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132 फीट ऊंचा मोबाइल टॉवर कैसे उड़ा ले गए चोर? देखें वारदात

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00:08नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:11कम से कम कुछ तो डर खौफ होना चाहिए
00:15कम से कम चोरी करने से पहले ये तो सोचना चाहिए
00:19कि क्या चुराने जा रहे हैं
00:20पर नहीं बस मूँ उठाए और चल दिये चोरी करने
00:24अब आप ही बताईए एक सो बत्टिस मीटर उचा कोई मुबाईल टावर भला चुराने की चीज है
00:31कोई कैसे दस हजार किलो वजन का भारी भरकम मुबाईल टावर पूरा का पूरा चुरा सकता है
00:39पर नहीं चुरा लिया मतलब कुछ भी
00:44आपने जादू देखा है? चलिए आज आपको आपके टीवी स्क्रीन पर लाइव एक जादू दिखाता हूँ
00:51ये एक टावर है मुबाईल टावर
00:5440 मीटर यानी 132 फीट उचाई है इसकी
00:58इसमें जो लोहे लगे हैं उसका कुल वजन आठ से 10 हजार किलो है
01:03इसके कीमत है करीब 40 लाक रुपए
01:06इस मुबाईल टावर को चलाने के लिए एक जनरेटर की भी जरूरत पड़ती है
01:11वो भी लगबग 1000 किलो का होगा
01:13इस जनरेटर के बरावर में ये एक गाड रूम है
01:16इस गाड रूम के अंदर भी टावर की कई मशीन ली रखी हुई है
01:22तो अब जादू शुरू करते हैं
01:24ध्यान से देखेगा इस टावर को
01:26और साथ ही इस जनरेटर और गाड रूम को
01:31एक, दो, तिर
01:36और ये लीजे
01:37जनरेटर और गाड रूम के साथ साथ पूरा टावर खाये हो
01:54है ना कमाल का जादू
01:55देखते ही देखते 132 फिट उजा
01:58और 10,000 कीलो से ज्यादा वजनी
02:01पूरा का पूरा टावर ही खाये
02:03पर महराज इस जादू के लिए हमें दाद मत दीजे
02:07हमने आपको कोई जादू वादू नहीं दिखाया
02:09अगर दाद देनी ही है तो उन्चोरों को दीजे
02:12जो 132 फिट उचा और 10,000 कीलो से भी ज्यादा भारी
02:17इस पूरे के पूरे मुबाइल टावर को ही चुरा कर अपने साथ ले गए
02:22पीछे छोड़ गए तो बस जमीन से कुछ हूपर
02:26बतौर निशानी ये चार पाओं जिन पर पूरा का पूरा टावर ख़ड़ा था
02:32मतलब दिमाग घूम जाए, सर चकरा जाए, यकीन पर भी यकीन नहों
02:37यार कोई पूरा टावर कैसे चुरा सकता है और चुरा भी ले
02:41तो लेके कैसे जा सकता है, हमें छोड़ी, खुद पुलिस को भी शायद अब तक यकीन नहीं हुआ है
02:47क्यों कोई टावर चुरा सकता है, तो फिर किस मन से पुलिस एफ़ायार लिखे
02:52इतने पढ़े लिखे एसपी सहब भी सामने शिकायत होने और पीछे
02:57लापता हो चुके टावर को अपनी आँखों से देखने के बाद भी ये मानने को तयार भी नहीं है
03:03क्यों कोई टावर भी चुरा सकता है, इसलिए जब हमारे रिपोर्टर ने मोबाइल टावर चौरी की बात पर उनसे सवाल
03:10किया, तो सुनिये, पहले वो क्या जवाब देते हैं?
