00:10चमचमाती दिवारे आली शान कमरे बस नहीं है तो वो इच्छा शक्ती जो इस सिक्षा के मंदर का ताला खोल
00:17सके ये है गया इस्थित बिहार का पहला मौडल डिग्री कॉलेज
00:212009 में ततकालिन प्रधान मंतरी मनमुहन सिंग ने देश में उच्छ सिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मौडल डिग्री कॉलेज़ों
00:29की योजना शुरू की थी
00:30उसी के तहत इस डिग्री कॉलेज को गया में खोला गया था लेकिन 17 साल लगे इसकी भवे इमारत को
00:37बनने में फिर भी 2026 में भी इस डिग्री कॉलेज का उधगाटन खटाई में पढ़ता दिख रहा है
00:42लोग मांग कर रहे हैं कि जल से जल इसे खोला जाए ताकि बच्चों का भविष्य समारा जा सके
00:48लंबे संगहर्स के बाद खीजर सराय के नोडीहा में नदी किनारे 12 हेकल जमीन चैनित की गई उसमें 22 कड़ोर
00:58का डिग्री कॉलेज का भवन बन के तैयार है
01:01इधर बिहार सरकार की महत्वकांची योजना जो है जहां 211 सूबे के वैसे परखंड जहां डिग्री कॉलेज नहीं है
01:11वहां नए डिग्री कॉलेज का सुरुवात किया जा रहा है पढ़ाई का जुलाई से
01:17तो हम गया जिला की जनता खास करके खीजर सराय के चात्र नौजवान में उत्सुकता है
01:23कि क्या जो नौडीहा में बिल्डिंग बन के तैयार है 22 कड़ोर का यहीं बिल्डिंग में जुलाई से पढ़ाई आरम
01:31होगी
01:31लेकिन इसमें अभी संदेह बना हुआ है
01:35विश्वस सुत्रों से ग्यात हुआ है कि जो संबेदक जो कॉंट्रेक्टर इसका निर्मान किया है उसका पैसा अभी कुछ पकाया
01:43है
01:44और खाम भी कुछ पेंडिंग दिखा करके अभी वो रात सरकार को आएंड ओबर नहीं किया है
01:49जो सुना ये मौडरल डिग्री कॉलिज का सैध्धानतिक पहलू था
01:53वहवारिक पहलू ये है कि इस तक पहुँचने के लिए कोई रोड की विवस्था नहीं है
01:58कई अर्चनों के बीच इस भवन को खड़ा कर दिया गया है
02:02इस्थानिय युवा प्रशासन और जिम्मेदारों से सवाल पूछ रहा है
02:06कि आखिर उदगाटन करने में कैसी परिशानी
02:26कॉलेज की भवे इमारत सीना ताने खड़ी तो है
02:31लेकिन इसके भीतर की खामोशी वेवस्था को मूँ चड़ा रही है
02:36भवन पूरी तरह बनकर तैयार है
02:38करोडों रुपे पानी की तरह बहाए जा चुके है
02:41मगर प्रशासनिक सुस्ती की वज़ा से
02:43आज तक इस कॉलिज की होने का फाइदा बच्चों को नहीं मिल पा रहा है
02:47सवाल यही है कि आखिर कब तक ये मॉडल डिगरी कॉलिज खुलेगा
02:51या फिर ये बिहार का मॉडल ही बन कर रह जाएगा
02:55गया से एटीवी भारत के लिए रतेश कुमार की रिपोर्ट
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