00:00वारानसी की Central Jail में बंद जो कैदी हैं वो गौर सेवा के जरिए अपने जो किये हुए पिछले पाफ
00:08हैं उनसे मुक्ती पाने के साथ ही जेल को profit की तरफ ले जा रहा है।
00:13वारानसी की Central Jail में 100 से ज़्यादा गायों को रखा गया है जो एक गौसाला के रूप में संचालित
00:19करते हुए ना सिर्फ बंदियों को गौसेवा करने का अफसर दे रहा है बलकि जेल को मुनाफे की तरफ भी
00:25ले जा रहा है।
00:26यहां पर निकलने वाला प्रति दिन हजारों लीटर दूद और यहां तयार होने वाला इस्पेशल गाय का देशी की बाहर
00:33बाजार में भी अच्छे कमाई के साथ बेचा जा रहा है।
00:56वह अपने जीवन को सबारने के लिए गौसेवा का कारे भी बड़े ही सिद्ध से कर रहे है।
01:03जहां तक गौसाला की बात है मिशिद्रों से यह तो हर जेल में होना चाहिए।
01:09हमारी जेल में गौसाला है हम उसको जो है हमारे जो लाइन में है।
01:14सबको दूद्ध चाहिए गाय का प्योर दूद्ध लाइन में यहां पर जितने हमारे सिपाई हैं वो सब यहां से दूद
01:19अपना लेकर जाते हैं।
01:22दूसरा हम अपने जो विमार बंदी भाई हैं या जो हमारे बंदी बंद हैं उनको शुद्ध दूद्ध गौमाता का प्राप्त
01:31हो जाता है।
01:32तो जेल में जैसा कि आपने कहा कि क्या भी प्राय है तो बहुत ही महत्पूर है गौसाला।
01:38दूसरी बाद सेंटर जेल में इसलिए जादे महत्पूर है कि हम तो बंदी हमारे हां केवल सचा काटने के लिए
01:44हैं।
01:45तो अगर हमने उसको विभिन उद्योगों और ब्योसायों में लगा दिया तो उसका समय करता रहेगा।
01:52साथ ही चुकि अपनी सरकार जो है जेलों में जो काम करते हैं बंदी उनके लिए उन्होंने वेजेज का भी
01:59निधान किया हुआ है।
02:01और वो उसमें हर वर्ष बढ़ुत्री का भी विधान कर दिया गया है।
02:06तो गौसाला में लगभग 20-25 लोग काम करते हैं और उनको उसका वेजेज भी मिलता है और सबको दूद
02:18भी मिलता है।
02:18दूद के साथ साथ हम लोगों ने नया प्रयोग किया पिछले साल कि हम देसी घी भी बनाएं।
02:24तो लगभग प्रते एक दिन हम लोग देसी घी लगभग धाई किलो के आसपास तयार करने रहे हैं।
02:34महीने में लगभग 75 किलो घी और वो सुद्ध देसी घी हमारा इस्टाल है बाहर मुख्य सड़क पर ही है।
02:41वहाँ पर हम रखवा देते हैं और अपने कैंटीन में रखवाते हैं। और बहुत ही अची विक्री है।
02:47मतलब हम जितनी डिमांड है उतना दे नहीं पा रहा है।
02:50तो यह निशित रूप से हमारे लिए तो सौभाग की बात है कि हमें सेंटर जेल में हैं जहां हमारे
02:56पास कौम आता है सेवा करने के लिए।
02:58तो सार्थ गौसाला से सर्थ कितना हर वर्ष का या हर महीने का मुनाफ़ा जेल को मिल दा है।
03:05अब मैंने दिज़त तीन वर्षों का डाटा निकल वाया था जब से हमें आहा है तो यह च्छा से आठ
03:13लाक के बीच में हैं।
03:14तीन सालों में। इस वर्ष का हमारे लाभांस लगभाग आठ लाक है।
03:20वर्ष कितना बबसें मनोच के साथ गोपाल में से टीन वारे।
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