03:38पर कमपनी लिखित में शिकायत दे रही है कि उनका टावर चोरी हो गया है, ये रही वो शिकायत,
03:43इसमें साफ लिखा है कि मोबाइल टावर जो 40 मीटर उंचा है और जिसके साथ साथ 15 किलो वाट का
03:50जेनरेटर और साथ में कुछ अन्य उपकरन अग्यात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिया गया है, अब जैसे हमारे रिपोर्टर ने
03:58इसमी साहब से पूछा कि टावर हटा
04:21जाएगा जाएगा यह मामला तो इसमें हम लोगे हैं, अब फैर करका आगि फार भी करें हैं।
04:42पूरी का माल उठाकर ले जाने का काम और यह सारा काम खुले आम और वो भी दिन की रोशनी
04:48में करना है। फिर तावर चुराने वाले चोरों में ऐसा जिग्रा आया कहां से। क्यों जिस जमीन पर यह मोबाइल
04:55तावर लगा है उसके मालिक को इसका पता नहीं चला। क्यों �
04:59पूरास फडोस के लोगों को इसे लेकर कोई शक नहीं हुआ। गालियों में भरभर का टावर लुटता रहा और क्यों
05:06पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। पूरा का पूरा टावर चोर हजम कर गये। टावर वाली कमपनी को इसकी
05:14जानकारी क्यों नहीं लगी। तो चल
05:28प्ला साल पुरानी है 2010 की जीटियल इंफ्राइस्ट्रक्चर लिमिटेड कमपनी ने बकसर जिले के डुमराओ इलाके में एक मॉबाइल टावर
05:37लगाया था
05:37ये मॉबाइल टावर इलाके के हरे नाथ यादव की जमीन पर लगा था
05:42इस मॉबाइल टावर को लगाने का मकसद वही था जो हर मॉबाइल टावर का होता है आजपास के इलाके को
05:49बहतर कनेक्टिविटी से जोड़ रहे नाथ को उनकी जमीन पर मॉबाइल टावर लगाने के लिए 3,000 रुपे महीना किराया
05:57मिलता था
05:57एग्रिमेंट 12 सानों के लिए था यानि 2022 तक लेकिन कंपनी ने 2017 से हरेनाथ यादब को किराया देना बंद
06:05कर दिया इस पर हरेनाथ ने कंपनी को 2-3 लीगल नोटिस भी भेजे पर कोई जवाब नहीं आया
06:13तो जूरी जनकारी नहीं है लेकिन उसका एग्रिमेंट 2022 में खतम हो गया था हम उसको लिगल नोटिस दिया दो
06:24तिन लिगल नोटिस दिया उसका बावजूद भी और कोई सुनवाई नहीं उसका क्या हुआ कोन देखने जारा उसको एही बात
06:34है कोन उठाले जारा का हुआ ह�
06:39दो जूर्म को कमपनी के कुछ अधिकारी पिछले कुछ सालों से जो टावर बन था उसे फिर से चालू करने
06:46के लिए मौके पर पहुँचते हैं पर मौके पर जाते हैं कमपनी के अधिकारी के पाउं तले से जमीन खिसक
06:53जाती है क्योंकि जिस जमीन पर 40 लाग का 132 फीट उ�
07:03बचे थे चबूतरे की शके पहले तो खुद कमपनी के अधिकारियों को समझनी आया कि वो करें क्या दिल दिमाग
07:14मान ही नहीं रहा था कि कोई टावर भी चुरा सकता है उन्हें लगा हो सकता है कि वो किसी
07:19गलत जगे पर टावर को ढूंड रहे हैं लेकिन जब आसपास चार
07:33एक शकायत लेकर ठाने पहुंची ना इससे पहले कमपनी के इन अधिकारियों ने कभी ऐसी शकायत लिखी थी और ना
07:40ही कभी इससे पहले खुद पुलिस वालों ने चोरी की ऐसी शकायत पढ़ी थी
07:46खैर अब मामले की जाच शुरू हुई मोबाइल टावर चोरी होने की खबर डुमराओं से बाहर निकल कर सोशल मीडिया
07:54के जरीए पहले बिहार और फिर पूरे देश और दुनिया तक पहुँच गए जो भी सुन रहा था हैरान बात
08:01में हो रहा था हस पहले रहा था मतलब स�
08:13हुआ कैसे तो शुरुवाती जाच में जो आधी कच्ची आधी पक्ती जानकारी सामने आई वो कुछी यह थी जनरेटर को
08:21छोड़ दें तो सवाल ये कि चोर टावर क्यों चुराएंगे तो अंदाजा हुआ कि इतना लंबा टावर जिसमें 10,000
