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  • 6 hours ago
'मैं वापस आऊंगा' मूवी बनाने का कैसे आया ख्याल? देखें फ‍िल्म के डायरेक्टर-एक्टर से खास बातचीत

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00:05नवस्कार मैं हूँ राजीव ढॉन्डियाल गालिब का शेर है है और भी दुनिया में सुखनवर बहुत अच्छे कहते हैं कि
00:13गालिब का है अंदाज बया और और जब बात आती है फिल्म की जब बात आती है प्रेम कहानी के
00:20प्रदर्शन के उसके चितरन की तो उसमें एक शक्
00:29से अलग खड़ा करती है और वो खास मेहमान इस समय हमारे साथ हैं उनकी टीम भी समय हमारे साथ
00:33हैं हमारे साथ मौझूद हैं इंत्याज अली और साथ मैं वापस आउंगा के आक्टर वेदांग रहना इंत्याज
00:45पार्टिशन के जख्मों को लोग भूलना चाह रहे थे लेकिन आप 2026 में क्यों उन जख्मों को वापस कुरेदना चाह
00:53रहे हैं क्योंकि उन जख्मों के बीच में कोई बहुत सारी ऐसी भी चीज़ें हैं जो इंसान को भूलना नहीं
00:59चाहिए उन जख्मों के बीच में बहुत
01:14तो जखम कुरेदना डेफिनिटली मेरा इंटेंशन किसी भी फिल्म में नहीं होता है जैसा कि आपने मेरी पुछली फिल्मों में
01:23देखा होगा कि ऐसे कुरेदनी की आदत ही नहीं है
01:26मगर यह बात है कि किसी भी इंसिडेंट को धुला देना जान बूच करके ऐसा मान लेना कि यह तो
01:36हुआ ही नहीं है एक अपने दिमाग की उपर पर्दा डाल देना यह भी आगे बढ़ने की निशानी नहीं है
01:42मेरे ख्याल से
01:44तो इस फिल्म में आप यह तो इस फिल्म में आप वो क्या क्या याद करें जो भूला दिया गया
02:06है जिनका बहुत कम जिक्र होता है
02:08बहुत कम जिक्र इस बात का होता है कि जब कोई भी इनसान अपना देश छोड़के अपने घर को छोड़कर
02:14के जाता है वो ज़रूर यह सोच करके जाता है कि मैं वापस आऊंगा अक्सरासा नहीं हो पाता है
02:22माइग्रेशन इस सदी की सबसे बड़ी कहानी है और हर आदमी जो अपना घर छोड़ता है अपनी मर्जी तो नहीं
02:29छोड़ता होगा
02:30जब वो छोड़ता हो कहता है मैं वापस आऊंगा वो यह उसकी पर्सनल कहानी होती है मगर अनफॉचनेटली यह पर्सनल
02:36कहानी बहुत जादा लोगों की हो रही है आज के जमाने में भी जब वो लोग अपना घर छोड़कर के
02:42जाते हैं तो अच्छी तो एक महबद एक कनेक
03:00कहानिया बननी चाहिए तो यह दो हजार चबीस में आपने कैसे सोचा या पहले से आपके आइडिया था या कुछ
03:06ऐसा प्रजेक्ट करने जा रहे हैं या एक आएक आप के पास आए बहुत साल से मैं ऐसी कही कहानिया
03:12सुन रहा हूं जो लोगों ने अपनी आप बीतिया मु�
03:29जो पंजाब के हैं उन्होंने कहा कि हमारे परिवार में ऐसे हुआ था यह सारे इंसिडेंट्स हुए थे और वो
03:35इतने ज़ादा मुझे इंट्रेस्टिंग लगे इतने ज़ादा रोमैंटिक भी लगे यूंकि बहुत सारी चीज़ें हैं जो मैंने नहीं एक्सपेक्ट की
03:47
03:58यह जरूर बननी चाहिए तो आप इसमें सिर्फ प्रेम वाले पहलू को ज़्यादा तवज्यों दे रहे हैं या जो इसमें
04:04राजनी तिक पहलू रहे जो उस समय के दूसरी पॉलिटिकल चुनौतियां रहें क्या वो भी इसमें हाहिलाइट हो रहे हैं
04:10यह एक परसनल कहानी ह
04:13जैसा कि मैंने कहा ऐसे कई व्यक्तियों की कहानिया एक जैसी हैं पार्टिशन के वक्त और वो मतलब जब हम
04:23इस कहानी को देखते हैं तो जो कॉंसेंट्रेशन है वो परसनल स्टोरी पर है बट जैसा कहते हैं कि आउट
