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  • 9 hours ago
असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान दुर्घटना के बाद भारतीय वायुसेना का यह प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्ट विमान फिर चर्चा में है. Antonov An-32 सोवियत दौर में विकसित एक ट्विन-इंजन सैन्य परिवहन विमान है, जिसे भारतीय जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया था. 1980 के दशक से यह विमान भारतीय वायु सेना की सेवा में है और आज भी दुर्गम इलाकों में रसद, सैनिकों और सैन्य उपकरणों की ढुलाई का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है. AN-32 की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों, गर्म मौसम और छोटे रनवे पर संचालन क्षमता है. लद्दाख, पूर्वोत्तर और आपदा राहत अभियानों में इसकी अहम भूमिका रही है. इसी बहुउपयोगी क्षमता के कारण इसे वायुसेना का ‘वर्कहॉर्स’ कहा जाता है.

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Transcript
00:02असम के जोरहाट एयरबेस पर AN-32 विमान हाथसे के बाद एक बार फिर से चर्चा में आ गया है
00:07भरतिय वायोसेना का ये भरोसे मन्थ ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर AN-32 इतना खास क्यों
00:15है और भरतिय वायोसेना के लिए इसकी एहमियत
00:18क्या है एयर-32 एक ट्विन इंजिन मिलिटरी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है जिसे सोवियत संग के दौर में एंटनोफ डिजाइन ब्यूरो
00:26ने विकसित किया था खास बात ये है कि इस विमान को भारतिय वायोसेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर
00:32तयार किया गया था
00:33ये विमान उंचे पहाड़ी इलाकों और बेहत गर्म मौसम में भी ऑपरेट कर सकता है भारत ने 1980 के दशक
00:41में सोवियत संग से एयर-32 विमानों की खरीद शुरू की थी भारतिय वायोसेना ने कुल 125 एयर-32 विमान
00:48हासिल किये थे और आज भी करीब 100 से ज्यादा विमान वि�
01:03चैनाती हो, हथियार और रसत पहुचानी हो, आपदा राहत अभियान चलाना हो या फिर लद्दाख और पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों
01:10में सप्लाई पहुचानी हो, एयर-32 हर मिशन में एहम भूमिका निभाता है इस विमान के सबसे बड़ी ताकत है
01:16कि ये छोटे, क
01:17अच्चे और उंचाई वाले रनवे पर भी टेक ओफ और लैंडिंग कर सकता है, यही वज़े है कि भारतिय सेना
01:23के कई समवेदन शिल इलाकों में आज भी ये रिड की हड़ी माना जाता है, ब्यूरर रिपोर्ट, ETV भारत
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