08:28कीलो से ज्यादा लोहा था मत
08:42को बटोर कर ले जाने के लिए बड़ी बड़ी गारियां भी चाहिए और उससे भी जरूरी ये कि जब टावर
08:48कट रहा हो तो लोगों को शक भी ना हो तो चोरों ने इन सारी बातों का ध्यान रखा जो
08:54थोड़े बहुत गवाह सामने आये कैमरे पर नहीं पुलिस के उनके हि
09:12लाते गए टावर को छोटे छोटे लोहे को गारी में रखकर निकल लेते हैं फिर अगले दिन वापस आने के
09:18लिए 10,000 किलो लोहा ले जाने के लिए जाहिर है कई गारियां चाहिए होंगी या फिर बड़ी गारियां चाहिए
09:26होंगी लेकिन इस मोबाइल टावर तक जाने व
09:42बाड़ियों में भर भर का तावर को समेता है चालिस मीटर उचे यानि की 132 फिट उचे मोबाइल टावर को
09:52चोर आँखों के सामने कैसे उड़ा ले गया देखिए कैसे यह जगह है जहां से मोबाइल टावर था और यहां
10:01से चोर उड़ा ले अब आपको मैं दिखाता हूं कित
10:12मोबाइल टावर को धीरे धीरे करके उड़ा ले गया यानि कि देखिए अगल बगल पुरा मकान बना हुआ है और
10:19यह पतला रास्ता है इसमें कोई ट्रक भी नहीं जा सकता है चोटा सा कहिए तो दो पहिया त्योर तीन
10:24पहिया वहन जा सकते हैं और चोड़ों का हिम्मत दे�
10:30से वो लागातार यहां से चोरी करते रहे और करीब 132 फीट उचे उस टावर को वो उड़ा ले गया
10:39है जिसकी चर्चा इसमें बिहार में बनी हुई है वैसे पुलिस को शिकायत दी हुए दस दिन हो चुके हैं
10:45लेकिन अभी तक पुलिस ने इस शिकायत को एफ आयार में नह
10:53जो जानी चाहिए पर हो सकता है यहां इतना वक्त इसलिए लग रहा है क्योंकि चोरी भी तो 132 फीट
11:00उची हुई है अब ऐसी लंबी चोड़ी और नायाब चोरी की एफ आयार भी तो नायाब ही होगी तो बस
11:07एफ आयार दर्च होने दीजिए उसका मजमूर और अगर गलती
11:23केस स्टडी दे सकते हैं शायद उस केस स्टडी से वो इस मोबाइल टावर की चोरी का कोई सुरा धूम
11:29निकालें इत्तफाक से यह दोनों केस स्टडी बिहार के ही पटना की है दोहजार बाइस में पटना के गरदनी बाग
11:36इलागे में एक रोज जी टी पील हैथवे लिमिट
11:39कंपनी के नाम पर कुछ लोग ललन सिंग के घर पहुंचते हैं असर में ललन सिंग की छट पर इस
11:45कंपनी का मोबाइल टावर लगा था 50 मीटर उचा टावर कंपनी के अधिकारियों के भेश में आए चोरों ने ललन
11:52सिंग से कहा कि कंपनी घाटे में चल रही है इसलिए वो �
11:56इस टावर को बंद कर रहे इसके बार पूरे तीन दिन तक उन लोगों ने टावर को किष्टों में काटा
12:02और अपने साथ ले गए
12:03जब कनेक्टिविटी की शिकायते आनी शुरू हुई तब कमपनी के असली लोग ललनसिंग के घर पहुँचें और देखा कि टावर
12:11ही गायब है तब इस चोरी का खुलासा हुआ
12:14इसी तरह पटना में ही एरसल मुबाइल कमपनी का एक टावर भी कमपनी का मुलाजिम बनकर चोरों ने एक घर
12:21की छट से उड़ा लिया था
12:23वैसे खाली मुबाइल टावर की चोरी पर ही आप क्यों हैरान हो रहें
12:27ये वो बिहार है जहां एक बार चोरों ने रोतास जिले में लोहे और स्टील का एक पूरा पुल ही
12:33चुरा लिया था
12:35इतना ही नहीं इसी बिहार के बराउनी इलाके में नवंबर 2022 में भारतिय रेल का डीजल का एक पूरा इंजन
12:43ही चोर चुरा कर ले गए
12:45असल में एक डीजल इंजन मरमत के लिए बराउनी के रेलवे याड में आया था
12:50चोरों ने जिस जगह ये इंजन याड में खड़ी थी
12:53वहां तक एक सुरंग बनाई
12:54फिर उसी सुरंग के रास्ते कई दिनों तक
12:57इंजन के कलपुर्जे काटते निकालते रहे
13:00और बोरियों में भर भर कर एक गोदाम में रखते रहे
