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  • 3 months ago
नकली हस्ताक्षर का मामला टीएमसी नेताओं का पीछा नहीं छोड़ रहा है. इस मामले में CID ने अपनी जांच तेज करते हुए अभिषेक बनर्जी को फिर से पूछताछ के लिए भवानी भवन बुलाया है. इससे पहले CID अभिषेक बनर्जी से गुरुवार को करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ कर चुकी है. गुरुवार को हुई पूछताछ में CID ने अभिषेक बनर्जी से कई सवाल पूछे. मसलन, क्या सच में 70 विधायकों की सहमति ली गई थी? क्या उनमें से हर एक से संपर्क किया गया था? और बैठक में कौन-कौन मौजूद था? पूछताछ में खास तौर पर उन दावों के बारे में जानकारी मांगी, जिसमें कहा गया  है कि स्पीकर को सौंपे गए प्रस्ताव की कॉपी पर 70 विधायकों के हस्ताक्षर थे.  फिलहाल CID की जांच उस विवादित रिजॉल्यूशन बुक पर आ टिकी है, जिसमें कथित तौर पर विधायकों की सहमति से नेता प्रतिपक्ष चुनने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था. CID उस रिजॉल्यूशन बुक को ढूंढ रही है. जांच अधिकारियों का मानना है कि वह दस्तावेज बड़ा सबूत साबित हो सकता है.

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Transcript
00:26।
00:58और बैठक में कौन-कौन मौजूद था।
01:00जाच अधिकारियों का मानना है कि वो दस्तावेज बड़ा सबूत साबित हो सकता है।
01:06जाच अधिकारियों ने पाया कि जमा किये गए दस्तावेज में कुछ लोगों के नाम पूरी तरह से कैपिटल लेटर्स में
01:14लिखे गए थे।
01:14अधिकारियों ने सवाल उठाया कि किसी विधायक के हस्ताक्षर में सिर्फ बड़े अक्षरों में लिखा नाम कैसे हो सकता है।
01:22इस बात की भी जाच की जा रही है कि क्या वे नाम असल में सम्मंधित विधायक ने खुद लिखे
01:28थे या किसी और ने लिखे।
01:59।
02:01energy के घर पर भी तलाशी ली गई थी,
02:03हाला कि वह एहम दस्तवेज अभी तक नहीं मिला है.
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