैसे वैसे फीस का ग्राफ भी तेजी से उपर जाएगा. इसे इस
02:18चार्ट से समझना और भी आसान है. ध्यान दीजे, रीजनल डिलिवरी में बेस फीस और 18% GST को मिला
02:24कर कुल खर्च 86 रुपे 14 पैसे बनते हैं. ले
02:40करते हैं. अब एक और दिल्चस्प बात देखते हैं. Amazon सिफ प्रॉडक्ट का वजन नहीं देखता, बल्कि ये भी देखता
02:51है कि box असल में कितनी जगा घेर रहा है, क्योंकि भई ट्रकों और फ्लाइट्स में जगा की एक लिमिट
02:57तो होती ही है. इसका एक फिक्स फॉर्मिला
02:59है. सेंटीमीटर में लंबाई, चड़ाई और उचाई का गोणा करना है, और फिर उसे 5000 से भाग देना है. और
03:05सबसे जरूरी नियम, Amazon हमेशा वास्तविक और वॉल्यूमेट्रिक वजन में से जो भी ज्यादा होगा, हमेशा उसी पर चार्ज लगाएगा.
03:13और ये अंतर कभी
03:15कभी सच में बहुत चौकाने वाला होता है. कल्पना कीजिए कि एक प्रोडक्ट का असली वजन सिर्फ 500 ग्राम है,
03:22लेकिन उसका बॉक्स काफी बड़ा है, मान लीजे 40 x 32 x 20 cm का. जब हम फॉमुले से इसका
03:28वॉल्यूमेट्रिक वजन निकालते हैं, तो वो सीधा 4.8 kg निकल
03:45करने का कोई तरीका है? बिल्कुल है. चलिए, मुनाफ़े को बचाने के एक बहुत ही शांदार चीट कोड की बात
03:51करते हैं. इसे कहते हैं SIOC, यानि Ship in Own Container. अगर किसी प्रोड़क्ट की अपनी ही पैकेजिंग इतनी मजबूत
03:59है कि उसे किसी और बॉक्स में डालने की जरू
04:12अगर बिना SIOC के भेजें तो Amazon की Extra Packing की वजह से वजन 1085 ग्राम हो जाता है और
04:20फीस करीब 78 रुपीज लगती है. लेकिन अगर SIOC का इस्तमाल हो तो बिना किसी Extra Packing के वजन सीधा
04:29985 ग्राम रह जाता है और इसका सीधा असर फीस पर दिखता है जो 78 रुपीज से गिरकर 54 र
04:39पचत है जो सीधे Profit Margin में जाकर जुडती है. लेकिन जब Inventory में बड़े और भारी समान हो तो
04:49नियम पूरी तरह से बदल जाते हैं. भारी और बड़े प्रोड़क के इस खास कैटेगरी में वो समान आते हैं
04:55जिनका वजन 22.5 kg से ज्यादा हो. इसके अलावा वाशिंग मश
05:00रेफ्रिजरेटर, बड़े साइस के टीवी, भारी फनीचर या ऐसे ही कोई भी विशाल आकार वाले उत्पाद. वो अपने आप ही
05:08इस कैटेगरी का हिस्सा बन जाते हैं. इसे एक वाशिंग मशीन के उधारन से देखते हैं. मान लेते हैं इसका
05:14वास्तरिक वजन 45 kg है. लेक
05:30इस लग जाती है. ये साफ दिखाता है कि छोटे पैकेट्स के मुकाबले बड़े समानों का गणित कितनी तेजी से
05:35और कितना बड़ा बदलता है.
05:37सेक्शन 6. एक प्राक्टिकल एफबीए उधालन.
06:07पर 18% GST जुड़ता है. तो फाइनल आकड़ा आता है पूरे 84 रुपए. बेस फीस से शुरू होकर इस
06:15आकरी आकरे तक पहुँचने का ये पूरा सफर एकदम साफ कर देता है कि मुनाफे का हर एक रुपए असल
06:21में कहां से आ रहा है और कहां खर्च हो रहा है.
06:24तो इन सभी पैमानों को करीब से समझने के बाद अब इन्वेंटरी को देखने का नजरिया यकीनन पूरी तरह से
06:31बदल जाएगा. सवाल ये है कि अगले प्रोड़क्ट का सठीक वजन, डैमेंशन और कीमत क्या है जिसकी गणना होने वाली
06:38है. क्योंकि हर एक नई लिस्टि
06:41मुनाफे की सबसे बड़ी चाबी साबित होगी.
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