13:03कई दिनों बाद जब डीजल इंजन के नाम पर सिर्फ धाचा बचा
13:07तब रेली स्टाफ की नजर पड़ी
13:10बरॉनी पुलिस में डीजल इंजन की चोरी की रिपोर्ट लिखाई गई
13:13तब कहीं जाकर मामला सामने आया
13:15तब पुलिस ने जाच के बाद उसी सुरंग के रास्ते उस गोदाम का पता लगाया
13:20ज्यादातर माल तो बाजार में बिक चुका था
13:23फिर भी कई बोरियों में डीजल इंजन का इंजन और उसके कई कलपुर्जे बरामत हुए
13:30अब आप ही बताईए मनी हाइस्ट जैसी कहानिया बड़ी यह हमारे विहार के चौर बड़े
13:36मतलब जिसके चौरी होने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता
13:41यह उसे तक चुरा ले जाते हैं
13:43वाकई कमाल है
13:44पुश्पेंद्र पांडे बकसर आज तक
13:51और अब चौरों और चौरी की इस दुनिया से निकल कर एक दूसरी तस्वीर देखते हैं
13:56तस्वीर एक इनसान की आखरी उमीद की
13:59और इशा में एक नौजवान 20 फिट गहरे कुएं में गिल पड़ता है
14:04आस पास ना कोई बस्ती ना इनसान
14:07इसके बाद अगले चार दिनों तक
14:09वो उसी कुएं के पानी में खड़ा रहता है
14:12बिलकुल भूका और प्यासा
14:19किसी के मॉबाइल में कैद ये उमीद की आखरी तस्वीर है
14:22वो कहते हैं ना कि इनसान जब हर तरफ से तूट जाता है
14:26तो एक उपर वाले का नाम और उमीद की डोर ही
14:30उसे अंत तक लड़ने का होस्रा देती है
14:32ओडिशा के तुलसी राम की ये कहानी कुछ ऐसी ही है
14:39करीब 20 फीट गहरे कुएं में पिंडलियों तक कीचर से सरे पानी में खड़े
14:43इस शक्स को देख कर वैसे तो इसकी असलियत का सही सही अंदाजा लगाना मुश्किल है
14:48लेकिन जब आप इस आदमी की आप बिती सुनते हैं तो रोंग्टे खड़े हो जाते है
14:53क्या आप यकीन करेंगे कि तुलसीराम नाम का ये नौजवान एक सुनसान इलाके में मौजूद इस अंधे कुएं में
15:00कुछ इसी हाल में कोई घंटे दो घंटे नहीं बलकि पूरे चार दिन तक खड़ा रहा
15:06जी हां पूरे चार दिन तक यानि कुल 96 घंटे
15:11जरा सोचिए इस भ्यानक गर्मी में जब इंसान के लिए बगएर दाना पानी के चंद घंटे भी निकालना मुश्किल हो
15:19रहा हो
15:19तब बगएर खाए पिए सुए या बैठे वो पूरे चार दिनों तक यूहीं कुएं की गहराई में खड़ा रहा
15:27और हर गुजरते घंटे के साथ उसकी उम्मीद की डोर कमजोर पढ़ती रही
15:33चुकि कुएं के आसपास दूर-दूर तक कोई भी आबादी नहीं थी
15:37तो कुएं में गिरने के कुछी देर बाद उसकी उमीद भी तूटने लगी थी
15:42असल में कुए में गिरने के बाद उसने पहले मदद के लिए जोर जोर से आवाज लगाने की शुरुआत की
15:48वो चीखा चिलाया देर तक बचाओ बचाओ का शौर मचाता रहा लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं था
15:56मगर उसकी उम्मीद की डोर बेशक तूटती जा रही थी उसने उपर वाले पर आस्था की डोरी थामे रखी
16:03और लगातार भगवान को याद करता रहा यह सिलसिला करीब 96 घंटों तक यूहीं चलता रहा
16:09और तब पूरे चार दिनों के बाद एक आएक करिश्मा हुआ
16:13असल में चार दिनों के बाद एक इलाकाई शक्स वहां जलावन के लिए लगडियां बटूर ने पहुँचा
16:19और उसके कानों में हे भगवान हे भगवान की आवास पड़ी जो कुए के अंदर से आ रही थी
16:25इसके बाद उसने जो कुछ देखा उसे यकीन ही नहीं हुआ
16:29उसने देखा कि कुए में एक नाजवान पिंडलियों तक गंदे पानी में खड़ा मदद के लिए कातर निगाहों से उपर
16:37ताक रहा है
16:40अब जल्द ही बात पहले गाउवालों तक और फिर पुलिस तक और तब रेस्क्यू वर्कर्स तक पहुचे
