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  • 16 minutes ago
ब्लड डोनेशन की दिशा में बड़ा बदलाव लाने वाले गया के 'ब्लड मैन' सोनी कुमार वर्मा की कहानी प्रेरणादायक है.पढ़ें गया से रत्नेश की रिपोर्ट

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00:04इस सोच के साथ बिहार के गया अस्थित छोटे से इलाके मानपुर के निवासी सोनी कुमार वर्मा की शुरू की
00:11हुई मुहीम आज एक संस्था का रोप ले चुकी है और उन्हें बलड मैन की पहचान भी दिला चुकी है
00:17He has 17 years old in his first time blood donation and now he has 24 years of blood donation.
00:25My age is 34 years old and I have 44 years of being able to do it.
00:31My dream is that we have 100 years of blood donation and have 300 people who have been able to
00:38do it.
00:40Kishorawastha के दोरान एक हादसे का साक्षी बने सूनी ने कैसे रक्तदान को अपनी मुहीम बना लिया, सुनिये खुद उन्ही
00:48की जुबानी.
00:492010 में एक मानपूर जो एक छोटा सा एक जगा है उसके मुफसिल मोड के ठीक पहले एक जनकपूर मोड
00:58आता है,
00:58वहाँ पे एक रोड एक्षेडेंट एक लड़का वहाँ पे काफी खून से लत्पत गिरा हुआ रहता है, और लोग उसको
01:04भीर लगा के मोवाइल से अपना वीडियो बनाने में लगे रहते हैं,
01:08तभी हम वहाँ से जब गुजरते हैं घर से आने के लिए,
01:11तो देखते हैं कि पूरा भीर लगा हुआ है लेकिन इसको पर मदद करने के लिए आगे नहीं आया है,
01:16हम लोगों ने प्रयास कि पूरे भीर से जब मदद मांगा तो मदद किसी ने उतना नहीं करने को आगे
01:22आया,
01:22लेकिन एक दो लड़का वहां पर लगा कि नहीं भी आप आप आप आप आप आप आगे आए इसको हम
01:39लोगो मदद करेंगे,
01:40तो जब हम जब आप गयें तो वो लागया कि उमर कितना है,
01:46तो सब लोग बाहर पहले बता रहा था था कि तुमारा उमर कैम है लेकिन ब्लड कैसे देगा,
01:51तो उस समय मेरा 18 से कम ही उमर था, लेकिन हम लोगों प्रयास कि आप आप पलास उसको बोला,
01:56ब्लड बैंक हो तो बोला ठीक है ठीक है देऊ, तो तुम ब्लड हो यहां पर जल्दी से,
02:01फिलप हुआ हमारा ब्लड वहां से मिला, उस लड़के का ब्लड देके हम लोग जान बचाएं,
02:06जब घहर आ गए हैं तो कम से कम एक से दिड़ महीना बाद उसके परिवार बालों ने हमारे घहर
02:12पे आके पूरा एडरेस के साथ पूछते हुए हमारा घहर आएं, बोले कि हमारा बेटा समीर का जान बचा था
02:18आपके हाथ हो ताम बोले कि हम तो कुछे सकीए नहीं, तो बोल
02:36सफर में लोग जुड़ते चले गएं और आज 3500 लोगों के साथ उनकी संस्था भगत सिंग यूथ ब्रिगेड का ये
02:43कारवां बढ़ता ही जा रहा है, जो न सिर्फ राज्येबल की देश भर में अपने सहयोगियों की मदद से लोगों
02:50की जान 10 मिनट के कम समय में बचा सकता
02:53है, एक मैं स्टार्टिंग करके इस संगठन को स्टार्टिंग किया, उसके बाद सचीन के जुड़ने के बाद दे आज ये
02:59कारवां कम से कम 3500 डोनर का ये संसा बन चुका है, बाद में हम लोगों ने 2010 में जो
03:06नाम रखा ता मगधिवा संगठन, बाद में इसको 2016 में हम लोग
03:09ने सहिद बगर सिंग्योत ब्रिगेड के नाम से इसको नामित किया, आव आज वही नाम से हम लोग संगठन चल
03:15रहा है, आज साड़े 14000 लोगों को निसुलक बलड देके हम लोगों ने जान बचाया है, हमारा निरंतर परियास है
03:23कि पूरे गया जीला के साथ साथ, पूरे भ
03:39है, उनमें अपना टीम, अपने टीम के मेंबर हैं, बाकी बिहार में कोई भी जीला में अगर बलड का जरुगत
03:45पड़ता है, तो वहां का लोकल सेवी संस्टा है, उनसे एक चैनल सिस्टम के माद्याम से, उनको मदद हम लोग
03:51कर देते हैं, ताकि उनका मदद हमारे जीला में
04:19साल 2010 में ही सोनी कुमार बर्मा ने बलड डोनेशन कैंप लगाया था, लेकिन इस कैंप में सिर्फ साथ यूनिट
04:25ही बलड डोनेट हुआ, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और फिर सफलता भी मिली
04:39हम लोग लगा दिये हैं कि आज जब भी कैम्प लगता है था, हजारो हजार की संग्य में लोग बलड
04:44डोनेशन कैमे के लिए आ गया था है, पहले तो कितना होता था, अब कितना होता था, जैसे सुरू बार
04:49में हम लोग बलड डोनेशन करवाएं था, तो साथ यूनिट बल�
05:06बिहार के सबसे बड़ा रगदान सिवीर का मुहिम हासिल है, और इसके लिए ही बिहार के स्वास्त मंत्री मंदल पांडेते
05:13हैं, दोजार तैस चोविस पचित, ये सब उनके दुवारा ही प्राज प्रत्म पुरुषकार दिया गया, फिर उखमुक मंत्री थे तारकिशोर
05:33
05:33करने का सपना भले ही सोनी वर्मा का अधूरा रह गया हो, लेकिन अपनी नेक सोच, इमानदार कोशिश और अथक
05:39प्रयासों से सोनी आज तक 14,000 से अधिक लोगों की जान बचाने में काम्याब रहे हैं, वाकई उनकी ये
05:47कोशिश काबले तारीफ है, जिसे कई जिन्दगिया
05:50और कई परिवार रोशन हो पाएं हैं, इटीवे भारत के लिए गया से रतनेश कुमार की रिपोर्ट
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