00:00कभी नक्सलवात और भै की पहचान रखने वाला लातेहार आज खेल के मैदान में नई कहानी लिख रहा है।
00:06जे धर्ती पर कभी गोल्यों की आवाज सुर्खिया बनती थी, वहाँ आज खिनाडियों की सफलता प्रिरना बन रही है।
00:13घने जंगलों और पहाडों के बीच बसे लातेहार की पहचान कभी नक्सल परवावी जीले की रूप में होती थी, लेकिन
00:20आज यही धर्ती खेल परतिप्राओं की नई नरसरी बन चुकी है।
00:24वर्स 2005 में सुरू हुआ, डे बोर्डिंग वालीबॉर्ड परसिक्षन के अंदर सैक्रों युवाओं के सपने को आकार दे रहा है।
00:32सिमिस संसातनों के भी सुरू हुई यह पहल, आज सफलता की मिसाल बन गई है।
00:36बहुत जादा डिफ्रेंस आया है, पहले जब नहीं खेलते थे तो एक नॉर्मल स्टूडेंट की थे, अब खेलते हैं तो
00:43अब बहुत एक प्लेयर हो गया है, अब प्रेंस्टेट डिस्क्रिक का नाम भी हमने निकॉशन किया है, और लैस्टर में
00:50भी हमने गया है, और यहां
01:01इस बदलाव के पीछे हैं कोच प्रवीन मिस्रा, जिन्होंने करिब दो दसकों से खिलाड़ियों को सिर्फ खेल ही नहीं, बलकि
01:09संघस और आत्म विश्वास का पाट पढ़ाया है, उनकी मेहनत का नतीजा है कि इसके अंदर से निकले 70 से
01:16अधिक खिलाड़ी राष्टिय प्
01:30कई खिलाड़ियों ने राज और राष्टिय पर पदक जीत का जीले का नाम रोशन किया है, सबसे बड़ी बात यह
01:38है कि यहां की बेटियां भी अब बड़े मंचों पर अपनी पहचान बना रही है, जिनके लिए कभी सपने देखना
01:44भी मुश्किल था, वे आज सफलता की न
01:50कई खिलाड़ी भारतिय सेना, बियसेप और पुलिस सेवा में देश की सेवा भी कर रहे हैं।
02:21अगे बढ़ रहे हैं, राष्ट्रिय परतियोगताओं में भाग ले रहे हैं, धारखन टीम का प्रतिनी दित्रों कर रहे हैं।
02:50अविनेश तिरपाथी भी डे बोडिंग सेंटर के खिलाड़ियों और कोज की परसंसा करते हैं।
02:55उन्होंने कहा कि जिले के खिलाड़ियों को बेहतर औसर परदान करने के लिए यहां रेसिडेंशियल ट्रेनिंग सेंटर के असापना करने
03:03की योजना तयार की जा रही है।
03:08सब में हमारे बच्चे जो सलेट तो रहे हैं, कहींने करतिबा है, तो अभी आहली पिलाल हमारे दिशी महुर्दे के
03:17वेच्टा में बैटे की लिए, उसमें दिवर्शित किया गया है, इस सेंटर को रेसिडेंशियल सेंटर ने ताकि और अच्छा रिजल्ट
03:26आ सकोए, और ब
03:33पोर्डिंग सेंटर के खिलाडियों को यदि सही उसर मिला तो आने वाले दिनों में यह अंतराश्टी हस्तर पर देश का
03:40नाम रोसन करेंगे, राजीव कुमार, ETV भारत, लात्यहार
Comments