16:45अगले चंद घंटों में तुलसीराम कुए और पानी से बाहर आ चुका था
16:50लेकिन चार दिन तक पानी में भूखे प्यासे बगैर सोये खड़े खड़े तुलसीराम की हालत अब ऐसी हो चुकी थी
16:57कि उसे अपना ही होश नहीं था
16:59अपने कदमों पर खड़ा होना तो दूर की बात थी लिहाज़ा कुएं से बाहर आते ही वो निढ़ाल होकर पहले
17:05जमीन पर बैठ गया और फिर लेट गया
17:08इसके बाद उसे स्ट्रेचर के साहरे अस्पताल तक ले जाए गया जहां उसका इलाज शुरु हुआ
17:14लेकिन चार दिनों की एत्रास्दी ऐसी थी कि वो अपनी मर्जी से अपना हाथ तक उपर नहीं उठा पा रहा
17:21था
17:21उपर से चार दिनों तक कीचर से भरे गंदे पानी में डूबे उसके पैर अब इन्फेक्शन का शिकार हो चुके
17:28थी
17:44अब बड़ी तोला तक शांच मुई अवरी पल जी आओ अओ मते घीच वेला जे मुई किशुने धरी लोकों कू
17:54डाखियानु चां आओ जो ते घीच मी वेली अओ लोग बाग डाखियान लेक समलेबदर गानु आर लोग से नों वीचार
18:02कोले जे थाना के जोना मा थाना अ�
18:17लेकिन ये तो रही एक नौजवान के अंधे कुए में गिरने और चार दिनों के बाद उसके रेस्क्यू की कहानु
18:23अब सवाल ये है कि आखिर तुलसी राम इस कुए में कैसे पहुँचा
18:26तो जवाब है कुए में किसी हादसे की वज़े से नहीं बलकि दोस्तों की गदारी के चलते पहुँचा
18:33बरगर जिले का रहने वाला तुलसी राम अपने कुछ दोस्तों के साथ साथ जून को पाटी करने निकला था
18:39और सभी दोस्त बीजेपूर बलॉक के इस सुनसान कुए के पास आ गए
18:43लेकिन पीने पिलाने के बाद उसके दोस्तों नहीं तुलसी राम के साथ गदारी कर डाली
18:48पहले शराब के नशे में दोस्तों ने तुलसीराम के साथ लूट पाट की और उसे बुरी तरह से पीटा
18:54कुछ इतना पीटा कि तुलसीराम बेहोश हो गया
18:57यही वो वक्त था जब दोस्तों को लगा कि शायद तुलसीराम की मौत हो गई है
19:01बसीसी के बाद गदार दोस्तों ने तुलसी राम की लाश ठीकाने लगाने की इरादे से इस सुनसान इलाके में मौजूद
19:08अंधे कुए में फेंक दिया
19:10एक ऐसा कुआ जिसका सालों से कोई इस्तिमाल नहीं हुआ था
19:14कुएं के पानी में गिरते ही तुलसी राम को होश्ट हुआ गया
19:18लेकिन तब तक उसके गद्दार दोस्त फरार हो चुके थी
19:21जबकि दूर दूर तक उस इलाके में और कोई भी नहीं था
19:25ऐसे में तुलसी राम की खुद के जिन्दा रहने के उमीद खत्म होने लगी थी
19:30उसके पास सिवाए उपर वाले को याद करने और मदद के लिए चीखने चिलाने के और कोई रास्ता नहीं था
19:37लेकिन सचाई यही है कि वो मदद के लिए रोता चिलाता रहा
19:41और एक एक कर घंटे और दिन गुजरते रहे
19:44हर लम्हे के साथ वो कमजोर वीमार और हताश होता जा रहा था
19:49लेकिन आखिरकार जो हुआ उसे करिश्मा ही कहा जाएगा
19:52पास के गाउं के रहने वाले एक शक्स ने एक आएक उसकी आवाज सुनी
19:56और चंद घंटों में तुलसी राम कुए से बाहर आ गया
20:00फिलहाल पुलिस ने तुलसी राम के गदार दोस्तों को कतल की कोशिश के इलजाम में दबोच गिया है
20:37पुलिस ने पुलिस ने पुलिस ने तुलसी राम का इलाज चल रहा है
20:44वो खत्रे से बाहर है और दोस्त सलाखों के पीछे
20:47लेकिन इस वारदात ने हर किसी को हैरान कर दिया है
20:52अजैनाद भुवनेश्वर आज तर
20:56तो वारदात में फिला लित रही है
20:58मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए
21:00आप देखते रही है आज तक
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