04:31फोकस रीजन में याने कि उस कहानी के पीछे आपको प
04:43हम ऐसा नहीं मान रहें कि वो सारी चीज़ें नहीं हुए थे वो वो कतलो घारत वो जुल्म यह सब
04:48हुआ था मगर जिस तरह से होता है कि कभी एक रेलवे की पट्री में इतनी बड़ी ट्रेन चलती है
04:55इतने जोर से मगर उसमें कहीं कहीं पर छोटे-छोटे फूल भी खिलते
04:58हैं तो हमारे देखने का नजरिया है हमारा जो फोकल पॉइंट है यह वो वाला फूल है विदांग मतलब दियार्चीज
05:06के बार मतलब आपकी तीसरी ही फिल्म इम्तियाज अली के साथ मतलब यह जरनी में बताएं कि यह कैसे संभव
05:12हुआ और मैं वापस आउंगा विदांग
05:28कि सवर के साथ काम को रहा हुँ तो और ऐसा मौका जादा अक्टर उसको नहीं मलता है तो मैं
05:35खुछ नसीप मानता हुआ अपने आपको और मैं वापस आउंगा मुझे लगता है मैं वापस आउंगा एक कहानी है जो
05:44अफकॉस यह पार्टिशन के दौरान की कहानी है लेकिन �
05:49यह कहानी सबसे दादा relevant इस समय में मुझे लगती है और यह इसलिए क्योंकि जो यह एमोशन है मैं
05:56वापस आउंगा यह वो एमोशन है जो आप अपने घर से कह सकते हो या अपने लवड़ोन से कह सकते
06:08हो और इसे सर ने कहा था कि पार्टिशन है इस सदी की सबसे बड़ी कह
06:15कहानी है हमारी देश की लेकिन माइगरेशन जो है वो भी बहुत ही important कहानी है जो बहुत relevant है
06:23आज के समाने में और लोगों को यह reality पता है कि वो वापस कभी जा नहीं पाएंगे लेकिन आप
06:29कहने हैं कि में वापस जाओंगा लेकिन विदांग मैं आपसे कुछ और चीज़ें
06:33जब थोड़ा सा जानना चाहूँ, क्योंकि आप जिनका चारक्टर निभा रहे हैं इसमें वो नसीरुद्दिन शाह है और उनके आप
06:49यंग एज को इसमें निभा रहे हैं
07:03क्या मुझे मुझे नसीरुद्दिन शाह के चाररक्टरिस्टिक्स को इंगा करना चाहे और जाए और रहे हैं
07:18का यह इन डितील मेच कि इन दोनों क्यार्टिस की टांव लाइन इनके बीच मैँ भाट है घरविए है और
07:24वो यह baik parte
07:25जिससे वो इतने बदल गया है कि it's almost like he's another person altogether
07:30and तो मैंने अपने लिए at least अपने परफॉर्मस में ये बात
07:35consciously नहीं बठाई कि मैं उनके मैनरिजम्स अपनाऊंगा या नहीं
07:40I think he was trying to direct us in that direction कि थोड़े चीजें थोड़ी similarities आजाए
07:44लेकिन ना उन्हें की burden बनाती है ना उन्हें ही burden बर्डन दिया वह having match करें दूसरे को
07:52पितंग, इंत्याज औली को कॉंसी बात है जो इंत्याज अली बनाती है जो अलग बनाती है
08:00कि वह जिस गहराई से लोगों को देखते हैं
08:04वही गहराई उनकी फिल्मों में और उनकी स्क्रिप्ट्स में दिखाए देती है और वही गहराई उनकी क्यारेक्टर्स में दिखाए देती
08:11है
08:11और मुझे लगता है कि वह इनसान ही ऐसे हैं जो लोगों को समझने की कोशिश बहुत करते हैं
08:18लोग को सुनने की बहुत कोशिश करते हैं
08:20और वो उनके राइटिंग में रफलेक्ट होते हैं
08:22I think वही उनको इम्तियाज अली बनाते हैं
08:25Sir जो डूल वेदांग ने भारंग, क्या वो वेदांग फिर्स्स चॉइस थे इसके?
08:47जी
08:48आप कोशिश करते हैं उनके से मिलने की जो उसको शाहिद कर सके
08:58और उसी भाहने आप मिलते हैं अक्टर से
09:00तो एक बार ऐसा पहली भी हुआ था
09:02फिर मुझे लगा कि जब यह कहनी आए तो मुझे लगा यह उसके लिए सूटे रहे
09:08नसीर साब कैसे जोड़ाइस?
