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00:29तो केपलर के रिपोर्ट के अनुसार अगस्त दोवजार पच्चिस में इंडिया ने रशिया से दो मिलियन बैरल पर डे टेल खरीदा, कोई छोटा आकड़ा नहीं, जुलाई में ये खरीद 1.6 मिलियन बीपीडी थी, यानी सिर्स एक महिने में, इंपोर्ट्स में जबरदस �
00:59बोल रहा था कि इंडिया ने रूस से और ज्यादा तेल खरीदा है, असल में कहानी शुरू होती है यूएस टरिफ से, अमेरिका ने इंडिया पर 25% टरिफ लगाया, फिर उसे बढ़ा कर 50% तक करने का एलान किया, कारण सिर्फ ये कि इंडिया रूस से तेल खरीद रहा था
01:29अगस्त में इंडिया का टोटल क्रूड इंपोर्ट लगभग 5.2 मिलियन बीपीडी था और उसमें से 2 मिलियन बीपीडी सिर्फ रूस से आया, यानी करीब 38% हिस्सा रूस का, जबकि इराक और साओधी से इंपोर्ट कम हुआ क्योंकि वहां का तेल महंगा था, यानी इंड
01:59इंडिया रश्या का सबसे बड़ा बायर बना हुआ है, ये स्टेट्मेंट शायद पॉलिटिकल प्रेशर बनाने के लिए दिया गया था, लेकिन आकडों ने इसे जूटा साबित कर दिया, इंडिया की रणनीती की बात करे तो इंडियन ओयल कॉर्परेशन और दूसरे रि
02:29अब इंडिया प्राइस संसिटिव बायर है, तो नैशरली उसे अल्टरनेट सोर्स धूडने पड़े, इंडिया ने यूएस, ब्राजील और वेस्ट अफ्रिका से भी कुछ इंपोर्ट शुरू किया, यहां तक कि रिलाइंस ने HPCL से रेर फ्यूल ओयल भी खरीदा, क्योंक
02:59है कि ट्रंप ने कहा कि इंडिया अब रूस से ओल नहीं खरीद रहा, लेकिन रियालिटी है कि इंडिया रशिया से और ज्यादा ओल इंपोर्ट कर रहा है, यानि रशिया ने अपना सबसे बड़ा कस्टमर नहीं खोया, बलकि और मजबूत बना लिया, तो क्या आपको लग
03:29झाल
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