00:14। ।
00:58।
00:59यानि दोनों देशों के बीच बात्ची तो आगे बढ़ रही है लेकिन अभी कुछ एहम मुद्दों पर सहमती बनना बाकी
01:06है।
01:35आखिर कब और कहा होगी मोदी टरम्प की मुलाकात।
01:36सबसे बड़ा मुद्दा भारत अमेरिका ट्रेड डील अगर इस बैठक का सबसे महत्तबूर एजंडा चुनना है तो वह होगा भारत
01:44और अमेरिका के बीच प्रस्तावे ट्रेड डील।
01:46पिछले कई महीनों से दोनों देश ब्यापार समझोते को अंतिम रूप देने की कोशिस कर रहे हैं।
01:52अमेरिका चाहता है कि भारत के साथ उर्जा, और द्योगिक, उत्पादों और कुछ क्रिशी वस्तूओं को ब्यापार को बढ़ाया जाए।
02:00वहीं भारत भी चाहता है कि उसके निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बहतर उसर मिल सकें।
02:05अब आईए आपको बताते हैं कि आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है और अगर ये डील फाइनल हो
02:10जाती है तो उनको कितना फाइदा मिलेगा।
02:36हाला कि अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिये हैं कि G7 बैठक में अंतिम समझोती की उमीद कम है लेकिन बादचीत
02:44को नई दिसा जरूर मिल सकती है।
03:06भारत के लिए ये मुद्दा बेहत सम्मेदन सील है क्योंकि भारत अपनी और जरी उर्तों का बड़ा हिस्सा आयात करता
03:13है।
03:16समुद्री व्यापार भारत की अर्थ व्यस्ता के लिए बेहद हैं।
03:19यही वज़य है कि भारत लगातार छेतर में सांती और कूट नीती समाधान की बात कर रहा है।
03:26अब सवाल है कि भारत और अमेरिका आखिर क्या चाहते हैं।
03:46यही वज़य है कि दोनों देश पिछले कई महीनों से एक ऐसे समझोते पर काम कर रहे हैं जिससे दोनों
03:54को फायदा हो सके।
03:55क्या इरान पर भी होगी बातचीत।
03:57विसे सग्य मानते हैं कि दोनों नेता इरान को लेकर भी विस्तार से चर्चा कर सकते हैं।
04:02हाला की हाल के दिनों में अमेरिका और एरान के बीच तनाव कम करने की दिसा में कुछ सकरात्मक संकेत
04:08मिले हैं।
04:09और सान्ती समझोते की कोशिसों में भी तेजी तेखी गई है लेकिन इस्थिती अभी भी पूरी तरीके से सामानने नहीं
04:16हुई है दुनिया के नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि आगे क्या होता है भारत के लिए इसलिए
04:22है क्यूंकि तेल की कीमते सिपिंग रूट और वैस
04:38भूमिका का संकेत माना जा रहा है प्रधानमंत्री मोदी इस मंच पर वैश्विक साजेदारी सतत आर्थिक विकास एयाई से सुरक्षेत
04:46उप्योग उर्जा सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की आवाज जैसे मुद्दो को उठाएंगे और इसके उपर चर्चाएं होंगी ज
05:06लेकिन कुछ संकेत जरूर मिल सकते हैं ट्रेट डील पर आगे की दिशा साफ हो सकती है इरान और मिडिलिस
05:12संकत पर भारत की चिंताओं को अमेरित का तक पहुचाया जा सकता है उर्जा सुरक्षा पर सहयोग बढ़ सकता है
05:18रक्षा और टेक्नलोजी के सहयोग को नई गती मि
05:33लेकिन इसे उस प्रक्रिया का आहम पड़ाओ माना जा रहा है जो आने वाले महीनों में भारत अमेरिका आर्थिक रिष्टों
05:40को नई उचाई पर ले जा सकती है खास बात यह है कि G7 सम्मिट के तुरंद बाद अमेरिकी व्यापार
05:45प्रतिनिदी जैमिशन ग्रीक भारत का द
06:03झाल
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