09:10नसीर साब कि मैं तो काफी परिशान था कि अगर नसीर ने ना बोल दिया तो फिर मैं क्या करूंगा
09:16विकोज यह जो रोल है आप जब फिल्म देखेंगे और उमीद है कि आप देखें यह फिल्म
09:21तो आप समझेंगे कि यह काफी difficult performance है जो नसीर ने की है और excitingly वो पहली बार
09:29as a turban sick भी दिख रहे हैं तो एक अलग look है नसीर उदिन शा के लिए एक ऐसा
09:35role देना जो उन्होंने नहीं निभाया है यह बहुत
09:38difficult चीज है जो हमारे हम लोगों ने manage की तो मैं काफी मतलब nervous था कि नसीर ना नहीं
09:46बोल दे थैंक्फुल्य उन्होंने ना नहीं बोला
09:50Film के गाने किसी की playlist में और आपकी आवास की बी तारीफ हो रही मंधब आप जहां भी जा
09:58रहे हैं सब aún
09:58आपसे गाना ही सुन रही मैं नहीं कहूंगा कि मैं समझता हूं कि आपक निमी दर्द हो गया इतनी जगए
10:03गा रहे हैं लेकि आप इतनी बड़ी बड़ी
10:19कि एक 1947 की कहानी चल रही थी और एक 2026 कहानी चल रही थी और प्रेजन दे में नसीर
10:26सर और दुजीत पाजी शूट कर रहे थे
10:28तो मैं मेरी उनसे मुलाकात था सिर्फ एक बार हुई शूटिंग के दौरान और हमने एक भी सीन एक साथ
10:34शूट नहीं किया
10:34तो जब मैं शूट पर गया था इवेंट अन ओडियंस और मैं बस उनने देखने और अबसर्फ करने गया था
10:41और बस हमारी मुलाकात बस वही हुई थी और जो 1947 के उसमें बहुत अलग-अलग
10:47actors और अलग characters हैं शर्वरी के साथ जालत तर मैंने शूट किया तो वह experience बहुत यह अच्छा रहा
10:53है
10:54शूटिंग कहा पर आपने किया है
10:57हमने यह थी यह थी यह फिल्म सिर्फ Bombay और Punjab में शूट हुई और मैंने सिर्फ Punjab में शूट
11:03करी यह अच्छली एक दिन मैंने Mumbai में शूट किया था
11:06my first day जब वह चोटा सा एक shot था
11:09वह इस शर्वरी का भी पहला दिन था नसीर का भी पहला दिन था
11:12अर्मोस अब का पहरा दिन था लेकिन हमने पंजाब में शूट करें
11:15मैं वापस आउंगा इस बड़ी कॉमन सी लाइन है
11:20इस कॉमन लाइन को आपने फिल्म का टाइटल ही दिया
11:23मतब इसके पिछे कुछ विशेश सोच थी
11:26विशेश सोच जरूर थी और एक पर्टिकलर सीने पिक्चर में जहां पर जो वेदांग का कैरेक्टर वो यह बात कहता
11:33भी है
11:34और वह जैसा कि मैंने कुछ देर पहले कहा ना कि वह वाला सेंटिक मैंने कॉमन पाया
11:39कि जिसने भी अपना घर छोड़ा था उसने दिली दिल में यह जरूर कहा था कि मैं वापस आँगा
11:44यह आ सका उसकी कहानी अलग है
11:47तो एक टीस या वो खलिश या वो एक महबत जो रह जाती है
11:52उसका प्रतीक है यह लाइन मैं वापस आँगा तो मैंने सोचा यह अच्छा टाइटल है
11:58और मैं इससे इंस्पारड भी था क्योंकि अमिताब बच्चन की फिल्म खुदागवा का एक गाना है
12:04मैं वापस आँगा मैं अगर मर भी गया तो भी वापस आँगा
12:09तो मुझे इस लाइन ने भी बहुत इंट्रेडना दी थी और मुझे लगा था कि शायद यह लाइन उस लाइन
12:18जैसी है जो मैंने अपनी अंग्रेजी की एक कविता में पढ़ा था
12:41अगर मैं मर भी गया तो भी वापस आँगा तो I felt that sentiment is very close to the central
12:48feeling that Kino has when he is actually crossing over
12:53अब sir आप दोनों से क्लास्टा सवाल वही सवाल होगा कि मैं वापस आँगा देखने के लिए मतलब कई लोग
13:00इन पार्टिशन पर बनी फिल्म में देखी हैं लव सोरी भी देखी हैं इसमें क्या अलग रहेगा
13:05मुझे लगता है कि ये फिल्म नाइदर पार्टिशन के बारे में ना ये कंप्लीटली एक लव स्टोरी है इवन दो
13:14ये दोनों चीज़े हैं मुझे लगता है कि ये फिल्म अगर आप देखते हैं और करली हमारी स्क्रीनिंग होई फिल्म
13:20के और जो लोग से रियाक्शन मु�
13:26ये मुझे लगा कि ये उससे बहुत ही बियॉंड है ये फिल्म मुझे लगता है जब फिल्म खादम होती है
13:31या आपके आपके आपके जहन में रह जाती है 2-3-4 देन शायद जादा और इसका रिजन यह नहीं
13:37कि यह जिस्ट अपार्टिशन फिल्म ये याट इस जिस्त अल�
13:49अटारी बॉर्डर गए थे वहाँ पर हमने तो तस्वीर विजुल्स देखें, वहाँ पर कैसा रियाक्शन था, ए आर रहमान भी
13:55थे, जो पहली बार परफॉर्म किया अटारी बॉर्डर पर, अमरिसर गए हो पहली बार, पंजाब गए रहमान, और हम लोग
14:04सब थे वहाँ पर
14:05हम तो स्पेक्टेटर्स की तरह थे, वेदान ने गाना भी गाया, रहमान ने परफॉर्म किया, तीस हजार लोगों के सामने,
14:12चिल-चिल आती धूप में, उसकी एनरजी कुछ अलग ही थी, कोई अलग ही महाल क्रियेट हो गया, हम सब
14:18एक दूसरे से बहुत युनिफाइड फ
14:34देशभक्ती के गीतगा रहे थे, अपनी फिल्म के भी गीतगा रहे थे, तो बहुत जाद अच्छी फिलिंग थी, लोग कहते
14:41हैं कि जब हम वह जाते हैं, तो हम देश भावना के उस भाव से उत्पुरूत हो जाते हैं, क्या
14:48आप भी हो जाते हैं, लेकिन एक भावना उसमे
15:01तो रैटक्लिफ लाइन कहते हैं, उसी लाइन के बारे में तो हमारी पिक्चर है, हमारी फिल्म तो उसी पर आधारेत
15:07है ना इक तरह से कि ऐसा एक हादसा हुआ और उस दौरान और क्या हुआ, वो हमारी कहानी उसी
15:12में घड़ती है, तो हमारे लिए वो जगह बहुत सिग्निफ
15:16और तो वहां जाकर के और भी अच्छा लगा है, तो आप मतलब AIR रह्मान जो कि पहली बार पंजाब
15:22गए, तो आप लेकर गए या उन्होंने कहा कि AIR मैं चलता हूँ, और AIR रह्मान आपको इतने पसंद क्यों
15:27है, AIR रह्मान सभी को पसंद है, वो मतलब एक जाती तोर पे
15:32व्यक्तिकत तोर पे, जो भी उनसे मिलता है, उनसे बहुत प्रभावित होता है, मैं पहले उनका फैन जरूर था, अब
15:38जादा फैन हो उनका, ऐसा नहीं है कि फैन गिरी में कोई कम ही आई है मेरी भी तरफ से,
15:43वो इनसान बहुत बड़े हैं, और कलाकार बहुत ही बड़े है
15:47और उनके गाने हमारी खुशकिसमत ही, हमारी पिक्चर में है, रह्मान सर ने एक बात हमेशा मेंचेन की है इस
15:56फिल्म में, उन्हों ने यह कहा था, कि इस फिल्म को हम कभी भारी नहीं होने देंगे, म्यूजिक के थूँ
16:02या जिस तरह से मैंने भी लिखा है, उन्होंने हमे�
16:17कि मैं वापस आओंगा फिर से देखूंगा अब चुकि सिनेमा थोड़ा से बदल रहा है और इंडिया में भी हम
16:22जो है सीरीज भी अब देखते हैं अब लोगों के बास ओटीटीप है वहाँ पर शाद गाने नहीं अगर हम
16:28सीरीज में देखें तो हम इंडियन फिल्म में देख
16:45देखना फिर भी मनजूर है मगर बनाना मैं जरूर नहीं चाहूंगा वाट यू से नहीं है नहीं है और मुझे
16:52लगता है कि हमारा हमारी हिंदी और इंडियन फिल्म इंडिस्ट्री का ये कुछ डियने में है और ये शुड़न लूज
16:58देखेंगे तैंक यू सुमुच बेद
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